बलरामपुर जिले के रामानुजगंज परिक्षेत्र में जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक ०२ के अंतर्गत आने वाले भाला गांव में लगभग ₹4.82 करोड़ की लागत से बन रही एक अधूरी नहर पहली बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई है। इस मामले पर विभाग ने संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है और उच्च अधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया है। विभाग ने संबंधित ठेकेदार को तुरंत क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत करने और उक्त स्थान पर कैनाल बनाने के निर्देश दिए हैं। यह पूरा मामला जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड क्षेत्र स्थित गिरवाई भाला गांव का है, जहाँ जल संसाधन विभाग द्वारा 5 किलोमीटर लंबी कंक्रीट लाइनिंग का निर्माण कार्य चल रहा था। बताया गया है कि ठेकेदार ने शासकीय नियमों की अनदेखी करते हुए पानी निकासी और किसानों के आवागमन के लिए प्रस्तावित सुपर पैसेज बनाए बिना ही कंक्रीट लाइनिंग का निर्माण कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप पहली ही बारिश में नहर टूट गई। जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक ०२ के कार्यपालन अभियंता एन.पी. डहरिया ने बताया कि, जिस जगह पर नहर क्षतिग्रस्त हुई है, वहाँ पहले से ही सुपर पैसेज बनना प्रस्तावित था। किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने हेतु लाइनिंग का कार्य भी कराया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्माण कार्य अभी अधूरा है और व्ययपरिवर्तन योजना के तहत चल रहा है, जिसका लगभग 70 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। कार्यपालन अभियंता ने यह भी कहा कि क्षतिग्रस्त हुआ स्थान जमीन का सबसे निचला बिंदु है, जहाँ एक सीडी (क्रॉस-ड्रेनेज) प्रस्तावित थी और बन चुकी है, लेकिन ठेकेदार ने पहले लाइनिंग का काम कर दिया। बारिश होने पर सारा पानी इसी जगह पर जमा हो गया, जिससे नहर क्षतिग्रस्त हो गई। ठेकेदार को क्षतिग्रस्त नहर की तत्काल मरम्मत कर, मानक मापदंड के अनुसार आवश्यक सुधार करने और उस स्थान पर सीडी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
बलरामपुर जिले के रामानुजगंज परिक्षेत्र में जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक ०२ के अंतर्गत आने वाले भाला गांव में लगभग ₹4.82 करोड़ की लागत से बन रही एक अधूरी नहर पहली बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई है। इस मामले पर विभाग ने संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है और उच्च अधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया है। विभाग ने संबंधित ठेकेदार को तुरंत क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत करने और उक्त स्थान पर कैनाल बनाने के निर्देश दिए हैं। यह पूरा मामला जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड क्षेत्र स्थित गिरवाई भाला गांव का है, जहाँ जल संसाधन विभाग द्वारा 5 किलोमीटर लंबी कंक्रीट लाइनिंग का निर्माण कार्य चल रहा था। बताया गया है कि ठेकेदार ने शासकीय नियमों की अनदेखी करते हुए पानी निकासी और किसानों के आवागमन के लिए प्रस्तावित सुपर पैसेज बनाए बिना ही कंक्रीट लाइनिंग का निर्माण कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप पहली ही बारिश में नहर टूट गई। जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक ०२ के कार्यपालन अभियंता एन.पी. डहरिया ने बताया कि, जिस जगह पर नहर क्षतिग्रस्त हुई है, वहाँ पहले से ही सुपर पैसेज बनना प्रस्तावित था। किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने हेतु लाइनिंग का कार्य भी कराया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्माण कार्य अभी अधूरा है और व्ययपरिवर्तन योजना के तहत चल रहा है, जिसका लगभग 70 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। कार्यपालन अभियंता ने यह भी कहा कि क्षतिग्रस्त हुआ स्थान जमीन का सबसे निचला बिंदु है, जहाँ एक सीडी (क्रॉस-ड्रेनेज) प्रस्तावित थी और बन चुकी है, लेकिन ठेकेदार ने पहले लाइनिंग का काम कर दिया। बारिश होने पर सारा पानी इसी जगह पर जमा हो गया, जिससे नहर क्षतिग्रस्त हो गई। ठेकेदार को क्षतिग्रस्त नहर की तत्काल मरम्मत कर, मानक मापदंड के अनुसार आवश्यक सुधार करने और उस स्थान पर सीडी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
- रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत लगभग 85 गरीब परिवारों के आशियाने उजाड़े जाने का मामला अब पूरे छत्तीसगढ़ में तूल पकड़ रहा है। इसी कार्रवाई के विरोध में आज बलरामपुर जिले के चांदो चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन किया। इस दौरान पुतला बचाने की कोशिश कर रही पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झूमाझटकी हुई, जिसके बाद भी कार्यकर्ताओं ने पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बलरामपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इस कार्रवाई को अमानवीय बताया। उन्होंने कहा कि कड़कड़ाती बारिश के इस मौसम में गरीब और मजदूर परिवारों के घरों को तोड़कर उन्हें बेघर कर दिया गया है, और अब वे खुले आसमान के नीचे रोने व बिलखने को मजबूर हैं। यादव ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से गरीबों पर यह अत्याचार तुरंत बंद करने की मांग की, साथ ही चेतावनी दी कि यदि इन बेघर परिवारों को जल्द इंसाफ नहीं मिला, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और आर-पार की लड़ाई लड़ेगी। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि यदि प्रशासन को अतिक्रमण हटाना ही था, तो इतनी बड़ी कार्रवाई से पहले उन गरीब परिवारों के रहने और ठहरने की वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास क्यों नहीं किया गया। उन्होंने बच्चों और परिवारों को इस कड़कड़ाती बारिश में बेघर छोड़ देने को सरकार की संवेदनहीनता बताया। बलरामपुर के चांदो चौक पर कांग्रेस के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता भारी संख्या में एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।1
- कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने बलरामपुर जिले के निवासियों से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी जी रामजी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने जिलेवासियों को इस योजना से जुड़कर लाभान्वित होने के लिए प्रेरित किया है।1
- नालसा नई दिल्ली, झालसा रांची और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) गढ़वा के सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष मनोज प्रसाद एवं सचिव निभा रंजना लकड़ा के निर्देशानुसार 90 दिवसीय आउटरीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, रंका प्रखंड के विश्रामपुर पंचायत में पीएलवी राजेश कुमार चौधरी लगातार ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों की हर संभव मदद कर उन्हें सहारा देने का प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में, ग्राम गासेदाग, खडयाहि, बहाहारा निवासी सकेंद्र कुमार भुइयां (उम्र 22 साल) जो कई सालों से फाइलेरिया से जूझ रहे हैं, उन्हें सहायता प्रदान की गई। सकेंद्र कुमार भुइयां का इलाज कराया गया है और जल्द ही दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू कर उनका प्रमाण पत्र बनवाया जाएगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर नीतीश कुमार और डॉक्टर कृष्ण कुमार ने बताया कि फाइलेरिया मच्छरों के काटने से फैलने वाला एक गंभीर और स्थायी रोग है। इस बीमारी में शरीर के अंग, खासकर पैर, अत्यधिक सूजकर हाथी के पैर जैसे मोटे और बेडौल हो जाते हैं। यह बीमारी संक्रमित मादा क्यूलेक्स मच्छरों के काटने से फैलती है। रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के पंकज कुमार विश्वकर्मा और तरुण विश्वास ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सकेंद्र कुमार का पहले लेप्रोशी का इलाज चल रहा था। किन्हीं कारणों से समय पर दवा न लेने और सही देखभाल न होने से उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। चिकित्सक पंकज कुमार विश्वकर्मा की निगरानी में उन्हें दवा खिलाई गई और आवश्यकतानुसार इंजेक्शन, किट तथा दवा भी उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने बताया कि बहुत जल्द उन्हें उचित और बेहतर उपचार प्रदान किया जाएगा।1
- चिनिया प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र की ग्राम पंचायत डोल में युवा समाजसेवी अभिमन्यु गुप्ता उर्फ बाराती ने एक बेहतरीन सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण पेश किया है। उन्होंने अपने निजी खर्च पर गांव की उन जर्जर सड़कों की मरम्मत कराई, जो हर साल बरसात के मौसम में कीचड़ और दलदल में बदल जाती थीं, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। ग्रामीणों की इसी समस्या को देखते हुए, अभिमन्यु गुप्ता ने किसी भी सरकारी सहायता का इंतजार किए बिना, शुक्रवार को अपनी लागत पर जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर लगाकर कई प्रमुख सड़कों को ठीक करवाया। उनके इस प्रयास से अब ग्रामीणों को बरसात के मौसम में काफी राहत मिलेगी और आवागमन पहले से कहीं अधिक सुगम हो सकेगा। अभिमन्यु गुप्ता ने कहा कि गांव की सड़कें लोगों की जीवनरेखा होती हैं, और बरसात के दिनों में जब लोगों को आवागमन में परेशानी होती है, तो उसे दूर करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि वे आगे भी गांव और पंचायत के विकास तथा जनहित से जुड़े कार्यों में अपनी ओर से हरसंभव सहयोग करते रहेंगे। इस सड़क मरम्मत कार्य के दौरान गांव के कई युवा भी अभिमन्यु गुप्ता के साथ सहयोग करते नजर आए। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे समाजसेवी युवाओं की बदौलत ही गांव की समस्याओं का समाधान तेजी से हो रहा है।1
- सुरजपुर लटोरी के कसकेला में एक भीषण बाइक हादसा हुआ है। यह घटना ब्रेकिंग न्यूज़ के रूप में सामने आई है।1
- चौकी बसदेई क्षेत्र के ग्राम जूर में जमीन विवाद के एक मामले में शिकायत दर्ज होने पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जमीन विवाद को लेकर चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद चौकी स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर जांच की। ग्रामीणों की उपस्थिति में दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने किसी की बात नहीं मानी और पुलिस की मौजूदगी में ही आपस में लड़ाई-झगड़ा और मारपीट करने पर उतारू हो गए। पुलिस के पास कोई अन्य विकल्प न होने के कारण, मौके पर इस्तगासा क्रमांक 61, 62, 63, 64, 65, 66/2026 के तहत धारा 170 BNS, 126 और 135 के अंतर्गत कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में छह आरोपियों – राजेश कुमार साहू (37 वर्ष, पिता विजय नारायण), दिनेश कुमार साहू (35 वर्ष, पिता विजय नारायण साहू), विजय नारायण साहू (58 वर्ष, पिता स्वर्गीय रामधन साहू), राम सुमेर साहू (46 वर्ष, पिता स्वर्गीय राम लखन साहू), संतोष कुमार साहू (32 वर्ष, पिता स्वर्गीय राम लखन) और रामभरोस साहू (52 वर्ष, पिता दीवान साहू) को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को माननीय एस.डी.एम. न्यायालय भैयाथान में पेश किया गया, जहाँ से जेल वारंट कटने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने इस कार्रवाई का उद्देश्य यह बताया है कि यह सूचित करना है कि जमीन विवाद या किसी अन्य लड़ाई-झगड़े में लोग आपस में मारपीट न करें, बल्कि नियमानुसार कानूनी कार्यवाही कर मामले का निपटारा करें।1
- गया जिले के डोभी प्रखंड में बिहार राज्य का सबसे बड़ा मेगा इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) और अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) विकसित किया जा रहा है। ₹1,339 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार हो रहे इस विशाल औद्योगिक क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई कंपनियां अपनी फैक्ट्रियां स्थापित कर रही हैं। यह वृहद औद्योगिक हब डोभी के खरांटी पंचायत सहित कुल 13 गांवों में लगभग 1,670 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है। इस परियोजना से क्षेत्र में लगभग 1 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, श्याम स्टील जैसी प्रमुख निजी कंपनी ने भी गया-डोभी औद्योगिक गलियारे में लगभग ₹5,000 करोड़ के भारी निवेश की योजना बनाई है। इस कॉरिडोर में मुख्य रूप से खाद्य प्रसंस्करण, तकनीकी उपकरण निर्माण, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कंपनियां स्थापित होंगी। साथ ही, रक्षा और एयरोस्पेस से संबंधित इकाइयां भी यहां लगाई जाएंगी। इस हब की कनेक्टिविटी बेहद मजबूत है क्योंकि यह जीटी रोड (NH-19), NH-22 और गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बेहद नजदीक स्थित है। वर्तमान में, ज़मीन के समतलीकरण और विकास कार्य ज़ोरों पर चल रहे हैं और गया जिला के डोभी प्रखंड में एक कंपनी का ऑफिस भी बनाया गया है, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।1
- बलरामपुर जिले के रामानुजगंज परिक्षेत्र में जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक ०२ के अंतर्गत आने वाले भाला गांव में लगभग ₹4.82 करोड़ की लागत से बन रही एक अधूरी नहर पहली बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई है। इस मामले पर विभाग ने संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है और उच्च अधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया है। विभाग ने संबंधित ठेकेदार को तुरंत क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत करने और उक्त स्थान पर कैनाल बनाने के निर्देश दिए हैं। यह पूरा मामला जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड क्षेत्र स्थित गिरवाई भाला गांव का है, जहाँ जल संसाधन विभाग द्वारा 5 किलोमीटर लंबी कंक्रीट लाइनिंग का निर्माण कार्य चल रहा था। बताया गया है कि ठेकेदार ने शासकीय नियमों की अनदेखी करते हुए पानी निकासी और किसानों के आवागमन के लिए प्रस्तावित सुपर पैसेज बनाए बिना ही कंक्रीट लाइनिंग का निर्माण कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप पहली ही बारिश में नहर टूट गई। जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक ०२ के कार्यपालन अभियंता एन.पी. डहरिया ने बताया कि, जिस जगह पर नहर क्षतिग्रस्त हुई है, वहाँ पहले से ही सुपर पैसेज बनना प्रस्तावित था। किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने हेतु लाइनिंग का कार्य भी कराया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्माण कार्य अभी अधूरा है और व्ययपरिवर्तन योजना के तहत चल रहा है, जिसका लगभग 70 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। कार्यपालन अभियंता ने यह भी कहा कि क्षतिग्रस्त हुआ स्थान जमीन का सबसे निचला बिंदु है, जहाँ एक सीडी (क्रॉस-ड्रेनेज) प्रस्तावित थी और बन चुकी है, लेकिन ठेकेदार ने पहले लाइनिंग का काम कर दिया। बारिश होने पर सारा पानी इसी जगह पर जमा हो गया, जिससे नहर क्षतिग्रस्त हो गई। ठेकेदार को क्षतिग्रस्त नहर की तत्काल मरम्मत कर, मानक मापदंड के अनुसार आवश्यक सुधार करने और उस स्थान पर सीडी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।1