उमरिया जिले की नगर परिषद मानपुर के वार्ड क्रमांक 10, जिसे चरण गंगा वार्ड भी कहा जाता है, के निवासियों ने जनसुनवाई के दौरान उमरिया कलेक्टर को एक आवेदन सौंपा है। इस आवेदन में उन्होंने क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों की कमी का गंभीर मुद्दा उठाया है। वार्डवासियों का आरोप है कि नगर परिषद के गठन के लगभग चार वर्ष बीत जाने के बाद भी वार्ड में अपेक्षित विकास कार्य नहीं कराए गए हैं, जिसके चलते सैकड़ों परिवार आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। आवेदन में विशेष रूप से बताया गया है कि वार्ड के हरिजन और आदिवासी बहुल इलाकों में रहने वाले लगभग 100 परिवारों को अपनी दैनिक आवश्यकताओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। बरसात के मौसम में बड़हा नाला पर पुल न होने के कारण आवागमन पूरी तरह से बाधित हो जाता है। वार्डवासियों ने इस नाले पर स्टॉप डैम सहित पुल के निर्माण की मांग की है, जिससे आवागमन सुगम हो सके और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सके। इसके अतिरिक्त, बरसापुर, करहियाटोला और मैनाहा क्षेत्रों में विद्युत विस्तार कर नए ट्रांसफार्मर लगाने, नल-जल योजना की पाइपलाइन में सुधार कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने और चरण गंगा नदी स्थित झिरिया नाला पर एक छोटी पुलिया बनाने की मांग भी उठाई गई है। तलेया टोला में सामाजिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सामुदायिक भवन की अनुपलब्धता का जिक्र करते हुए इसके निर्माण की आवश्यकता भी बताई गई है। वार्डवासियों ने जोर देकर कहा है कि वे नियमित रूप से कर और अन्य शुल्क जमा करते हैं, इसके बावजूद उनका क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। उन्होंने कलेक्टर से जनहित को ध्यान में रखते हुए उनकी सभी मांगों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण करने की अपील की है। जनसुनवाई में प्रस्तुत इस आवेदन के बाद अब क्षेत्रवासी प्रशासनिक कार्रवाई और विकास कार्यों की शुरुआत का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
उमरिया जिले की नगर परिषद मानपुर के वार्ड क्रमांक 10, जिसे चरण गंगा वार्ड भी कहा जाता है, के निवासियों ने जनसुनवाई के दौरान उमरिया कलेक्टर को एक आवेदन सौंपा है। इस आवेदन में उन्होंने क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों की कमी का गंभीर मुद्दा उठाया है। वार्डवासियों का आरोप है कि नगर परिषद के गठन के लगभग चार वर्ष बीत जाने के बाद भी वार्ड में अपेक्षित विकास कार्य नहीं कराए गए हैं, जिसके चलते सैकड़ों परिवार आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। आवेदन में विशेष रूप से बताया गया है कि वार्ड के हरिजन और आदिवासी बहुल इलाकों में रहने वाले लगभग 100 परिवारों को अपनी दैनिक आवश्यकताओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। बरसात के मौसम में बड़हा नाला पर पुल न होने के कारण आवागमन पूरी तरह से बाधित हो जाता है। वार्डवासियों ने इस नाले पर स्टॉप डैम सहित पुल के निर्माण की मांग की है,
जिससे आवागमन सुगम हो सके और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सके। इसके अतिरिक्त, बरसापुर, करहियाटोला और मैनाहा क्षेत्रों में विद्युत विस्तार कर नए ट्रांसफार्मर लगाने, नल-जल योजना की पाइपलाइन में सुधार कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने और चरण गंगा नदी स्थित झिरिया नाला पर एक छोटी पुलिया बनाने की मांग भी उठाई गई है। तलेया टोला में सामाजिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सामुदायिक भवन की अनुपलब्धता का जिक्र करते हुए इसके निर्माण की आवश्यकता भी बताई गई है। वार्डवासियों ने जोर देकर कहा है कि वे नियमित रूप से कर और अन्य शुल्क जमा करते हैं, इसके बावजूद उनका क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। उन्होंने कलेक्टर से जनहित को ध्यान में रखते हुए उनकी सभी मांगों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण करने की अपील की है। जनसुनवाई में प्रस्तुत इस आवेदन के बाद अब क्षेत्रवासी प्रशासनिक कार्रवाई और विकास कार्यों की शुरुआत का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
- उमरिया जिले की नगर परिषद मानपुर के वार्ड क्रमांक 10, जिसे चरण गंगा वार्ड भी कहा जाता है, के निवासियों ने जनसुनवाई के दौरान उमरिया कलेक्टर को एक आवेदन सौंपा है। इस आवेदन में उन्होंने क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों की कमी का गंभीर मुद्दा उठाया है। वार्डवासियों का आरोप है कि नगर परिषद के गठन के लगभग चार वर्ष बीत जाने के बाद भी वार्ड में अपेक्षित विकास कार्य नहीं कराए गए हैं, जिसके चलते सैकड़ों परिवार आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। आवेदन में विशेष रूप से बताया गया है कि वार्ड के हरिजन और आदिवासी बहुल इलाकों में रहने वाले लगभग 100 परिवारों को अपनी दैनिक आवश्यकताओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। बरसात के मौसम में बड़हा नाला पर पुल न होने के कारण आवागमन पूरी तरह से बाधित हो जाता है। वार्डवासियों ने इस नाले पर स्टॉप डैम सहित पुल के निर्माण की मांग की है, जिससे आवागमन सुगम हो सके और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सके। इसके अतिरिक्त, बरसापुर, करहियाटोला और मैनाहा क्षेत्रों में विद्युत विस्तार कर नए ट्रांसफार्मर लगाने, नल-जल योजना की पाइपलाइन में सुधार कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने और चरण गंगा नदी स्थित झिरिया नाला पर एक छोटी पुलिया बनाने की मांग भी उठाई गई है। तलेया टोला में सामाजिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सामुदायिक भवन की अनुपलब्धता का जिक्र करते हुए इसके निर्माण की आवश्यकता भी बताई गई है। वार्डवासियों ने जोर देकर कहा है कि वे नियमित रूप से कर और अन्य शुल्क जमा करते हैं, इसके बावजूद उनका क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। उन्होंने कलेक्टर से जनहित को ध्यान में रखते हुए उनकी सभी मांगों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण करने की अपील की है। जनसुनवाई में प्रस्तुत इस आवेदन के बाद अब क्षेत्रवासी प्रशासनिक कार्रवाई और विकास कार्यों की शुरुआत का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।2
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में आदिवासी समाज के लोग वर्तमान सरकार के 'काले कानूनों' से बुरी तरह प्रताड़ित होकर अपनी माँगें लेकर प्रशासन के समक्ष उपस्थित हुए हैं। असहनीय प्रताड़ना से तंग आकर, आदिवासी समाज ने मौजूदा सरकार के खिलाफ अपनी माँगे रखते हुए कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि आने वाले समय में वे सीधे तौर पर धरना प्रदर्शन करेंगे।2
- किन्नरों द्वारा लोगों को चुनने और पैसे मांगने के तरीके पर अब कार्रवाई की गई है। इस पहल के बाद, कोई भी आपके साथ जबरदस्ती नहीं कर सकेगा।1
- आज उमरिया जन सुनवाई में ग्राम दुलहरी निवासी पंचम सिंह, पिता लच्छू सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने सिंचाई विभाग द्वारा बांध निर्माण के लिए मुआवजे की मांग की है। पंचम सिंह ने बताया कि उन्हें अपनी बेटी की शादी के लिए पैसों की आवश्यकता है, जिसके चलते उन्होंने मुआवजा दिलाने के लिए यह शिकायत दर्ज कराई है।1
- राज्य स्तरीय सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता -2026 का उद्घाटन समारोह अमर शहीद खेल मैदान में एक विवाद का केंद्र बन गया है। जहां इस आयोजन का उद्देश्य युवा खेल प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना था, वहीं उद्घाटन समारोह में "नीचे पान की दुकान, ऊपर गोरी का मकान" नामक एक फिल्मी गीत पर प्रस्तुत नृत्य को लेकर अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने कड़ी आपत्ति जताई है। प्रदेशभर से आए स्कूली खिलाड़ियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों की मौजूदगी में मंच पर हुई इस प्रस्तुति पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिस मंच से बच्चों को खेल भावना, अनुशासन, संस्कार और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया जाना चाहिए, उसी मंच पर ऐसे गीतों और प्रस्तुतियों को जगह देना अनुचित है। दर्शकों ने आरोप लगाया है कि इस नृत्य और गीत का चयन न तो प्रतियोगिता के मूल उद्देश्य के अनुरूप था और न ही वहां मौजूद नाबालिग खिलाड़ियों की आयु के हिसाब से उपयुक्त था। कई अभिभावकों ने इसे आयोजन की गरिमा के विपरीत बताते हुए नाराजगी व्यक्त की है, उनका मानना है कि एक स्कूली खेल प्रतियोगिता में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी उचित मर्यादा का पालन होना चाहिए। विवाद तब और गहरा गया जब जिला शिक्षा अधिकारी आर.एस. मरावी ने यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा कि उन्हें इस गीत के बारे में पहले से जानकारी नहीं थी और गाना शुरू होने के बाद कुछ कहा नहीं जा सकता था। उन्होंने इस संबंध में जिला खेल अधिकारी से बात करने की सलाह दी, जिससे आयोजन की निगरानी और जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने राज्य स्तरीय आयोजनों में प्रस्तुत होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पहले से समीक्षा की मांग की है और यह सवाल उठाया है कि आखिर किसकी अनुमति से ऐसा गीत मंच तक पहुंचा और कार्यक्रम के दौरान किसी जिम्मेदार अधिकारी ने इसे रोकने की आवश्यकता क्यों नहीं समझी। इस पूरे मामले में एक और चर्चा यह भी सामने आ रही है कि उद्घाटन समारोह में प्रस्तुति देने वाले डांसरों को बाहर से बुलाया गया था और उनके मानदेय एवं अन्य व्यवस्थाओं पर सरकारी मद से खर्च किया गया। हालांकि इस तथ्य की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि यह बात सही पाई जाती है तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि सार्वजनिक धन से आयोजित एक राज्यस्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिता में इस प्रकार की प्रस्तुति को अनुमति किस आधार पर दी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी राशि का उपयोग बच्चों को प्रेरित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर होना चाहिए। अब वे आयोजन में हुए खर्च और सांस्कृतिक कार्यक्रम के चयन की प्रक्रिया की भी जांच की मांग कर रहे हैं। यह उल्लेखनीय है कि सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता देश की सबसे प्रतिष्ठित स्कूली फुटबॉल प्रतियोगिताओं में से एक है, जिससे बच्चों को प्रेरणा मिलने की उम्मीद की जाती है। हालांकि, उद्घाटन समारोह में हुए इस विवाद ने खेल से ज्यादा कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक प्रस्तुति पर बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आयोजन समिति और संबंधित विभाग इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाते हैं।2
- शहडोल जिले में 16 जून 2026 को कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित सोन सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जिले के विभिन्न दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना। जनसुनवाई में कई नागरिकों ने अपनी अर्जियां प्रस्तुत कीं। इनमें वार्ड नम्बर 15 बुढार निवासी ईशिका राजपूत ने टीसी प्रदाय करवाने, ग्राम बरेली निवासी महेश प्रसाद गुप्ता ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाने, ग्राम खैरहा निवासी हुजुरूददीन ने घर में बोरिंग कराने हेतु अनुमति प्रदान करने, और ग्राम कटकोना निवासी राम स्वरूप बैगा ने विद्युत कनेक्शन लगवाने संबंधी आवेदन दिए। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने सभी प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत भेजते हुए शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- शहडोल कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित सोन सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जिले के विभिन्न दूरस्थ क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना, और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में कई महत्वपूर्ण आवेदन प्राप्त हुए। शहडोल जिले के वार्ड नम्बर 15, बुढार निवासी ईशिका राजपूत ने टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) प्रदाय करवाने का अनुरोध किया, वहीं ग्राम बरेली निवासी महेश प्रसाद गुप्ता ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, ग्राम खैरहा निवासी हुजुरूददीन ने अपने घर में बोरिंग कराने के लिए अनुमति प्रदान करने का आवेदन दिया, और ग्राम कटकोना निवासी राम स्वरूप बैगा ने विद्युत कनेक्शन लगवाने संबंधी शिकायत दर्ज कराई। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने सभी प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत प्रेषित किया। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। इस जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश के उमरिया में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में युवा कांग्रेस ने उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक पुतला दहन किया और राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुराग सिंह अंबुज की अगुवाई में, जिला महासचिव अजय सिंह और सोमवंशी के नेतृत्व में, तथा युवा प्रदेश सचिव विक्रम प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नामांकन रद्द करने की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत करार देते हुए अपना तीव्र विरोध दर्ज कराया। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने मांग की है कि विपक्षी दलों के प्रत्याशियों के खिलाफ सत्ता की कथित तानाशाही एवं अलोकतांत्रिक प्रवृत्तियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। इसके साथ ही, युवा कांग्रेस ने नामांकन पत्र निरस्त करने में पक्षपात के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है।2