गणित शिक्षकों की भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित, राज्य चयन आयोग के सचिव ने दी जानकारी हमीरपुर हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने गणित के शिक्षकों के 312 पदों (पोस्ट कोड 26003) को फिक्स मानदेय के आधार पर भरने के लिए 26 मार्च को आयोजित कंप्यूटर बेस्ड स्क्रीनिंग टेस्ट का परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा का परिणाम आयोग की वेबसाइट एचपीआरसीए.एचपी.जीओवी.इन पर उपलब्ध करवा दिया गया है। आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि इस परीक्षा में उत्तीर्ण 493 उम्मीदवारों की डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया 14 मई सुबह 10 बजे से आयोग के परिसर में आरंभ होगी, जिसका शेड्यूल अलग से अपलोड किया जाएगा और उम्मीदवारों को उनकी ईमेल आईडी पर सूचित किया जाएगा। उन्हें अलग से बुलावा पत्र नहीं भेजे जाएंगे। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय इन उम्मीदवारों को अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रतियां, इनकी सेल्फ अटेस्टड फोटो प्रतियों के दो-दो सैट, आवेदन पत्र की डॉउनलोडड कॉपी और आईडी प्रूफ इत्यादि साथ लाने होंगे। सचिव ने बताया कि अगर कोई उम्मीदवार निर्धारित तिथि को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए उपस्थित नहीं होता है तो उसे कोई और अवसर नहीं दिया जाएगा।
गणित शिक्षकों की भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित, राज्य चयन आयोग के सचिव ने दी जानकारी हमीरपुर हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने गणित के शिक्षकों के 312 पदों (पोस्ट कोड 26003) को फिक्स मानदेय के आधार पर भरने के लिए 26 मार्च को आयोजित कंप्यूटर बेस्ड स्क्रीनिंग टेस्ट का परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा का परिणाम आयोग की वेबसाइट एचपीआरसीए.एचपी.जीओवी.इन पर उपलब्ध करवा दिया गया है। आयोग के सचिव डॉ. विक्रम महाजन ने बताया कि इस परीक्षा में उत्तीर्ण 493 उम्मीदवारों की डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया 14 मई सुबह 10 बजे से आयोग के परिसर में आरंभ होगी, जिसका शेड्यूल अलग से अपलोड किया जाएगा और उम्मीदवारों को उनकी ईमेल आईडी पर सूचित किया जाएगा। उन्हें अलग से बुलावा पत्र नहीं भेजे जाएंगे। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय इन उम्मीदवारों को अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रतियां, इनकी सेल्फ अटेस्टड फोटो प्रतियों के दो-दो सैट, आवेदन पत्र की डॉउनलोडड कॉपी और आईडी प्रूफ इत्यादि साथ लाने होंगे। सचिव ने बताया कि अगर कोई उम्मीदवार निर्धारित तिथि को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए उपस्थित नहीं होता है तो उसे कोई और अवसर नहीं दिया जाएगा।
- शिक्षा उपनिदेशक किशोर भारती ने जिला के सभी निजी स्कूलों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग एवं वंचित समूहों के बच्चों के लिए प्रवेश स्तर की कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल इस आरक्षण को सुनिश्चित करें और पात्र बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दें। इसके साथ ही स्कूलों को अपने नोटिस बोर्ड और अन्य सूचना माध्यमों में इस प्रावधान का स्पष्ट उल्लेख करना होगा, ताकि अधिक से अधिक अभिभावकों को इसकी जानकारी मिल सके। शिक्षा उपनिदेशक ने यह भी निर्देश दिए कि स्कूल आरटीई के तहत प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की सूची शिक्षा विभाग को समय-समय पर उपलब्ध करवाएं, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी स्कूल प्रबंधन से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे इन निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें, ताकि समाज में शैक्षिक समानता को बढ़ावा मिल सके।1
- हमीरपुर नगर परिषद और नगर पंचायत के चावन को लेकर हमीरपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां मुकम्मल कर ली है । उपायुक्त हमीरपुर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गंधर्व राठौर ने बताया कि 17 मई को नगर पंचायत भोटा और नगर परिषद सुजानपुर में चुनाव करवाए जाएंगे और उसी दिन ही चुनाव का परिणाम घोषित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आदर्श चुनाव आचार संहिता केवल नगर पंचायत भोटा और नगर परिषद सुजानपुर के क्षेत्र में ही लागू हुई है। वहीं उपायुक्त हमीरपुर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गन्धर्वा राठौर ने बताया कि सुजानपुर नगर परिषद में 5600 से अधिक मतदाता चुनाव में मतदान करेंगे इसके अतिरिक्त नगर पंचायत भोटा में 1150 मतदाता चुनाव में अपने मत का उपयोग करेंगे। वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी गन्धर्वा राठौर ने बताया कि नगर पंचायत भोटा और नगर परिषद सुजानपुर में चुनाव को लेकर तैयारियां पुरी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि दोनों क्षेत्र में ईवीएम के माध्यम से चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे। इसके लिए ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग प्रोसेसिंग शुरू कर दी गई है। वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी गन्धर्वा राठौर ने बताया कि पंचायत में बेल्ट पेपर के माध्यम से चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे। जिसके लिए सामग्री तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि चुनाव तिथि घोषित होने के बाद आगामी प्रकिया अपनाई जाएगी। गन्धर्वा राठौर ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि जब तक चुनाव की तिथि घोषित नहीं होती। उससे पहले मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा लें। जिला निर्वाचन अधिकारी गंधर्व राठौर ने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि नाम दर्ज करवाने के लिए प्रारूप 2 के साथ मतदाता या परिवार के सदस्य स्वयं का शफ्थ पत्र अवश्य लायें। उन्होंने कहा कि अधिक संख्या में मतदाता सूची के लिए पत्र न लाएं, उन्हें जिला प्रशासन द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।2
- कुटलैहड़ की पंचायत लमलेहडी के बडला गांव में कम बोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान पौने दो वर्षों में कुटलैहड़ में लगाए गए 67 बड़े ट्रांसफार्मर, विधायक विवेक शर्मा बोले, हर समस्या का समाधान हमारा संकल्प बंगाणा, कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पंचायत लमलेहडी के गांव बडला में लंबे समय से चली आ रही कम बोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान हो गया है। क्षेत्र के विधायक विवेक शर्मा के अथक प्रयासों से गांव में पुराने 25 केवी ट्रांसफार्मर की जगह 63 केवी का बड़ा ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है, जिससे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। गांव बडला के लोगों को लंबे समय से कम वोल्टेज की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। कम वोल्टेज के कारण घरेलू उपकरण सही ढंग से काम नहीं कर पा रहे थे और किसानों को भी अपने कृषि कार्यों में परेशानी उठानी पड़ रही थी। कई बार विभाग को शिकायत देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा था। ऐसे में स्थानीय जनता ने विधायक विवेक शर्मा से इस समस्या के समाधान की मांग की थी। विधायक विवेक शर्मा ने जनता की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और जल्द ही कार्यवाही सुनिश्चित की। इसके परिणामस्वरूप गांव बडला में 25 केवी की क्षमता वाले पुराने ट्रांसफार्मर को हटाकर 63 केवी का नया और बड़ा ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया। इस ट्रांसफार्मर के लगने से गांव में बिजली की सप्लाई सुचारू हो गई है और कम बोल्टेज की समस्या से लोगों को राहत मिली है।ट्रांसफार्मर लगने के बाद स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है,ग्रामीणों ने विधायक विवेक शर्मा का आभार प्रकट करते हुए कहा कि विधायक के आदर्शवादी दृष्टिकोण जनता के प्रति समर्पण के कारण ही उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि विधायक हमेशा क्षेत्र की जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देते हैं और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। इस अवसर पर विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि उनका संकल्प है कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की हर समस्या का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना उनकी पहली प्राथमिकता है और वे इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। विधायक विवेक शर्मा ने बताया कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में कम बोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए पिछले पौने दो वर्षों के दौरान लगातार प्रयास किए गए हैं। इसी का परिणाम है कि इस अवधि में क्षेत्र के विभिन्न गांवों में कुल 67 बड़े ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके हैं, जिससे हजारों लोगों को बेहतर बिजली सुविधा मिल रही है। उन्होंने आगे कहा कि बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आने वाले समय में भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि क्षेत्र के किसी भी गांव में कम बोल्टेज या बिजली से संबंधित समस्या न रहे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे समय-समय पर बिजली व्यवस्था की जांच करते रहें और जहां भी आवश्यकता हो, वहां आवश्यक सुधार कार्य तुरंत किए जाएं। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी इस कार्य के लिए विधायक का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस बड़े ट्रांसफार्मर के लगने से न केवल बिजली की समस्या दूर हुई है, बल्कि भविष्य में भी गांव में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इसी तरह क्षेत्र में अन्य विकास कार्य भी निरंतर जारी रहेंगे और कुटलैहड़ क्षेत्र विकास की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा।1
- ऊना हिमाचल प्रदेश के लिए रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। अब प्रदेश का सीधा रेल संपर्क पश्चिम बंगाल से जुडऩे जा रहा है। कोलकाता-नंगल डैम गुरुमुखी एक्सप्रेस ट्रेन को जिला ऊना के अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन तक विस्तार देने की मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिससे ऊना जिला सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक यह ट्रेन नंगल डैम तक ही सीमित थी, लेकिन विस्तार के बाद यह हिमाचल प्रदेश के अंब-अंदौरा स्टेशन तक पहुंचेगी। इस फैसले से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खासकर हिमाचल आने वाले पर्यटकों के लिए सफर और अधिक सुगम होगा। वहीं स्थानीय लोगों को कोलकाता और पूर्वी भारत के अन्य हिस्सों तक सीधी कनेक्टिविटी मिल सकेगी। गुरूमुखी ट्रेन के विस्तार के साथ-साथ आगे का टाइम टेबल भी जारी हो गया है। यह ट्रेन अंब-अंदौरा से करीब 6 बजकर 10 मिनट से रवाना होगी, जो कि ऊना हिमाचल स्टेशन पर 6 बजकर 38 मिनट पर पहुंचेगी। 5 मिनट के स्टॉपेज के बाद 6 बजकर 43 मिनट पर रवाना होगी और नंगल डैम पर 6 बजकर 58 मिनट पर पहुंचेगी।1
- जिला स्तरीय शिवबाड़ी मेला 2026 // गगरेट जिला ऊना हिमाचल प्रदेश NINJA1
- घुमारवी,25 अप्रैल (राकेश): घुमारवी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाँव लेठवी में नवनिर्मित माँ बगलामुखी मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत शुक्रवार को माँ बागलामुखी जयंती के उपलक्ष्य पर विधि-विधान के साथ मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान को बम्म से पधारे महाराज करमचंद और करीब बीस पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सम्पन्न करवाया। मंदिर का निर्माण लेठवी के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित गोपाल शर्मा एवं उनके बड़े भाई पंडित प्रवेश शर्मा द्वारा करवाया गया है। स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से तैयार हुआ यह मंदिर क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा। उल्लेखनीय है कि मंदिर परिसर में काल भैरव मंदिर का भी निर्माण किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर दोनों देवस्थलों के दर्शन का अवसर प्राप्त होगा। माँ बगलामुखी की मूर्ति औहर भजवाणी निवासी संदीप ठाकुर सुपुत्र चांद ठाकुर द्वारा भेंट की गई है। कार्यक्रम के दौरान दिनभर भजन-कीर्तन का आयोजन रहा। गायक राज कुमार व सिंटू ने माता की भेंटों से वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य लोग व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया।3
- Post by न्यूज रिपोर्टर1
- हमीरपुर सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने नई दिल्ली में आयोजित चौथे विकासशील अर्थव्यवस्था सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए जल प्रबंधन, दक्षता और सुशासन की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर ठोस बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। यह सम्मेलन 24 अप्रैल 2026 को एरोसिटी स्थित पुलमैन होटल में केपीटी पाइप्स और अमेरिकन सोसाइटी ऑफ हीटिंग, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग इंजीनियर्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका विषय पानी: जीवन का अमृत – ऊर्जा, संसाधन और प्रौद्योगिकी था। अपने संबोधन की शुरुआत में अनुराग सिंह ठाकुर ने इतिहास और वर्तमान भारत के बीच समानता स्थापित करते हुए कहा कि कोई भी सभ्यता जल के कुप्रबंधन के कारण लंबे समय तक टिक नहीं सकी। सिंधु घाटी, मेसोपोटामिया और रोमन साम्राज्य जैसे उदाहरणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जल केवल एक सरकारी विषय नहीं, बल्कि सभ्यतागत और अस्तित्व से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा जल सुरक्षा के लिए अपनाए गए चार प्रमुख स्तंभों का उल्लेख किया। जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2019 में जहां केवल 17 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक पाइप जल पहुंचता था, वहीं आज 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जा चुका है और 15 राज्यों ने शत-प्रतिशत कवरेज हासिल कर लिया है। इसे उन्होंने जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इससे करोड़ों महिलाओं को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करने से मुक्ति मिली है। अनुराग सिंह ठाकुर ने पारंपरिक सोच को चुनौती देते हुए कहा कि केवल जल संरक्षण पर्याप्त नहीं है, बल्कि अब जल दक्षता को भी अपनाना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संरक्षण का अर्थ पानी कम उपयोग करना है, जबकि दक्षता का अर्थ है पानी का समझदारी से उपयोग करना। उन्होंने पहले से शुद्ध किए गए नगर निगम के पानी पर रिवर्स ऑस्मोसिस प्रणाली के अनावश्यक उपयोग को जल की बर्बादी का उदाहरण बताते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में 40 से 60 प्रतिशत पानी व्यर्थ चला जाता है, जिसे बदलना आवश्यक है। उद्योग जगत और संबंधित संस्थानों के सदस्यों से आह्वान करते हुए उन्होंने चार महत्वपूर्ण उपाय सुझाए। इसमें हर भवन में जल मीटरिंग और उप-मीटरिंग को अनिवार्य बनाना, जल दक्ष ताप, वेंटिलेशन और वातानुकूलन तथा प्लंबिंग प्रणाली अपनाना, वर्षा जल संचयन और ग्रे वाटर पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना तथा जल जागरूकता के लिए प्रशिक्षण और मानक विकसित करना शामिल है। उन्होंने कहा कि जल केवल एक क्षेत्रीय या सरकारी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। सरकार अपनी भूमिका निभा रही है, नीतियां लागू हैं और निवेश हो रहा है, लेकिन हर स्तर पर समाज और उद्योग की भागीदारी आवश्यक है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि बूँद-बूँद से घड़ा भरता है और हर जल संरक्षण का प्रयास भारत के भविष्य को सुरक्षित बनाने में योगदान देगा। उन्होंने जोर दिया कि आज लिए गए निर्णय आने वाले 50 वर्षों के जल प्रबंधन की दिशा तय करेंगे। इस अवसर पर देशभर से आए उद्योग विशेषज्ञों, इंजीनियरों, वास्तुकारों और संबंधित संस्थानों के सदस्यों ने भाग लिया तथा जल प्रबंधन के संदर्भ में ऊर्जा, संसाधन और प्रौद्योगिकी पर विस्तृत चर्चा की गई।1