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दिल्ली आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का पहला बयान सामने आया है। इस पूरे मामले पर उन्होंने अत्यंत कड़े लफ्ज़ों में अपनी बात रखी है।
Pilibhit Darpan/ND India News
दिल्ली आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का पहला बयान सामने आया है। इस पूरे मामले पर उन्होंने अत्यंत कड़े लफ्ज़ों में अपनी बात रखी है।
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- लोकसभा सांसद श्रीमती डिम्पल यादव ने पेपर लीक और छात्रों की मौतों के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत NTA को हटाना चाहिए और नैतिकता के आधार पर शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। डिम्पल यादव ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 2024 में पेपर लीक होने की वजह से बच्चों ने खुदकुशी की थी, और क्या सरकार उन 20 बच्चों की गई जानें वापस ला सकती है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के लोगों के हाथ बच्चों के खून से रंगे हैं। डिम्पल यादव के अनुसार, वे चाहते हैं कि सदन चले और सरकार इस मामले की पूरी जिम्मेदारी ले, क्योंकि नए बिल लेकर आने से इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकलने वाला है।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत स्थित सर्किट हाउस पहुंचने पर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह से जिलाधिकारी सहित मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों ने मुलाकात की।1
- दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शन का असर अब पूरे भारत के साथ-साथ पीलीभीत जिले में भी देखने को मिल रहा है। इस प्रदर्शन की वजह से जिले की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को लेकर एक महिला का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर सीधा निशाना साधा है। प्रदर्शन में शामिल लोगों पर सवाल उठाते हुए महिला ने कहा, "मूर्खों का साथ कौन देता है? हम पढ़े-लिखे और शिक्षित वर्ग से आते हैं।" महिला के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इसे लेकर बहस छिड़ गई है।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत स्थित अमरिया क्षेत्र में स्कूल वाहनों में बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। क्षेत्र में संचालित स्कूल वाहनों में उनकी निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर सफर कराया जा रहा है, जिससे स्कूली बच्चों की सुरक्षा पूरी तरह दांव पर लगी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में दो पत्रकारों को कथित रूप से हिरासत में लिए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में जिलेभर के पत्रकार एकजुट होकर सड़क पर उतर आए। प्रेस क्लब में बैठक के बाद पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपने पहुंचे। जिलाधिकारी के उपलब्ध न होने पर पत्रकार विकास भवन के सभागार में धरने पर बैठ गए। मामले की जानकारी मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की पहल पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) मौके पर पहुंचे और पत्रकारों से वार्ता की। पत्रकारों ने एसओजी (SOG) टीम पर कार्रवाई की मांग रखी, जिस पर एसपी ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद पत्रकारों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। बताया गया कि 23 जुलाई की शाम करीब सात बजे 'हिंदी खबर' टीवी चैनल और 'नेटवर्क-10 नेशनल न्यूज' चैनल के पत्रकार शाहजहांपुर से पुवायां जा रहे थे। आरोप है कि चिनौर के पास एसओजी प्रभारी और उनकी टीम ने दोनों को बिना कोई स्पष्ट कारण बताए अपने वाहन में बैठा लिया और उनके मोबाइल फोन कब्जे में ले लिए। करीब तीन घंटे तक पत्रकारों का अपने साथियों और परिजनों से संपर्क नहीं हो सका और भारी विरोध के बाद उन्हें छोड़ा गया। उन्हें डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के काफिले को काले झंडे दिखाए जाने का वीडियो वायरल करने के आरोप में उठाया गया था। ज्ञापन में पत्रकारों ने एसओजी प्रभारी व टीम पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है और कहा कि भविष्य में किसी भी पत्रकार के विरुद्ध कार्रवाई से पूर्व मान्यता प्राप्त पत्रकार संगठन को सूचना दी जाए।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में स्थित पूरनपुर तहसील से लखनऊ के लिए ट्रेन चलाई जाएगी। पीलीभीत की पूरनपुर तहसील से सीधे लखनऊ के लिए इस ट्रेन का संचालन किया जाएगा।1