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भारत का प्रधानमंत्री दो दिन पहले इजरायल गया था आने के बाद सीजफायर शुरु हो गया:सियाराम कौशिक पूर्व विधायक बिल्हा #ईजरायल_ईरान_युद्ध #war #pmmodi भारत का प्रधानमंत्री दो दिन पहले इजरायल गया था आने के बाद सीजफायर शुरु हो गया:सियाराम कौशिक पूर्व विधायक बिल्हा #ईजरायल_ईरान_युद्ध #war #pmmodi
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भारत का प्रधानमंत्री दो दिन पहले इजरायल गया था आने के बाद सीजफायर शुरु हो गया:सियाराम कौशिक पूर्व विधायक बिल्हा #ईजरायल_ईरान_युद्ध #war #pmmodi भारत का प्रधानमंत्री दो दिन पहले इजरायल गया था आने के बाद सीजफायर शुरु हो गया:सियाराम कौशिक पूर्व विधायक बिल्हा #ईजरायल_ईरान_युद्ध #war #pmmodi
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- बलौदाबाजार में नाबालिक की बेरहमी से पिटाई, वीडियो वायरल छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। रवान स्थित अंबुजा अडानी सीमेंट प्लांट परिसर में एक सुरक्षाकर्मी द्वारा नाबालिक बच्चे को बेरहमी से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। बताया जा रहा है कि बच्चा आम खाने गया था, तभी चोरी के शक में सुरक्षाकर्मी ने उसे पकड़ लिया और कथित तौर पर पटक-पटक कर मारपीट की। घटना में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पीड़ित परिवार ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें पहले रिपोर्ट दर्ज कराने से रोका गया। मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है।1
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- *“मासूम पर बेरहमी” : अंबुजा संयंत्र में कथित पिटाई से भड़का जनाक्रोश, मानवता पर उठे सवाल* *संपादक वंदे भारत बलौदाबाजार 8839398932* बलौदा बाजार। जिले के अंबुजा सीमेंट संयंत्र से जुड़ा एक अत्यंत शर्मनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि महज 8 से 10 वर्ष के एक मासूम बच्चे को आम तोड़ते हुए देखने पर संयंत्र के सुरक्षा गार्डों द्वारा बेरहमी से पीटा गया। इस घटना का वीडियो भी तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिससे लोगों में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि बच्चा मासूमियत में पेड़ से आम तोड़ रहा था, तभी अंबुजा संयंत्र के सुरक्षा गार्डों की नजर उस पर पड़ी। इसके बाद जो हुआ, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुरक्षा कर्मियों ने बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए उसे बुरी तरह पीटा। मासूम की चीखें और डर से भरी आंखें इस घटना की भयावहता को बयां कर रही हैं। इस घटना के सामने आते ही स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। लोगों का कहना है कि गलती चाहे जो भी हो, लेकिन एक छोटे बच्चे के साथ इस तरह की क्रूरता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती। “क्या आम तोड़ना इतनी बड़ी सजा का हकदार था?” — यह सवाल अब हर किसी की जुबान पर है। घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में आम नागरिक कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने दोषी सुरक्षा गार्डों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन और उग्र हो सकता है। स्थानीय नागरिकों ने इसे न केवल एक बच्चे के साथ अत्याचार बताया, बल्कि पूरे समाज की संवेदनशीलता पर चोट करार दिया। उनका कहना है कि उद्योगों को जहां रोजगार और विकास का प्रतीक माना जाता है, वहीं ऐसी घटनाएं उनके दायित्व और मानवीय मूल्यों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की सत्यता की पुष्टि की जा रही है। प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 👉 यह घटना केवल एक मासूम की पिटाई का मामला नहीं, बल्कि यह समाज के उस चेहरे को उजागर करती है जहां संवेदनाएं कहीं पीछे छूटती नजर आती हैं। अब देखना यह होगा कि क्या इस मासूम को न्याय मिल पाता है या यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा। https://vandebharatlivetvnews.com/?p=6532832
- कसडोल/बलौदाबाजार। कसडोल ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत पुटपुरा में सरकारी जमीन पर बेजा कब्जे का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। वर्षों से कुछ लोगों द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। हालात यह हैं कि कब्जाधारी खुलेआम दबंगई के साथ उसी जमीन पर मकान निर्माण भी कर रहे हैं और खेती कर फसल भी उगा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव की करीब दो से ढाई सौ एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। पंचायत स्तर पर इस मामले को लेकर ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर बेजा कब्जा हटाने की मांग की जा चुकी है और इसकी शिकायत कलेक्टर कार्यालय तक भी पहुंचाई गई है। शिकायत के बाद राजस्व विभाग कसडोल द्वारा कब्जाधारियों की सूची तैयार कर करीब 15 लोगों को नोटिस जारी किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से मकान निर्माण रोकने का आदेश भी जारी किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद कब्जाधारी किसी की परवाह किए बिना निर्माण कार्य जारी रखे हुए हैं। जिन लोगों को नोटिस दिया गया, वही लोग खुलेआम मकान बना रहे हैं और जमीन पर खेती भी कर रहे हैं। इससे गांव के लोगों में भारी नाराजगी और आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कब्जाधारियों का रवैया इतना हावी हो चुका है कि वे प्रशासनिक आदेशों को भी नजरअंदाज कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सख्ती से कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। पुटपुरा गांव में चारागाह और श्मशान के लिए भी पर्याप्त जमीन नहीं बची है। पशुओं को चराने के लिए ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है, वहीं अंतिम संस्कार के लिए भी उचित स्थान की कमी बनी हुई है। जंगल क्षेत्र से लगे इस गांव में पशुपालकों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब राजस्व मंत्री के ही जिले में सरकारी जमीन पर इस तरह खुलेआम कब्जा हो रहा है और आदेशों के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो गांव में आपसी टकराव की स्थिति भी बन सकती है। इस संबंध में ग्राम पंचायत के सरपंच ललित पैकरा का कहना है कि कब्जा रोकने के लिए आदेश जारी किया गया है, लेकिन सरपंच होने के नाते उन्हें गांव के सभी लोगों को साथ लेकर चलना पड़ता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक सख्त कदम उठाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द बेजा कब्जा हटाने की कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में गांव में बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।3
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