नाव हादसा: 10 शव मिले, 22 लोगों को निकाला गया, 6 लोग अभी भी लापता, राहत बचाव कार्य जारी मथुरा के वृंदावन में माट थाना क्षेत्र के पास यमुना नदी में हुए नाव हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। घटना के बाद से प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी और स्थानीय गोताखोरों की टीमें मौके पर सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह करीब 5:30 बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था। अब तक नदी से 22 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें से 10 लोगों के शव बरामद हुए हैं। बाकी लोगों को बचाकर बाहर निकाला गया है और कुछ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाव अभियान को तेज करने के लिए कई एजेंसियों की टीमें लगाई गई हैं। एनडीआरएफ की 8 नावें, पीएसी की 3 नावें और एसडीआरएफ की टीमें नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। इसके अलावा करीब 120 स्थानीय गोताखोरों को भी खोज अभियान में लगाया गया है। सभी टीमें मिलकर नदी में करीब 14 किलोमीटर तक के क्षेत्र में तलाश कर रही हैं, ताकि किसी भी लापता व्यक्ति को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके। इस दौरान मीडिया द्वारा जब एसपी देहात से पूछा गया कि पीड़ित परिवार के लोग 6 लोगों के लापता होने की बात कह रहे हैं, जबकि प्रशासन अलग संख्या बता रहा है, तो उन्होंने कहा कि अभी सर्च ऑपरेशन जारी है और सही संख्या की पुष्टि फिलहाल नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि हादसे में घायल कुछ लोगों को प्राइवेट अस्पतालों और आसपास के अन्य अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है। ऐसे में सभी अस्पतालों से जानकारी जुटाने और पूरी काउंटिंग करने के बाद ही स्पष्ट रूप से बताया जा सकेगा कि कितने लोग लापता हैं या कितने सुरक्षित हैं। प्रशासन का कहना है कि जब तक सभी लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक राहत और बचाव अभियान लगातार जारी रखा जाएगा।
नाव हादसा: 10 शव मिले, 22 लोगों को निकाला गया, 6 लोग अभी भी लापता, राहत बचाव कार्य जारी मथुरा के वृंदावन में माट थाना क्षेत्र के पास यमुना नदी में हुए नाव हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। घटना के बाद से प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी और स्थानीय गोताखोरों की टीमें मौके पर सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह करीब 5:30 बजे से रेस्क्यू
ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था। अब तक नदी से 22 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें से 10 लोगों के शव बरामद हुए हैं। बाकी लोगों को बचाकर बाहर निकाला गया है और कुछ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाव अभियान को तेज करने के लिए कई एजेंसियों की टीमें लगाई गई हैं। एनडीआरएफ की 8 नावें, पीएसी की 3 नावें और एसडीआरएफ की टीमें नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। इसके अलावा करीब 120
स्थानीय गोताखोरों को भी खोज अभियान में लगाया गया है। सभी टीमें मिलकर नदी में करीब 14 किलोमीटर तक के क्षेत्र में तलाश कर रही हैं, ताकि किसी भी लापता व्यक्ति को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके। इस दौरान मीडिया द्वारा जब एसपी देहात से पूछा गया कि पीड़ित परिवार के लोग 6 लोगों के लापता होने की बात कह रहे हैं, जबकि प्रशासन अलग संख्या बता रहा है, तो उन्होंने कहा कि अभी सर्च ऑपरेशन जारी है और सही संख्या की
पुष्टि फिलहाल नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि हादसे में घायल कुछ लोगों को प्राइवेट अस्पतालों और आसपास के अन्य अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है। ऐसे में सभी अस्पतालों से जानकारी जुटाने और पूरी काउंटिंग करने के बाद ही स्पष्ट रूप से बताया जा सकेगा कि कितने लोग लापता हैं या कितने सुरक्षित हैं। प्रशासन का कहना है कि जब तक सभी लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक राहत और बचाव अभियान लगातार जारी रखा जाएगा।
- Post by RPR NEWS TV1
- मथुरा जनपद के छाता क्षेत्र अंतर्गत दोताना गांव में एक मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें महिलाओं समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव और भय का माहौल व्याप्त है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद के दौरान महिलाओं को भी निशाना बनाया गया। घायल महिलाओं में कुन्ती, मीरा (लड़की) और मंजू शामिल हैं। बताया जा रहा है कि मारपीट के दौरान मंजू के कपड़े तक फट गए, जिससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।वहीं घायल पुरुषों में घमंडी, जयनारायण और सतीश के नाम सामने आए हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।सूत्रों के मुताबिक, यह विवाद दोताना गांव और गौहरी गांव के लोगों के बीच हुआ। गौहरी गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे थे, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और स्थिति बेकाबू हो गई।घटना के दौरान हमलावरों ने पांच मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल किया, जिनमें तीन एचएफ डीलक्स, एक स्प्लेंडर और एक प्लैटिना बाइक शामिल हैं। हैरानी की बात यह रही कि इन सभी बाइकों पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी, जिससे आरोपियों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की तलाश जारी है।घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन से गांव में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।2
- वृन्दावन मृदुल कृष्ण शास्त्री की गाड़ी में मारी टक्कर विरोध करने पर दिल्ली नंबर गाड़ी के श्रद्धालुओं ने की मृदुल कृष्ण शास्त्री के साथ मारपीट1
- Post by Subhash Chand1
- Post by Mukesh Agrawal पत्रकार1
- मथुरा (सुरीर): सुरीर थाना परिसर से एक संवेदनशील घटना सामने आई है, जहां एक मोर की अचानक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मोर को संभवतः हार्ट अटैक आया, जिसके बाद वह थाने की बिल्डिंग से नीचे गिर पड़ा। घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत घायल मोर को उठाया और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाने की कोशिश की। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद मोर की जान नहीं बचाई जा सकी।1
- मथुरा के वृंदावन में माट थाना क्षेत्र के पास यमुना नदी में हुए नाव हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। घटना के बाद से प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी और स्थानीय गोताखोरों की टीमें मौके पर सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह करीब 5:30 बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था। अब तक नदी से 22 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें से 10 लोगों के शव बरामद हुए हैं। बाकी लोगों को बचाकर बाहर निकाला गया है और कुछ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाव अभियान को तेज करने के लिए कई एजेंसियों की टीमें लगाई गई हैं। एनडीआरएफ की 8 नावें, पीएसी की 3 नावें और एसडीआरएफ की टीमें नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। इसके अलावा करीब 120 स्थानीय गोताखोरों को भी खोज अभियान में लगाया गया है। सभी टीमें मिलकर नदी में करीब 14 किलोमीटर तक के क्षेत्र में तलाश कर रही हैं, ताकि किसी भी लापता व्यक्ति को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके। इस दौरान मीडिया द्वारा जब एसपी देहात से पूछा गया कि पीड़ित परिवार के लोग 6 लोगों के लापता होने की बात कह रहे हैं, जबकि प्रशासन अलग संख्या बता रहा है, तो उन्होंने कहा कि अभी सर्च ऑपरेशन जारी है और सही संख्या की पुष्टि फिलहाल नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि हादसे में घायल कुछ लोगों को प्राइवेट अस्पतालों और आसपास के अन्य अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है। ऐसे में सभी अस्पतालों से जानकारी जुटाने और पूरी काउंटिंग करने के बाद ही स्पष्ट रूप से बताया जा सकेगा कि कितने लोग लापता हैं या कितने सुरक्षित हैं। प्रशासन का कहना है कि जब तक सभी लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक राहत और बचाव अभियान लगातार जारी रखा जाएगा।4
- Post by RPR NEWS TV1
- Post by Subhash Chand1