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बाराबंकी जिले के रामनगर थाना क्षेत्र के कटियारा गांव में जितेंद्र चौहान नामक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर रास्ता जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच भीषण झड़प हो गई, जिसमें ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। पथराव के कारण रामनगर थाना प्रभारी (SHO) अरुण प्रताप सिंह घायल होकर बेहोश हो गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दरोगा और सिपाही अपनी जान बचाकर भागने को मजबूर हुए, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को घटनास्थल से पीछे हटना पड़ा।
आशीष कुमार मिश्रा
बाराबंकी जिले के रामनगर थाना क्षेत्र के कटियारा गांव में जितेंद्र चौहान नामक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर रास्ता जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच भीषण झड़प हो गई, जिसमें ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। पथराव के कारण रामनगर थाना प्रभारी (SHO) अरुण प्रताप सिंह घायल होकर बेहोश हो गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दरोगा और सिपाही अपनी जान बचाकर भागने को मजबूर हुए, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को घटनास्थल से पीछे हटना पड़ा।
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- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में एक पारिवारिक विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, जहाँ 29 जून की शाम अधिवक्ता प्रशांत कुमार चतुर्वेदी पर जानलेवा हमला किया गया। हमले में अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी पत्नी रोमी चतुर्वेदी ने ससुराल पक्ष के पाँच लोगों पर मारपीट, छेड़छाड़ तथा जेवर छीनने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता रोमी चतुर्वेदी के अनुसार, उनके पति प्रशांत कुमार चतुर्वेदी के घर पहुँचते ही ससुर शेषनाथ चौबे, सास मनोरमा देवी, ननद प्रज्ञा चतुर्वेदी, अमित पाण्डेय और आनंद पाण्डेय ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से उन पर हमला कर दिया, जिससे अधिवक्ता बेहोश हो गए। रोमी चतुर्वेदी का आरोप है कि पति को बचाने के दौरान उनके साथ भी मारपीट और छेड़छाड़ की गई, साथ ही उनके गले से सोने की चेन और हाथ की अंगूठी भी छीन ली गई। घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 और चौबेपुर पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नरपतपुर ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ से अधिवक्ता प्रशांत कुमार चतुर्वेदी की गंभीर हालत देखते हुए उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। चौबेपुर पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में पाँच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जाँच की जा रही है, जिसके बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- वाराणसी में एक पारिवारिक विवाद के चलते एक अधिवक्ता पर जानलेवा हमला किया गया है। इस घटना को लेकर अधिवक्ता की पत्नी ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्नी का दावा है कि ससुराल पक्ष के सदस्यों ने उनके साथ मारपीट की, छेड़छाड़ की और लूटपाट की भी वारदात को अंजाम दिया।1
- स्वर्वेद महामंदिर धाम में कबीर प्राकट्य महोत्सव का आयोजन आध्यात्मिक उल्लास और भव्यता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस महोत्सव ने धाम को एक विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान दिलाई।1
- सोनभद्र के मांची थाना क्षेत्र में भारी वर्षा के दौरान पहाड़ से पड़वा नाला में अचानक अत्यधिक जलप्रवाह हो जाने के कारण तीन व्यक्ति बह गए। इस घटना में, एक व्यक्ति को सकुशल बचा लिया गया है और एक अन्य व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया है। वहीं, तीसरे व्यक्ति की तलाश की जा रही है। उक्त घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर, सोनभद्र राज सोनकर ने जानकारी दी है।1
- चंदौली के डीडीयू नगर में अतिक्रमण हटाओ अभियान और संभावित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर एक बार फिर से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। शहर के व्यापारी, दुकानदार और आम नागरिक यह जानना चाहते हैं कि प्रशासन की आगे की रणनीति क्या है, लेकिन अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई भी स्पष्ट और सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है। न तो यह बताया जा रहा है कि किन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई होगी और न ही यह स्पष्ट किया जा रहा है कि किन नियमों के आधार पर नोटिस या अभियान चलाया जाएगा। इस अनिश्चितता के चलते लोगों के बीच तरह-तरह की आशंकाएं और चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोग जानना चाहते हैं कि क्या डीडीयू नगर में फिर से बुलडोजर चलेगा, क्या व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर दोबारा कार्रवाई होगी, और क्या सभी के लिए एक जैसे नियम लागू होंगे या अभियान केवल चुनिंदा जगहों पर ही चलेगा। प्रशासन जब तक आधिकारिक रूप से स्थिति स्पष्ट नहीं करता, तब तक किसी भी संभावित कार्रवाई को लेकर केवल अटकलें ही लगाई जा सकती हैं। ऐसे समय में प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह पूरी पारदर्शिता के साथ नियमों और प्रस्तावित कार्रवाई की जानकारी जनता के सामने रखे, ताकि किसी भी तरह के भ्रम की स्थिति न बने।1
- जनपद मिर्जापुर में भारी वर्षा और तेज़ हवाओं के कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PuVVNL) की टीमें क्षेत्र में लगातार काम कर रही हैं। यह बताया गया है कि मौसम अनुकूल होते ही विद्युत आपूर्ति को शीघ्र और सुरक्षित तरीके से बहाल कर दिया जाएगा। जनहित में जारी इस सूचना में लोगों से धैर्य बनाए रखने, विद्युत लाइनों और खंभों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और किसी भी विद्युत संबंधी समस्या की जानकारी संबंधित हेल्पलाइन या स्थानीय विद्युत कार्यालय को देने का अनुरोध किया गया है।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के धौरहरा-हरिहरपुर में चल रहे श्री शतचंडी महायज्ञ के सातवें दिवस पर श्री श्री योगी रामानंद दास जी महाराज ने महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वर्तमान समय में समस्त मानवता का भविष्य केवल सनातन धर्म में ही सुरक्षित है। महाराज ने चेतावनी दी कि सनातन धर्म को समाप्त करने का कोई भी प्रयास समाज के लिए विनाशकारी सिद्ध होगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 'दुःख की उपासना' को भी घातक बताया।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के धौरहरा-हरिहरपुर में आयोजित श्री शतचंडी महायज्ञ के सातवें दिवस पर श्री श्री योगी रामानंद दास जी महाराज ने महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान समय में समस्त मानवता का भविष्य सनातन धर्म में ही सुरक्षित है और सनातन को समाप्त करने का कोई भी प्रयास समाज के लिए विनाशकारी सिद्ध होगा। योगी रामानंद दास जी महाराज ने सनातन के मूल भाव को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसकी आत्मा 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' की भावना में निहित है, जिसका अर्थ है सभी के मंगल की कामना करना। उन्होंने बताया कि शक्ति, सत्य और शाश्वत तत्व की उपासना ही जीवन को सार्थक बनाती है। महाराज जी के अनुसार, जो व्यक्ति आनंद की उपासना करता है, वह समाज के लिए समस्या नहीं बल्कि समाधान प्रस्तुत करता है। हालांकि, उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज संसार में आनंद की नहीं, बल्कि दुःख की उपासना हो रही है, जिसके कारण चारों ओर अशांति और तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक जीवन अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर महंत रामलोचन दास जी महाराज, महंत गणेश दास जी महाराज, रामदास जी महाराज, महंत रामरूप दास जी महाराज, महंत सियाराम दास जी महाराज, काशी के महामंडलेश्वर श्री भगवान दास जी महाराज, राजस्थान के श्री श्रमण दास जी महाराज, श्री गोविंद दास जी महाराज, रामेश्वर दास जी महाराज और श्री राघव दास जी महाराज सहित अनेक संत-महात्मा तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- श्री श्री योगी रामानंद दास ने सनातन धर्म के महत्व और आनंद की उपासना पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि सनातन ही सभी के भविष्य का आधार है, और जीवन की समस्याओं का समाधान आनंद की उपासना में ही निहित है।1