बरून गांव के एक अनाथ बच्चे की पढ़ाई की जिम्मेवारी अखिलेश कुमार ने लिया। सूर्यपुरा प्रखंड के बारुन गांव से एक भावुक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। एक 07 वर्षीय मासूम सिद्धार्थ पांडे, जिसने कम उम्र में ही माता-पिता दोनों का साया खो दिया,अब बड़े होकर कलक्टर बनने का सपना देख रहा है और उसके इस सपने को साकार करने के लिए शिक्षाविद अखिलेश कुमार ने एक बड़ी जिम्मेदारी उठाई है। मंगलवार को समाजसेवी सुदामा पाण्डेय ने बताया कि सिद्धार्थ के पिता स्व. रवि रंजन पांडे (27 वर्ष), जो स्व. अजय कुमार पांडे के पुत्र थे, का निधन वर्ष 2021 में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान गंभीर बीमारी के कारण हो गया था।इसके बाद बीते 20 मार्च 2026 को उसकी मां संजू देवी का भी निधन असाध्य बीमारी के कारण हो गया।जिससे सिद्धार्थ पूरी तरह अनाथ हो गया। ऐसे कठिन समय में अखिलेश कुमार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए सिद्धार्थ की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली है,उन्होंने पहली कक्षा से लेकर मैट्रिक तक उसकी निशुल्क पढ़ाई , रखने और खिलाने का संकल्प लिया है। अखिलेश कुमार के इस सराहनीय पहल से सिद्धार्थ के जीवन में नई उम्मीद जगी है। अब वह पूरे आत्मविश्वास के साथ कहता है कि वह बड़ा होकर कलक्टर बनेगा और अपने माता-पिता का नाम रोशन करेगा। यह पहल न केवल एक बच्चे के भविष्य को संवारने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है, मौके पर ज्ञान विकास फाउंडेशन के अध्यक्ष सुदामा पांडे, सरपंच शिवयश भगत, बचन चौबे, संजय पांडे, लवकुश सिंह, विनय सिंह, सोनू सिंह, बिरेंद्र लाल, बीरेंद्र शर्मा, मनोज कुमार सिंह,मुकेश सिंह , राजेश पासवान, मुकेश वर्मा मौजूद थे।
बरून गांव के एक अनाथ बच्चे की पढ़ाई की जिम्मेवारी अखिलेश कुमार ने लिया। सूर्यपुरा प्रखंड के बारुन गांव से एक भावुक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। एक 07 वर्षीय मासूम सिद्धार्थ पांडे, जिसने कम उम्र में ही माता-पिता दोनों का साया खो दिया,अब बड़े होकर कलक्टर बनने का सपना देख रहा है और उसके इस सपने को साकार करने के लिए शिक्षाविद अखिलेश कुमार ने एक बड़ी जिम्मेदारी उठाई है। मंगलवार को समाजसेवी सुदामा पाण्डेय ने बताया कि सिद्धार्थ के पिता स्व. रवि रंजन पांडे (27 वर्ष), जो स्व. अजय कुमार पांडे के पुत्र थे, का निधन वर्ष 2021 में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान गंभीर बीमारी के कारण हो गया था।इसके बाद बीते 20 मार्च 2026 को उसकी मां संजू देवी का भी निधन असाध्य बीमारी के कारण हो गया।जिससे सिद्धार्थ पूरी तरह अनाथ हो गया। ऐसे कठिन समय में अखिलेश कुमार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए सिद्धार्थ की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली है,उन्होंने पहली कक्षा से लेकर मैट्रिक तक उसकी निशुल्क पढ़ाई , रखने और खिलाने का संकल्प लिया है। अखिलेश कुमार के इस सराहनीय पहल से सिद्धार्थ के जीवन में नई उम्मीद जगी है। अब वह पूरे आत्मविश्वास के साथ कहता है कि वह बड़ा होकर कलक्टर बनेगा और अपने माता-पिता का नाम रोशन करेगा। यह पहल न केवल एक बच्चे के भविष्य को संवारने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है, मौके पर ज्ञान विकास फाउंडेशन के अध्यक्ष सुदामा पांडे, सरपंच शिवयश भगत, बचन चौबे, संजय पांडे, लवकुश सिंह, विनय सिंह, सोनू सिंह, बिरेंद्र लाल, बीरेंद्र शर्मा, मनोज कुमार सिंह,मुकेश सिंह , राजेश पासवान, मुकेश वर्मा मौजूद थे।
- सूर्यपुरा प्रखंड के बारुन गांव से एक भावुक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। एक 07 वर्षीय मासूम सिद्धार्थ पांडे, जिसने कम उम्र में ही माता-पिता दोनों का साया खो दिया,अब बड़े होकर कलक्टर बनने का सपना देख रहा है और उसके इस सपने को साकार करने के लिए शिक्षाविद अखिलेश कुमार ने एक बड़ी जिम्मेदारी उठाई है। मंगलवार को समाजसेवी सुदामा पाण्डेय ने बताया कि सिद्धार्थ के पिता स्व. रवि रंजन पांडे (27 वर्ष), जो स्व. अजय कुमार पांडे के पुत्र थे, का निधन वर्ष 2021 में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान गंभीर बीमारी के कारण हो गया था।इसके बाद बीते 20 मार्च 2026 को उसकी मां संजू देवी का भी निधन असाध्य बीमारी के कारण हो गया।जिससे सिद्धार्थ पूरी तरह अनाथ हो गया। ऐसे कठिन समय में अखिलेश कुमार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए सिद्धार्थ की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली है,उन्होंने पहली कक्षा से लेकर मैट्रिक तक उसकी निशुल्क पढ़ाई , रखने और खिलाने का संकल्प लिया है। अखिलेश कुमार के इस सराहनीय पहल से सिद्धार्थ के जीवन में नई उम्मीद जगी है। अब वह पूरे आत्मविश्वास के साथ कहता है कि वह बड़ा होकर कलक्टर बनेगा और अपने माता-पिता का नाम रोशन करेगा। यह पहल न केवल एक बच्चे के भविष्य को संवारने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है, मौके पर ज्ञान विकास फाउंडेशन के अध्यक्ष सुदामा पांडे, सरपंच शिवयश भगत, बचन चौबे, संजय पांडे, लवकुश सिंह, विनय सिंह, सोनू सिंह, बिरेंद्र लाल, बीरेंद्र शर्मा, मनोज कुमार सिंह,मुकेश सिंह , राजेश पासवान, मुकेश वर्मा मौजूद थे।1
- रोहतास पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय अपराधी गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में 16 आपराधिक कांडों का उद्वेदन हुआ है, जबकि 19 मामलों में इनकी संलिप्तता पाई गई है। एसपी रौशन कुमार ने नगर थाना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह गिरोह लंबे समय से शाहाबाद क्षेत्र में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य मोबाइल झपटमारी, ट्रक से लूटपाट, चोरी और छिनैती जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। उन्होंने बताया कि गिरोह के लगभग 160 से अधिक सदस्यों की पहचान पुलिस द्वारा की जा चुकी है। ये अपराधी सासाराम समेत अन्य शहरों में किराए के मकानों में रहकर घटनाओं को अंजाम देते थे। बीते नवरात्रि के दौरान पुलिस गश्ती के क्रम में नवरत्न बाजार से दो संदिग्धों को पकड़ा गया था। पूछताछ और जांच के दौरान पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने सात अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो की गिरफ्तारी भभुआ जिले से हुई है। अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।4
- कशिश न्यूज़ पति की निर्मम हत्या के बाद डिप्रेशन में आई पत्नी ने अपने दो नन्हे मुन्ने बच्चे के साथ आत्महत्या का किया प्रयास अगरेर थाना के बाराडीह की बरदात एंकर राकेश के साथ रोहतास अपडेट1
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- रोहतास जिले के सासाराम मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बाराडीह गांव से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक विधवा महिला ने अपने दो मासूम बच्चों के साथ जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की।इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार रेशमा खातून ने अपनी बेटी तैयबा और बेटे हमजद के साथ घर के अंदर जहरीला पदार्थ खा लिया। देर शाम तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई, दरवाजा खोलने पर तीनों अचेत अवस्था में मिले और उनके मुंह से झाग निकल रहा था। आनन-फानन में परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया। बताया जाता है कि 24 मार्च को महिला के पति हसन रज्जा की मुरादाबाद गांव में जमीन विवाद को लेकर दिनदहाड़े बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें हमलावर उन्हें लाठी-डंडों से पीटने के बाद रस्सी से बांधकर सड़क पर घसीटते नजर आए थे। पति की इस दर्दनाक मौत के बाद से महिला गहरे सदमे में थी और किसी से बातचीत नहीं कर रही थी। परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस ने समय रहते आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की होती तो शायद यह घटना नहीं होती। फिलहाल गांव में मातम और तनाव का माहौल है, पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और अस्पताल में तीनों की जिंदगी बचाने की कोशिश जारी है।1
- इस वीडियो को आप लोग ज्यादा से ज्यादा शेयर करे भाई को सपोर्ट करे ताकि आप का भाई का नाम बिहार में रोशन हो आप लोग के ही प्यार से 🙏🙏🙏1
- कशिश न्यूज़ एंकर सुष्मिता के साथ रोहतास जिले की खबर पति की निर्मम हत्या के बाद डिप्रेशन में ए पत्नी ने नन्हे मुन्ने दो बच्चे के साथ आत्महत्या का किया प्रयास अगरेर थाना क्षेत्र के बाराडीह की बरदात1