जमुई के श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम में भारत सरकार की एडीएफ (Assistance to Disabled Persons) योजना के तहत दिव्यांगजनों के लिए एक वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को संबल प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार की ओर से मदद देना है। कार्यक्रम के दौरान, जिले के कुल 106 दिव्यांग लाभार्थियों को उनकी आवश्यकतानुसार ट्राई साइकिल सहित विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए गए। उपकरण प्राप्त करने के बाद, लाभार्थियों ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि ये उपकरण उनके दैनिक जीवन, आवागमन को सुगम बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में काफी मददगार साबित होंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना, उनकी आवाजाही को आसान बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना था। बड़ी संख्या में लाभार्थी अपने परिजनों के साथ इस कार्यक्रम में पहुंचे, जहाँ निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी को क्रमवार सहायक उपकरण प्रदान किए गए। पटना से आए कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रंजन कुमार ने बताया कि यह वितरण भारत सरकार की एडीएफ योजना के तहत किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को उसकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में अधिक सक्रियता से भाग ले सकें।
जमुई के श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम में भारत सरकार की एडीएफ (Assistance to Disabled Persons) योजना के तहत दिव्यांगजनों के लिए एक वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को संबल प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार की ओर से मदद देना है। कार्यक्रम के दौरान, जिले के कुल 106 दिव्यांग लाभार्थियों को उनकी आवश्यकतानुसार ट्राई साइकिल सहित विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए गए। उपकरण प्राप्त करने के बाद, लाभार्थियों ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि ये उपकरण उनके दैनिक जीवन, आवागमन को सुगम बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में काफी मददगार साबित होंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना, उनकी आवाजाही को आसान बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना था। बड़ी संख्या में लाभार्थी अपने परिजनों के साथ इस कार्यक्रम में पहुंचे, जहाँ निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी को क्रमवार सहायक उपकरण प्रदान किए गए। पटना से आए कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रंजन कुमार ने बताया कि यह वितरण भारत सरकार की एडीएफ योजना के तहत किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को उसकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में अधिक सक्रियता से भाग ले सकें।
- मुख्यमंत्री ने एक 'सहयोग शिविर' में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इस घोषणा के अनुसार, अब निजी वाहनों से किसी भी प्रकार का टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि कॉमर्शियल गाड़ियों पर टोल टैक्स का प्रावधान जारी रहेगा और उनसे कर की वसूली की जाएगी।1
- जमुई के श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम में भारत सरकार की एडीएफ (Assistance to Disabled Persons) योजना के तहत दिव्यांगजनों के लिए एक वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को संबल प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार की ओर से मदद देना है। कार्यक्रम के दौरान, जिले के कुल 106 दिव्यांग लाभार्थियों को उनकी आवश्यकतानुसार ट्राई साइकिल सहित विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए गए। उपकरण प्राप्त करने के बाद, लाभार्थियों ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि ये उपकरण उनके दैनिक जीवन, आवागमन को सुगम बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में काफी मददगार साबित होंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना, उनकी आवाजाही को आसान बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना था। बड़ी संख्या में लाभार्थी अपने परिजनों के साथ इस कार्यक्रम में पहुंचे, जहाँ निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी को क्रमवार सहायक उपकरण प्रदान किए गए। पटना से आए कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रंजन कुमार ने बताया कि यह वितरण भारत सरकार की एडीएफ योजना के तहत किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को उसकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में अधिक सक्रियता से भाग ले सकें।1
- जमुई जिले के खैरा प्रखंड की अरुणमाबांक पंचायत में मंगलवार को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुँचाना और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान करना था। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग स्टॉल लगाए गए, जहाँ ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएँ रखीं। राशन, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, कल्याण और अन्य विभागों से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से सुना गया। कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के जल्द हल का भरोसा दिया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों को आवेदन की प्रक्रिया समझाते हुए योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर नोडल विकास पदाधिकारी सुभाष कुमार, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सुशील कुमार, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी राजेश कुमार, सीडीपीओ प्रेरणा कुमारी, राजस्व पदाधिकारी शिवशंकर राय, राजस्व कर्मचारी नीरज कुमार, पंचायत की मुखिया फूलमती देवी, सरपंच सविता देवी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। ग्रामीणों ने ऐसे शिविरों को उपयोगी बताया और भविष्य में भी इन्हें नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।1
- परिवहन विभाग द्वारा की गई कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह सवाल है कि यदि विभाग कार्रवाई कर रहा है, तो फिर प्राइवेट गाड़ी और बिना वर्दी तथा नेम प्लेट वाले ट्रेक्टर मालिक पर कार्रवाई क्यों की गई।1
- जमुई शहर के थाना चौक स्थित एक चप्पल की दुकान में बिजली का कनेक्शन ठीक करने के दौरान 26 वर्षीय मो. अमीर अंसारी की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद उन्हें आनन-फानन में जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने जाँच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, मो. अमीर अंसारी अपनी दुकान में बिजली का कनेक्शन सुधार रहे थे, तभी वे तेज करंट की चपेट में आ गए और तार से चिपक गए। आसपास मौजूद लोगों ने बिजली की आपूर्ति बंद करके उन्हें तार से अलग किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर टाउन थाना पुलिस अस्पताल पहुँची और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी कीं। हालांकि, परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। इस दुखद घटना के मद्देनजर, यह सुरक्षा संदेश दिया गया है कि बिजली से जुड़ा कोई भी कार्य करने से पहले मुख्य बिजली आपूर्ति को अवश्य बंद करें। यदि तकनीकी जानकारी न हो तो प्रशिक्षित बिजली मिस्त्री की सहायता लेना ही बुद्धिमानी है, क्योंकि थोड़ी सी सावधानी जीवन बचा सकती है।1
- कांग्रेस नेता दिवाकर सिंह ने बीजेपी के नेताओं की कार्यशैली पर तीखे राजनीतिक हमले करते हुए बड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बीजेपी नेताओं के कामकाज के तरीके पर स्पष्ट रूप से प्रश्नचिह्न लगाया है।1
- जमुई जिले के सोनो थाना क्षेत्र के सोनो गांव में सोमवार देर शाम एक युवक ने घरेलू विवाद से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान सोनो गांव निवासी ब्रह्मदेव पासवान के 23 वर्षीय पुत्र राहुल पासवान के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के बड़े भाई मिट्ठू पासवान ने बताया कि राहुल की शादी वर्ष 2024 में बटिया गांव निवासी जानकी देवी से हुई थी, लेकिन पिछले करीब छह महीने से उसकी पत्नी अपने मायके बटिया गांव में रह रही थी। राहुल कई बार उसे वापस लाने गया, लेकिन वह ससुराल लौटने को तैयार नहीं हुई, जिस कारण वह लगातार मानसिक तनाव में था। परिजनों के अनुसार, दो दिन पहले भी राहुल अपनी पत्नी को लाने बटिया गांव गया था, पर वह नहीं आई। इसके बाद परिवार वालों ने उसे समझाया और दो दिन बाद पंचायत के माध्यम से मामला सुलझाने का आश्वासन भी दिया था। बावजूद इसके राहुल तनाव से उबर नहीं सका। सोमवार की देर शाम जब मिट्ठू पासवान काम से घर लौटे तो उन्होंने अपने बेटे को राहुल को बुलाने उसके कमरे में भेजा। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब न मिलने पर संदेह हुआ। खिड़की से झांकने पर राहुल फंदे से लटका मिला, जिससे परिवार में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही सोनो थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। राहुल की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।1
- जमुई के वरिष्ठ अधिवक्ता रूपेश सिंह ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि देश 20 लाख लोगों की शहादत के बाद ही आजाद हुआ था। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश किसी की व्यक्तिगत बपौती नहीं है।1