Shuru
Apke Nagar Ki App…
सतना जिले के भाजपा सांसद गणेश सिंह ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के एक बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सांसद गणेश सिंह ने कांग्रेस को अपने कार्यकाल का हिसाब देने की चुनौती देते हुए कहा कि जिस मजाकिया लहजे में प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम का उच्चारण किया गया, उसे भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
बडवार पत्रिका
सतना जिले के भाजपा सांसद गणेश सिंह ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के एक बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सांसद गणेश सिंह ने कांग्रेस को अपने कार्यकाल का हिसाब देने की चुनौती देते हुए कहा कि जिस मजाकिया लहजे में प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम का उच्चारण किया गया, उसे भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- इंडिगो के एक पायलट ने भारत-पाकिस्तान सीमा का एक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में भारत-पाकिस्तान सीमा सुनहरी रोशनी से जगमगाती हुई दिखाई दे रही है।1
- मैहर तहसील के ग्राम रिवारा निवासी किसान मथुरा साकेत ने मैहर कलेक्टर को एक शिकायत सौंपी है। इस शिकायत में उन्होंने अल्ट्राटेक प्रबंधन से जुड़े दिनेश यादव और प्रबंधन के लिए कार्य करने वाले सुमित लालवानी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान मथुरा साकेत का कहना है कि उनकी जमीन और अधिकारों से जुड़े मामलों में लगातार अनदेखी की जा रही है, साथ ही उन पर दबाव भी बनाया जा रहा है। इस स्थिति के चलते वे मानसिक और आर्थिक दोनों रूपों से परेशान हैं। यह शिकायत सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है, और ग्रामीणों की नजरें अब इस पर टिकी हुई हैं कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। अब देखना होगा कि मैहर का राजस्व अमला इस विषय पर निष्पक्ष जांच कर किसान के हित में कोई कदम उठाता है, या फिर उद्योग प्रबंधन के प्रति अपनी वफादारी साबित करता हुआ दिखाई देगा।1
- सतना जिले के भाजपा सांसद गणेश सिंह ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के एक बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सांसद गणेश सिंह ने कांग्रेस को अपने कार्यकाल का हिसाब देने की चुनौती देते हुए कहा कि जिस मजाकिया लहजे में प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम का उच्चारण किया गया, उसे भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।1
- मैहर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई इन दिनों सरकारी संवेदनशीलता की कमी का अनोखा नमूना पेश कर रही है। जहां एक ओर अधिकारी वर्ग वातानुकूलित कमरों में आराम से आवेदन सुन रहा है, वहीं जिलेभर से पहुंचे बुजुर्ग, महिलाएं और ग्रामीण भीषण गर्मी में कार्यालय के बाहर पसीना बहाने को मजबूर हैं। करीब 43-44 डिग्री सेल्सियस के तापमान में आवेदक लंबी कतारों में पंखों की हवा को भी तरस रहे हैं, न्याय से पहले उन्हें धूप की परीक्षा देनी पड़ रही है। स्थिति इतनी बदतर है कि इंतजार कर रहे आवेदक पानी पीने के लिए भी नहीं जा सकते। हालांकि ठंडे पानी की व्यवस्था तो दिखती है, लेकिन वहां गिलास गायब हैं, जिसके चलते लोग मजबूरन कटे हुए पानी के डिब्बों का इस्तेमाल सरकारी गिलास के तौर पर कर रहे हैं। बताया गया है कि इंडियन बैंक ने वाटर कूलर दान किया है, लेकिन गिलास और पंखे अभी भी प्रशासनिक फाइलों में मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। इस असंवेदनशील स्थिति को देखते हुए, नगर के व्यापारी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधियों से अपील की जा रही है कि वे कलेक्टर कार्यालय के लिए कुछ पंखे, कूलर और गिलास दान करें। इसका उद्देश्य यह है कि जनता कम से कम बेहोश हुए बिना अपनी शिकायतें दर्ज करा सके। लोग तंज कस रहे हैं कि मैहर में जनसुनवाई का अर्थ शायद यही है कि 'जनता गर्मी सहे और सिस्टम ठंडक में शासन चलाए'।3
- सतना के टिकुरिया टोला स्थित गली नम्बर 1 में एक ई-रिक्शा नाले में जा गिरा। इस घटना की विस्तृत जानकारी प्रतीक्षा में है।1
- पानी और बिजली की गंभीर समस्या को लेकर आम जनता में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। इस जनआक्रोश के बीच, आम आदमी पार्टी ने संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है।1
- मैहर अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के साथ बदतमीजी का गंभीर मामला सामने आया है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इस घटना के बाद भी अस्पताल प्रभारी ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इस पूरे प्रकरण को लेकर मैहर अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और उनकी भूमिका पर लगातार प्रश्नचिह्न लग रहा है।1
- मध्य प्रदेश के मुकुंदपुर में युवाओं की चीत्कार अनसुनी रह गई है, जहाँ 12 साल के लंबे इंतजार के बाद भी उन्हें अपना खेल मैदान नहीं मिला। नौतपा की भीषण गर्मी और कड़कती धूप के बावजूद, जब लोग घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं, तब गाँव के युवाओं ने खुद ही खेल मैदान बनाने का बीड़ा उठाया है। जिला प्रशासन मैहर की उदासीनता और कागजों में उलझे रहने के कारण, युवाओं ने अब अपने गाँव के भविष्य की कमान अपने हाथों में ले ली है। यह प्रयास किसी विरोध के लिए नहीं, बल्कि अपने हक और ग्रामीण अंचलों की खेल प्रतिभाओं को एक उचित मंच देने के लिए है। मुकुंदपुर की युवा शक्ति इस खेल मैदान को समतल करने के लिए लगातार पसीना बहा रही है, ताकि गाँव की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। युवाओं ने शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से एक भावुक अपील की है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों और प्रतिनिधियों से विनम्र प्रार्थना की है कि वे मुकुंदपुर के खिलाड़ियों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस खेल मैदान के लिए आधिकारिक रूप से जगह या स्वीकृति प्रदान करें। उनका मानना है कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सही सम्मान और आवश्यक सुविधाएं मिलें, तो वे देश का नाम रोशन कर सकते हैं। पूरी मुकुंदपुर युवा टीम और क्षेत्र के खिलाड़ी इस सहयोग के लिए जीवन भर आपके आभारी रहेंगे।2