जंगलों से उठी शिक्षा की रोशनी, कांकेर की बिटिया कृतिका टेकाम बनी देशभर के 750 एकलव्य विद्यालयों की टॉपर कांकेर(छ.ग.) * स्लग :- जंगलों से उठी शिक्षा की रोशनी, कांकेर की बिटिया कृतिका टेकाम बनी देशभर के 750 एकलव्य विद्यालयों की टॉपर एंकर :- आदिवासी अंचल की बेटियां अब केवल सपने नहीं देख रहीं, बल्कि अपने संघर्ष और प्रतिभा से पूरे देश में पहचान भी बना रही हैं। इसी का प्रेरणादायी उदाहरण बनी हैं कांकेर जिले की प्रतिभाशाली छात्रा कृतिका टेकाम, जिन्होंने देशभर के 750 एकलव्य विद्यालयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 97 प्रतिशत अंक हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है। कृतिका की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि आदिवासी समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता, मेहनत और बदलती सोच का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आई है। सीमित संसाधनों के बीच मेहनत और लगन से हासिल की गई यह सफलता पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर सर्व आदिवासी समाज जिला कांकेर, युवा प्रभाग, महिला प्रभाग एवं समाज के विभिन्न पदाधिकारियों द्वारा कृतिका टेकाम का सम्मान एवं उत्साहवर्धन किया गया। समाज के वरिष्ठजनों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए आगे की बेहतर तैयारी और उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान किया। कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज जिला कांकेर के जिलाध्यक्ष कन्हैया उसेंडी, हल्बा समाज जिलाध्यक्ष प्रकाश दीवान, कंडरा समाज जिलाध्यक्ष चंद्रहास नेताम, पारधी समाज से भगवान सिंह शोरी, महिला प्रभाग से शकुन्तला तारम, युवा प्रभाग जिला अध्यक्ष उमेंद्र कोरेटी, ब्लॉक अध्यक्ष कांकेर छविंद्र मंडावी सहित केशकाल ब्लॉक के कई पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे। समाज के लोगों ने कहा कि कृतिका टेकाम जैसी बेटियां आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं, जो यह संदेश देती हैं कि शिक्षा ही समाज को नई दिशा, नई पहचान और मजबूत भविष्य प्रदान करती है। जब बेटियां पढ़ती हैं, तब समाज आगे बढ़ता है। जिला अध्यक्ष उमेंद्र कोरेटी
जंगलों से उठी शिक्षा की रोशनी, कांकेर की बिटिया कृतिका टेकाम बनी देशभर के 750 एकलव्य विद्यालयों की टॉपर कांकेर(छ.ग.) * स्लग :- जंगलों से उठी शिक्षा की रोशनी, कांकेर की बिटिया कृतिका टेकाम बनी देशभर के 750 एकलव्य विद्यालयों की टॉपर एंकर :- आदिवासी अंचल की बेटियां अब केवल सपने नहीं देख रहीं, बल्कि अपने संघर्ष और प्रतिभा से पूरे देश में पहचान भी बना रही हैं। इसी का प्रेरणादायी उदाहरण बनी हैं कांकेर जिले की प्रतिभाशाली छात्रा कृतिका टेकाम, जिन्होंने देशभर के 750 एकलव्य विद्यालयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 97 प्रतिशत अंक हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है। कृतिका की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि आदिवासी समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता, मेहनत और बदलती सोच का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आई है। सीमित संसाधनों के बीच मेहनत और लगन से हासिल की गई यह सफलता पूरे जिले के लिए गर्व का विषय
बन गई है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर सर्व आदिवासी समाज जिला कांकेर, युवा प्रभाग, महिला प्रभाग एवं समाज के विभिन्न पदाधिकारियों द्वारा कृतिका टेकाम का सम्मान एवं उत्साहवर्धन किया गया। समाज के वरिष्ठजनों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए आगे की बेहतर तैयारी और उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान किया। कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज जिला कांकेर के जिलाध्यक्ष कन्हैया उसेंडी, हल्बा समाज जिलाध्यक्ष प्रकाश दीवान, कंडरा समाज जिलाध्यक्ष चंद्रहास नेताम, पारधी समाज से भगवान सिंह शोरी, महिला प्रभाग से शकुन्तला तारम, युवा प्रभाग जिला अध्यक्ष उमेंद्र कोरेटी, ब्लॉक अध्यक्ष कांकेर छविंद्र मंडावी सहित केशकाल ब्लॉक के कई पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे। समाज के लोगों ने कहा कि कृतिका टेकाम जैसी बेटियां आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं, जो यह संदेश देती हैं कि शिक्षा ही समाज को नई दिशा, नई पहचान और मजबूत भविष्य प्रदान करती है। जब बेटियां पढ़ती हैं, तब समाज आगे बढ़ता है। जिला अध्यक्ष उमेंद्र कोरेटी
- नोकरी के नाम पर मानव तस्करी का जाल छत्तीसगढ़ की 35 युवतियां झारखंड में बंधक जिसमे से 16 युवती काँकेर जिले से शामिल, प्रशासनिक अमला की खुली नींद* *नोकरी के नाम पर मानव तस्करी का जाल छत्तीसगढ़ की 35 युवतियां झारखंड में बंधक जिसमे से 16 युवती काँकेर जिले से शामिल, प्रशासनिक अमला की खुली नींद* विशेष संवाददाता पुनीत मरकाम भानुप्रतापपुर कांकेर """""""""""""""""""""""""""""""""""""" कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से मानव तस्करी का सनसनी खेज मामला सामने आया है, कांकेर समेत धमतरी जिले और आस पास के अन्य क्षेत्रों से करीब 35 युवतियां नौकरी के झांसे में आकर झारखंड में फंस गई है, मामला तब सामने आया जब दुर्गुकोंडल ब्लॉक की एक युवती ने एक वीडियो बनाकर अपने एक मित्र को भेजा और मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद युवक ने क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता को इससे अवगत करवाते हुए मदद मांगी जिसके बाद पूरा मामला प्रशासन तक पहुंचा और युवतियों के रेस्क्यू का प्रयास शुरू कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार दुर्गुकोंडल क्षेत्र की करीब 16 युवतियां और धमतरी जिले समेत अन्य कुछ इलाकों की करीब 30 युवतियों को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी देने के नाम पर झारखंड के गढ़वा जिले ले जाया गया था, जहां युवतियों को कुछ दिन ट्रेनिंग भी दी गई लेकिन इसके बाद युवतियों के साथ उक्त कंपनी के लोगो का व्यवहार बदल गया और उन्हें एक अलग स्थान में ले जाकर रख दिया गया , युवतियों को जब अपने साथ गलत होने का अंदेशा हुआ तो उन्होंने वापस जाने की मांग की लेकिन उन्हें वापस नहीं भेजा जा रहा है,जिसके बाद एक युवती ने वीडियो बनाकर कांकेर जिले में दुर्गुकोंडल ब्लॉक के ही एक युवक भेजा जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ है, मामले में कांकेर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर का कहना है कि सूचना मिलते ही झारखंड के गढ़वा जिले के प्रशासन और पुलिस से संपर्क कर युवतियों के रेस्क्यू का प्रयास किया जा रहा है,उन्होंने बताया कि पुलिस की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और युवतियों और कंपनी के लोगो से पूछताछ की जा रही है, जल्द ही युवतियों को सकुशल वापस लाया जाएगा3
- उदय नगर वार्ड में सुशासन तिहार शिविर, 38 आवेदन हुए प्राप्त1
- विश्व में शांति और आपसी भाईचारा स्थापित करने के तरीके पर एक विशेष वीडियो 9 मई 2026 को प्रसारित होगा। ‘कलयुग में सतयुग की शुरुआत’ श्रृंखला का यह छठा भाग दोपहर 12 बजे से 'Factful Debates' यूट्यूब चैनल पर देखा जा सकेगा।1
- मोहला के गौरव मोबाइल ने एक धमाकेदार ऑफर पेश किया है, जहाँ मात्र ₹2000 से नया स्मार्टफोन खरीदा जा सकता है। यह सीमित समय का ऑफर क्षेत्र के हर व्यक्ति को डिजिटल दुनिया से जोड़ने के लक्ष्य के साथ लाया गया है।1
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले का कुतुल, जो कभी नक्सलियों का गढ़ था, अब सुरक्षा और विकास के माहौल में बदल रहा है। इसी बदलाव के बीच राज्य मंत्री केदार कश्यप ने पहली बार इस क्षेत्र का दौरा किया और ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं। यह दौरा क्षेत्र में सुशासन और शांति बहाली के प्रयासों को दर्शाता है।1
- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव ब्लॉक में सुशासन तिहार के तहत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 568 आवेदन प्राप्त हुए, जहाँ सैकड़ों ग्रामीणों को पेंशन, राशन कार्ड और ₹9 लाख के चेक सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। इस दौरान उत्कृष्ट छात्रों और 'लखपति दीदियों' को भी सम्मानित किया गया।2
- नारायणपुर पुलिस ने दो अलग-अलग चोरी के मामलों को सुलझाते हुए शातिर अपराधी आनंद नेताम उर्फ 'ढेला' को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से सोने-चांदी के जेवरात और वाहन बरामद किए गए हैं। 'ढेला' एक आदतन अपराधी बताया जा रहा है जिसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं।1
- जंगलों से उठी शिक्षा की रोशनी, कांकेर की बिटिया कृतिका टेकाम बनी देशभर के 750 एकलव्य विद्यालयों की टॉपर कांकेर(छ.ग.) * स्लग :- जंगलों से उठी शिक्षा की रोशनी, कांकेर की बिटिया कृतिका टेकाम बनी देशभर के 750 एकलव्य विद्यालयों की टॉपर एंकर :- आदिवासी अंचल की बेटियां अब केवल सपने नहीं देख रहीं, बल्कि अपने संघर्ष और प्रतिभा से पूरे देश में पहचान भी बना रही हैं। इसी का प्रेरणादायी उदाहरण बनी हैं कांकेर जिले की प्रतिभाशाली छात्रा कृतिका टेकाम, जिन्होंने देशभर के 750 एकलव्य विद्यालयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 97 प्रतिशत अंक हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है। कृतिका की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि आदिवासी समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता, मेहनत और बदलती सोच का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आई है। सीमित संसाधनों के बीच मेहनत और लगन से हासिल की गई यह सफलता पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर सर्व आदिवासी समाज जिला कांकेर, युवा प्रभाग, महिला प्रभाग एवं समाज के विभिन्न पदाधिकारियों द्वारा कृतिका टेकाम का सम्मान एवं उत्साहवर्धन किया गया। समाज के वरिष्ठजनों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए आगे की बेहतर तैयारी और उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान किया। कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज जिला कांकेर के जिलाध्यक्ष कन्हैया उसेंडी, हल्बा समाज जिलाध्यक्ष प्रकाश दीवान, कंडरा समाज जिलाध्यक्ष चंद्रहास नेताम, पारधी समाज से भगवान सिंह शोरी, महिला प्रभाग से शकुन्तला तारम, युवा प्रभाग जिला अध्यक्ष उमेंद्र कोरेटी, ब्लॉक अध्यक्ष कांकेर छविंद्र मंडावी सहित केशकाल ब्लॉक के कई पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे। समाज के लोगों ने कहा कि कृतिका टेकाम जैसी बेटियां आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं, जो यह संदेश देती हैं कि शिक्षा ही समाज को नई दिशा, नई पहचान और मजबूत भविष्य प्रदान करती है। जब बेटियां पढ़ती हैं, तब समाज आगे बढ़ता है। जिला अध्यक्ष उमेंद्र कोरेटी2