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हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम-2024 को लेकर भाजपा की बात सच साबित हुई हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम-2024 को लेकर भाजपा की बात सच साबित हुई है। दिसंबर 2024 में पारित और फरवरी 2025 से प्रभावी इस अधिनियम के माध्यम से दिसंबर 2003 या उसके बाद के अनुबंध कर्मचारियों के लिए लाभों को पूर्वव्यापी रूप में सीमित कर दिया गया था। झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने कर्मचारियों से जुडे़ इस संवेदनशील विषय को विधानसभा में प्रभावी ढंग से उठाते हुए सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करने की सलाह दी थी। प्रदेश सरकार ने भले ही भाजपा की इस सलाह को अनसुना किया हो, लेकिन अब हाईकोर्ट ने इस अधिनियम को खारिज कर दिया है। इसे सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कांग्रेस सरकार द्वारा लाए गए सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम का विभिन्न स्तरों पर विरोध हो रहा था। इस अधिनियम को अनुबंध कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात माना जा रहा था। इसके तहत अनुबंध कर्मचारियों को वरिष्ठता का लाभ उनकी नियुक्ति के बजाए नियमितीकरण की तिथि से देने का प्रावधान किया गया था। इससे वरिष्ठता के साथ ही उनके वेतनमान और पदोन्नति आदि पर भी असर पड़ रहा था। कर्मचारियों के विरोध के बावजूद प्रदेश सरकार ने इसे मनमाने ढंग से लागू कर दिया था, लेकिन अब हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट का यह फैसला अनुबंध कर्मियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। गौरतलब है कि झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने भी विधानसभा में इस अधिनियम को लेकर सरकार को आगाह किया था। उन्होंने कहा था कि प्रदेश के विकास में कर्मचारियों का हमेशा अहम योगदान रहता है। उनके जीवन का एक बड़ा और स्वर्णिम हिस्सा प्रदेश की सेवा करते हुए बीतता है। लिहाजा उन्हें उनके हकों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग का हवाला देते हुए कहा था कि किसी भी जूनियर कर्मचारी को उसके सीनियर से अधिक वेतन व अन्य लाभ नहीं दिए जा सकते। इतना ही नहीं, उन्होंने महाराष्ट्र में ऐसे ही एक मामले में अदालत के फैसले का हवाला देते हुए यह भी कहा था कि हिमाचल में आज भी उस फैसले का अनुसरण किया जाता है। उन्होंने सरकार को इस बारे भी आगाह किया था कि मनमाने ढंग से लागू किए गए इस अधिनियम की वजह से कर्मचारियों को अदालत का दरवाजा खटखटाने पर मजबूर होना पड़ेगा। अदालती मामले बढ़ने से सरकार का कामकाज भी प्रभावित होगा। हाईकोर्ट द्वारा इस एक्ट को खारिज करने से साबित हो गया है कि इस मामले में सरकार गलत थी।

21 hrs ago
user_Sanjeev ranout
Sanjeev ranout
बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
21 hrs ago

हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम-2024 को लेकर भाजपा की बात सच साबित हुई हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम-2024 को लेकर भाजपा की बात सच साबित हुई है। दिसंबर 2024 में पारित और फरवरी 2025 से प्रभावी इस अधिनियम के माध्यम से दिसंबर 2003 या उसके बाद के अनुबंध कर्मचारियों के लिए लाभों को पूर्वव्यापी रूप में सीमित कर दिया गया था। झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने कर्मचारियों से जुडे़ इस संवेदनशील विषय को विधानसभा में प्रभावी ढंग से उठाते हुए सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करने की सलाह दी थी। प्रदेश सरकार ने भले ही भाजपा की इस सलाह को अनसुना किया हो, लेकिन अब हाईकोर्ट ने इस अधिनियम को खारिज कर दिया है। इसे सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कांग्रेस सरकार द्वारा लाए गए सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम का विभिन्न स्तरों पर विरोध हो रहा था। इस अधिनियम को अनुबंध कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात माना जा रहा था। इसके तहत अनुबंध कर्मचारियों को वरिष्ठता का लाभ उनकी नियुक्ति के बजाए नियमितीकरण की तिथि से देने का प्रावधान किया गया था। इससे वरिष्ठता के साथ ही उनके वेतनमान और पदोन्नति आदि पर भी असर पड़ रहा था। कर्मचारियों के विरोध के बावजूद प्रदेश सरकार ने इसे मनमाने ढंग से लागू कर दिया था, लेकिन अब हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट का यह फैसला अनुबंध कर्मियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। गौरतलब है कि झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने भी विधानसभा में इस अधिनियम को लेकर सरकार को आगाह किया था। उन्होंने कहा था कि प्रदेश के विकास में कर्मचारियों का हमेशा अहम योगदान रहता है। उनके जीवन का एक बड़ा और स्वर्णिम हिस्सा प्रदेश की सेवा करते हुए बीतता है। लिहाजा उन्हें उनके हकों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग का हवाला देते हुए कहा था कि किसी भी जूनियर कर्मचारी को उसके सीनियर से अधिक वेतन व अन्य लाभ नहीं दिए जा सकते। इतना ही नहीं, उन्होंने महाराष्ट्र में ऐसे ही एक मामले में अदालत के फैसले का हवाला देते हुए यह भी कहा था कि हिमाचल में आज भी उस फैसले का अनुसरण किया जाता है। उन्होंने सरकार को इस बारे भी आगाह किया था कि मनमाने ढंग से लागू किए गए इस अधिनियम की वजह से कर्मचारियों को अदालत का दरवाजा खटखटाने पर मजबूर होना पड़ेगा। अदालती मामले बढ़ने से सरकार का कामकाज भी प्रभावित होगा। हाईकोर्ट द्वारा इस एक्ट को खारिज करने से साबित हो गया है कि इस मामले में सरकार गलत थी।

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  • शिमला। घणाहट्टी क्षेत्र में इन दिनों लगातार लगने वाले जाम से स्थानीय लोग खासे परेशान हैं। लोगों का कहना है कि पहले यहां यातायात सामान्य रहता था, लेकिन अब लगभग हर रोज़ जाम की स्थिति बन रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासी संजू , विकास और गीताराम ने बताया कि सड़क के दोनों किनारों पर अनियंत्रित तरीके से वाहन खड़े किए जा रहे हैं। इससे सड़क संकरी हो जाती है और वाहनों की आवाजाही बाधित होती है। खासकर सुबह और शाम के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब ऑफिस और स्कूल के समय ट्रैफिक अधिक रहता है। लोगों का कहना है कि कई बार जाम में एंबुलेंस और जरूरी सेवाएं भी फंस जाती हैं, जिससे जोखिम बढ़ जाता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे अवैध पार्किंग पर सख्ती से कार्रवाई की जाए और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए। वहीं, लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि क्षेत्र में पार्किंग की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि सड़क पर खड़े वाहनों से जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
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    शिमला। घणाहट्टी क्षेत्र में इन दिनों लगातार लगने वाले जाम से स्थानीय लोग खासे परेशान हैं। लोगों का कहना है कि पहले यहां यातायात सामान्य रहता था, लेकिन अब लगभग हर रोज़ जाम की स्थिति बन रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय निवासी संजू , विकास और गीताराम ने बताया कि सड़क के दोनों किनारों पर अनियंत्रित तरीके से वाहन खड़े किए जा रहे हैं। इससे सड़क संकरी हो जाती है और वाहनों की आवाजाही बाधित होती है। खासकर सुबह और शाम के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब ऑफिस और स्कूल के समय ट्रैफिक अधिक रहता है।
लोगों का कहना है कि कई बार जाम में एंबुलेंस और जरूरी सेवाएं भी फंस जाती हैं, जिससे जोखिम बढ़ जाता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे अवैध पार्किंग पर सख्ती से कार्रवाई की जाए और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए।
वहीं, लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि क्षेत्र में पार्किंग की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि सड़क पर खड़े वाहनों से जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter शिमला (ग्रामीण), शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • 👉 हिमाचल के डॉ. संजय कुमार को राष्ट्रीय सम्मान 🔥 Bharat Pratibha Samman 2026 | Sundernagar News
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    👉 हिमाचल के डॉ. संजय कुमार को राष्ट्रीय सम्मान 🔥 Bharat Pratibha Samman 2026 | Sundernagar News
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter Mandi, Himachal Pradesh•
    17 hrs ago
  • Post by न्यूज रिपोर्टर
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    Post by न्यूज रिपोर्टर
    user_न्यूज रिपोर्टर
    न्यूज रिपोर्टर
    Shimla ( Rural ), Himachal Pradesh•
    18 hrs ago
  • हमीरपुर नगर परिषद और नगर पंचायत के चावन को लेकर हमीरपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां मुकम्मल कर ली है । उपायुक्त हमीरपुर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गंधर्व राठौर ने बताया कि 17 मई को नगर पंचायत भोटा और नगर परिषद सुजानपुर में चुनाव करवाए जाएंगे और उसी दिन ही चुनाव का परिणाम घोषित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आदर्श चुनाव आचार संहिता केवल नगर पंचायत भोटा और नगर परिषद सुजानपुर के क्षेत्र में ही लागू हुई है। वहीं उपायुक्त हमीरपुर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गन्धर्वा राठौर ने बताया कि सुजानपुर नगर परिषद में 5600 से अधिक मतदाता चुनाव में मतदान करेंगे इसके अतिरिक्त नगर पंचायत भोटा में 1150 मतदाता चुनाव में अपने मत का उपयोग करेंगे। वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी गन्धर्वा राठौर ने बताया कि नगर पंचायत भोटा और नगर परिषद सुजानपुर में चुनाव को लेकर तैयारियां पुरी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि दोनों क्षेत्र में ईवीएम के माध्यम से चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे। इसके लिए ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग प्रोसेसिंग शुरू कर दी गई है। वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी गन्धर्वा राठौर ने बताया कि पंचायत में बेल्ट पेपर के माध्यम से चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे। जिसके लिए सामग्री तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि चुनाव तिथि घोषित होने के बाद आगामी प्रकिया अपनाई जाएगी। गन्धर्वा राठौर ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि जब तक चुनाव की तिथि घोषित नहीं होती। उससे पहले मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा लें। जिला निर्वाचन अधिकारी गंधर्व राठौर ने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि नाम दर्ज करवाने के लिए प्रारूप 2 के साथ मतदाता या परिवार के सदस्य स्वयं का शफ्थ पत्र अवश्य लायें। उन्होंने कहा कि अधिक संख्या में मतदाता सूची के लिए पत्र न लाएं, उन्हें जिला प्रशासन द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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    हमीरपुर 
नगर परिषद और नगर पंचायत के चावन को लेकर हमीरपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां मुकम्मल कर ली है । उपायुक्त हमीरपुर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गंधर्व राठौर ने बताया कि 17 मई को नगर पंचायत भोटा और नगर परिषद सुजानपुर में चुनाव करवाए जाएंगे और उसी दिन ही चुनाव का परिणाम घोषित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आदर्श चुनाव आचार संहिता केवल नगर पंचायत भोटा और नगर परिषद सुजानपुर के क्षेत्र में ही लागू हुई है। वहीं उपायुक्त हमीरपुर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गन्धर्वा राठौर ने बताया कि सुजानपुर नगर परिषद में 5600 से अधिक मतदाता चुनाव में मतदान करेंगे इसके अतिरिक्त नगर पंचायत भोटा में 1150 मतदाता चुनाव में अपने मत का उपयोग करेंगे। 
वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी गन्धर्वा राठौर ने बताया कि नगर पंचायत भोटा और नगर परिषद सुजानपुर में चुनाव को लेकर तैयारियां पुरी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि दोनों क्षेत्र में ईवीएम के माध्यम से चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे। इसके लिए ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग प्रोसेसिंग शुरू कर दी गई है।
वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी गन्धर्वा राठौर ने बताया कि पंचायत में बेल्ट पेपर के माध्यम से चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे। जिसके लिए सामग्री तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि चुनाव तिथि घोषित होने के बाद आगामी प्रकिया अपनाई जाएगी। गन्धर्वा राठौर ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि जब तक चुनाव की तिथि घोषित नहीं होती। उससे पहले मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा लें। जिला निर्वाचन अधिकारी गंधर्व राठौर ने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि नाम दर्ज करवाने के लिए प्रारूप 2 के साथ मतदाता या परिवार के सदस्य स्वयं का शफ्थ पत्र अवश्य लायें। उन्होंने कहा कि अधिक संख्या में मतदाता सूची के लिए पत्र न लाएं, उन्हें जिला प्रशासन द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • सलोह में सिलेंडर की गाड़ी का घेराव मौके पर पंहुची पुलिस #himachalpunjabnews
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    सलोह में सिलेंडर की गाड़ी का घेराव मौके पर पंहुची पुलिस #himachalpunjabnews
    user_Himachal Punjab News
    Himachal Punjab News
    Local News Reporter Mehatpur, Una•
    23 hrs ago
  • ऊना हिमाचल प्रदेश के लिए रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। अब प्रदेश का सीधा रेल संपर्क पश्चिम बंगाल से जुडऩे जा रहा है। कोलकाता-नंगल डैम गुरुमुखी एक्सप्रेस ट्रेन को जिला ऊना के अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन तक विस्तार देने की मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिससे ऊना जिला सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक यह ट्रेन नंगल डैम तक ही सीमित थी, लेकिन विस्तार के बाद यह हिमाचल प्रदेश के अंब-अंदौरा स्टेशन तक पहुंचेगी। इस फैसले से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खासकर हिमाचल आने वाले पर्यटकों के लिए सफर और अधिक सुगम होगा। वहीं स्थानीय लोगों को कोलकाता और पूर्वी भारत के अन्य हिस्सों तक सीधी कनेक्टिविटी मिल सकेगी। गुरूमुखी ट्रेन के विस्तार के साथ-साथ आगे का टाइम टेबल भी जारी हो गया है। यह ट्रेन अंब-अंदौरा से करीब 6 बजकर 10 मिनट से रवाना होगी, जो कि ऊना हिमाचल स्टेशन पर 6 बजकर 38 मिनट पर पहुंचेगी। 5 मिनट के स्टॉपेज के बाद 6 बजकर 43 मिनट पर रवाना होगी और नंगल डैम पर 6 बजकर 58 मिनट पर पहुंचेगी।
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    ऊना
हिमाचल प्रदेश के लिए रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। अब प्रदेश का सीधा रेल संपर्क पश्चिम बंगाल से जुडऩे जा रहा है। कोलकाता-नंगल डैम गुरुमुखी एक्सप्रेस ट्रेन को जिला ऊना के अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन तक विस्तार देने की मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिससे ऊना जिला सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक यह ट्रेन नंगल डैम तक ही सीमित थी, लेकिन विस्तार के बाद यह हिमाचल प्रदेश के अंब-अंदौरा स्टेशन तक पहुंचेगी। इस फैसले से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खासकर हिमाचल आने वाले पर्यटकों के लिए सफर और अधिक सुगम होगा। वहीं स्थानीय लोगों को कोलकाता और पूर्वी भारत के अन्य हिस्सों तक सीधी कनेक्टिविटी मिल सकेगी। गुरूमुखी ट्रेन के विस्तार के साथ-साथ आगे का टाइम टेबल भी जारी हो गया है। यह ट्रेन  अंब-अंदौरा से करीब 6 बजकर 10 मिनट से रवाना होगी, जो कि ऊना हिमाचल स्टेशन पर 6 बजकर 38 मिनट पर पहुंचेगी। 5 मिनट के स्टॉपेज के बाद 6 बजकर 43 मिनट पर रवाना होगी और नंगल डैम पर 6 बजकर 58 मिनट पर पहुंचेगी।
    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • महिला आरक्षण बिल को लेकर हिमाचल महिला कांग्रेस ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। महिला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी महिला आरक्षण के नाम पर देश की महिलाओं को गुमराह कर रही है। इसके विरोध में महिला कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10 लाख पोस्टकार्ड भेजकर 543 लोकसभा सीटों के आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग करेगा। शिमला में पत्रकार वार्ता में हिमाचल महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल ने कहा, “बीजेपी ने महिला आरक्षण बिल पास तो कर दिया, लेकिन उसे जनगणना और परिसीमन से जोड़कर लटका दिया। यह महिलाओं के साथ धोखा है। अगर केंद्र की भाजपा सरकार की मंशा महिला हितैषी है तो मौजूदा 543 लोकसभा सीटों के आधार पर ही महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण तुरंत दिया जाए। जनगणना और परिसीमन के नाम पर बिल को 2029 या उसके बाद तक टाला जा रहा है। अगर सरकार की नीयत साफ है तो इसी लोकसभा चुनाव से महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए।जैनब चंदेल ने बीजेपी की नीयत पर सीधा सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री बड़ी बड़ी बातें करते हैं, लेकिन जब महिलाओं को हक देने की बारी आई तो बिल को ठंडे बस्ते में डाल दिया। यह सिर्फ चुनावी जुमला था। बीजेपी नहीं चाहती कि संसद और विधानसभा में महिलाओं की संख्या बढ़े। कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया है। पंचायती राज में 33 फीसदी आरक्षण कांग्रेस ने महिलाओं को दिया जो अब 50 फीसदी कर दिया गया है। बाइट..... जैनब चंदेल महिला कांग्रेस अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश
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    महिला आरक्षण बिल को लेकर हिमाचल महिला कांग्रेस ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। महिला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी महिला आरक्षण के नाम पर देश की महिलाओं को गुमराह कर रही है। इसके विरोध में महिला कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10 लाख पोस्टकार्ड भेजकर 543 लोकसभा सीटों के आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग करेगा।
शिमला में पत्रकार वार्ता में हिमाचल महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल ने कहा, “बीजेपी ने महिला आरक्षण बिल पास तो कर दिया, लेकिन उसे जनगणना और परिसीमन से जोड़कर लटका दिया। यह महिलाओं के साथ धोखा है। अगर केंद्र की भाजपा सरकार की मंशा महिला हितैषी है तो मौजूदा 543 लोकसभा सीटों के आधार पर ही महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण तुरंत दिया जाए। जनगणना और परिसीमन के नाम पर बिल को 2029 या उसके बाद तक टाला जा रहा है। अगर सरकार की नीयत साफ है तो इसी लोकसभा चुनाव से महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए।जैनब चंदेल ने बीजेपी की नीयत पर सीधा सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री बड़ी बड़ी बातें करते हैं, लेकिन जब महिलाओं को हक देने की बारी आई तो बिल को ठंडे बस्ते में डाल दिया। यह सिर्फ चुनावी जुमला था। बीजेपी नहीं चाहती कि संसद और विधानसभा में महिलाओं की संख्या बढ़े। कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया है। पंचायती राज में 33 फीसदी आरक्षण कांग्रेस ने महिलाओं को दिया जो अब 50 फीसदी कर दिया गया है।
बाइट..... जैनब चंदेल महिला कांग्रेस अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter शिमला (ग्रामीण), शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
  • 👉 सुंदरनगर स्कूल में चुनाव 🔥 Head Boy & Head Girl बने | Parmita Winner | Aditya Thakur | School Election
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    👉 सुंदरनगर स्कूल में चुनाव 🔥 Head Boy & Head Girl बने | Parmita Winner | Aditya Thakur | School Election
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter Mandi, Himachal Pradesh•
    17 hrs ago
  • हमीरपुर सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने नई दिल्ली में आयोजित चौथे विकासशील अर्थव्यवस्था सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए जल प्रबंधन, दक्षता और सुशासन की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर ठोस बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। यह सम्मेलन 24 अप्रैल 2026 को एरोसिटी स्थित पुलमैन होटल में केपीटी पाइप्स और अमेरिकन सोसाइटी ऑफ हीटिंग, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग इंजीनियर्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका विषय पानी: जीवन का अमृत – ऊर्जा, संसाधन और प्रौद्योगिकी था। अपने संबोधन की शुरुआत में अनुराग सिंह ठाकुर ने इतिहास और वर्तमान भारत के बीच समानता स्थापित करते हुए कहा कि कोई भी सभ्यता जल के कुप्रबंधन के कारण लंबे समय तक टिक नहीं सकी। सिंधु घाटी, मेसोपोटामिया और रोमन साम्राज्य जैसे उदाहरणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जल केवल एक सरकारी विषय नहीं, बल्कि सभ्यतागत और अस्तित्व से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा जल सुरक्षा के लिए अपनाए गए चार प्रमुख स्तंभों का उल्लेख किया। जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2019 में जहां केवल 17 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक पाइप जल पहुंचता था, वहीं आज 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जा चुका है और 15 राज्यों ने शत-प्रतिशत कवरेज हासिल कर लिया है। इसे उन्होंने जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इससे करोड़ों महिलाओं को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करने से मुक्ति मिली है। अनुराग सिंह ठाकुर ने पारंपरिक सोच को चुनौती देते हुए कहा कि केवल जल संरक्षण पर्याप्त नहीं है, बल्कि अब जल दक्षता को भी अपनाना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संरक्षण का अर्थ पानी कम उपयोग करना है, जबकि दक्षता का अर्थ है पानी का समझदारी से उपयोग करना। उन्होंने पहले से शुद्ध किए गए नगर निगम के पानी पर रिवर्स ऑस्मोसिस प्रणाली के अनावश्यक उपयोग को जल की बर्बादी का उदाहरण बताते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में 40 से 60 प्रतिशत पानी व्यर्थ चला जाता है, जिसे बदलना आवश्यक है। उद्योग जगत और संबंधित संस्थानों के सदस्यों से आह्वान करते हुए उन्होंने चार महत्वपूर्ण उपाय सुझाए। इसमें हर भवन में जल मीटरिंग और उप-मीटरिंग को अनिवार्य बनाना, जल दक्ष ताप, वेंटिलेशन और वातानुकूलन तथा प्लंबिंग प्रणाली अपनाना, वर्षा जल संचयन और ग्रे वाटर पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना तथा जल जागरूकता के लिए प्रशिक्षण और मानक विकसित करना शामिल है। उन्होंने कहा कि जल केवल एक क्षेत्रीय या सरकारी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। सरकार अपनी भूमिका निभा रही है, नीतियां लागू हैं और निवेश हो रहा है, लेकिन हर स्तर पर समाज और उद्योग की भागीदारी आवश्यक है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि बूँद-बूँद से घड़ा भरता है और हर जल संरक्षण का प्रयास भारत के भविष्य को सुरक्षित बनाने में योगदान देगा। उन्होंने जोर दिया कि आज लिए गए निर्णय आने वाले 50 वर्षों के जल प्रबंधन की दिशा तय करेंगे। इस अवसर पर देशभर से आए उद्योग विशेषज्ञों, इंजीनियरों, वास्तुकारों और संबंधित संस्थानों के सदस्यों ने भाग लिया तथा जल प्रबंधन के संदर्भ में ऊर्जा, संसाधन और प्रौद्योगिकी पर विस्तृत चर्चा की गई।
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    हमीरपुर
सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने नई दिल्ली में आयोजित चौथे विकासशील अर्थव्यवस्था सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए जल प्रबंधन, दक्षता और सुशासन की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर ठोस बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। यह सम्मेलन 24 अप्रैल 2026 को एरोसिटी स्थित पुलमैन होटल में केपीटी पाइप्स और अमेरिकन सोसाइटी ऑफ हीटिंग, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग इंजीनियर्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका विषय पानी: जीवन का अमृत – ऊर्जा, संसाधन और प्रौद्योगिकी था।
अपने संबोधन की शुरुआत में अनुराग सिंह ठाकुर ने इतिहास और वर्तमान भारत के बीच समानता स्थापित करते हुए कहा कि कोई भी सभ्यता जल के कुप्रबंधन के कारण लंबे समय तक टिक नहीं सकी। सिंधु घाटी, मेसोपोटामिया और रोमन साम्राज्य जैसे उदाहरणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जल केवल एक सरकारी विषय नहीं, बल्कि सभ्यतागत और अस्तित्व से जुड़ा मुद्दा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा जल सुरक्षा के लिए अपनाए गए चार प्रमुख स्तंभों का उल्लेख किया। जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2019 में जहां केवल 17 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक पाइप जल पहुंचता था, वहीं आज 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जा चुका है और 15 राज्यों ने शत-प्रतिशत कवरेज हासिल कर लिया है। इसे उन्होंने जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इससे करोड़ों महिलाओं को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करने से मुक्ति मिली है।
अनुराग सिंह ठाकुर ने पारंपरिक सोच को चुनौती देते हुए कहा कि केवल जल संरक्षण पर्याप्त नहीं है, बल्कि अब जल दक्षता को भी अपनाना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संरक्षण का अर्थ पानी कम उपयोग करना है, जबकि दक्षता का अर्थ है पानी का समझदारी से उपयोग करना। उन्होंने पहले से शुद्ध किए गए नगर निगम के पानी पर रिवर्स ऑस्मोसिस प्रणाली के अनावश्यक उपयोग को जल की बर्बादी का उदाहरण बताते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में 40 से 60 प्रतिशत पानी व्यर्थ चला जाता है, जिसे बदलना आवश्यक है।
उद्योग जगत और संबंधित संस्थानों के सदस्यों से आह्वान करते हुए उन्होंने चार महत्वपूर्ण उपाय सुझाए। इसमें हर भवन में जल मीटरिंग और उप-मीटरिंग को अनिवार्य बनाना, जल दक्ष ताप, वेंटिलेशन और वातानुकूलन तथा प्लंबिंग प्रणाली अपनाना, वर्षा जल संचयन और ग्रे वाटर पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना तथा जल जागरूकता के लिए प्रशिक्षण और मानक विकसित करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि जल केवल एक क्षेत्रीय या सरकारी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। सरकार अपनी भूमिका निभा रही है, नीतियां लागू हैं और निवेश हो रहा है, लेकिन हर स्तर पर समाज और उद्योग की भागीदारी आवश्यक है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि बूँद-बूँद से घड़ा भरता है और हर जल संरक्षण का प्रयास भारत के भविष्य को सुरक्षित बनाने में योगदान देगा। उन्होंने जोर दिया कि आज लिए गए निर्णय आने वाले 50 वर्षों के जल प्रबंधन की दिशा तय करेंगे।
इस अवसर पर देशभर से आए उद्योग विशेषज्ञों, इंजीनियरों, वास्तुकारों और संबंधित संस्थानों के सदस्यों ने भाग लिया तथा जल प्रबंधन के संदर्भ में ऊर्जा, संसाधन और प्रौद्योगिकी पर विस्तृत चर्चा की गई।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    22 hrs ago
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