निमाड़ में गणगौर पर्व बड़े धूमधाम से मनाया गया गणगौर पर्व निमाड़ का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है *गणगौर पर्व पर निमाड़ क्षेत्र में गणगौर पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गयागौर माता की जयकारों से नगर में हुआ गूंजाय मान* रिपोर्ट भगवान सिंह चौहान। सनावद। निमाड़ की लोक आस्था के सबसे बड़े महापर्व को लेकर शनिवार चारों ओर नजर आया चेत शुक्ला की तीज को ब्रह्म मुहूर्त में बाडीयो के पट खुलते ही गणगौर माता की जय कारों से नगर गूंजायमान शहर में 8 से अधिक स्थान पर बोई गई मुख्य बाडीयो के पट सुबह 8 बजेदर्शन के लिए खोली गई माता रूपी ज्वारों का दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं में लगी भीड़ भीड़ अधिक होने से श्रद्धालुओं की लंबी कतार देखने को मिली महिलाओं ने माता को वस्त्र सुहाग सामग्री सहित अन्य वस्तु अर्पित कर मंगल कामना की माता को चुनरी ओढ़ा कर श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया बाड़ी खोलते ही निमाड़ी लोकगीत महिलाओं ने माता को झालेरिया दिए जवारो की पूजन के बाद माता के रथ सजाने वाले मन्नत वाले परिवार बाड़ी स्थल पर ढोल ताशा के साथ धणीयर राजा की बारात लेकर रानू बाई को लेने पहुंचे जहां पूजन के बाद जवारो को सुसिजित रतों में रखकर महिला पुरुषों ने सिर पर रख लिया शोभा यात्रा के रूप में अपने घर अतिथि बना कर ले गए जहां परिवार के साथ पूजन किया एवं गणगौर के साथ धणीयर राजा रुप शिवजी एवं गणगौर माता रूपी माता पार्वती को मान्यता देते हैं पार्वती जी कृष्ण पक्ष की एकादशी पर गणगौर माता के रूप में रानू बाई अपनी मायके आई है चैत्र शुक्ल पक्ष की तीज के रोज धनिया राजा उन्हें लेने ससुराल आते हैं यहां गणगौर स्थापना वाले परिवार व समाज द्वारा रथ बढ़ाए जाते हैं यानी रानू बाई को मायके में रोका जाता है इसके रहते रविवार को रथ बोढ़ाए जाएंगे सोमवार को विसर्जन कर यात्रा निकाली जाएगी
निमाड़ में गणगौर पर्व बड़े धूमधाम से मनाया गया गणगौर पर्व निमाड़ का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है *गणगौर पर्व पर निमाड़ क्षेत्र में गणगौर पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गयागौर माता की जयकारों से नगर में हुआ गूंजाय मान* रिपोर्ट भगवान सिंह चौहान। सनावद। निमाड़ की लोक आस्था के सबसे बड़े महापर्व को लेकर शनिवार चारों ओर नजर आया चेत शुक्ला की तीज को ब्रह्म मुहूर्त में बाडीयो के पट खुलते ही गणगौर माता की जय कारों से नगर गूंजायमान शहर में 8 से अधिक स्थान पर बोई गई मुख्य बाडीयो के पट सुबह 8 बजेदर्शन के लिए खोली गई माता रूपी ज्वारों का दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं में लगी भीड़ भीड़ अधिक होने से श्रद्धालुओं की लंबी कतार देखने को मिली महिलाओं ने माता को वस्त्र सुहाग सामग्री सहित अन्य वस्तु अर्पित कर मंगल कामना की माता को चुनरी ओढ़ा कर श्रद्धालुओं
ने आशीर्वाद लिया बाड़ी खोलते ही निमाड़ी लोकगीत महिलाओं ने माता को झालेरिया दिए जवारो की पूजन के बाद माता के रथ सजाने वाले मन्नत वाले परिवार बाड़ी स्थल पर ढोल ताशा के साथ धणीयर राजा की बारात लेकर रानू बाई को लेने पहुंचे जहां पूजन के बाद जवारो को सुसिजित रतों में रखकर महिला पुरुषों ने सिर पर रख लिया शोभा यात्रा के रूप में अपने घर अतिथि बना कर ले गए जहां परिवार के साथ पूजन किया एवं गणगौर के साथ धणीयर राजा रुप शिवजी एवं गणगौर माता रूपी माता पार्वती को मान्यता देते हैं पार्वती जी कृष्ण पक्ष की एकादशी पर गणगौर माता के रूप में रानू बाई अपनी मायके आई है चैत्र शुक्ल पक्ष की तीज के रोज धनिया राजा उन्हें लेने ससुराल आते हैं यहां गणगौर स्थापना वाले परिवार व समाज द्वारा रथ बढ़ाए जाते हैं यानी रानू बाई को मायके में रोका जाता है इसके रहते रविवार को रथ बोढ़ाए जाएंगे सोमवार को विसर्जन कर यात्रा निकाली जाएगी
- महामहिम राज्यपाल का खरगोन प्रवास रक्षा अस्पताल में सिकल सेल यूनिट का लोकार्पण स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में होंगे शामिल खरगोन 03 अप्रैल 2026। मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल शनिवार, 04 अप्रैल 2026 को खरगोन जिले के प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम अनुसार वे दोपहर 1.45 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा खरगोन आगमन करेंगे। आगमन के पश्चात महामहिम राज्यपाल श्री पटेल दोपहर 1.50 बजे कार द्वारा सनावद रोड स्थित रक्षा अस्पताल के लिए प्रस्थान करेंगे तथा दोपहर 2.00 बजे रक्षा अस्पताल पहुँचेंगे। यहाँ वे दोपहर 2.00 बजे से 3.40 बजे तक सिकल सेल यूनिट का लोकार्पण करेंगे एवं सिकल सेल जागरूकता कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम उपरांत महामहिम राज्यपाल श्री पटेल दोपहर 3.40 बजे हेलिपैड, खरगोन से मांडव के लिए प्रस्थान करेंगे। महामहिम राज्यपाल श्री पटेल के इस प्रवास को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं।1
- युवा नेता सुनील शिव सिंह राजपूत अमरपाटन1
- सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कालीकुंडी में कनेर नदी पर बनने वाले नए पुल का भूमिपूजन शनिवार को विधिवत रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक मोंटू सोलंकी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। यह पुल लंबे समय से क्षतिग्रस्त था, जिसके कारण आसपास के गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कार्यक्रम का समय सुबह 10 बजे निर्धारित था, लेकिन विभागीय अधिकारी करीब 12 बजे मौके पर पहुंचे। इस देरी को लेकर विधायक मोंटू सोलंकी ने कड़ी नाराजगी जताई और इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताते हुए मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित के कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में समय का विशेष ध्यान रखा जाए। करीब 79.80 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण पर 377.70 लाख रुपये की लागत आएगी। पुल बनने से कालीकुंडी सहित आसपास के कई गांवों के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। खासकर बारिश के मौसम में होने वाली समस्याओं से राहत मिलेगी और आवागमन सुरक्षित व सुगम हो सकेगा। विधायक ने निर्माण कार्य को उच्च गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस पुल के बनने से क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे और सभी ने इस महत्वपूर्ण विकास कार्य के लिए खुशी जताई।1
- नवनिधी के दाता श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव बाबा बालकदास हिंगलाज वाटिका स्थित हनुमान मंदिर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यह जानकारी देते हुए अंतर्राष्ट्रीय भावसार महासभा मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ सचिव, मंदिर प्रमुख गणेश भावसार एवं सेवादार राजू भावसार ने बताया कि इस मौके पर पवनपुत्र श्री हनुमान जी का जन्म प्रगटोंत्सव प्रातः 5 बजे चौला श्रृंगार, प्रातः 6 बजे जन्म आरती एवं हवन के पश्चात सुंदरकांड संगीतमय आयोजन हुआ। भावसार महिला मंडल की मात्रृशाक्ति द्वारा 3 बजे से संगीतमय सुंदरकांड का आयोजन हुआ। इस मौके पर डिम्पल पुनित चौरसिया, रोशनी विशाल शुक्ला, सत्यम सोनी, किरण धीमान, प्रशांत सोनी, रजत सोहनी, हरीश तिन्ना आदि सहित दूर-दूर से पहुंचे श्री राम भक्तों ने भोजन प्रसादी ग्रहण की।1
- खंडवा वड़ोदरा हाईवे पर 3 महीने से टूटी पुलिय खंडवा- खंडवा बड़ोदरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदगांव घोटिया फाटा के पास पिछले 3 महीने से एक 60 साल पुरानी पुलिया टूट गई है 16 दिसंबर को एक 55 टन के कंटेनर के दबाव से यह पुलिया धंस गई थी जिसके बाद जर्जर डायवर्जन पर 10 बड़े हादसे हो चुके है1
- Post by Masood Javed Qadri1
- कालीबावड़ी। देश की राजधानी दिल्ली में संचालित ‘अपराजिता आईएएस एकेडमी’ की संचालिका साध्वी राधिका पटेल इन दिनों आस्था, सेवा और संकल्प की अद्भुत मिसाल पेश कर रही हैं। वे मां नर्मदा की पवित्र पैदल परिक्रमा पर निकली हुई हैं, जिसकी शुरुआत ओंकारेश्वर से की गई थी। उनकी इस तपस्या को अब 100 दिन पूरे हो चुके हैं। गुरुवार को नर्मदा परिक्रमा मार्ग स्थित ग्राम कालीबावड़ी पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। श्रीराम मंदिर में कालीबावड़ी युवा जागृति मंच, मां नर्मदा सदाव्रत समिति एवं मां गायत्री भजन मंडली के सदस्यों ने श्रीफल व पुष्पमाला से आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने उनसे प्रश्न किया कि इतनी कम उम्र में नर्मदा परिक्रमा का संकल्प क्यों? इस पर राधिका ने सहज भाव से कहा, “ज्ञान प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती। युवावस्था ही अध्यात्म को समझने का सर्वोत्तम समय है। यदि मन में दृढ़ संकल्प, सेवा भाव और चरित्र हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।” उन्होंने बताया कि परिक्रमा के दौरान उन्हें अनेक संतों और मनीषियों का सानिध्य प्राप्त हुआ, जिससे उनके विचारों में और अधिक परिपक्वता आई है। साथ ही उन्होंने नर्मदा तट की स्वच्छता को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जागरूकता की आवश्यकता है। वे यात्रा के दौरान युवाओं को स्वच्छता के प्रति प्रेरित कर शपथ भी दिला रही हैं। गुरुवार को कालीबावड़ी पहुंचने के बाद उन्होंने मां नर्मदा परिक्रमा वासियों को भोजन प्रसादी सेवा देने वाले ओमू राठौड़ के निवास पर रात्रि विश्राम किया। शुक्रवार सुबह ग्राम के अशोक सेन के यहां स्वल्पाहार ग्रहण कर वे रेवाकुंड मांडू के दर्शनों के लिए रवाना हुईं। अपने जीवन संघर्ष साझा करते हुए उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के नर्मदा तट स्थित देवगुआ में उनका बचपन बीता। मात्र 10 वर्ष की आयु में ही उन्होंने ब्रह्मचर्य व्रत लेकर स्वयं को देश सेवा के लिए समर्पित कर दिया। जबलपुर में कराटे में ब्लैक बेल्ट हासिल करने के बाद उन्होंने आईएएस बनने का लक्ष्य लेकर दिल्ली का रुख किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की मेंस परीक्षा उत्तीर्ण की, लेकिन सीमित प्रयासों के कारण अंतिम चयन नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने ‘अपराजिता आईएएस एकेडमी’ की स्थापना की, जहां गरीब एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को नि:शुल्क या कम शुल्क में उच्च स्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। उनके मार्गदर्शन में कई विद्यार्थी आईएएस, आईपीएस सहित अन्य प्रशासनिक सेवाओं में चयनित हो चुके हैं। पिछले डेढ़ माह से जारी इस पदयात्रा का उद्देश्य मानव उत्थान के माध्यम से राष्ट्र उत्थान और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “आपके भीतर असीम ऊर्जा है। जो भी कार्य करें, उसे पूरी निष्ठा और समर्पण से करें। भय और संशय को त्यागेंगे, तभी जीवन में महान लक्ष्य प्राप्त होंगे।” इसके बाद वे मां नर्मदा आश्रम अन्न क्षेत्र, ग्राम बड़ी छितरी पहुंचीं, जहां उन्होंने आश्रम में चल रहे आश्रय स्थल के निर्माण कार्य का अवलोकन किया। इस दौरान आश्रम से जुड़े सेवाभावी कार्यकर्ताओं—सुरेंद्र, अशोक सेन आयुष कर्मा,गिरजेश राठौड़, और कांति बापू ने उनका स्वागत4
- Meri Naiyya Ka Tu Kinara #shiv_singh_rajput_dahiya_news_update #videoreelviral #maashardadevi #maiharpolice #maihardham1