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लेठवी में माँ बगलामुखी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न, काल भैरव मंदिर भी बना आकर्षण घुमारवी,25 अप्रैल (राकेश): घुमारवी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाँव लेठवी में नवनिर्मित माँ बगलामुखी मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत शुक्रवार को माँ बागलामुखी जयंती के उपलक्ष्य पर विधि-विधान के साथ मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान को बम्म से पधारे महाराज करमचंद और करीब बीस पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सम्पन्न करवाया। मंदिर का निर्माण लेठवी के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित गोपाल शर्मा एवं उनके बड़े भाई पंडित प्रवेश शर्मा द्वारा करवाया गया है। स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से तैयार हुआ यह मंदिर क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा। उल्लेखनीय है कि मंदिर परिसर में काल भैरव मंदिर का भी निर्माण किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर दोनों देवस्थलों के दर्शन का अवसर प्राप्त होगा। माँ बगलामुखी की मूर्ति औहर भजवाणी निवासी संदीप ठाकुर सुपुत्र चांद ठाकुर द्वारा भेंट की गई है। कार्यक्रम के दौरान दिनभर भजन-कीर्तन का आयोजन रहा। गायक राज कुमार व सिंटू ने माता की भेंटों से वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य लोग व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया।

15 hrs ago
user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
15 hrs ago

लेठवी में माँ बगलामुखी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न, काल भैरव मंदिर भी बना आकर्षण घुमारवी,25 अप्रैल (राकेश): घुमारवी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाँव लेठवी में नवनिर्मित माँ बगलामुखी मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत शुक्रवार को माँ बागलामुखी जयंती के उपलक्ष्य पर विधि-विधान के साथ मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान को बम्म से पधारे महाराज करमचंद और करीब बीस

पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सम्पन्न करवाया। मंदिर का निर्माण लेठवी के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित गोपाल शर्मा एवं उनके बड़े भाई पंडित प्रवेश शर्मा द्वारा करवाया गया है। स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से तैयार हुआ यह मंदिर क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा। उल्लेखनीय है कि मंदिर परिसर में काल भैरव मंदिर का भी निर्माण किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर दोनों देवस्थलों के दर्शन का

अवसर प्राप्त होगा। माँ बगलामुखी की मूर्ति औहर भजवाणी निवासी संदीप ठाकुर सुपुत्र चांद ठाकुर द्वारा भेंट की गई है। कार्यक्रम के दौरान दिनभर भजन-कीर्तन का आयोजन रहा। गायक राज कुमार व सिंटू ने माता की भेंटों से वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य लोग व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया।

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  • घुमारवी,25 अप्रैल (राकेश): घुमारवी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाँव लेठवी में नवनिर्मित माँ बगलामुखी मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत शुक्रवार को माँ बागलामुखी जयंती के उपलक्ष्य पर विधि-विधान के साथ मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान को बम्म से पधारे महाराज करमचंद और करीब बीस पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सम्पन्न करवाया। मंदिर का निर्माण लेठवी के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित गोपाल शर्मा एवं उनके बड़े भाई पंडित प्रवेश शर्मा द्वारा करवाया गया है। स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से तैयार हुआ यह मंदिर क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा। उल्लेखनीय है कि मंदिर परिसर में काल भैरव मंदिर का भी निर्माण किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर दोनों देवस्थलों के दर्शन का अवसर प्राप्त होगा। माँ बगलामुखी की मूर्ति औहर भजवाणी निवासी संदीप ठाकुर सुपुत्र चांद ठाकुर द्वारा भेंट की गई है। कार्यक्रम के दौरान दिनभर भजन-कीर्तन का आयोजन रहा। गायक राज कुमार व सिंटू ने माता की भेंटों से वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य लोग व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया।
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    घुमारवी,25 अप्रैल (राकेश): घुमारवी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाँव लेठवी में नवनिर्मित माँ बगलामुखी मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत शुक्रवार को माँ बागलामुखी जयंती के उपलक्ष्य पर विधि-विधान के साथ मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान को बम्म से पधारे महाराज करमचंद और करीब बीस पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सम्पन्न करवाया। मंदिर का निर्माण लेठवी के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित गोपाल शर्मा एवं उनके बड़े भाई पंडित प्रवेश शर्मा द्वारा करवाया गया है। स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से तैयार हुआ यह मंदिर क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा। उल्लेखनीय है कि मंदिर परिसर में काल भैरव मंदिर का भी निर्माण किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर दोनों देवस्थलों के दर्शन का अवसर प्राप्त होगा। माँ बगलामुखी की मूर्ति औहर भजवाणी निवासी संदीप ठाकुर सुपुत्र चांद ठाकुर द्वारा भेंट की गई है। कार्यक्रम के दौरान दिनभर भजन-कीर्तन का आयोजन रहा। गायक राज कुमार व सिंटू ने माता की भेंटों से वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य लोग व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया।
    user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
  • Post by न्यूज रिपोर्टर
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    Post by न्यूज रिपोर्टर
    user_न्यूज रिपोर्टर
    न्यूज रिपोर्टर
    Jhanduta, Bilaspur•
    17 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम-2024 को लेकर भाजपा की बात सच साबित हुई है। दिसंबर 2024 में पारित और फरवरी 2025 से प्रभावी इस अधिनियम के माध्यम से दिसंबर 2003 या उसके बाद के अनुबंध कर्मचारियों के लिए लाभों को पूर्वव्यापी रूप में सीमित कर दिया गया था। झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने कर्मचारियों से जुडे़ इस संवेदनशील विषय को विधानसभा में प्रभावी ढंग से उठाते हुए सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करने की सलाह दी थी। प्रदेश सरकार ने भले ही भाजपा की इस सलाह को अनसुना किया हो, लेकिन अब हाईकोर्ट ने इस अधिनियम को खारिज कर दिया है। इसे सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कांग्रेस सरकार द्वारा लाए गए सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम का विभिन्न स्तरों पर विरोध हो रहा था। इस अधिनियम को अनुबंध कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात माना जा रहा था। इसके तहत अनुबंध कर्मचारियों को वरिष्ठता का लाभ उनकी नियुक्ति के बजाए नियमितीकरण की तिथि से देने का प्रावधान किया गया था। इससे वरिष्ठता के साथ ही उनके वेतनमान और पदोन्नति आदि पर भी असर पड़ रहा था। कर्मचारियों के विरोध के बावजूद प्रदेश सरकार ने इसे मनमाने ढंग से लागू कर दिया था, लेकिन अब हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट का यह फैसला अनुबंध कर्मियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। गौरतलब है कि झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने भी विधानसभा में इस अधिनियम को लेकर सरकार को आगाह किया था। उन्होंने कहा था कि प्रदेश के विकास में कर्मचारियों का हमेशा अहम योगदान रहता है। उनके जीवन का एक बड़ा और स्वर्णिम हिस्सा प्रदेश की सेवा करते हुए बीतता है। लिहाजा उन्हें उनके हकों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग का हवाला देते हुए कहा था कि किसी भी जूनियर कर्मचारी को उसके सीनियर से अधिक वेतन व अन्य लाभ नहीं दिए जा सकते। इतना ही नहीं, उन्होंने महाराष्ट्र में ऐसे ही एक मामले में अदालत के फैसले का हवाला देते हुए यह भी कहा था कि हिमाचल में आज भी उस फैसले का अनुसरण किया जाता है। उन्होंने सरकार को इस बारे भी आगाह किया था कि मनमाने ढंग से लागू किए गए इस अधिनियम की वजह से कर्मचारियों को अदालत का दरवाजा खटखटाने पर मजबूर होना पड़ेगा। अदालती मामले बढ़ने से सरकार का कामकाज भी प्रभावित होगा। हाईकोर्ट द्वारा इस एक्ट को खारिज करने से साबित हो गया है कि इस मामले में सरकार गलत थी।
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    हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम-2024 को लेकर भाजपा की बात सच साबित हुई है। दिसंबर 2024 में पारित और फरवरी 2025 से प्रभावी इस अधिनियम के माध्यम से दिसंबर 2003 या उसके बाद के अनुबंध कर्मचारियों के लिए लाभों को पूर्वव्यापी रूप में सीमित कर दिया गया था। झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने कर्मचारियों से जुडे़ इस संवेदनशील विषय को विधानसभा में प्रभावी ढंग से उठाते हुए सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करने की सलाह दी थी। प्रदेश सरकार ने भले ही भाजपा की इस सलाह को अनसुना किया हो, लेकिन अब हाईकोर्ट ने इस अधिनियम को खारिज कर दिया है। इसे सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
कांग्रेस सरकार द्वारा लाए गए सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम का विभिन्न स्तरों पर विरोध हो रहा था। इस अधिनियम को अनुबंध कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात माना जा रहा था। इसके तहत अनुबंध कर्मचारियों को वरिष्ठता का लाभ उनकी नियुक्ति के बजाए नियमितीकरण की तिथि से देने का प्रावधान किया गया था। इससे वरिष्ठता के साथ ही उनके वेतनमान और पदोन्नति आदि पर भी असर पड़ रहा था। कर्मचारियों के विरोध के बावजूद प्रदेश सरकार ने इसे मनमाने ढंग से लागू कर दिया था, लेकिन अब हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट का यह फैसला अनुबंध कर्मियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
गौरतलब है कि झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने भी विधानसभा में इस अधिनियम को लेकर सरकार को आगाह किया था। उन्होंने कहा था कि प्रदेश के विकास में कर्मचारियों का हमेशा अहम योगदान रहता है। उनके जीवन का एक बड़ा और स्वर्णिम हिस्सा प्रदेश की सेवा करते हुए बीतता है। लिहाजा उन्हें उनके हकों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग का हवाला देते हुए कहा था कि किसी भी जूनियर कर्मचारी को उसके सीनियर से अधिक वेतन व अन्य लाभ नहीं दिए जा सकते। इतना ही नहीं, उन्होंने महाराष्ट्र में ऐसे ही एक मामले में अदालत के फैसले का हवाला देते हुए यह भी कहा था कि हिमाचल में आज भी उस फैसले का अनुसरण किया जाता है। उन्होंने सरकार को इस बारे भी आगाह किया था कि मनमाने ढंग से लागू किए गए इस अधिनियम की वजह से कर्मचारियों को अदालत का दरवाजा खटखटाने पर मजबूर होना पड़ेगा। अदालती मामले बढ़ने से सरकार का कामकाज भी प्रभावित होगा। हाईकोर्ट द्वारा इस एक्ट को खारिज करने से साबित हो गया है कि इस मामले में सरकार गलत थी।
    user_Sanjeev ranout
    Sanjeev ranout
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • शिक्षा उपनिदेशक किशोर भारती ने जिला के सभी निजी स्कूलों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग एवं वंचित समूहों के बच्चों के लिए प्रवेश स्तर की कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल इस आरक्षण को सुनिश्चित करें और पात्र बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दें। इसके साथ ही स्कूलों को अपने नोटिस बोर्ड और अन्य सूचना माध्यमों में इस प्रावधान का स्पष्ट उल्लेख करना होगा, ताकि अधिक से अधिक अभिभावकों को इसकी जानकारी मिल सके। शिक्षा उपनिदेशक ने यह भी निर्देश दिए कि स्कूल आरटीई के तहत प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की सूची शिक्षा विभाग को समय-समय पर उपलब्ध करवाएं, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी स्कूल प्रबंधन से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे इन निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें, ताकि समाज में शैक्षिक समानता को बढ़ावा मिल सके।
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    शिक्षा उपनिदेशक किशोर भारती ने जिला के सभी निजी स्कूलों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग एवं वंचित समूहों के बच्चों के लिए प्रवेश स्तर की कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना अनिवार्य है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल इस आरक्षण को सुनिश्चित करें और पात्र बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दें। इसके साथ ही स्कूलों को अपने नोटिस बोर्ड और अन्य सूचना माध्यमों में इस प्रावधान का स्पष्ट उल्लेख करना होगा, ताकि अधिक से अधिक अभिभावकों को इसकी जानकारी मिल सके।
शिक्षा उपनिदेशक ने यह भी निर्देश दिए कि स्कूल आरटीई के तहत प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की सूची शिक्षा विभाग को समय-समय पर उपलब्ध करवाएं, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी स्कूल प्रबंधन से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे इन निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें, ताकि समाज में शैक्षिक समानता को बढ़ावा मिल सके।
    user_हमीरपुरी पत्रकार
    हमीरपुरी पत्रकार
    लम्बलू, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जिला स्तरीय शिवबाड़ी मेला 2026 // गगरेट जिला ऊना हिमाचल प्रदेश NINJA
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    जिला स्तरीय शिवबाड़ी मेला 2026 // गगरेट जिला ऊना हिमाचल प्रदेश NINJA
    user_Himachal Punjab News
    Himachal Punjab News
    Local News Reporter मेहटपुर, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • 👉 हिमाचल के डॉ. संजय कुमार को राष्ट्रीय सम्मान 🔥 Bharat Pratibha Samman 2026 | Sundernagar News
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    👉 हिमाचल के डॉ. संजय कुमार को राष्ट्रीय सम्मान 🔥 Bharat Pratibha Samman 2026 | Sundernagar News
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter Mandi, Himachal Pradesh•
    17 hrs ago
  • हमीरपुर नगर परिषद और नगर पंचायत के चावन को लेकर हमीरपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां मुकम्मल कर ली है । उपायुक्त हमीरपुर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गंधर्व राठौर ने बताया कि 17 मई को नगर पंचायत भोटा और नगर परिषद सुजानपुर में चुनाव करवाए जाएंगे और उसी दिन ही चुनाव का परिणाम घोषित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आदर्श चुनाव आचार संहिता केवल नगर पंचायत भोटा और नगर परिषद सुजानपुर के क्षेत्र में ही लागू हुई है। वहीं उपायुक्त हमीरपुर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गन्धर्वा राठौर ने बताया कि सुजानपुर नगर परिषद में 5600 से अधिक मतदाता चुनाव में मतदान करेंगे इसके अतिरिक्त नगर पंचायत भोटा में 1150 मतदाता चुनाव में अपने मत का उपयोग करेंगे। वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी गन्धर्वा राठौर ने बताया कि नगर पंचायत भोटा और नगर परिषद सुजानपुर में चुनाव को लेकर तैयारियां पुरी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि दोनों क्षेत्र में ईवीएम के माध्यम से चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे। इसके लिए ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग प्रोसेसिंग शुरू कर दी गई है। वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी गन्धर्वा राठौर ने बताया कि पंचायत में बेल्ट पेपर के माध्यम से चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे। जिसके लिए सामग्री तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि चुनाव तिथि घोषित होने के बाद आगामी प्रकिया अपनाई जाएगी। गन्धर्वा राठौर ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि जब तक चुनाव की तिथि घोषित नहीं होती। उससे पहले मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा लें। जिला निर्वाचन अधिकारी गंधर्व राठौर ने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि नाम दर्ज करवाने के लिए प्रारूप 2 के साथ मतदाता या परिवार के सदस्य स्वयं का शफ्थ पत्र अवश्य लायें। उन्होंने कहा कि अधिक संख्या में मतदाता सूची के लिए पत्र न लाएं, उन्हें जिला प्रशासन द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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    हमीरपुर 
नगर परिषद और नगर पंचायत के चावन को लेकर हमीरपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां मुकम्मल कर ली है । उपायुक्त हमीरपुर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गंधर्व राठौर ने बताया कि 17 मई को नगर पंचायत भोटा और नगर परिषद सुजानपुर में चुनाव करवाए जाएंगे और उसी दिन ही चुनाव का परिणाम घोषित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आदर्श चुनाव आचार संहिता केवल नगर पंचायत भोटा और नगर परिषद सुजानपुर के क्षेत्र में ही लागू हुई है। वहीं उपायुक्त हमीरपुर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गन्धर्वा राठौर ने बताया कि सुजानपुर नगर परिषद में 5600 से अधिक मतदाता चुनाव में मतदान करेंगे इसके अतिरिक्त नगर पंचायत भोटा में 1150 मतदाता चुनाव में अपने मत का उपयोग करेंगे। 
वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी गन्धर्वा राठौर ने बताया कि नगर पंचायत भोटा और नगर परिषद सुजानपुर में चुनाव को लेकर तैयारियां पुरी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि दोनों क्षेत्र में ईवीएम के माध्यम से चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे। इसके लिए ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग प्रोसेसिंग शुरू कर दी गई है।
वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी गन्धर्वा राठौर ने बताया कि पंचायत में बेल्ट पेपर के माध्यम से चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे। जिसके लिए सामग्री तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि चुनाव तिथि घोषित होने के बाद आगामी प्रकिया अपनाई जाएगी। गन्धर्वा राठौर ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि जब तक चुनाव की तिथि घोषित नहीं होती। उससे पहले मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा लें। जिला निर्वाचन अधिकारी गंधर्व राठौर ने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि नाम दर्ज करवाने के लिए प्रारूप 2 के साथ मतदाता या परिवार के सदस्य स्वयं का शफ्थ पत्र अवश्य लायें। उन्होंने कहा कि अधिक संख्या में मतदाता सूची के लिए पत्र न लाएं, उन्हें जिला प्रशासन द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम-2024 को लेकर भाजपा की बात सच साबित हुई है। दिसंबर 2024 में पारित और फरवरी 2025 से प्रभावी इस अधिनियम के माध्यम से दिसंबर 2003 या उसके बाद के अनुबंध कर्मचारियों के लिए लाभों को पूर्वव्यापी रूप में सीमित कर दिया गया था। झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने कर्मचारियों से जुडे़ इस संवेदनशील विषय को विधानसभा में प्रभावी ढंग से उठाते हुए सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करने की सलाह दी थी। प्रदेश सरकार ने भले ही भाजपा की इस सलाह को अनसुना किया हो, लेकिन अब हाईकोर्ट ने इस अधिनियम को खारिज कर दिया है। इसे सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कांग्रेस सरकार द्वारा लाए गए सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम का विभिन्न स्तरों पर विरोध हो रहा था। इस अधिनियम को अनुबंध कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात माना जा रहा था। इसके तहत अनुबंध कर्मचारियों को वरिष्ठता का लाभ उनकी नियुक्ति के बजाए नियमितीकरण की तिथि से देने का प्रावधान किया गया था। इससे वरिष्ठता के साथ ही उनके वेतनमान और पदोन्नति आदि पर भी असर पड़ रहा था। कर्मचारियों के विरोध के बावजूद प्रदेश सरकार ने इसे मनमाने ढंग से लागू कर दिया था, लेकिन अब हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट का यह फैसला अनुबंध कर्मियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। गौरतलब है कि झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने भी विधानसभा में इस अधिनियम को लेकर सरकार को आगाह किया था। उन्होंने कहा था कि प्रदेश के विकास में कर्मचारियों का हमेशा अहम योगदान रहता है। उनके जीवन का एक बड़ा और स्वर्णिम हिस्सा प्रदेश की सेवा करते हुए बीतता है। लिहाजा उन्हें उनके हकों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग का हवाला देते हुए कहा था कि किसी भी जूनियर कर्मचारी को उसके सीनियर से अधिक वेतन व अन्य लाभ नहीं दिए जा सकते। इतना ही नहीं, उन्होंने महाराष्ट्र में ऐसे ही एक मामले में अदालत के फैसले का हवाला देते हुए यह भी कहा था कि हिमाचल में आज भी उस फैसले का अनुसरण किया जाता है। उन्होंने सरकार को इस बारे भी आगाह किया था कि मनमाने ढंग से लागू किए गए इस अधिनियम की वजह से कर्मचारियों को अदालत का दरवाजा खटखटाने पर मजबूर होना पड़ेगा। अदालती मामले बढ़ने से सरकार का कामकाज भी प्रभावित होगा। हाईकोर्ट द्वारा इस एक्ट को खारिज करने से साबित हो गया है कि इस मामले में सरकार गलत थी।
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    हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम-2024 को लेकर भाजपा की बात सच साबित हुई है। दिसंबर 2024 में पारित और फरवरी 2025 से प्रभावी इस अधिनियम के माध्यम से दिसंबर 2003 या उसके बाद के अनुबंध कर्मचारियों के लिए लाभों को पूर्वव्यापी रूप में सीमित कर दिया गया था। झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने कर्मचारियों से जुडे़ इस संवेदनशील विषय को विधानसभा में प्रभावी ढंग से उठाते हुए सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करने की सलाह दी थी। प्रदेश सरकार ने भले ही भाजपा की इस सलाह को अनसुना किया हो, लेकिन अब हाईकोर्ट ने इस अधिनियम को खारिज कर दिया है। इसे सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
कांग्रेस सरकार द्वारा लाए गए सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम का विभिन्न स्तरों पर विरोध हो रहा था। इस अधिनियम को अनुबंध कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात माना जा रहा था। इसके तहत अनुबंध कर्मचारियों को वरिष्ठता का लाभ उनकी नियुक्ति के बजाए नियमितीकरण की तिथि से देने का प्रावधान किया गया था। इससे वरिष्ठता के साथ ही उनके वेतनमान और पदोन्नति आदि पर भी असर पड़ रहा था। कर्मचारियों के विरोध के बावजूद प्रदेश सरकार ने इसे मनमाने ढंग से लागू कर दिया था, लेकिन अब हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट का यह फैसला अनुबंध कर्मियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
गौरतलब है कि झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने भी विधानसभा में इस अधिनियम को लेकर सरकार को आगाह किया था। उन्होंने कहा था कि प्रदेश के विकास में कर्मचारियों का हमेशा अहम योगदान रहता है। उनके जीवन का एक बड़ा और स्वर्णिम हिस्सा प्रदेश की सेवा करते हुए बीतता है। लिहाजा उन्हें उनके हकों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग का हवाला देते हुए कहा था कि किसी भी जूनियर कर्मचारी को उसके सीनियर से अधिक वेतन व अन्य लाभ नहीं दिए जा सकते। इतना ही नहीं, उन्होंने महाराष्ट्र में ऐसे ही एक मामले में अदालत के फैसले का हवाला देते हुए यह भी कहा था कि हिमाचल में आज भी उस फैसले का अनुसरण किया जाता है। उन्होंने सरकार को इस बारे भी आगाह किया था कि मनमाने ढंग से लागू किए गए इस अधिनियम की वजह से कर्मचारियों को अदालत का दरवाजा खटखटाने पर मजबूर होना पड़ेगा। अदालती मामले बढ़ने से सरकार का कामकाज भी प्रभावित होगा। हाईकोर्ट द्वारा इस एक्ट को खारिज करने से साबित हो गया है कि इस मामले में सरकार गलत थी।
    user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
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