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मथुरा की सदर तहसील में सोमवार को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में शिकायतें सुनी गईं। उप जिलाधिकारी सदर आदेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान विद्युत, राजस्व और चकबंदी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। समाधान दिवस में शिकायतकर्ता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचे थे, जिनमें कुछ शिकायतें लंबित मामलों से संबंधित थीं जबकि अन्य पहली बार दर्ज कराई गईं। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों को शिकायतों की विस्तृत जांच कर उनका शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। कुल करीब 37 शिकायतों में से 4 का समाधान मौके पर ही कर दिया गया।
नितिन कर्दम
मथुरा की सदर तहसील में सोमवार को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में शिकायतें सुनी गईं। उप जिलाधिकारी सदर आदेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान विद्युत, राजस्व और चकबंदी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। समाधान दिवस में शिकायतकर्ता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचे थे, जिनमें कुछ शिकायतें लंबित मामलों से संबंधित थीं जबकि अन्य पहली बार दर्ज कराई गईं। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों को शिकायतों की विस्तृत जांच कर उनका शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। कुल करीब 37 शिकायतों में से 4 का समाधान मौके पर ही कर दिया गया।
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- मथुरा के महावन तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया, जहाँ वृद्धावस्था पेंशन बंद होने की शिकायत लेकर पहुँचे एक बुजुर्ग को विभागीय रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया। यह चौंकाने वाली बात है कि शिकायतकर्ता स्वयं अधिकारियों के सामने मौजूद थे, इसके बावजूद उन्हें कागजों में मृत दर्शाया गया। कचनऊ निवासी बृजमोहन, जो स्वर्गीय रामस्वरूप के पुत्र हैं, ने आईजीआरएस पोर्टल पर अपनी वृद्धावस्था पेंशन बहाल करने की मांग की थी। आरोप है कि ब्लॉक बलदेव द्वारा भेजी गई आख्या में उन्हें मृत दर्शा दिया गया, जिसके बाद बृजमोहन अब अधिकारियों के सामने खुद के जीवित होने का सबूत देने के लिए परेशान हो रहे हैं। इस संबंध में जब बीडीओ बलदेव नेहा रावत से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 40 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश राजस्व, पुलिस और विकास विभाग से संबंधित थीं। इस दौरान कई विभागीय अधिकारी अनुपस्थित पाए गए, जिनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, कार्यक्रम के दौरान जलभराव की समस्या को लेकर किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष देवेंद्र पहलवान और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) बलदेव के बीच तीखी बहस भी हुई। महावन के उपजिलाधिकारी ने बताया कि बृजमोहन के मामले की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं, और यदि किसी भी तरह की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी जारी है।4
- मथुरा में बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण खुले और जर्जर बिजली के बॉक्स/पैनल जनता के भारी आक्रोश का केंद्र बन गए हैं। कठौती कुआं, छगनपुरा, संतोषपुर, भैंस बहोरा, किशन टीला और डैंपियर नगर सहित कई क्षेत्रों में ऐसे दर्जनों बिना ढक्कन वाले बॉक्स खुले पड़े हैं। इनमें नंगे तार और प्रवाहित करंट किसी बड़े हादसे को खुला न्योता दे रहे हैं, जिससे हर समय अनहोनी का डर बना रहता है। इन खुले बॉक्सों और नंगे तारों की चपेट में आकर कई जानवर घायल हो चुके हैं। कठौती कुआं क्षेत्र में तो पांच साल पहले खुले बॉक्स से करंट लगने के कारण खेलते समय मोहित बघेल नामक एक बालक की मौत भी हो चुकी है। शहर के कई इलाकों, विशेषकर भूमिगत बिजली लाइनों वाले क्षेत्रों में, 50% से अधिक बॉक्स असुरक्षित अवस्था में हैं। शिकायतें किए जाने के बावजूद, बिजली विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों में भय व्याप्त है। इसके अतिरिक्त, भीषण गर्मी के दौरान अघोषित बिजली कटौती और स्मार्ट मीटरों के बढ़ते बिलों ने भी जनता को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया है। स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने प्रशासन से इन असुरक्षित बिजली पैनलों की तत्काल मरम्मत कराने और खराब ढक्कनों को तुरंत बदलने की मांग की है।2
- मथुरा के राधाकुंड में प्रजापति समाज ने भू-माफियाओं पर उनकी लगभग चार बीघा जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे उनके परिवारों के सामने आजीविका का गहरा संकट उत्पन्न हो गया है। समाज के लोगों का कहना है कि उनकी चार बीघा जमीन में से पहले धीरे-धीरे अधिकांश हिस्से पर कब्जा कर लिया गया था, और अब शेष बची एक बीघा जमीन पर भी भू-माफियाओं ने पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। प्रजापति समाज के अनुसार, मिट्टी का कार्य ही उनके परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन है, लेकिन जमीन पर कब्जे के कारण उनका रोजगार बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि जब भी वे अपनी जमीन से मिट्टी निकालने का प्रयास करते हैं, उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं, जिससे पूरे समाज में भय का माहौल बना हुआ है। इस मामले को लेकर प्रजापति समाज के लोगों ने कई बार गोवर्धन के प्रशासनिक अधिकारियों और मथुरा प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया है। हालांकि, उनका कहना है कि बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके परिणामस्वरूप भू-माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। पीड़ित समाज ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि उनकी कथित चार बीघा जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो उनके परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट और गहरा जाएगा। अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस मामले में शासन-प्रशासन भू-माफियाओं पर क्या कदम उठाता है और पीड़ित समाज को न्याय मिल पाता है या नहीं।1
- महावन तहसील में सोमवार को इस महीने का पहला तहसील दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान जिला स्तरीय अधिकारियों के अनुपस्थित रहने के बावजूद, महावन के उप जिलाधिकारी ने जनता की शिकायतें सुनीं। इस तहसील दिवस में कुल 40 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से तीन का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।1
- मथुरा में एक दर्दनाक हादसे में, सोलर पैनल लगाते समय एक युवक की करंट लगने से जान चली गई।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि परिसर के निकट बने एक गुंबद को हटाने की मांग अब तेज़ हो गई है।1
- मथुरा जिले के राया थाना क्षेत्र के गांव थाना अमर सिंह में रविवार रात एक हृदय विदारक घटना सामने आई, जहाँ एक 28 वर्षीय युवक की तालाब में डूबने से मौत हो गई। युवक अपने घर से दुकान पर सामान लेने के लिए निकला था, तभी रास्ते में अचानक एक आवारा सांड सामने आ गया। सांड से खुद को बचाने के प्रयास में युवक का संतुलन बिगड़ गया और वह पास ही स्थित तालाब में जा गिरा। मृतक की पहचान गांव थाना अमर सिंह निवासी हरिओम (28) पुत्र रघुवर के रूप में हुई है। ग्रामीण चिंटू चौधरी ने बताया कि रात में दुकान से सामान लेते वक्त हरिओम जब सांड से बचने के लिए तेजी से पीछे हटा, तो संतुलन खोकर गहरे तालाब में गिर गया। वहाँ मौजूद लोगों ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए और हरिओम गहरे पानी में डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह अपने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। फायर ब्रिगेड की टीम ने भी काफी देर तक युवक की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद देर रात राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम को बुलाया गया। तालाब में अत्यधिक कीचड़ और गंदगी होने के कारण यह रेस्क्यू अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा। करीब चार घंटे तक चले सघन बचाव अभियान के बाद, एनडीआरएफ की टीम ने आखिरकार युवक का शव तालाब से बाहर निकाला। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, साथ ही आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1
- मथुरा की सदर तहसील में सोमवार को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में शिकायतें सुनी गईं। उप जिलाधिकारी सदर आदेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान विद्युत, राजस्व और चकबंदी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। समाधान दिवस में शिकायतकर्ता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचे थे, जिनमें कुछ शिकायतें लंबित मामलों से संबंधित थीं जबकि अन्य पहली बार दर्ज कराई गईं। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों को शिकायतों की विस्तृत जांच कर उनका शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। कुल करीब 37 शिकायतों में से 4 का समाधान मौके पर ही कर दिया गया।3
- वन विभाग द्वारा मनाए जा रहे वन सप्ताह के तहत मथुरा जिले की महावन तहसील में वन महोत्सव का आयोजन किया गया। इस उत्सव के दौरान एसडीएम महावन, सीओ महावन, तहसीलदार महावन और 'को महावन' सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों ने वृक्षारोपण किया। जानकारी के अनुसार, इस मौके पर कुल चार तहसील अधिकारियों ने वृक्ष लगाए।1