बिहार के मधेपुरा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ देर रात घर में घुसे बदमाशों के बाद एक किसान की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतक की पहचान जोतैली पंचायत के रामपुर डेहरु वार्ड नौ निवासी 60 वर्षीय कामेश्वर मेहता के रूप में हुई है। घटनास्थल से एक खोखा (खाली कारतूस का खोल) बरामद होने के बाद यह मामला और भी रहस्यमय हो गया है, और पुलिस हत्या के हर एंगल से जाँच में जुट गई है। परिजनों के मुताबिक, रविवार देर रात करीब 12 बजे चार से पांच बदमाश घर में घुस आए थे। उस वक्त कामेश्वर मेहता कमरे में सो रहे थे, जबकि उनकी पत्नी गीता देवी बरामदे में थीं। गीता देवी का आरोप है कि बदमाशों ने घर में घुसते ही उनके पति के साथ मारपीट शुरू कर दी थी। डर के कारण वह वहाँ से भागकर गाँव के मुखिया के घर पहुँचीं और घटना की सूचना दी। बताया जा रहा है कि घर चारदीवारी से घिरा हुआ था और आशंका है कि अपराधी बगल की सीढ़ी के रास्ते अंदर दाखिल हुए। हालाँकि, इस मामले में कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं, क्योंकि जिस जगह से शव बरामद हुआ, वहाँ खून के निशान नहीं मिले हैं, जिससे घटना रहस्य में घिरती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, परिवार में लंबे समय से पारिवारिक विवाद की भी चर्चा रही है, लेकिन पुलिस फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से बच रही है। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। यह मामला हत्या, पारिवारिक विवाद या किसी और साजिश से जुड़ा है, इसका जवाब अब पुलिस जाँच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल, इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और कई तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।
बिहार के मधेपुरा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ देर रात घर में घुसे बदमाशों के बाद एक किसान की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतक की पहचान जोतैली पंचायत के रामपुर डेहरु वार्ड नौ निवासी 60 वर्षीय कामेश्वर मेहता के रूप में हुई है। घटनास्थल से एक खोखा (खाली कारतूस का खोल) बरामद होने के बाद यह मामला और भी रहस्यमय हो गया है, और पुलिस हत्या के
हर एंगल से जाँच में जुट गई है। परिजनों के मुताबिक, रविवार देर रात करीब 12 बजे चार से पांच बदमाश घर में घुस आए थे। उस वक्त कामेश्वर मेहता कमरे में सो रहे थे, जबकि उनकी पत्नी गीता देवी बरामदे में थीं। गीता देवी का आरोप है कि बदमाशों ने घर में घुसते ही उनके पति के साथ मारपीट शुरू कर दी थी। डर के कारण वह वहाँ से भागकर गाँव के मुखिया के घर पहुँचीं और घटना की सूचना दी। बताया जा
रहा है कि घर चारदीवारी से घिरा हुआ था और आशंका है कि अपराधी बगल की सीढ़ी के रास्ते अंदर दाखिल हुए। हालाँकि, इस मामले में कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं, क्योंकि जिस जगह से शव बरामद हुआ, वहाँ खून के निशान नहीं मिले हैं, जिससे घटना रहस्य में घिरती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, परिवार में लंबे समय से पारिवारिक विवाद की भी चर्चा रही है, लेकिन पुलिस फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से बच रही है। सूचना
मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। यह मामला हत्या, पारिवारिक विवाद या किसी और साजिश से जुड़ा है, इसका जवाब अब पुलिस जाँच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल, इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और कई तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।
- बिहार के मधेपुरा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ देर रात घर में घुसे बदमाशों के बाद एक किसान की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतक की पहचान जोतैली पंचायत के रामपुर डेहरु वार्ड नौ निवासी 60 वर्षीय कामेश्वर मेहता के रूप में हुई है। घटनास्थल से एक खोखा (खाली कारतूस का खोल) बरामद होने के बाद यह मामला और भी रहस्यमय हो गया है, और पुलिस हत्या के हर एंगल से जाँच में जुट गई है। परिजनों के मुताबिक, रविवार देर रात करीब 12 बजे चार से पांच बदमाश घर में घुस आए थे। उस वक्त कामेश्वर मेहता कमरे में सो रहे थे, जबकि उनकी पत्नी गीता देवी बरामदे में थीं। गीता देवी का आरोप है कि बदमाशों ने घर में घुसते ही उनके पति के साथ मारपीट शुरू कर दी थी। डर के कारण वह वहाँ से भागकर गाँव के मुखिया के घर पहुँचीं और घटना की सूचना दी। बताया जा रहा है कि घर चारदीवारी से घिरा हुआ था और आशंका है कि अपराधी बगल की सीढ़ी के रास्ते अंदर दाखिल हुए। हालाँकि, इस मामले में कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं, क्योंकि जिस जगह से शव बरामद हुआ, वहाँ खून के निशान नहीं मिले हैं, जिससे घटना रहस्य में घिरती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, परिवार में लंबे समय से पारिवारिक विवाद की भी चर्चा रही है, लेकिन पुलिस फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से बच रही है। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। यह मामला हत्या, पारिवारिक विवाद या किसी और साजिश से जुड़ा है, इसका जवाब अब पुलिस जाँच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल, इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और कई तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।4
- कलेक्ट्रेट परिसर में तीन दिवसीय पासपोर्ट सेवा मोबाइल कैंप का शुभारंभ हो गया है।1
- सहरसा में जीतनराम मांझी के एक बयान को लेकर यादव समाज के लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिला है। अपने गुस्से का इजहार करते हुए यादव समुदाय के सदस्यों ने जीतनराम मांझी का पुतला फूंक दिया है।1
- सहरसा जिले के सौर बाजार थाना परिसर में रविवार को मुस्लिम के पवित्र त्योहार बकरीद को लेकर एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक सौर बाजार थानाध्यक्ष सुबोध कुमार की अध्यक्षता में और सौर बाजार अंचल कार्यालय के राजस्व अधिकारी तोषण कुमार की उपस्थिति में संपन्न हुई, जिसमें थाना क्षेत्र के सभी पंचायतों के जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग शामिल हुए। बैठक में बताया गया कि यह त्योहार पैगम्बर हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है, जो अल्लाह के लिए अपनी सबसे प्यारी चीज भी कुर्बान करने के जज्बे को दर्शाता है। बकरीद पर्व हजरत इब्राहिम की अल्लाह के प्रति वफादारी, त्याग और आज्ञाकारिता की याद दिलाता है। सौर बाजार थानाध्यक्ष सुबोध कुमार और राजस्व अधिकारी तोषण कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बकरीद पर्व हम सभी को एकता और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस प्रशासन इस पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न करवाने के लिए सदैव तत्पर है। वहीं, बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस थाना क्षेत्र में आज तक किसी भी पर्व को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ है, और इसीलिए बकरीद पर्व भी आपसी भाईचारा कायम रखते हुए शांतिपूर्ण माहौल में ही संपन्न होगा।1
- सुपौल जिले में जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के अंतर्गत 'जनभागीदारी अभियान सबसे दूर, सबसे पहले' का सफल आयोजन किया गया। यह अभियान 19 मई 2026 से 25 मई 2026 तक अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों के तीन प्रखंडों किशनपुर, त्रिवेणीगंज और बसंतपुर में संपन्न हुआ। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अनुसूचित जनजाति के लोगों तक पहुंचाना था। इस अभियान के तहत कुल 16 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 1438 अनुसूचित जनजाति के लोगों ने सक्रिय भागीदारी की। इन शिविरों में सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभ हेतु कुल 183 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें आधार कार्ड के 18 आवेदन, जाति प्रमाण पत्र के 95 आवेदन, पेंशन योजना के 3 आवेदन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 3 आवेदन शामिल थे, साथ ही आयुष्मान भारत और जन्म प्रमाण-पत्र हेतु भी आवेदन मिले। कुल 183 आवेदनों में से 168 का मौके पर ही निष्पादन कर हितग्राहियों को हकदारी वितरण किया गया। शेष आवेदनों के त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- सहरसा जिले के सोनबरसा कचहरी थाना परिसर में आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी सुप्रीति वर्मा ने की। बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न समुदायों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर थाना प्रभारी सुप्रीति वर्मा ने सभी लोगों से आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि बकरीद आपसी प्रेम, त्याग और सौहार्द का त्योहार है, इसलिए सभी को प्रशासन के साथ सहयोग करना चाहिए और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, साफ-सफाई तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी थाना अध्यक्ष ने बताया कि पर्व के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहेगा और क्षेत्र में लगातार गश्त की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि समय पर उचित कार्रवाई की जा सके। बैठक में मौजूद लोगों ने भी प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया और कहा कि क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी समुदाय मिलकर काम करेंगे।1
- सहरसा जिले के सोनवर्षा राज थाना पुलिस ने गुप्त सूचना और नियमित गश्ती के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए देशी एवं विदेशी शराब की कुल 76 लीटर की खेप बरामद की है। इस अभियान के तहत पुलिस ने तीन शराब कारोबारियों को गिरफ्तार कर एक मोटरसाइकिल भी जब्त की। थानाध्यक्ष नागमणि कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर विपिन कुमार उर्फ किशन कुमार, जो डुमरा निवासी और महेंद्र साह का पुत्र है, उसे 26.640 लीटर विदेशी शराब और एक मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, पुलिस ने नियमित गश्ती के दौरान खगड़िया जिले के बेलदौर थाना क्षेत्र के केजरी गांव निवासी अरविंद यादव और आजाद कुमार नामक दो अन्य कारोबारियों को 50 लीटर देसी शराब के साथ धर दबोचा। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। थानाध्यक्ष नागमणि कुमार ने यह भी बताया कि क्षेत्र में शराब कारोबारियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- मधेपुरा जिले के गोलपारा के अंतर्गत श्याम ग्राम पोस्ट में स्थित वार्ड नंबर 13 की सड़क के संबंध में जानकारी दी गई है।1