उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में झींझक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पर खुद के खिलाफ लगाए जा रहे अभद्रता और अन्य आरोपों पर एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। डॉ. त्रिपाठी के अनुसार, बीते 11 जुलाई को एक सीएचओ ने उनके पास आकर खुद के साथ हुई मारपीट की शिकायत की थी और पुलिस कार्रवाई न होने की बात कही थी। इस पर उन्होंने सीएचओ के ही मोबाइल से थाने में बात कराकर उनकी मदद की थी। इसके बाद जब सीएचओ ने मेडिकल परीक्षण न होने की शिकायत की, तो अधीक्षक ने ड्यूटी डॉक्टर से बात की थी। तब डॉक्टर ने ओपीडी में भारी भीड़ होने के कारण कुछ देर बाद मेडिकल करने की बात कही थी। डॉ. त्रिपाठी ने इन आरोपों को साजिश के तहत लगाया गया बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्टाफ सदस्य होने के नाते उन्होंने सीएचओ की मदद की थी, जबकि दूसरी ओर कुछ ग्रामीण भी सीएचओ के खिलाफ शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे।
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में झींझक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पर खुद के खिलाफ लगाए जा रहे अभद्रता और अन्य आरोपों पर एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। डॉ. त्रिपाठी के अनुसार, बीते 11 जुलाई को एक सीएचओ ने उनके पास आकर खुद के साथ हुई मारपीट की शिकायत की थी और पुलिस कार्रवाई न होने की बात कही थी। इस पर उन्होंने सीएचओ के ही मोबाइल से थाने में बात कराकर उनकी मदद की थी। इसके बाद जब सीएचओ ने मेडिकल परीक्षण न होने की शिकायत की, तो अधीक्षक ने ड्यूटी डॉक्टर से बात की थी। तब डॉक्टर ने ओपीडी में भारी भीड़ होने के कारण कुछ देर बाद मेडिकल करने की बात कही थी। डॉ. त्रिपाठी ने इन आरोपों को साजिश के तहत लगाया गया बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्टाफ सदस्य होने के नाते उन्होंने सीएचओ की मदद की थी, जबकि दूसरी ओर कुछ ग्रामीण भी सीएचओ के खिलाफ शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे।
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में झींझक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पर खुद के खिलाफ लगाए जा रहे अभद्रता और अन्य आरोपों पर एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। डॉ. त्रिपाठी के अनुसार, बीते 11 जुलाई को एक सीएचओ ने उनके पास आकर खुद के साथ हुई मारपीट की शिकायत की थी और पुलिस कार्रवाई न होने की बात कही थी। इस पर उन्होंने सीएचओ के ही मोबाइल से थाने में बात कराकर उनकी मदद की थी। इसके बाद जब सीएचओ ने मेडिकल परीक्षण न होने की शिकायत की, तो अधीक्षक ने ड्यूटी डॉक्टर से बात की थी। तब डॉक्टर ने ओपीडी में भारी भीड़ होने के कारण कुछ देर बाद मेडिकल करने की बात कही थी। डॉ. त्रिपाठी ने इन आरोपों को साजिश के तहत लगाया गया बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्टाफ सदस्य होने के नाते उन्होंने सीएचओ की मदद की थी, जबकि दूसरी ओर कुछ ग्रामीण भी सीएचओ के खिलाफ शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हवासपुर में बुधवार दोपहर करीब एक बजे टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत क्षय रोग (टीबी) से पीड़ित मरीजों को पोषण किट वितरित की गई। अभियान को गति देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने मरीजों को किट सौंपी। उन्होंने मरीजों से अपील की कि वे अपना उपचार बीच में न छोड़ें, समय पर दवाएं लें और पौष्टिक भोजन का सेवन करें, क्योंकि नियमित दवा के साथ पौष्टिक आहार ही टीबी को हराने की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक टीबी मरीज को बेहतर उपचार के साथ पोषण सहायता उपलब्ध कराकर जल्द स्वस्थ करना है। पोषण किट प्राप्त करने वाले मरीजों में विनय, विनोद, रागिनी, रोहित, दिनेश, भागीरथ, धर्म, माया देवी, मिथुन और राकेश शामिल रहे। इन सभी मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना की। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी हरिओम मिश्रा, ऋषि यादव, राकेश सहित अन्य कर्मचारियों ने भी उपस्थित रहकर मरीजों को टीबी से बचाव, नियमित इलाज और संतुलित आहार के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार टीबी मुक्त उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान, निःशुल्क उपचार और पोषण सहायता जैसी योजनाएं संचालित कर रही है, ताकि कोई भी मरीज संसाधनों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे।1
- औरैया में एक चिकित्सक द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में कार्रवाई करते हुए रामऔतार अस्पताल के संचालक एस के सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी औरैया ने इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी साझा की है। पुलिस ने मामले में आगे बढ़ते हुए चिकित्सक के शव को पीएम हाउस भेज दिया है।2
- औरैया के थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत यमुना नदी में कूदकर एक व्यक्ति द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में औरैया के पुलिस अधीक्षक द्वारा आधिकारिक वक्तव्य दिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के डेरापुर में सरकारी रोपण कार्यक्रमों के इंतजार में पौधे सूख गए हैं। इस बड़ी लापरवाही के बाद भी संबंधित जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह से बेखबर और उदासीन बने हुए हैं। पौधों को समय पर रोपे बिना ही सूखने के लिए छोड़ दिया गया, जिससे वे नष्ट हो गए, लेकिन इस नुकसान पर कोई सुध लेने वाला नहीं है।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा-रसूलाबाद मार्ग पर बुधवार सुबह करीब 6 बजे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। यहाँ लौवा का पुरवा गांव के सामने मक्का से लदा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड्ड में पलट गया। हादसे के समय गनीमत यह रही कि सड़क के आसपास कोई भी राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि होने से बच गई। दुर्घटना में ट्रक चालक भी पूरी तरह सुरक्षित बच गया है और किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। ट्रक चालक ने बताया कि वह ट्रक में मक्का लादकर सिकंदरा की ओर जा रहा था। इसी दौरान एक वाहन को ओवरटेक करते समय ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और सीधे सड़क किनारे खड्ड में जा गिरा। दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। फिलहाल, इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।1