पादूखुर्द फॉलोअप सेवा शिविर बना राहत का केंद्र, योजनाओं संग पौधारोपण का संदेश पादूकलां,,,नागौर जिले के पादूकलां क्षेत्र की ग्राम पंचायत पादूखुर्द में आयोजित फॉलोअप ग्रामीण सेवा शिविर ग्रामीणों के लिए राहत का केंद्र बन गया। एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जनसमस्याएं सुनकर कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। शिविर के दौरान राजस्व प्रकरणों का निस्तारण, पट्टों का वितरण, प्रमाण पत्र जारी करने के साथ "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। राज्य सरकार के निर्देशानुसार आईटी सेवा केंद्र परिसर में आयोजित शिविर में नायब तहसीलदार प्रेमकुमार ढेबाना के नेतृत्व में 3 नामांतरण, 1 भूमि बंटवारा, 2 शुद्धिकरण प्रकरणों का निस्तारण किया गया। दो आवासीय पट्टे वितरित किए गए, 20 जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र जारी हुए तथा मनरेगा के 5 नए जॉब कार्ड बनाए गए। इसके अलावा पालनहार, पेंशन सत्यापन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और वरिष्ठ नागरिक रोडवेज पास भी मौके पर जारी किए गए।शिविर में विभिन्न विभागों ने करीब 250 ग्रामीणों को जी-रामजी योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। कृषि, पशुपालन, ऊर्जा, वन, आयुर्वेद, परिवहन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा राजीविका विभाग ने भी ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कर योजनाओं का लाभ दिलाया। शिविर के दौरान "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण किया गया। नायब तहसीलदार प्रेमकुमार ढेबाना ने प्रत्येक व्यक्ति से घर, खेत और आंगन में पौधे लगाकर उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। वहीं प्रगति प्रसार अधिकारी बबीता कुमावत ने कहा कि पौधों का पालन-पोषण अपने पुत्र की तरह करें, तभी पर्यावरण संरक्षण का संकल्प साकार होगा।हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल करे। पौधे लगाना ही नहीं, उन्हें जीवित रखना भी हम सभी की जिम्मेदारी है।हर परिवार इस वर्ष विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनका पालन-पोषण अपने पुत्र के समान करे। हरियाली बढ़ेगी तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिलेगा।" फॉलोअप ग्रामीण सेवा शिविर में प्रशासन ने न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देकर जनभागीदारी की नई मिसाल भी पेश की।
पादूखुर्द फॉलोअप सेवा शिविर बना राहत का केंद्र, योजनाओं संग पौधारोपण का संदेश पादूकलां,,,नागौर जिले के पादूकलां क्षेत्र की ग्राम पंचायत पादूखुर्द में आयोजित फॉलोअप ग्रामीण सेवा शिविर ग्रामीणों के लिए राहत का केंद्र बन गया। एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जनसमस्याएं सुनकर कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। शिविर के दौरान राजस्व प्रकरणों का निस्तारण, पट्टों का वितरण, प्रमाण पत्र जारी करने के साथ "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी
दिया गया। राज्य सरकार के निर्देशानुसार आईटी सेवा केंद्र परिसर में आयोजित शिविर में नायब तहसीलदार प्रेमकुमार ढेबाना के नेतृत्व में 3 नामांतरण, 1 भूमि बंटवारा, 2 शुद्धिकरण प्रकरणों का निस्तारण किया गया। दो आवासीय पट्टे वितरित किए गए, 20 जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र जारी हुए तथा मनरेगा के 5 नए जॉब कार्ड बनाए गए। इसके अलावा पालनहार, पेंशन सत्यापन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और वरिष्ठ नागरिक रोडवेज पास भी मौके पर जारी किए गए।शिविर में विभिन्न विभागों ने करीब 250 ग्रामीणों को जी-रामजी योजना सहित
अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। कृषि, पशुपालन, ऊर्जा, वन, आयुर्वेद, परिवहन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा राजीविका विभाग ने भी ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कर योजनाओं का लाभ दिलाया। शिविर के दौरान "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण किया गया। नायब तहसीलदार प्रेमकुमार ढेबाना ने प्रत्येक व्यक्ति से घर, खेत और आंगन में पौधे लगाकर उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। वहीं प्रगति प्रसार अधिकारी बबीता कुमावत ने कहा कि पौधों का पालन-पोषण अपने पुत्र की तरह करें, तभी पर्यावरण संरक्षण का
संकल्प साकार होगा।हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल करे। पौधे लगाना ही नहीं, उन्हें जीवित रखना भी हम सभी की जिम्मेदारी है।हर परिवार इस वर्ष विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनका पालन-पोषण अपने पुत्र के समान करे। हरियाली बढ़ेगी तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिलेगा।" फॉलोअप ग्रामीण सेवा शिविर में प्रशासन ने न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देकर जनभागीदारी की नई मिसाल भी पेश की।
- डोडियाना से बीटन तक लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क पहली मानसूनी बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क के कई हिस्सों में धंसाव, गहरे गड्ढे और किनारों की पटरी टूटने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में गुणवत्ता की कमी का आरोप लगाया है, जिसके कारण पहली बारिश में ही इसकी वास्तविक स्थिति सामने आ गई। रियान बड़ी-सथाना मार्ग पर राजकीय पशु चिकित्सालय के सामने हाल ही में हुई तेज बारिश के बाद सड़क किनारे की पटरी बह गई। इसके साथ ही सड़क का एक हिस्सा भी टूट गया, जिससे सड़क के नीचे करीब एक से दो फीट गहरी खाई बन गई है। यह स्थान अत्यधिक संवेदनशील है, क्योंकि यहां दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। पास में एक निजी कॉलेज भी है, जहां सैकड़ों विद्यार्थी प्रतिदिन आते-जाते हैं। यह क्षतिग्रस्त हिस्सा कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, बीटन से बोरुंदा तक भी कई स्थानों पर सड़क उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे नागौर, पाली और जोधपुर को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यात्रा करना जोखिम भरा हो गया है। विशेषकर बारिश के दौरान वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, यह सड़क परियोजना निर्धारित समय सीमा से लगभग एक वर्ष की देरी से पूरी हुई थी। कार्य में देरी के चलते संबंधित ठेकेदार पर करीब 90 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इसके बावजूद, सड़क की गुणवत्ता में सुधार नहीं दिखा और पहली ही बारिश में यह कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई तो भविष्य में यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है। डोडियाना से बीटन तक लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क पहली मानसूनी बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क के कई हिस्सों में धंसाव, गहरे गड्ढे और किनारों की पटरी टूटने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में गुणवत्ता की कमी का आरोप लगाया है, जिसके कारण पहली बारिश में ही इसकी वास्तविक स्थिति सामने आ गई। रियान बड़ी-सथाना मार्ग पर राजकीय पशु चिकित्सालय के सामने हाल ही में हुई तेज बारिश के बाद सड़क किनारे की पटरी बह गई। इसके साथ ही सड़क का एक हिस्सा भी टूट गया, जिससे सड़क के नीचे करीब एक से दो फीट गहरी खाई बन गई है। यह स्थान अत्यधिक संवेदनशील है, क्योंकि यहां दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। पास में एक निजी कॉलेज भी है, जहां सैकड़ों विद्यार्थी प्रतिदिन आते-जाते हैं। यह क्षतिग्रस्त हिस्सा कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, बीटन से बोरुंदा तक भी कई स्थानों पर सड़क उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे नागौर, पाली और जोधपुर को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यात्रा करना जोखिम भरा हो गया है। विशेषकर बारिश के दौरान वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, यह सड़क परियोजना निर्धारित समय सीमा से लगभग एक वर्ष की देरी से पूरी हुई थी। कार्य में देरी के चलते संबंधित ठेकेदार पर करीब 90 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इसके बावजूद, सड़क की गुणवत्ता में सुधार नहीं दिखा और पहली ही बारिश में यह कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई तो भविष्य में यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1
- Bikaner News: जेल से बाहर आने के लिए बनवाया SI भर्ती का फर्जी प्रवेश-पत्र, मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस बीकानेर जिले में एनडीपीएस एक्ट के एक आरोपी ने एसआई भर्ती परीक्षा का फर्जी प्रवेश-पत्र तैयार कर अदालत से राहत लेने की कोशिश की। हालांकि परीक्षा केंद्र पर दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। पुलिस इस साजिश के मास्टरमाइंड और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। #nrws #news1
- नावां में रेलवे ब्रिज क्षतिग्रस्त होने व रिपेरिंग नहीं होने की वजह से वहाँ के दुकानदारों को आमदनी नहीं हो रही है जिससे उनके खर्चे व दुकानों का रेंट नहीं दे पा रहे और भारी दिक्कत का सामना कर रहे है1
- शिक्षा के मंदिर को दिया अनमोल उपहार, परिवीक्षा पूरी होने पर शिक्षकों ने किया प्रेरक योगदान भेरूंदा,नागौर जिले के भेरूंदा से एक ऐसी खबर, जो शिक्षा और सेवा की मिसाल बन गई है। परिवीक्षा काल पूरा होने की खुशी में दो युवा शिक्षकों ने अपनी खुशी को विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए विद्यालय को करीब 50 हजार रुपये का रंग-बिरंगा फर्नीचर भेंट किया। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, भेरूंदा में आयोजित समारोह में युवा शिक्षक नरेश कुमार पटेल और मोहिता राठौड़ ने विद्यालय के नन्हे विद्यार्थियों के लिए लगभग 50 हजार रुपये मूल्य का फर्नीचर भेंट कर शिक्षा जगत में प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण केसाथ हुआ। इसके बाद नव स्थापित फर्नीचर का फीता काटकर लोकार्पण किया गया। दोनों शिक्षकों का विद्यालय परिवार ने साफा और माला पहनाकर सम्मान किया।दोनों शिक्षकों ने बताया कि उन्हें यह प्रेरणा विद्यालय की प्रधानाचार्य विमलेश शर्मातथाअपनेमाता-पिता से मिली। उनका कहना था कि बच्चों के लिए कुछ अच्छा करने की भावना ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर विकास अधिकारी सीमा गौड़ ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। वहीं प्रधानाचार्य विमलेश शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव की नई दिशा दिखाते हैं और सेवा की संस्कृति को मजबूत करते हैं।कार्यक्रम में सीबीईओ कार्यालय से आरपी विमल जोशी,नोडल प्रधानाचार्य परमवीर सिंह, प्रशासक प्रतिनिधि चेनाराम सांई, दिनेश कुमार सहित विद्यालय स्टाफ, गणमान्य नागरिक एवं दोनों शिक्षकों के परिजन उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार ने इस पहल को शिक्षा और संस्कार की प्रेरक मिसाल बताया।भेरूंदा के दो युवा शिक्षकों की यह पहल बताती है कि शिक्षक केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि अपने कर्मों से भी समाज को नई दिशा दिखाते हैं।4
- पदोन्नत व्याख्याताओं के तबादले की मांग तेज, कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने नव पदोन्नत व्याख्याताओं की स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने तथा पदोन्नति से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। पदोन्नत व्याख्याताओं के तबादले की मांग तेज, कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने नव पदोन्नत व्याख्याताओं की स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने तथा पदोन्नति से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।2
- जोधपुर एयरपोर्ट के बाहर यह कौन सी शूटिंग चल रही है । स्कॉर्पियो में आए युवकों ने मुख्य रोड पर ही लगा दिया सोफा । काफी देर तक मोबाइल में बनाते रहे रील । कुछ देर पूर्व की बताई जा रही है वीडियो । क्या ऐसे लोगों पर कोई कार्यवाही नहीं होनी चाहिए जो जनता के परेशानी का कारण बनते हे ?1
- प्रदीप जी को श्रद्धांजलि देने पूरे टीम के लोग पहुंचे और आखिर बार श्रद्धांजलि दी गई प्रदीप जी को श्रद्धांजलि देने पूरे टीम के लोग पहुंचे और आखिर बार श्रद्धांजलि दी गई1