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नन्हे रिपोर्टर रुद्र कुमार ने आशुतोष अंकल को उनके जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। ‘निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार’ की ओर से मोतिहारी में आशुतोष कुमार को यह बधाई दी गई है। इस मंच का आदर्श वाक्य है कि ‘यहां सच बिकता नहीं, सीधा दिखता है’। इस अवसर पर अंकेश ठाकुर का भी उल्लेख किया गया है।
Ankesh Thakur
नन्हे रिपोर्टर रुद्र कुमार ने आशुतोष अंकल को उनके जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। ‘निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार’ की ओर से मोतिहारी में आशुतोष कुमार को यह बधाई दी गई है। इस मंच का आदर्श वाक्य है कि ‘यहां सच बिकता नहीं, सीधा दिखता है’। इस अवसर पर अंकेश ठाकुर का भी उल्लेख किया गया है।
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- नन्हे रिपोर्टर रुद्र कुमार ने आशुतोष अंकल को उनके जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। ‘निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार’ की ओर से मोतिहारी में आशुतोष कुमार को यह बधाई दी गई है। इस मंच का आदर्श वाक्य है कि ‘यहां सच बिकता नहीं, सीधा दिखता है’। इस अवसर पर अंकेश ठाकुर का भी उल्लेख किया गया है।1
- वैशाली पुलिस को अवैध मादक पदार्थों के सेवन और बिक्री पर रोकथाम के अभियान के तहत एक बड़ी सफलता मिली है। तिसिऔता थाना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 2850 लीटर स्प्रिट से लदे एक कंटेनर को जब्त किया है। तिसिऔता पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान एक तस्कर के रूप में हुई है।1
- अभिनेत्री किरण सिंह ने हाल ही में अपनी चुप्पी तोड़ते हुए एक बड़ा खुलासा किया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। उन्होंने 'मजा लेने वालों' को सीधा और करारा जवाब दिया है। किरण सिंह के इस बयान से सोशल मीडिया पर खासा बवाल मच गया है, और उनका यह कथन, "मजा लेना बंद कीजिए!", तेजी से वायरल हो रहा है।1
- अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन ने मधुबनी अंचलाधिकारी, श्री नन्द लाल राम पर एक पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार, गाली-गलौज, धमकी और हमले के प्रयास के मामले में निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। संगठन के मीडिया प्रभारी अजय सिंह चंदेल ने इस संबंध में बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री को एक आवेदन भेजा है। आरोप है कि यह घटना दिनांक 02.06.2026 को मधुबनी प्रखंड अंतर्गत धनहा पंचायत के मुसहरी बैरा बाजार में आयोजित एक सहयोग शिविर के दौरान हुई, जब अजय सिंह चंदेल समाचार संकलन और कवरेज के लिए उपस्थित थे। आवेदन के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण अपनी समस्याओं और मधुबनी अंचलाधिकारी की कार्यशैली से संबंधित शिकायतें प्रशासन के समक्ष रख रहे थे। आरोप है कि इन बातों से आक्रोशित होकर अंचलाधिकारी ने सार्वजनिक रूप से पत्रकार अजय सिंह चंदेल के साथ अभद्र व्यवहार किया, अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया और धमकी दी। साथ ही उन्होंने कुर्सी उठाकर पत्रकार की ओर बढ़ने का प्रयास किया, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका उत्पन्न हुई। घटना के समय उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों और थाना अध्यक्ष द्वारा हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया गया। इस घटना के वीडियो और अन्य साक्ष्य उपलब्ध बताए जा रहे हैं, जो विभिन्न समाचार एवं सोशल मीडिया माध्यमों में प्रसारित हुए हैं। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मांग की है कि इसकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन ने यह भी अनुरोध किया है कि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वतंत्र कार्य वातावरण सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। संगठन ने जनहित एवं न्यायहित में आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की है।1
- राजद पार्टी की चेहराकलां इकाई ने केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन चेहराकलां प्रखंड मुख्यालय स्थित हाट पर आयोजित किया गया। धरना प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपने वक्तव्यों से सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना करते हुए कहा कि महंगाई, भ्रष्टाचार और डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से आम जनता बेहद परेशान है।1
- जनसुराज अभियान से जुड़े प्रशांत किशोर ने एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की है।1
- वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित नागेश्वर नाथ महादेव मंदिर में श्रद्धालु अहले सुबह से ही पूजा-अर्चना करने और मन्नतें माँगने के लिए एकत्रित हो जाते हैं। मंदिर परिसर के आसपास अहले सुबह से ही सैकड़ों फूलों और फलों की दुकानें सज जाती हैं, जिससे भक्तों को सुविधा मिलती है।1
- बिहार के साहिबगंज स्थित मलंग स्थान के भुसैलवा गांव, कल्याणपुर में लोगों की प्राथमिकताओं पर एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है। एक तरफ, मनोरंजन से जुड़े स्टेज शो में लाखों की भीड़ उमड़ पड़ती है, जिससे सड़कें जाम हो जाती हैं और एम्बुलेंस तक फँस जाती हैं। वहीं, धर्म, संस्कृति और ज्ञान से संबंधित आयोजनों में नाम मात्र के लोग ही शामिल होते हैं। यह स्थिति इस बात पर दुख व्यक्त करती है कि देश को धर्म के आधार पर आगे बढ़ाने की बात तो की जाती है, लेकिन धार्मिक कार्यों में लोगों की भागीदारी लगभग शून्य है। यह सवाल किसी कलाकार या कार्यक्रम पर नहीं, बल्कि समाज की बदलती प्राथमिकताओं पर है। पोस्ट में पूछा गया है कि लोग अपनी पहचान बनाने वाले आयोजनों से क्यों दूर हो रहे हैं और केवल मनोरंजन की तरफ क्यों भाग रहे हैं। यह एक गंभीर चिंतन का विषय है कि सनातन संस्कृति और धार्मिक आयोजनों को नजरअंदाज कर नाच प्रोग्राम जैसे मनोरंजन के साधनों को अधिक महत्व दिया जा रहा है।1