सतना जिले की मेधावी बेटी कु. अंजना सिंह ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त कर एक बार फिर अपने जिले का नाम रोशन किया है। अंजना सिंह ने 'फूड इंस्पेक्टर' (खाद्य निरीक्षक) के पद पर अपनी जगह सुनिश्चित की है, जिससे पूरे सतना क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद जैसे ही अंजना सिंह अपने गृह नगर पहुँचीं, रेलवे स्टेशन पर उनके परिजनों, शुभचिंतकों और स्थानीय निवासियों का एक बड़ा जनसैलाब उमड़ पड़ा। फूल-मालाओं की गूंज और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ उनका गर्मजोशी से भव्य अभिनंदन किया गया। यह पल न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत गौरवशाली रहा। अंजना की यह उपलब्धि उन हजारों युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा के रूप में सामने आई है जो विपरीत परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ रहे हैं। उनके परिजनों ने इस सफलता को उनके निरंतर परिश्रम और दृढ़ संकल्प का परिणाम बताया है। क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और शुभचिंतकों ने अंजना सिंह के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और आगे भी इसी तरह सफलता की ऊंचाइयों को छूने की कामना की है।
सतना जिले की मेधावी बेटी कु. अंजना सिंह ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त कर एक बार फिर अपने जिले का नाम रोशन किया है। अंजना सिंह ने 'फूड इंस्पेक्टर' (खाद्य निरीक्षक) के पद पर अपनी जगह सुनिश्चित की है, जिससे पूरे सतना क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद जैसे ही अंजना सिंह अपने गृह नगर पहुँचीं, रेलवे स्टेशन पर उनके परिजनों, शुभचिंतकों और स्थानीय निवासियों का एक बड़ा जनसैलाब उमड़ पड़ा। फूल-मालाओं की गूंज और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ उनका गर्मजोशी से भव्य अभिनंदन किया गया। यह पल न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत गौरवशाली रहा। अंजना की यह उपलब्धि उन हजारों युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा के रूप में सामने आई है जो विपरीत परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ रहे हैं। उनके परिजनों ने इस सफलता को उनके निरंतर परिश्रम और दृढ़ संकल्प का परिणाम बताया है। क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और शुभचिंतकों ने अंजना सिंह के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और आगे भी इसी तरह सफलता की ऊंचाइयों को छूने की कामना की है।
- इंदौर में अवैध मदिरा के खिलाफ आबकारी विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में, कलेक्टर शिवम वर्मा के आदेश और सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के निर्देशन में, कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी, डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल, तथा सहायक जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र जोशी के नेतृत्व में 27 जून को बड़ी कार्रवाई की गई। वृत्त बम्बई बाजार प्रभारी उप निरीक्षक मीरा सिंह ने दो अलग-अलग स्थानों पर अवैध शराब के परिवहन का भंडाफोड़ करते हुए इसे जब्त किया। यह कार्रवाई पलसीकर मेन रोड और हाथीपाला पुल क्षेत्र में की गई। पलसीकर मेन रोड पर एक एक्टिवा से 24 बोतल किंगफिशर अल्ट्रा बीयर (15.6 बल्क लीटर) जब्त की गई, जबकि हाथीपाला पुल क्षेत्र में एक टीवीएस जुपिटर से रॉयल स्टैग, बैगपाइपर, सिग्नेचर और मैजिक मोमेंट ऑरेंज ब्रांड की 11 बोतल (8.25 बल्क लीटर) विदेशी मदिरा बरामद हुई। जब्त की गई अवैध मदिरा और दोनों वाहनों का कुल अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 1.66 लाख रुपये बताया गया है। इस मामले में आरोपी राजेश हरिचरण चौरसिया और हेमंत उर्फ गोटिया सतीश शर्मा के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई है। इस पूरी कार्रवाई में आरक्षक मोहित रायकवार, मोहित कछवाय, कोमल कनेल और वाहन चालक अमित ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आबकारी विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन और विक्रय के विरुद्ध उनका अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा। विभाग ने नागरिकों से अवैध शराब से संबंधित कोई भी सूचना साझा करने की अपील की है और यह भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।1
- सतना के बाणसागर डेम में डूबे 15 वर्षीय किशोर वेद गुप्ता का शव रविवार सुबह बरामद कर लिया गया, जिसके बाद परिजनों और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। किशोर के लापता होने के बाद से प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर लगातार दो दिनों से उसकी खोजबीन में जुटे थे। जानकारी के अनुसार, चोरहटा, रामपुर बघेलान निवासी वेद गुप्ता अपने ननिहाल रामनगर आए हुए थे। परिवार के साथ धार्मिक अनुष्ठान के बाद वे पूजन सामग्री विसर्जित करने के लिए मार्कण्डेय घाट पहुंचे थे। इसी दौरान परिवार के सदस्य डेम में तैर रही जेट्टी से स्नान कर रहे थे, और वेद भी नहाने के लिए पानी में उतरे थे। देखते ही देखते वह गहरे पानी में चला गया और लापता हो गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कराया। रामनगर थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी ने स्वयं स्टीमर पर रहकर पूरे दिन खोज अभियान की निगरानी की। मौके पर एसडीएम रामनगर, सीईओ जनपद रामनगर, एसडीओपी ख्याति मिश्रा, एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोरों ने लगातार वेद की तलाश की। रविवार सुबह फिर से शुरू किए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान वेद का शव डेम से बरामद कर लिया गया। प्रशासन ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना ने एक बार फिर गहरे जलाशयों में स्नान करते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता को उजागर किया है।3
- सतना जिले की मेधावी बेटी कु. अंजना सिंह ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त कर एक बार फिर अपने जिले का नाम रोशन किया है। अंजना सिंह ने 'फूड इंस्पेक्टर' (खाद्य निरीक्षक) के पद पर अपनी जगह सुनिश्चित की है, जिससे पूरे सतना क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद जैसे ही अंजना सिंह अपने गृह नगर पहुँचीं, रेलवे स्टेशन पर उनके परिजनों, शुभचिंतकों और स्थानीय निवासियों का एक बड़ा जनसैलाब उमड़ पड़ा। फूल-मालाओं की गूंज और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ उनका गर्मजोशी से भव्य अभिनंदन किया गया। यह पल न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत गौरवशाली रहा। अंजना की यह उपलब्धि उन हजारों युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा के रूप में सामने आई है जो विपरीत परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ रहे हैं। उनके परिजनों ने इस सफलता को उनके निरंतर परिश्रम और दृढ़ संकल्प का परिणाम बताया है। क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और शुभचिंतकों ने अंजना सिंह के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और आगे भी इसी तरह सफलता की ऊंचाइयों को छूने की कामना की है।1
- अमरपाटन पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा सवाल उठाया गया है। लगातार यह पूछा जा रहा है कि अमरपाटन पुलिस आखिर क्यों मूक दर्शक बनी हुई है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले से चिकित्सा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ बंडा सिविल अस्पताल में हुई कथित लापरवाही के कारण मात्र डेढ़ साल के एक मासूम बच्चे ने अपनी दोनों आँखों की रोशनी हमेशा के लिए खो दी है। सिविल अस्पताल में इलाज कराने के बाद मासूम की आँखों में भयानक संक्रमण फैल गया, जिसके परिणामस्वरूप वह हमेशा के लिए अंधा हो गया। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाते हुए शनिवार को बंडा थाने पहुँचा, जहाँ उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए एक शिकायती आवेदन दिया। मासूम के पिता ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि जब बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान एम्स ले जाया गया, तो वहाँ के डॉक्टरों ने जाँच के बाद स्पष्ट किया कि यह सब बंडा अस्पताल में हुए 'गलत इलाज' का नतीजा है। इस हृदय विदारक घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं और डॉक्टरों की जिम्मेदारी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय जनता और पीड़ित परिवार में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- उचेहरा में संचालित योगेश तिवारी शराब कंपनी पर निर्धारित एमआरपी से अधिक कीमत पर शराब बेचने और दुकान पर रेट लिस्ट प्रदर्शित न करने के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कंपनी उपभोक्ताओं से मनमाने दाम वसूल रही है, जबकि नियमों के अनुसार रेट लिस्ट का प्रदर्शन अनिवार्य है। स्थानीय निवासियों ने आबकारी विभाग पर भी सवाल उठाए हैं, यह आरोप लगाते हुए कि विभाग ओवररेटिंग के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई करता है, फिर भी उचेहरा में इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। इसके अतिरिक्त, कंपनी से जुड़े कुछ लोगों पर उचेहरा के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब की बिक्री (पैकरी) कराने का भी आरोप है। स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि कंपनी से जुड़े कुछ व्यक्ति स्वयं को प्रभावशाली बताते हुए यह दावा करते हैं कि उनकी "ऊपर से लेकर नीचे तक सेटिंग" है और इसी कारण उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं होगी। इन सभी आरोपों के मद्देनजर, उचेहरा के स्थानीय नागरिकों ने आबकारी विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से दुकान पर रेट लिस्ट की जांच करने, एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने के आरोपों की सत्यता परखने और अवैध शराब बिक्री से संबंधित शिकायतों की जांच करने का आग्रह किया है। लोगों ने यह भी मांग की है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी योगेश तिवारी शराब कंपनी के ठेकेदार और उनके सहयोगियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।2
- सतना जिले के नागौद विधानसभा क्षेत्र के गोबरांव कला गांव में स्थित अति प्राचीन और क्षेत्र की आस्था के प्रमुख केंद्र सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में चोरी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया है। अज्ञात चोर मंदिर परिसर में लगे लगभग 11-11 किलोग्राम वजनी दो ऐतिहासिक पीतल के घंटे चुरा ले गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया है और बड़ी संख्या में ग्रामीण तथा श्रद्धालु मंदिर परिसर में जमा हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार शाम को मुख्य पुजारी और ग्रामीण जब नियमित पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे, तब उन्हें दोनों घंटे गायब मिले। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पवित्र शिवलिंग के साथ भी असम्मानजनक कृत्य किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में भारी नाराजगी का माहौल बन गया है। ग्रामीण दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, चोरी गए घंटों की बरामदगी और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो चक्का जाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा। पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई है और वह घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुटी है, साथ ही आसपास के साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।2
- मैहर जिले के रामनगर स्थित मार्कण्डेय संगम के असुरक्षित घाट पर शनिवार सुबह करीब 10 बजे 15 वर्षीय वेदरूप गुप्ता डूब गया। यह घटना तब हुई जब वेदरूप, जो चोरहटा से अपने मामा के घर रामनगर एक कार्यक्रम में शामिल होने आया था, मार्कण्डेय आश्रम में नहाने गया था। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस दोपहर 1 बजे घटनास्थल पर पहुंची। सतना से पहुंची टीम भी लापता किशोर की तलाश में असमर्थ रही। इसके बाद मैहर कलेक्टर ने इस मामले का संज्ञान लिया और तत्काल कार्रवाई शुरू की। घटनास्थल के लिए रीवा से एक रेस्क्यू टीम और विशेषज्ञ रवाना कर दिए गए हैं, जिससे वेदरूप की तलाश में सफलता मिलने की उम्मीद है। इसी मार्कण्डेय संगम पर हाल ही में दो युवक डूबे थे, जिनमें से एक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जबकि दूसरे की तलाश अभी जारी है। स्थानीय लोग सोन-महानदी संगम पर सुरक्षा के अपर्याप्त इंतजामों को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।1