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वाराणसी के चेतगंज में सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी की पुलिस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी ऑफिसर अंबिका को ₹50,000 की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पहले वाराणसी के इंडस्ट्रियलिस्ट अजय कुमार मौर्य द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। उन्होंने फरवरी महीने 2023 के जीएसटी रिटर्न को लेकर ₹50,000 की मांग किए जाने के खिलाफ पुलिस अधीक्षक (सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी सेक्टर) से शिकायत की थी, जिसके बाद इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया गया।
पवन कुमार पाल पत्रकार
वाराणसी के चेतगंज में सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी की पुलिस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी ऑफिसर अंबिका को ₹50,000 की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पहले वाराणसी के इंडस्ट्रियलिस्ट अजय कुमार मौर्य द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। उन्होंने फरवरी महीने 2023 के जीएसटी रिटर्न को लेकर ₹50,000 की मांग किए जाने के खिलाफ पुलिस अधीक्षक (सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी सेक्टर) से शिकायत की थी, जिसके बाद इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया गया।
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- प्रयागराज के बारा में कमला कैनाल पंप नहर पर भारतीय किसान यूनियन (प्रयाग) का जल सत्याग्रह आंदोलन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। किसानों के आंदोलन के तेज होने और उनके राज्यपाल से मिलने की तैयारी की सूचना मिलते ही प्रशासन और सिंचाई विभाग सक्रिय हो गया। गुरुवार को बारा तहसीलदार अनिल पाठक और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कमला कैनाल पंप नहर पहुंचकर आंदोलनरत किसानों से वार्ता की और उनकी समस्याओं को सुना। बताया जा रहा है कि किसान अपनी मांगों को लेकर राज्यपाल से मिलने के लिए प्रयागराज रवाना होने की तैयारी कर चुके थे और कुछ किसान तो प्रयागराज पहुंच भी गए थे, जिसके बाद अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा। भारतीय किसान यूनियन (प्रयाग) का स्पष्ट कहना है कि जब तक किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं कराया जाएगा और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जल सत्याग्रह के चौथे दिन प्रशासन की सक्रियता ने किसानों की मांगों की गंभीरता को उजागर कर दिया है और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और सिंचाई विभाग इस मामले में क्या ठोस निर्णय लेते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में वर्षों से खराब पड़ी कच्ची सड़क को लेकर ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। अतर्रा क्षेत्र के भूरा यादव का पुरवा के निवासी इस समस्या से बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी हाथों में "सड़क नहीं तो स्कूल नहीं" लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग उठाई है। जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, अतर्रा केन-कैनाल ऑफिस से लेकर नहर पटरी स्थित भूरा यादव का पुरवा तक का करीब 1 किलोमीटर का मार्ग पूरी तरह कच्चा है। बरसात के मौसम में यह पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे लोगों का यहां से निकलना दूभर हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ती है, जो खराब रास्ते के कारण समय पर अपने स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस कच्चे मार्ग पर तुरंत गिट्टी और मोरम डालकर इसे चलने योग्य बनाया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने आंदोलन को आगे भी जारी रखेंगे।1
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- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अतिक्रमण हटाने को लेकर भारतीय किसान यूनियन द्वारा धरना दिया जा रहा है। इस संबंध में किसान यूनियन के पदाधिकारी ने अपनी मांग भी उठाई है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आरती पाल ने पूर्व विधायक पूजा पाल और उनके परिवार पर जमीन कब्जा करने और अवैध संपत्ति रखने के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरती पाल का दावा है कि उन्होंने पूजा पाल के परिवार का "इतिहास" खोलकर रख दिया है। इन आरोपों के मुताबिक, प्रयागराज में सरकारी और निजी जमीनों पर अवैध कब्जा किया गया और कई बेनामी सौदों के जरिए इन जमीनों को अपने नाम कराया गया। इसके अलावा, आरती पाल ने आरोप लगाया है कि पूजा पाल के परिवार के विभिन्न बैंक खातों में करोड़ों रुपये जमा हैं, जिसकी जांच उन्होंने ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और आयकर विभाग से कराने की मांग की है। यह नया विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पूजा पाल पहले से ही राजू पाल हत्याकांड की वजह से सुर्खियों में रही हैं, जिस मामले में मार्च 2024 में सीबीआई कोर्ट ने सजा भी सुनाई थी। आरती पाल ने सोशल मीडिया और स्थानीय मंचों पर इन आरोपों से संबंधित दस्तावेज दिखाने की बात भी कही है। हालांकि, अभी तक इस मामले में पूजा पाल की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और न ही प्रशासन या किसी जांच एजेंसी ने इन आरोपों की पुष्टि की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रयागराज में साल 2024 के बाद से बदले सियासी समीकरणों के बीच ये आरोप चुनावी माहौल को और गर्मा सकते हैं। अब जनता और कार्यकर्ताओं को इस बात का इंतजार है कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।1
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- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में डिप्टी कमिश्नर अंबिका को एंटी करप्शन की टीम ने गिरफ्तार किया है। उन्हें ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। मैडम व्यापारी की फाइल में रिटर्न भरने और GST की फाइल का निस्तारण करने के एवज में यह घूस ले रही थीं।1