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मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के जावर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है। स्थिति यह है कि स्थानीय पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर उफनते नालों से गुजरने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए जावर क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से ऊंचे पुल के निर्माण की मांग उठाई है ताकि आवाजाही सुगम और सुरक्षित हो सके।
Masood Javed Qadri
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के जावर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है। स्थिति यह है कि स्थानीय पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर उफनते नालों से गुजरने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए जावर क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से ऊंचे पुल के निर्माण की मांग उठाई है ताकि आवाजाही सुगम और सुरक्षित हो सके।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- पूर्वी निमाड़ के खंडवा के लोगों के लिए 'ANT आल इंडिया न्यूज़ नेटवर्क' और 'आल न्यूज़ टाइम्स' अखबार से जुड़कर काम करने का सुनहरा अवसर है। इस न्यूज़ नेटवर्क को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सौगात मिली है, जिससे अब आपकी खबरें पूरी दुनिया में गूंजेंगी। इन दोनों ही मीडिया माध्यमों के लिए रिपोर्टर बनने का खुला आमंत्रण दिया गया है। इच्छुक व्यक्ति सीधे एडिटर इन चीफ Masood javed Qadri से उनके मोबाइल नंबर 9424550560 पर संपर्क कर जुड़ सकते हैं।1
- पुनासा के मुंदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित एक बंद पड़े खंडहर क्वार्टर में शुक्रवार दोपहर को एक नवजात शिशु मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। राहगीरों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी और मौके पर पहुंचकर देखा तो नवजात वहां पड़ा हुआ था। इसके बाद तुरंत अस्पताल प्रबंधन और पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना पाकर बीएमओ डॉ. आनंद ओनकर अस्पताल स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और कुछ ही देर में पुलिस भी वहां आ गई। नवजात को तत्काल अस्पताल के लेबर रूम में ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, नवजात बालक पूरी तरह से स्वस्थ है और उसका जन्म करीब 2 से 3 घंटे पहले ही हुआ था। नवजात के गले में हरे रंग के कपड़े की चिंदी बंधी हुई थी। करीब दो घंटे तक मुंदी अस्पताल में रखने के बाद नवजात को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल खंडवा भिजवाया गया, जहां उसे भर्ती करा दिया गया है। जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान मुंदी अस्पताल में कोई प्रसव नहीं हुआ है, जिसके चलते पुलिस अब इस बात की गहन जांच में जुट गई है कि बच्चे को वहां कौन छोड़कर गया है।1
- सनावद में कुछ दिन पहले सामने आए लव जिहाद के एक मामले के विरोध में शुक्रवार को सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई। यह रैली मुरली मनोहर (बावड़ी) मंदिर परिसर से दोपहर 4 बजे शुरू हुई और नगर के प्रमुख मार्गों—सुभाष चौक, मोटका चौराहा और बस स्टैंड से होते हुए पुलिस थाना परिसर तक पहुंची। इस आयोजन में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया, जिन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, उनके सम्मान और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर नारे लगाए। पुलिस थाना परिसर में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी सत्यनारायण दर्रो को जिलाधीश के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि युवतियों को प्रेम, विवाह या बेहतर भविष्य का झांसा देकर उनका शोषण किया जा रहा है और उन पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। इसके साथ ही, कथित लैंड जिहाद के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई। आयोजकों का स्पष्ट कहना है कि अपराध करने वालों की पहचान उनके धर्म से नहीं बल्कि उनके कृत्य से होनी चाहिए और कानून का शासन सभी के लिए समान रूप से लागू होना चाहिए। सकल हिंदू समाज ने प्रशासन को 10 दिन का समय दिया है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आगामी समय में उग्र आंदोलन के माध्यम से रणनीति तैयार की जाएगी। शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई इस रैली के बाद अब स्थानीय नागरिकों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, जहां लोग निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।4
- खरगोन के बिलखेड़ रोड पर कचरे का बड़ा ढेर जमा होने और आवारा कुत्तों के खौफनाक मंजर के कारण स्कूली छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बदहाल स्थिति के चलते यहाँ से गुजरने वाले बच्चे और विशेषकर छात्राएं लगातार डर के साये में रहने को मजबूर हैं। स्थानीय स्तर पर प्रशासन की चुप्पी पर भारी आक्रोश है। इस संबंध में जनसुनवाई में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर प्रशासन कब जागेगा और क्या किसी बड़े हादसे के होने का इंतज़ार किया जा रहा है? अब आम जनता से इस स्थिति को जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुँचाने और अपनी आवाज़ बुलंद करने की अपील की जा रही है, ताकि समय रहते बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- मध्य प्रदेश के हरसूद में अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से नाजिया इलाही नामक महिला पर इस्लाम धर्म और पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के संबंध में कथित रूप से विवादित टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। कमेटी का कहना है कि इस प्रकार के बयानों से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने चेतावनी दी है कि किसी भी धर्म, धर्मगुरु या धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है। इसी को देखते हुए कमेटी ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सख्त एवं उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।1
- मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के बड़वाह में टॉवर लाइन का उचित मुआवजा नहीं मिलने से आक्रोशित किसानों ने म.प्र. पावर कंपनी के प्रबंधक की शव यात्रा निकाली है। किसान टॉवर लाइन के लिए उचित मुआवजा न मिलने के कारण बेहद नाराज हैं और इसी आक्रोश के चलते उन्होंने प्रबंधक की शव यात्रा निकालकर अपना विरोध जताया है।1
- बुरहानपुर जिले के शाहपुर स्थित सांदीपनि विद्यालय में सरकारी दावों के उलट बदहाली की तस्वीरें सामने आई हैं। करोड़ों की लागत से तैयार इस स्कूल में करीब 1300 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जहां 22 नियमित और 13 अतिथि शिक्षक पदस्थ हैं। हालांकि, विद्यालय परिसर में कक्षा तीसरी के मासूम छात्रों से झाड़ू लगवाई जा रही थी और उन्हें कचरा उठाते देखा गया। शिक्षिका आशा वानखेड़े ने सफाई कर्मचारी के नहीं आने का हवाला देते हुए बच्चों से सफाई करवाने की बात स्वीकार की, जबकि विद्यालय में सफाई के लिए चार चपरासी नियुक्त हैं। विद्यालय में अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि परिसर के बरामदों और मैदान में जगह-जगह गुटखा और पान मसाले के रैपर बिखरे पड़े हैं। शैक्षिक गतिविधियों का बुरा हाल है; कक्षा पांचवीं में शिक्षक नदारद थे, और जब वे पहुंचे तो उन्होंने देरी का कारण ई-अटेंडेंस लगाना बताया, जबकि कक्षा 11वीं के कॉमर्स के छात्र शिक्षक का इंतजार करते रहे। इसके अलावा, STEM लैब धूल से भरी है, आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष और आईसीटी लैब पर ताले लटके हुए हैं। कक्षा आठवीं में शिक्षक नरेंद्र बच्चों को पढ़ाने के बजाय मोबाइल फोन पर व्यस्त पाए गए, जबकि विद्यालय में अध्यापन के दौरान मोबाइल का उपयोग प्रतिबंधित है। प्राचार्य कक्ष में भी जिम्मेदार अधिकारी अनुपस्थित मिले और कार्यालय में बिजली के उपकरण बेवजह चलते पाए गए। जिला शिक्षा अधिकारी रोहिणी पवार ने इस मामले में केवल जांच और लिखित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन विद्यालय प्रबंधन की घोर लापरवाही पर कोई ठोस जवाब नहीं दिया। सवाल यह है कि जिस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य बच्चों को निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं देना था, वह अब अव्यवस्थाओं के कारण खुद सवालों के घेरे में है।1
- मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित दिशा समिति की बैठक से कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर दिया है। बैठक के दौरान हुई तीखी बहस के बाद जनप्रतिनिधियों के सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस के दोनों विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील अपना अपमान किए जाने से नाराज थे, जिसके चलते उन्होंने इस दिशा बैठक का बहिष्कार कर दिया। इस बैठक में भोपाल मास्टर प्लान को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से की जाएगी।1