70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में डीएसपी पद पर चयनित हुए सुमित कुमार पासवान का शुक्रवार को नालंदा के कराय परशुराय प्रखंड स्थित उनके पैतृक गांव मुसाढ़ी पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुष्पमाला पहनाकर और अंगवस्त्र भेंटकर उनका अभिनंदन किया, जिसे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया गया। मुसाढ़ी गांव निवासी उदय नारायण पासवान के पुत्र सुमित कुमार पासवान का स्वागत स्थानीय लोगों ने बैंड-बाजे, फूल-माला और तिलक लगाकर किया। इस अवसर पर उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने मिठाइयां बांटकर खुशी व्यक्त की और उन्हें बधाई दी। ग्रामीणों ने सुमित की सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। स्वागत कार्यक्रम के तहत, सुमित कुमार पासवान ने मकरौता गांव के पास बाबा चौहरमल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया। इसी क्रम में मकरौता पंचायत के मुखिया निरंजन उर्फ जितेंद्र प्रसाद ने उन्हें अंबेडकर के विचारों को मन में रखकर आगे बढ़ने की सलाह दी। ग्रामीणों ने बताया कि उनके पिता उदय नारायण पासवान पहले से ही सरकारी कर्मचारी रह चुके हैं, और उनके बड़े भाई अमित कुमार इनकम टैक्स ऑफिसर हैं, जबकि दूसरे पुत्र सुमित कुमार पासवान ने 581वीं रैंक के साथ यह सफलता हासिल की है। उनका तीसरा पुत्र प्रमजित कुमार अभी पढ़ाई कर रहा है। डीएसपी सुमित कुमार से मिलने के लिए उनके गांव में आसपास की सैकड़ों छात्राएं भी पहुंचीं। सभी छात्राओं ने अपने हाथों में 'वेलकम डीएसपी सुमित कुमार' का पोस्टर लिए हुए था और 'स्वागतम डीएसपी, स्वागतम डीएसपी' गीत गाकर उनका अभिनंदन किया। डीएसपी सुमित कुमार ने सभी छात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि पढ़ाई ही एकमात्र ऐसा गुण है जिससे सब कुछ हासिल किया जा सकता है।
70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में डीएसपी पद पर चयनित हुए सुमित कुमार पासवान का शुक्रवार को नालंदा के कराय परशुराय प्रखंड स्थित उनके पैतृक गांव मुसाढ़ी पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुष्पमाला पहनाकर और अंगवस्त्र भेंटकर उनका अभिनंदन किया, जिसे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया गया। मुसाढ़ी गांव निवासी उदय नारायण पासवान के पुत्र सुमित कुमार पासवान का स्वागत स्थानीय
लोगों ने बैंड-बाजे, फूल-माला और तिलक लगाकर किया। इस अवसर पर उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने मिठाइयां बांटकर खुशी व्यक्त की और उन्हें बधाई दी। ग्रामीणों ने सुमित की सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। स्वागत कार्यक्रम के तहत, सुमित कुमार पासवान ने मकरौता गांव के पास बाबा चौहरमल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया। इसी क्रम में मकरौता पंचायत के मुखिया निरंजन उर्फ
जितेंद्र प्रसाद ने उन्हें अंबेडकर के विचारों को मन में रखकर आगे बढ़ने की सलाह दी। ग्रामीणों ने बताया कि उनके पिता उदय नारायण पासवान पहले से ही सरकारी कर्मचारी रह चुके हैं, और उनके बड़े भाई अमित कुमार इनकम टैक्स ऑफिसर हैं, जबकि दूसरे पुत्र सुमित कुमार पासवान ने 581वीं रैंक के साथ यह सफलता हासिल की है। उनका तीसरा पुत्र प्रमजित कुमार अभी पढ़ाई कर रहा
है। डीएसपी सुमित कुमार से मिलने के लिए उनके गांव में आसपास की सैकड़ों छात्राएं भी पहुंचीं। सभी छात्राओं ने अपने हाथों में 'वेलकम डीएसपी सुमित कुमार' का पोस्टर लिए हुए था और 'स्वागतम डीएसपी, स्वागतम डीएसपी' गीत गाकर उनका अभिनंदन किया। डीएसपी सुमित कुमार ने सभी छात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि पढ़ाई ही एकमात्र ऐसा गुण है जिससे सब कुछ हासिल किया जा सकता है।
- 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में डीएसपी पद पर चयनित हुए सुमित कुमार पासवान का शुक्रवार को नालंदा के कराय परशुराय प्रखंड स्थित उनके पैतृक गांव मुसाढ़ी पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुष्पमाला पहनाकर और अंगवस्त्र भेंटकर उनका अभिनंदन किया, जिसे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया गया। मुसाढ़ी गांव निवासी उदय नारायण पासवान के पुत्र सुमित कुमार पासवान का स्वागत स्थानीय लोगों ने बैंड-बाजे, फूल-माला और तिलक लगाकर किया। इस अवसर पर उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने मिठाइयां बांटकर खुशी व्यक्त की और उन्हें बधाई दी। ग्रामीणों ने सुमित की सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। स्वागत कार्यक्रम के तहत, सुमित कुमार पासवान ने मकरौता गांव के पास बाबा चौहरमल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया। इसी क्रम में मकरौता पंचायत के मुखिया निरंजन उर्फ जितेंद्र प्रसाद ने उन्हें अंबेडकर के विचारों को मन में रखकर आगे बढ़ने की सलाह दी। ग्रामीणों ने बताया कि उनके पिता उदय नारायण पासवान पहले से ही सरकारी कर्मचारी रह चुके हैं, और उनके बड़े भाई अमित कुमार इनकम टैक्स ऑफिसर हैं, जबकि दूसरे पुत्र सुमित कुमार पासवान ने 581वीं रैंक के साथ यह सफलता हासिल की है। उनका तीसरा पुत्र प्रमजित कुमार अभी पढ़ाई कर रहा है। डीएसपी सुमित कुमार से मिलने के लिए उनके गांव में आसपास की सैकड़ों छात्राएं भी पहुंचीं। सभी छात्राओं ने अपने हाथों में 'वेलकम डीएसपी सुमित कुमार' का पोस्टर लिए हुए था और 'स्वागतम डीएसपी, स्वागतम डीएसपी' गीत गाकर उनका अभिनंदन किया। डीएसपी सुमित कुमार ने सभी छात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि पढ़ाई ही एकमात्र ऐसा गुण है जिससे सब कुछ हासिल किया जा सकता है।4
- खगड़िया जिले के मड़ैया में ताजिया जुलूस के दौरान जमकर बवाल हुआ, जिसमें पुलिस के वाहन पर पथराव भी किया गया। प्रशासन ने इस घटना को डीजे से जुड़ा विवाद बताया है, यह स्पष्ट करते हुए कि इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है।4
- मुंगेर के बरियारपुर थाना क्षेत्र स्थित विजयनगर गांव में एक युवक पर हत्या की नीयत से फायरिंग के प्रयास के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना 22 जून की रात की है, जब विजयनगर निवासी देवराज कुमार बाजार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सोनू कुमार और उसके साथियों ने उन पर फायरिंग करने की कोशिश की, लेकिन गोली नहीं चली। पीड़ित देवराज कुमार के बयान पर बरियारपुर थाना में कांड संख्या 100/26 दर्ज किया गया। सदर एसडीपीओ अभिषेक आनंद ने बताया कि 25 जून को तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर बरियारपुर पुलिस और जिला आसूचना इकाई की एक संयुक्त टीम ने छापेमारी कर मुख्य आरोपी सोनू कुमार को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर भागलपुर के नाथनगर निवासी राजकुमार और सबौर थाना क्षेत्र के मामलखा निवासी संकित कुमार को भी पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एसडीपीओ आनंद ने यह भी जानकारी दी कि पूछताछ लगातार जारी है और इस मामले के मुख्य सरगना सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।1
- सम्राट चौधरी के क्षेत्र देवघरा में अतिक्रमण पर हुई कार्रवाई से सभी स्थानीय लोग बेहद प्रसन्न दिखाई दिए। लोगों की इस खुशी को देखकर रिपोर्टर सिंटू राणा भी आश्चर्यचकित रह गए। यह घटना टेटीया बंबर और देवघर से संबंधित है, जिसे बिहार सरकार से जुड़े सम्राट चौधरी के क्षेत्र के अंतर्गत बताया गया है।1
- भागलपुर जिले के शाहकुंड थाना क्षेत्र के जानीपुर गाँव में मारपीट की एक घटना सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जानीपुर और शाहकुंड गाँव के लोगों ने जानीपुर गाँव के निवासियों पर हमला कर उन्हें बहुत ज्यादा मारा, जिससे एक बच्चे को भी काफी दिक्कत हुई। इस घटना को लेकर तत्काल इन्साफ की पुरजोर माँग की गई है।1
- खगड़िया जिले की ग्राम पंचायत राज चोढ़ली में सेंट्रल मोहर्रम मेला कमिटी के अध्यक्ष और मुखिया प्रतिनिधि मोहम्मद क़िस्मत अली ने दो दिवसीय मोहर्रम मेले का फीता काटकर शुभारंभ किया।1
- गोगरी प्रखंड क्षेत्र के गोगरी, बोरना सहित आसपास की कई पंचायतों में शुक्रवार को मोहर्रम अखाड़े का भव्य आयोजन किया गया, जहाँ प्रतिभागियों ने पारंपरिक लाठी, लदवारी और अन्य युद्धक कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना रहा। आयोजन के दौरान युवाओं ने अपने पारंपरिक कौशल का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में दर्शक पहुँचे। पूरे कार्यक्रम में भाईचारे, आपसी सौहार्द और उत्साह का वातावरण देखने को मिला, जिसने समां बांध दिया। मोहर्रम जुलूस और अखाड़े के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। गोगरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार और अपर थानाध्यक्ष दिनेश कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए तैनात थे, जिससे यह आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुखिया प्रतिनिधि नासिर इकबाल, पंचायत समिति सदस्य विनोद शर्मा, पूर्व पंचायत समिति सदस्य रज्जाक शाह, समाजसेवी जावेद चौधरी, मुख्तार रैन तथा कई अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।4
- गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड में मोहर्रम का त्योहार आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। इस अवसर पर बाराचट्टी थाना क्षेत्र के सुलेबट्टा मैदान में एक भव्य मेले और अखाड़े का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक मेले में आस-पास के दर्जनों गांवों से अखाड़ा दल शामिल होने पहुंचे। मिली जानकारी के अनुसार, सोभ, छौड़ा और बान गांव से कुल दो भव्य ताजिया और 15 अखाड़ा दल सुलेबट्टा मैदान पहुंचे, जहाँ खिलाड़ियों ने लाठी-डंडे और पारंपरिक तरीकों से हैरतअंगेज करतब दिखाए। इस दौरान हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के महिला, पुरुष और बच्चों ने भारी संख्या में पहुँचकर जुलूस देखा और मेले का भरपूर आनंद लिया, जिसने कौमी एकता की एक अनूठी मिसाल पेश की। मेले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। क्षेत्र के सभी संवेदनशील इलाकों में मजिस्ट्रेट की सीधी निगरानी में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। बाराचट्टी थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार गश्त करते नजर आए, जिसके कारण पूरा महोत्सव शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।1