बिहार के कटिहार जिले में मनसाही प्रखंड के कुरेठा पंचायत स्थित पंचवर्गा गांव और गोबरा घाट के बीच कमला नदी पर आजादी के दशकों बाद भी स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो सका है। इस महत्वपूर्ण मार्ग पर, जो मनसाही प्रखंड को पूरनपुर प्रखंड से जोड़ता है, ग्रामीण आज भी बांस से बने एक अस्थायी और बेहद संकरे पुल के सहारे जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। यह संकरा पुल इतना खतरनाक है कि इस पर एक बार में केवल एक ही दिशा से लोग आ-जा सकते हैं, जिससे हमेशा बड़े हादसे का डर बना रहता है और ग्रामीण रोज अपनी जान जोखिम में डालते हैं। नदी के दोनों किनारों पर निवास करने वाली बड़ी आबादी को बाजार, स्कूल, अस्पताल, मस्जिद और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसी जानलेवा रास्ते से गुजरना पड़ता है। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे आवाजाही लगभग ठप पड़ जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल के अभाव में आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों की जान पर आफत बनी हुई है। लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों के 2000 से अधिक लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं, जहां महिलाओं को प्रसव के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और यहां तक कि किसी की मृत्यु होने पर शव को कब्रिस्तान तक ले जाने के लिए भी 15 किलोमीटर से अधिक का चक्कर काटना पड़ता है। स्थानीय लोगों, जिनमें मो0 शहाबुद्दीन, वार्ड सदस्य मो0 आलमगीर और छात्र निशार आलम शामिल हैं, ने आरोप लगाया है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि पुल निर्माण का सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वादे ठंडे बस्ते में डाल दिए जाते हैं। ग्रामीणों ने सरकार से जल्द स्थायी पुल के निर्माण की मांग करते हुए कहा है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी काम चाहिए। मामले को लेकर मनिहारी से कांग्रेस के विधायक मनोहर सिंह से भी मुलाकात की गई, लेकिन वहां से भी आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। बाद में, मनिहारी विधायक मनोहर प्रसाद (कांग्रेस) ने स्वयं इस जगह का दौरा किया और पुनः जल्द पुल निर्माण का आश्वासन दिया। वहीं, कटिहार जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल अंचलाधिकारी को वहां निशुल्क नाव चलाने का निर्देश दिया है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि पुल बनाने की प्रक्रिया को संबंधित विभाग को भेजा जाएगा, और विभाग के निर्णय के आधार पर पुल का निर्माण होगा, लेकिन फिलहाल लोगों की सुरक्षा के लिए नाव की व्यवस्था की जा रही है ताकि किसी तरह की घटना न हो।
बिहार के कटिहार जिले में मनसाही प्रखंड के कुरेठा पंचायत स्थित पंचवर्गा गांव और गोबरा घाट के बीच कमला नदी पर आजादी के दशकों बाद भी स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो सका है। इस महत्वपूर्ण मार्ग पर, जो मनसाही प्रखंड को पूरनपुर प्रखंड से जोड़ता है, ग्रामीण आज भी बांस से बने एक अस्थायी और बेहद संकरे पुल के सहारे जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। यह संकरा पुल इतना खतरनाक है कि इस पर एक बार में केवल एक ही दिशा से लोग आ-जा सकते हैं, जिससे हमेशा बड़े हादसे का डर बना रहता है और ग्रामीण रोज अपनी जान जोखिम में डालते हैं। नदी के दोनों किनारों पर निवास करने वाली बड़ी आबादी को बाजार, स्कूल, अस्पताल, मस्जिद और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसी जानलेवा रास्ते से गुजरना पड़ता है। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे आवाजाही लगभग ठप पड़ जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल के अभाव में आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों की जान पर आफत बनी हुई है। लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों के 2000 से अधिक लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं, जहां महिलाओं को प्रसव के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और यहां
तक कि किसी की मृत्यु होने पर शव को कब्रिस्तान तक ले जाने के लिए भी 15 किलोमीटर से अधिक का चक्कर काटना पड़ता है। स्थानीय लोगों, जिनमें मो0 शहाबुद्दीन, वार्ड सदस्य मो0 आलमगीर और छात्र निशार आलम शामिल हैं, ने आरोप लगाया है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि पुल निर्माण का सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वादे ठंडे बस्ते में डाल दिए जाते हैं। ग्रामीणों ने सरकार से जल्द स्थायी पुल के निर्माण की मांग करते हुए कहा है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी काम चाहिए। मामले को लेकर मनिहारी से कांग्रेस के विधायक मनोहर सिंह से भी मुलाकात की गई, लेकिन वहां से भी आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। बाद में, मनिहारी विधायक मनोहर प्रसाद (कांग्रेस) ने स्वयं इस जगह का दौरा किया और पुनः जल्द पुल निर्माण का आश्वासन दिया। वहीं, कटिहार जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल अंचलाधिकारी को वहां निशुल्क नाव चलाने का निर्देश दिया है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि पुल बनाने की प्रक्रिया को संबंधित विभाग को भेजा जाएगा, और विभाग के निर्णय के आधार पर पुल का निर्माण होगा, लेकिन फिलहाल लोगों की सुरक्षा के लिए नाव की व्यवस्था की जा रही है ताकि किसी तरह की घटना न हो।
- अखिलेश सर के मार्गदर्शन में, कई युवक और युवतियाँ अपनी शारीरिक कसरत कर रहे हैं। ये सभी पुलिस विभाग में भर्ती के लिए फॉर्म भरने की तैयारी में जुटे हुए हैं।1
- कटिहार के कुरसेला थाना क्षेत्र में पुलिस ने सोमवार को शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस ने 107 लीटर विदेशी शराब के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, वहीं शराब ढोने में इस्तेमाल हो रहा एक ई-रिक्शा भी जब्त कर लिया गया है। थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने जानकारी दी कि गुप्त सूचना के आधार पर राष्ट्रीय राजमार्ग-31 स्थित कटरिया पुलिस पिकेट के समीप वाहन जांच अभियान चलाया गया था। इसी जांच के दौरान एक ई-रिक्शा की तलाशी में उसमें छिपाकर ले जाई जा रही 107 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान प्रिंस कुमार (20 वर्ष), निवासी शांतिनगर, तथा मनोज कुमार दास (31 वर्ष), निवासी छठ पोखर, दालमा टोली के रूप में हुई है। ये दोनों पूर्णिया जिले के सहायक खजांची थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। दोनों आरोपितों के विरुद्ध मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है। थानाध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शराब तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा और इस प्रकार के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- कटिहार जिले के हसनगंज खेल मैदान में जलजमाव की समस्या से खिलाड़ियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। बताया गया है कि हल्की बारिश होने पर भी यह मैदान तालाब में बदल जाता है, जिसके कारण खिलाड़ियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए खिलाड़ियों ने प्रशासन से खेल मैदान में मिट्टी भराई करवाने की मांग की है।1
- झारखंड के बड़ा तालबोना गाँव में एक अद्भुत घटना ने लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया है। यहाँ एक ऐसी मिर्च देखी गई है, जिसका आकार बिल्कुल बैगन जैसा है। इस अनोखी और हैरान कर देने वाली मिर्च को देखने के लिए करोड़ों की संख्या में लोग इस गाँव में उमड़ पड़े हैं, जहाँ इसे देखने वालों की भीड़ लगी हुई है।1
- एडवोकेट सुशील सियाग ने हरियाणा के कैबिनेट मंत्री के समक्ष पंजाब में नशे के भयावह हालातों को बताते हुए अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। सियाग ने दावा किया कि 'आप' सरकार के कार्यकाल में पंजाब में नशे ने हजारों माताओं के बेटों और बहनों के भाइयों की जान ले ली है। उन्होंने इस दौरान जिला कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी की एक माँ की मार्मिक दास्तान सुनाई, जिसने नशे रूपी दानव के कारण अपने पाँच बेटों को खो दिया। इन भयावह परिस्थितियों का वर्णन करते हुए एडवोकेट सियाग बेहद भावुक हो गए।1
- झारखंड में दिनांक 08/06 को लगभग शाम 4 बजे हल्की हवाओं के साथ बारिश हुई। इस दौरान, वायरल एक्ट्रेस केडी कल्पना कुमारी इस बारिश का लुत्फ उठाती हुई नजर आईं। इस पल को 'जोहार झारखंड' और 'जय जवान जय किसान' के भाव के साथ सराहा गया।1
- जनता दल (यूनाइटेड) द्वारा सुशांत कुमार सिंह को जलालगढ़ प्रखंड अध्यक्ष मनोनीत किए जाने के बाद जलालगढ़ के जदयू कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। गुमटी चौक स्थित जदयू कार्यालय में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ कार्यकर्ताओं ने सुशांत कुमार सिंह को अबीर-गुलाल लगाकर, फूल-मालाएं पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर, कार्यकर्ताओं ने उन्हें उनकी नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि वे संगठन को और अधिक मजबूत करेंगे तथा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देंगे। इस समारोह में बड़ी संख्या में जदयू कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे।1
- बिहार के कटिहार जिले में मनसाही प्रखंड के कुरेठा पंचायत स्थित पंचवर्गा गांव और गोबरा घाट के बीच कमला नदी पर आजादी के दशकों बाद भी स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो सका है। इस महत्वपूर्ण मार्ग पर, जो मनसाही प्रखंड को पूरनपुर प्रखंड से जोड़ता है, ग्रामीण आज भी बांस से बने एक अस्थायी और बेहद संकरे पुल के सहारे जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। यह संकरा पुल इतना खतरनाक है कि इस पर एक बार में केवल एक ही दिशा से लोग आ-जा सकते हैं, जिससे हमेशा बड़े हादसे का डर बना रहता है और ग्रामीण रोज अपनी जान जोखिम में डालते हैं। नदी के दोनों किनारों पर निवास करने वाली बड़ी आबादी को बाजार, स्कूल, अस्पताल, मस्जिद और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसी जानलेवा रास्ते से गुजरना पड़ता है। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे आवाजाही लगभग ठप पड़ जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल के अभाव में आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों की जान पर आफत बनी हुई है। लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों के 2000 से अधिक लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं, जहां महिलाओं को प्रसव के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और यहां तक कि किसी की मृत्यु होने पर शव को कब्रिस्तान तक ले जाने के लिए भी 15 किलोमीटर से अधिक का चक्कर काटना पड़ता है। स्थानीय लोगों, जिनमें मो0 शहाबुद्दीन, वार्ड सदस्य मो0 आलमगीर और छात्र निशार आलम शामिल हैं, ने आरोप लगाया है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि पुल निर्माण का सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वादे ठंडे बस्ते में डाल दिए जाते हैं। ग्रामीणों ने सरकार से जल्द स्थायी पुल के निर्माण की मांग करते हुए कहा है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी काम चाहिए। मामले को लेकर मनिहारी से कांग्रेस के विधायक मनोहर सिंह से भी मुलाकात की गई, लेकिन वहां से भी आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। बाद में, मनिहारी विधायक मनोहर प्रसाद (कांग्रेस) ने स्वयं इस जगह का दौरा किया और पुनः जल्द पुल निर्माण का आश्वासन दिया। वहीं, कटिहार जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल अंचलाधिकारी को वहां निशुल्क नाव चलाने का निर्देश दिया है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि पुल बनाने की प्रक्रिया को संबंधित विभाग को भेजा जाएगा, और विभाग के निर्णय के आधार पर पुल का निर्माण होगा, लेकिन फिलहाल लोगों की सुरक्षा के लिए नाव की व्यवस्था की जा रही है ताकि किसी तरह की घटना न हो।2