इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र स्थित एमआर 4 रोड पर हुई कैंटीन संचालक विशाल उर्फ नानू वर्मा हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले एक नाबालिग और उसके साथी सुमित पिता शिवलाल अहिरवार, दोनों निवासी भगतसिंह नगर, को गिरफ्तार कर लिया है। एडिशनल डीसीपी के अनुसार, 19 जून की रात को विशाल उर्फ नानू पर दो लोगों ने चाकुओं से हमला किया था, जिसमें विशाल ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मृतक विशाल के साथ उनका लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग के ठेके को लेकर विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन जब यह विवाद बढ़ा, तो सुमित ने विशाल उर्फ नानू को पकड़ लिया और नाबालिग ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले, जिनमें दो आरोपी विशाल पर हमला करते हुए कैद हो गए थे। फुटेज के आधार पर गठित टीमों ने चंद घंटों के भीतर ही नाबालिग और उसके साथी सुमित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी आरोपियों से बरामद कर लिया है।
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र स्थित एमआर 4 रोड पर हुई कैंटीन संचालक विशाल उर्फ नानू वर्मा हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले एक नाबालिग और उसके साथी सुमित पिता शिवलाल अहिरवार, दोनों निवासी भगतसिंह नगर, को गिरफ्तार कर लिया है। एडिशनल डीसीपी के अनुसार, 19 जून की रात को विशाल उर्फ नानू पर दो लोगों ने चाकुओं से हमला किया था, जिसमें विशाल ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मृतक विशाल के साथ उनका लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग के ठेके को लेकर विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन जब यह विवाद बढ़ा, तो सुमित ने विशाल उर्फ नानू को पकड़ लिया और नाबालिग ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले, जिनमें दो आरोपी विशाल पर हमला करते हुए कैद हो गए थे। फुटेज के आधार पर गठित टीमों ने चंद घंटों के भीतर ही नाबालिग और उसके साथी सुमित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी आरोपियों से बरामद कर लिया है।
- इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र स्थित एमआर 4 रोड पर हुई कैंटीन संचालक विशाल उर्फ नानू वर्मा हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले एक नाबालिग और उसके साथी सुमित पिता शिवलाल अहिरवार, दोनों निवासी भगतसिंह नगर, को गिरफ्तार कर लिया है। एडिशनल डीसीपी के अनुसार, 19 जून की रात को विशाल उर्फ नानू पर दो लोगों ने चाकुओं से हमला किया था, जिसमें विशाल ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मृतक विशाल के साथ उनका लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग के ठेके को लेकर विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन जब यह विवाद बढ़ा, तो सुमित ने विशाल उर्फ नानू को पकड़ लिया और नाबालिग ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले, जिनमें दो आरोपी विशाल पर हमला करते हुए कैद हो गए थे। फुटेज के आधार पर गठित टीमों ने चंद घंटों के भीतर ही नाबालिग और उसके साथी सुमित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी आरोपियों से बरामद कर लिया है।1
- इंदौर जिला कोर्ट में अभिभाषक संघ के चुनाव का आरंभ हो चुका है, जिसके तहत उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र जमा करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में, इंदौर के एक बहुत चर्चित और हसमुख अभिभाषक रोहित दातरे ने भी अपने साथियों के साथ निर्वाचन अधिकारी के समक्ष पहुंचकर अपना नामांकन जमा कराया है। वे अपने करियर का तीसरा चुनाव लड़ने जा रहे हैं और इस बार सचिव पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। इससे पहले, रोहित दातरे ने सह सचिव पद पर अभिभाषक संघ का चुनाव लड़ा था और उसमें विजयी रहे थे। उनका पहला चुनाव कार्यकारिणी सदस्यों के लिए था, जिसमें उन्होंने रिकॉर्ड तोड़ मतों से जीत हासिल कर अपना नाम दर्ज कराया था। इस बार भी उन्हें इंदौर जिला कोर्ट के लगभग सभी वकीलों का भारी समर्थन मिल रहा है, और अधिकतर वकीलों ने उन्हें अपना मत देने का निश्चय कर लिया है। उनके सरल और हसमुख स्वभाव के कारण हर कोई उनका सम्मान करता है; जूनियर हो या सीनियर, सभी वकील उनसे मिलनसारिता से बात करते हैं और उनका हर टेबल पर परिचय है। कई सीनियर वकीलों ने तो उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए अपने सभी संपर्कों को साधना भी शुरू कर दिया है, और उम्मीद है कि इस बार भी वे यह चुनाव जीत सकते हैं।2
- इंदौर पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। इंदौर पुलिस कमिश्नर श्री संतोष सिंह के निर्देश पर शहर में अपराधियों के हौसले पस्त करने और गंभीर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाई जा रही सख्त मुहिम के तहत, हीरानगर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर तीन फरार आरोपियों को उज्जैन से गिरफ्तार किया। मिली जानकारी के अनुसार, घटना को अंजाम देने के बाद ये तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना हीरानगर की एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने आधुनिक तकनीक और पारंपरिक पुलिसिंग का बेहतरीन तालमेल बिठाते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। आरोपियों का लगातार पीछा करते हुए पुलिस ने अंततः उज्जैन में घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा। इस त्वरित और सफल कार्रवाई को पुलिस उपायुक्त श्री अभिषेक रंजन, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री ओम प्रकाश और एसीपी हीरानगर श्रीमती रुबिना मिजवानी के कुशल मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। ग्राउंड पर इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व हीरानगर थाना प्रभारी श्री सुशील पटेल ने किया।1
- नव चेतन पार्टी ने लोगों का स्वागत किया है। यह पार्टी की ओर से दिया गया एक आमंत्रण है।1
- मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में गर्ल्स कॉलेज परीक्षा केंद्र पर आयोजित री-NEET परीक्षा के दौरान तीन छात्राएं परीक्षा देने से वंचित रह गईं। इन छात्राओं को अलग-अलग कारणों से परीक्षा में शामिल नहीं किया जा सका। जानकारी के अनुसार, स्नेहा दुबे और रागिनी विश्वकर्मा नामक दो छात्राएं निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के लगभग दो मिनट बाद परीक्षा केंद्र पहुँचीं। नोडल अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद उन्हें केंद्र के अंदर तो जाने दिया गया, लेकिन बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पाने के कारण वे परीक्षा में शामिल नहीं हो पाईं। वहीं, अक्षता श्रीवास्तव नामक एक अन्य छात्रा पुराने परीक्षा के एडमिट कार्ड के साथ परीक्षा केंद्र पर पहुँची थी। इस कारण उनका प्रवेश मान्य नहीं किया गया और वह भी परीक्षा देने से रह गईं।1
- मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री और सीनियर बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंदौर विधानसभा-1 के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यदि कुछ लोग उन्हें 'काफिर' कहते हैं, तो उन्हें सरकार द्वारा बनाई गई सड़कों और लाड़ली बहना जैसी योजनाओं का लाभ नहीं लेना चाहिए। विजयवर्गीय ने इंदौर में मंच से कहा कि जब यहां सड़क बन रही है, तो यहां हिंदू और मुस्लिम दोनों भाई रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मुस्लिम भाई उन्हें 'काफिर' कहते हैं। इसी पर उन्होंने चुनौती दी कि अगर वे 'काफिर' हैं, तो उनकी बनाई सड़क पर न चलें। साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर 'काफिर' होने के बावजूद लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना का पैसा उनके घरों में आ रहा है, तो वे उसे भी न लें। कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' ही उनकी नीति रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही जनता उन्हें वोट दे या न दे, उनका काम जनता की सेवा करना है, हालांकि वोट मिलने पर वे 'ज्यादा दिल लगाकर काम करेंगे'। इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने विपक्ष और अपने आलोचकों पर तीखा निशाना साधा। उनके इस 'काफिर' वाले बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में जमकर चर्चा और बवाल हो रहा है।1
- इंदौर शहर में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे पुलिस कमिश्नरेट के अभियान के तहत, तिलक नगर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस उपायुक्त (DCP) जोन 2 श्री अमन सिंह राठौड़ और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (Addl. DCP) श्री अमरेंद्र सिंह के कुशल निर्देशन में टीम ने ब्रजेश्वरी एक्सटेंशन में हुई चोरी का चंद घंटों में खुलासा करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी के जेवरात और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। चोरी की घटना के बाद, तिलक नगर पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की जिसने तत्परता दिखाते हुए घटनास्थल और उसके आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले। फुटेज में दिखे संदिग्धों और पुलिस के सक्रिय मुखबिर तंत्र से मिली सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को धरदबोचा गया। बताया जा रहा है कि वारदात के दौरान या पुलिस से बचने के प्रयास में गिरने के कारण दोनों आरोपियों के पैरों में चोटें आई हैं। पुलिस टीम ने मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रखते हुए उन्हें तुरंत इंदौर के एमवाई (MY) अस्पताल उपचार के लिए रवाना किया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फरियादी के घर से चुराए गए सोने-चांदी के आभूषण शत-प्रतिशत बरामद कर लिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि पकड़े गए दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और उनके खिलाफ पूर्व में भी चोरी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है और शहर में हुई अन्य चोरी तथा नकबजनी की वारदातों के संबंध में उनसे सख्ती से पूछताछ की जा रही है, जिससे कई अन्य बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।1
- लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 14 छात्रों की मौत की खबर सामने आई है। इस दर्दनाक घटना के दौरान, छात्रों को जान बचाने के लिए बिजली के तार पकड़कर नीचे कूदने पर मजबूर होना पड़ा। बताया जा रहा है कि ऐसे बड़े हादसे सुरक्षा मानकों की कमी के कारण लगातार बढ़ते जा रहे हैं।1