दिल्ली पुलिस की रोहिणी जिला पुलिस ने चोरी और स्नैचिंग के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 325 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं और 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ है, जो कथित तौर पर चोरी के मोबाइल फोन दिल्ली से पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश और एक अन्य मार्ग से नेपाल भेजता था। नॉर्दर्न रेंज के जॉइंट सीपी विजय सिंह ने बताया कि मोबाइल चोरी की बढ़ती घटनाओं और बरामदगी की कम दर को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने लगभग 200 आपराधिक डोजियर की जांच की, सैकड़ों संदिग्धों की प्रोफाइल तैयार की, और तकनीकी निगरानी, डिजिटल साक्ष्यों, कूरियर रिकॉर्ड तथा मानव खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की। रोहिणी जिले के डीसीपी शशांक जायसवाल के अनुसार, जांच में रोहिणी के अवंतिका इलाके में एक किराए का फ्लैट मिला, जहां कथित तौर पर चोरी के मोबाइल फोन जमा कर उनकी छंटाई, पैकिंग और कूरियर के जरिए भेजने का काम होता था। मोबाइल फोन को पहले कोलकाता, मालदा और मुर्शिदाबाद भेजा जाता था, जहां से उन्हें बांग्लादेश पहुंचाया जाता था, जबकि नेपाल भेजने के लिए एक अलग नेटवर्क सक्रिय था। पुलिस के अनुमान के अनुसार, यह गिरोह लगभग एक वर्ष से सक्रिय था और इस दौरान उसने 10,000 से 12,000 चोरी के मोबाइल फोन ठिकाने लगाए होंगे। बरामद किए गए 325 मोबाइल फोन में से करीब 150 को विभिन्न एफआईआर और ई-एफआईआर से जोड़ा जा चुका है, जबकि बाकी की पहचान की जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए जाएंगे। इस मामले में संगठित अपराध से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, पुराने कंसाइनमेंट तथा सीमा पार नेटवर्क की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है।
दिल्ली पुलिस की रोहिणी जिला पुलिस ने चोरी और स्नैचिंग के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 325 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं और 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ है, जो कथित तौर पर चोरी के मोबाइल फोन दिल्ली से पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश और एक अन्य मार्ग से नेपाल भेजता था। नॉर्दर्न रेंज के जॉइंट सीपी विजय सिंह ने बताया कि मोबाइल चोरी की बढ़ती घटनाओं और बरामदगी की कम दर को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने लगभग 200 आपराधिक डोजियर की जांच की, सैकड़ों संदिग्धों की प्रोफाइल तैयार की, और तकनीकी निगरानी, डिजिटल साक्ष्यों, कूरियर रिकॉर्ड तथा मानव खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की। रोहिणी जिले के डीसीपी शशांक जायसवाल के अनुसार, जांच में रोहिणी के अवंतिका इलाके में एक किराए का फ्लैट मिला, जहां कथित तौर पर चोरी के मोबाइल फोन जमा कर उनकी छंटाई, पैकिंग और कूरियर के जरिए भेजने का काम होता था। मोबाइल फोन को पहले कोलकाता, मालदा और मुर्शिदाबाद भेजा जाता था, जहां से उन्हें बांग्लादेश पहुंचाया जाता था, जबकि नेपाल भेजने के लिए एक अलग नेटवर्क सक्रिय था। पुलिस के अनुमान के अनुसार, यह गिरोह लगभग एक वर्ष से सक्रिय था और इस दौरान उसने 10,000 से 12,000 चोरी के मोबाइल फोन ठिकाने लगाए होंगे। बरामद किए गए 325 मोबाइल फोन में से करीब 150 को विभिन्न एफआईआर और ई-एफआईआर से जोड़ा जा चुका है, जबकि बाकी की पहचान की जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए जाएंगे। इस मामले में संगठित अपराध से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, पुराने कंसाइनमेंट तथा सीमा पार नेटवर्क की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है।
- बस्ती के छावनी कस्बे में दिनांक 28 जून 2026, रविवार की शाम, बिहार में भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर लोगों का आक्रोश सड़कों पर उमड़ पड़ा। हाथों में जलती मशालें और भरत तिवारी के चित्र लेकर सैकड़ों लोग छावनी तिराहे से शहीद स्मारक तक निकले। इस मशाल जुलूस में युवाओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जहाँ पूरे मार्ग में न्याय की मांग और निष्पक्ष जांच की आवाज लगातार बुलंद की गई। प्रदर्शनकारियों ने पुरजोर मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय होती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। शहीद स्मारक पहुंचकर लोगों ने भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की और न्याय की अपनी मांग को दोहराया। मशालों की रोशनी से जगमगाती सड़कों और उमड़ी भीड़ ने पूरे कस्बे का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।1
- दिल्ली पुलिस की रोहिणी जिला पुलिस ने चोरी और स्नैचिंग के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 325 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं और 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ है, जो कथित तौर पर चोरी के मोबाइल फोन दिल्ली से पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश और एक अन्य मार्ग से नेपाल भेजता था। नॉर्दर्न रेंज के जॉइंट सीपी विजय सिंह ने बताया कि मोबाइल चोरी की बढ़ती घटनाओं और बरामदगी की कम दर को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने लगभग 200 आपराधिक डोजियर की जांच की, सैकड़ों संदिग्धों की प्रोफाइल तैयार की, और तकनीकी निगरानी, डिजिटल साक्ष्यों, कूरियर रिकॉर्ड तथा मानव खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की। रोहिणी जिले के डीसीपी शशांक जायसवाल के अनुसार, जांच में रोहिणी के अवंतिका इलाके में एक किराए का फ्लैट मिला, जहां कथित तौर पर चोरी के मोबाइल फोन जमा कर उनकी छंटाई, पैकिंग और कूरियर के जरिए भेजने का काम होता था। मोबाइल फोन को पहले कोलकाता, मालदा और मुर्शिदाबाद भेजा जाता था, जहां से उन्हें बांग्लादेश पहुंचाया जाता था, जबकि नेपाल भेजने के लिए एक अलग नेटवर्क सक्रिय था। पुलिस के अनुमान के अनुसार, यह गिरोह लगभग एक वर्ष से सक्रिय था और इस दौरान उसने 10,000 से 12,000 चोरी के मोबाइल फोन ठिकाने लगाए होंगे। बरामद किए गए 325 मोबाइल फोन में से करीब 150 को विभिन्न एफआईआर और ई-एफआईआर से जोड़ा जा चुका है, जबकि बाकी की पहचान की जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए जाएंगे। इस मामले में संगठित अपराध से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, पुराने कंसाइनमेंट तथा सीमा पार नेटवर्क की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है।1
- अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस अब उन चोरों के घर पहुंच गई है, जिन पर चोरी का आरोप है। इस प्रकरण में जेल भेजे गए सभी 8 आरोपियों के घरों पर सुबह से ही पुलिस की सघन जांच जारी है। इस दौरान पुलिस द्वारा आरोपियों के परिवार के सदस्यों से गहन पूछताछ की जा रही है, और साथ ही उनके बैंक खातों तथा जमीन-जायदाद का विस्तृत ब्यौरा भी एकत्रित किया जा रहा है।1
- हर की पौड़ी, जिसका शाब्दिक अर्थ "भगवान विष्णु (हरि) के चरण" है, हरिद्वार का सबसे प्रमुख और पवित्रतम घाट माना जाता है। इस स्थान पर प्रतिदिन शाम को भव्य गंगा आरती का आयोजन होता है। मान्यता है कि यहां एक पत्थर पर भगवान विष्णु के पदचिह्न मौजूद हैं और यहीं से गंगा नदी मैदानी इलाकों में प्रवेश करती है। इस घाट के मुख्य हिस्से को ब्रह्म कुंड के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय जब गरुड़ देव अमृत कलश लेकर जा रहे थे, तब उसकी कुछ बूंदें इसी स्थान पर गिरी थीं। 'हर' शब्द का अर्थ भगवान शिव या भगवान विष्णु से है, जबकि 'पौड़ी' का अर्थ सीढ़ियों या चरणों से है, जिसके कारण इसे अक्सर 'हरि की पौड़ी' भी कहा जाता है। धार्मिक दृष्टि से, ऐसा माना जाता है कि इस पवित्र कुंड में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है।1
- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता चिल्ला गांव में आयोजित यमुना घाट सफ़ाई अभियान में हिस्सा लेने पहुंचीं। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ युवा वॉलंटियर्स, स्थानीय निवासी और अन्य नागरिक भी शामिल हुए, जिन्होंने मिलकर सफ़ाई कार्य में योगदान दिया।1
- Post by M Veer1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से बचपन की सुनहरी यादों को ताज़ा किया गया है, जहाँ बताया गया है कि मोबाइल और इंटरनेट की अनुपस्थिति के बावजूद बचपन का वह दौर बेहद खूबसूरत था। पोस्ट के अनुसार, उस समय ना कोई तनाव था और ना ही किसी तरह का दिखावा; जीवन सिर्फ सच्ची दोस्ती और मासूम शरारतों से भरा था। यह संदेश बचपन के उन सरल और आनंदमय पलों को याद दिलाता है, जिनकी आज भी लोग अक्सर कल्पना करते हैं।1
- अखिल भारत हिंदू महासभा, दिल्ली प्रदेश के महामंत्री रवि शर्मा ने प्रिंस अपार्टमेंट में एक बैठक आयोजित की। इस बैठक के दौरान, अध्यक्ष पद शेयर समिति सहित पूरी समिति ने अखिल भारत हिंदू महासभा में शामिल होने का निर्णय लिया, जिसका उद्देश्य अखिल भारतीय कुमार सभा से जुड़कर संगठन को और मजबूत बनाना है। इस अवसर पर भगवान शिव की एक झांकी भी निकाली गई, जिसमें रवि शर्मा को सम्मिलित होने का सौभाग्य मिला। इस पूरे आयोजन को 'जय श्री राम' और 'जय हिंद राष्ट्र' के उद्घोष के साथ संपन्न किया गया।1