बाराबंकी जिले के मसौली क्षेत्र में स्थित गोंडा-बहराइच हाईवे पर शाहवपुर टोल प्लाजा पर कथित अनियमितताओं के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (राजनीतिक) ने टोल प्रबंधन और जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने जिलाधिकारी और टोल प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं और तत्काल कार्रवाई की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 3 जून तक व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो 4 जून से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। ब्लॉक अध्यक्ष रामू वर्मा (रामनगर) और ब्लॉक महामंत्री अनिल कुमार यादव के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से आरोप लगाया गया है कि टोल प्लाजा परिसर में गाटा संख्या 2206वा ख वा रकबा 0.1010 हेक्टेयर की श्रेणी-6 जलमग्न भूमि (तालाब) पर अवैध कब्जा कर टोल कार्यालय का निर्माण किया गया है। संगठन ने इसे प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन बताते हुए इसकी जांच और अतिक्रमण हटाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, किसानों ने टोल प्लाजा पर शौचालयों के अक्सर बंद रहने से यात्रियों को होने वाली परेशानी, सर्विस रोड को क्षेत्रीय लोगों और एंबुलेंस के लिए खुलवाने की मांग, धर्म कांटे के अक्सर खराब रहने से प्रभावित होने वाली पारदर्शी माप-तौल, और आपातकालीन सेवाओं के तहत उपलब्ध रहने वाली एंबुलेंस तथा क्रेन की कई बार अनुपलब्धता का मुद्दा उठाया है। संगठन ने टोल कर्मियों द्वारा यात्रियों और स्थानीय नागरिकों से अभद्र व्यवहार की घटनाओं पर रोक लगाने की भी मांग की है। इस मौके पर प्रदीप दीक्षित (मसौली ब्लॉक महामंत्री), अमित कुमार, शुभम वर्मा (मंडल सचिव अयोध्या), श्रवण कुमार एडवोकेट, पुष्पेंद्र वर्मा एडवोकेट सहित कई अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। भारतीय किसान यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया और टोल व्यवस्था को पारदर्शी व सुचारू नहीं किया गया, तो होने वाले धरना-प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।
बाराबंकी जिले के मसौली क्षेत्र में स्थित गोंडा-बहराइच हाईवे पर शाहवपुर टोल प्लाजा पर कथित अनियमितताओं के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (राजनीतिक) ने टोल प्रबंधन और जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने जिलाधिकारी और टोल प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं और तत्काल कार्रवाई की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 3 जून तक व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो 4 जून से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। ब्लॉक अध्यक्ष रामू वर्मा (रामनगर) और ब्लॉक महामंत्री अनिल कुमार यादव के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से आरोप लगाया गया है कि टोल प्लाजा परिसर में गाटा संख्या 2206वा ख वा रकबा 0.1010 हेक्टेयर की श्रेणी-6 जलमग्न भूमि (तालाब) पर अवैध कब्जा कर टोल कार्यालय का निर्माण किया गया है। संगठन ने इसे प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन बताते हुए इसकी जांच और अतिक्रमण
हटाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, किसानों ने टोल प्लाजा पर शौचालयों के अक्सर बंद रहने से यात्रियों को होने वाली परेशानी, सर्विस रोड को क्षेत्रीय लोगों और एंबुलेंस के लिए खुलवाने की मांग, धर्म कांटे के अक्सर खराब रहने से प्रभावित होने वाली पारदर्शी माप-तौल, और आपातकालीन सेवाओं के तहत उपलब्ध रहने वाली एंबुलेंस तथा क्रेन की कई बार अनुपलब्धता का मुद्दा उठाया है। संगठन ने टोल कर्मियों द्वारा यात्रियों और स्थानीय नागरिकों से अभद्र व्यवहार की घटनाओं पर रोक लगाने की भी मांग की है। इस मौके पर प्रदीप दीक्षित (मसौली ब्लॉक महामंत्री), अमित कुमार, शुभम वर्मा (मंडल सचिव अयोध्या), श्रवण कुमार एडवोकेट, पुष्पेंद्र वर्मा एडवोकेट सहित कई अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। भारतीय किसान यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया और टोल व्यवस्था को पारदर्शी व सुचारू नहीं किया गया, तो होने वाले धरना-प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कस्बा बड़ागांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एक बार फिर गंभीर लापरवाही को लेकर चर्चा में है। यहाँ इलाज के इंतजार में एक मरीज की मौत हो जाने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे और मरीज तड़पता रहा, लेकिन किसी ने उसकी सुध नहीं ली। मृतक फकीर मोहम्मद पुत्र अशरफ अली, निवासी बड़ागांव, की अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें आनन-फानन में सीएचसी बड़ागांव लेकर पहुँचे। परिजनों का दावा है कि अस्पताल पहुँचने के बाद करीब आधे घंटे तक कोई डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आया। वे बार-बार गुहार लगाते रहे, लेकिन अस्पताल स्टाफ की बेरुखी और डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण इलाज शुरू ही नहीं हो सका। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर उपचार मिल जाता तो फकीर मोहम्मद की जान बच सकती थी। इलाज के अभाव में तड़पते हुए मरीज ने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और गुस्साए लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर जमकर नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. राधेश्याम गौड़ पर लापरवाही और बदहाल व्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी वजह से मरीजों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, सीएचसी बड़ागांव में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और अव्यवस्थाएं अब आम बात हो चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है, क्योंकि सरकार एक तरफ बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे करती है, वहीं सरकारी अस्पतालों की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।1
- एसी में हंता जैसे वायरस के संक्रमण के कारण लोग रातभर खांसी से परेशान हो रहे हैं। इस वायरस के प्रभाव से लोगों को उल्टी और लूज मोशन जैसी समस्याएँ भी आ रही हैं, और यह फेफड़ों पर हमला कर रहा है। इन स्थितियों के मद्देनजर, कुछ खास जगहों पर रहने से बचने की सलाह दी गई है, हालांकि उन स्थानों का उल्लेख नहीं किया गया है।1
- सूरत रेलवे स्टेशन पर लगा तिरंगा एक वीडियो में दिखाया गया है। दर्शकों से यह वीडियो देखकर अपना अनुभव साझा करने और बताने का आग्रह किया गया है कि उन्हें यह कैसा लगा।1
- बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और पेट्रोल-डीजल के दामों के विरोध में समाजवादी कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर एक अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने एक बैलगाड़ी पर मोटरसाइकिल लाद दी और हाथों में गैस सिलेंडर लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे कुछ देर के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। समाजवादी नेताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें आसमान छू रही हैं, जबकि युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल पा रहा है। कार्यकर्ताओं ने इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश दिया कि मौजूदा हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग आधुनिक साधनों को छोड़ने और पुराने दौर की तरफ लौटने को मजबूर हैं। समाजवादी कार्यकर्ताओं ने सरकार से तत्काल महंगाई पर नियंत्रण करने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और आम जनता को राहत पहुंचाने की मांग की।1
- लखनऊ के सुभाष नगर में नगर सहकारी बैंक के अध्यक्ष और पूर्व पार्षद हरसरन लाल गुप्ता ने एक विशाल भंडारे का आयोजन किया। इस अवसर पर पूर्व मेयर संयुक्ता भाटिया, वरिष्ठ पत्रकार विनय मिश्रा, तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- देश की जनता इस समय महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और टूटती आर्थिक व्यवस्था जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। इसके बावजूद, टीवी डिबेट्स का एजेंडा अक्सर “सड़क पर नमाज़”, “बकरीद पर कुर्बानी” और “मस्जिद के नीचे मंदिर” जैसे मुद्दों में देश को उलझा रहा है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या इन बहसें से जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाया जा रहा है? रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन प्राइम टाइम पर जनता की जेब से जुड़े मुद्दों की बजाय, धर्म पर आधारित बहसें दिखाई जाती हैं। इसी बीच, एक टीवी डिबेट में जब एंकर चित्रा त्रिपाठी ने पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी को “7 रुपये ज्यादा महंगा नहीं हुआ” कहा, तो उन्हीं के चैनल की एंकर प्रतिमा मिश्रा ने आम जनता की आवाज़ उठाते हुए महंगाई और लोगों की परेशानियों पर जोरदार सवाल उठाए। आज देश पूछ रहा है कि क्या मीडिया का काम जनता के असली मुद्दे उठाना है या सिर्फ टीआरपी बटोरने वाली बहसें दिखाना है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्टाफ सलेक्शन कमीशन (SSC) की परीक्षा के दौरान सर्वर फेल होने से भड़के छात्रों ने जमकर हंगामा किया। आक्रोशित छात्रों ने कंप्यूटर और कुर्सियां तोड़ दीं, जिससे वहां काफी तोड़फोड़ हुई। अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने हाईवे को भी जाम कर दिया, जिसके कारण आवागमन बाधित हुआ। छात्रों के इस प्रदर्शन के चलते आज होने वाली परीक्षा रद्द कर दी गई है।1
- एक फैक्ट्री में उस वक्त हंगामा मच गया, जब एक महिला कर्मी ने कंपनी के CEO पर छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। महिला के इस खुले विरोध के बाद फैक्ट्री में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से महिला कर्मचारियों के साथ गलत व्यवहार की शिकायतें सामने आ रही थीं, लेकिन कथित डर और दबाव के कारण कोई भी खुलकर सामने नहीं आ पा रहा था। इस घटना के बाद फैक्ट्री के अंदर चल रही कथित अय्याशी और बदसलूकी की चर्चाएं तेज हो गई हैं। कर्मचारियों में भी इस मामले को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली है। बताया जा रहा है कि मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों और पुलिस से शिकायत की बात सामने आ रही है। हालांकि, अभी तक कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर यह घटना एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।1
- जनपद बाराबंकी की रामनगर तहसील के कुड़वा बल्लूपुर में चौथे बड़े मंगलवार के अवसर पर संध्या आरती का आयोजन किया गया। इस दौरान, सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।2