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मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित बल्लू टी स्टॉल अपने बेहतरीन सेवा भाव के लिए सुर्खियाँ बटोर रहा है। हाल ही में इस मशहूर टी स्टॉल का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें ग्राहकों के प्रति इसके आत्मीय सेवाभाव को दिखाया गया है, जिसकी वजह से यह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित बल्लू टी स्टॉल अपने बेहतरीन सेवा भाव के लिए सुर्खियाँ बटोर रहा है। हाल ही में इस मशहूर टी स्टॉल का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें ग्राहकों के प्रति इसके आत्मीय सेवाभाव को दिखाया गया है, जिसकी वजह से यह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
More news from Sheopur and nearby areas
- मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित बल्लू टी स्टॉल अपने बेहतरीन सेवा भाव के लिए सुर्खियाँ बटोर रहा है। हाल ही में इस मशहूर टी स्टॉल का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें ग्राहकों के प्रति इसके आत्मीय सेवाभाव को दिखाया गया है, जिसकी वजह से यह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।1
- ग्राम पंचायत कुठघन में शांति देवी कॉलेज से लेकर जेल वाले मंदिर तक की सड़क और अन्य गलियों में पिछले तीन सालों से कोई सफाई नहीं हुई है। इसके कारण सड़कों पर पानी भरा रहता है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने में और आम जनता को निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, नालियों की सफाई भी दो सालों से नहीं की गई है, जिस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन आरोप है कि किसी भी अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।3
- सरमथुरा उपखंड क्षेत्र के ददरोनी गांव में आज शनिवार को भागवत कथा का विधि-विधान से समापन हुआ। इस पावन अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों सहित दूर-दराज से पधारे करीब पंद्रह से बीस हजार भक्तों ने श्रद्धापूर्वक प्रसादी ग्रहण की। भंडारे में प्रसादी परोसने और व्यवस्था बनाने में शीतलपुरा, बरई पुरा, पारे का पुरा सहित अन्य गांवों के ग्रामीणों का विशेष और अहम योगदान रहा। इस दौरान परीक्षित रामनाथ सिंह जादोंन, गोपाल स्वामी, लज्जाराम, नारायण सिंह, प्रताप सिंह, बासुदेव सिंह सहित बड़ी संख्या में भक्त गण उपस्थित रहे। कथा वाचक ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि भागवत कथा के प्रसाद को ग्रहण करने से प्राणी के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।3
- बाड़ी नगर पालिका के ईओ शरीफ पठान, निखिल यादव और कान्हा शर्मा ने नगर पालिका की टीम और ग्राम वासियों के सहयोग से 'इसे' निकालने में सफलता हासिल की।1
- सूरोठ के गांव ढिंढोरा में जाट समाज चौबीसा की नवनियुक्त कार्यकारिणी के लिए आम बस्ती द्वारा एक स्वागत-सत्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शनिवार दोपहर 1 बजे स्थानीय निवासी और जाट समाज चौबीसा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजय तिलंगा तथा महामंत्री नरेंद्र पौंछड़ी ने बताया कि बैठक के मुख्य बिंदुओं में नशामुक्त समाज का निर्माण और शिक्षा के प्रति जन जागरूकता को बढ़ावा देना शामिल रहा, साथ ही सामाजिक कुरीतियों के निवारण पर भी गहन चर्चा की गई। इस अवसर पर अध्यक्ष रामेश्वर चिनायटा, कोषाध्यक्ष राधे हुक्मीखेड़ा, उपाध्यक्ष गोपाल खरेटा, प्रवक्ता उधम शेरपुर, उपाध्यक्ष कल्याण, मीडिया प्रभारी चरणसिंह डागुर ढिंढोरा सहित करण प्रधान जगदीश, कामराज, विजय सिंह, समय, मनोज सरपंच, मायाराम, और रंगीलाल भरतलाल ढिंढोरा जैसे अनेक लोग उपस्थित रहे। जाट समाज चौबीसा की ढिंढोरा में आयोजित इस बैठक में नवनियुक्त कार्यकारिणी का भव्य स्वागत किया गया।1
- टोंक-सवाई माधोपुर के सांसद हरीश चंद्र मीना ने खंडीप में आयोजित किसान महापंचायत में पहुंचकर पांचना बांध के पानी को नहरों के माध्यम से कमांड एरिया के गांवों तक पहुंचाने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में भाईचारा, अमन और शांति हर हाल में कायम रहनी चाहिए और राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार किसानों को उनके हक का पानी मिलना चाहिए। सांसद मीना ने कमांड एरिया के किसानों के लिए 20 वर्षों के 'वनवास' को समाप्त करने और उन्हें उनका अधिकार दिलाने की बात कही। सांसद मीना ने स्पष्ट किया कि पांचना बांध एक सार्वजनिक संपत्ति है जिस पर सभी किसानों का समान अधिकार है। उन्होंने किसी भी वर्ग विशेष द्वारा उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने और सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा करने के प्रयास को संविधान की भावना के विपरीत बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी सरकार या प्रशासन को किसानों की शराफत और संयम को उनकी कमजोरी नहीं समझना चाहिए, क्योंकि किसान लंबे समय से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं और उनकी जायज मांगों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने किसानों से आपसी सौहार्द और भाईचारे को बनाए रखते हुए एकजुट रहने का आह्वान किया और विश्वास दिलाया कि वे किसानों के अधिकारों की लड़ाई में हर स्तर पर उनके साथ खड़े रहेंगे। महापंचायत में विधायक रामकेश मीना सहित बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण और विभिन्न गांवों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिससे यह आंदोलन और मजबूत हुआ। इस दौरान सांसद हरीश चंद्र मीना ने मीडिया से बात करते हुए देश के वर्तमान माहौल पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जाति-पाति के नाम पर वोट मांगे जा रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने प्रत्येक जाति के वोटों का सम्मान करने की बात कही, भले ही वे संख्या में कम हों। सांसद मीना ने आरोप लगाया कि आज देश में एक अलग प्रकार का माहौल है, जहां समुदाय विशेष के वोट काटे जा रहे हैं और उनके धार्मिक स्थल तोड़े जा रहे हैं, जिससे 'बुलडोजर सरकार' का बोलबाला दिख रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नेता, सरकार, मीडिया और न्यायपालिका की निष्पक्षता पर उठ रहे इन सवालों को गंभीरता से नहीं देखा गया, तो सब कुछ खत्म हो जाएगा।3
- श्योपुर के पाली रोड क्षेत्र में ग्रामीण अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर-दूर से पानी भरने को मजबूर हैं, जहाँ वे मोटरसाइकिल के हैंडल पर पानी के डिब्बे टांगकर लाते हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि पानी जीवन का आधार होने के बावजूद, देश के कई ग्रामीण इलाकों में आज भी लोगों को जल संकट के कारण रोजाना कड़ी मेहनत करके लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ता है। इस कठिन संघर्ष को देखते हुए, बल्लू टी स्टॉल, फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश ने उन सभी मेहनती भाइयों और बहनों को सलाम किया है, जो ऐसी परिस्थितियों में भी अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। बल्लू टी स्टॉल ने अपने संदेश में पानी की हर बूंद का महत्व समझने, जल बचाने और दूसरों को भी जल संरक्षण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया है। इस अपील के साथ यह भी कहा गया है कि "पानी है तो कल है, हर बूंद अनमोल है"। यह संदेश बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर की ओर से 'सेवा करते हुए' दिया गया है।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा स्थित हुलासपुरा गांव में 13 जून को बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण 20 वर्षीय अमित कुमार मीणा गंभीर रूप से झुलस गए। अमित एक गरीब किसान एवं मजदूर परिवार से आते हैं, और इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है, जिसके चलते ग्रामीण दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, बिजली लाइन पर काम करने के लिए विभाग ने शटडाउन लिया था। आरोप है कि जब अमित कुमार मीणा लाइन के पास काम कर रहे थे, तभी बिना किसी पूर्व सूचना के शटडाउन समाप्त कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, जिससे वे करंट की चपेट में आकर बुरी तरह घायल हो गए। हादसे के बाद परिजन और ग्रामीण अमित को तुरंत सरमथुरा अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद, उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें करौली जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वर्तमान में अमित कुमार मीणा का करौली अस्पताल में इलाज जारी है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। अमित कुमार मीणा एक गरीब किसान और मजदूर लालाराम मीणा के बेटे हैं, और उनका परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। इस हादसे ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है, जिससे परिजन बेहद चिंतित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि यदि शटडाउन प्रक्रिया का ठीक से पालन किया गया होता, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा टाला जा सकता था। लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।1