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बुरहानपुर जिले के शाहपुर स्थित सांदीपनि विद्यालय में सरकारी दावों के उलट बदहाली की तस्वीरें सामने आई हैं। करोड़ों की लागत से तैयार इस स्कूल में करीब 1300 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जहां 22 नियमित और 13 अतिथि शिक्षक पदस्थ हैं। हालांकि, विद्यालय परिसर में कक्षा तीसरी के मासूम छात्रों से झाड़ू लगवाई जा रही थी और उन्हें कचरा उठाते देखा गया। शिक्षिका आशा वानखेड़े ने सफाई कर्मचारी के नहीं आने का हवाला देते हुए बच्चों से सफाई करवाने की बात स्वीकार की, जबकि विद्यालय में सफाई के लिए चार चपरासी नियुक्त हैं। विद्यालय में अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि परिसर के बरामदों और मैदान में जगह-जगह गुटखा और पान मसाले के रैपर बिखरे पड़े हैं। शैक्षिक गतिविधियों का बुरा हाल है; कक्षा पांचवीं में शिक्षक नदारद थे, और जब वे पहुंचे तो उन्होंने देरी का कारण ई-अटेंडेंस लगाना बताया, जबकि कक्षा 11वीं के कॉमर्स के छात्र शिक्षक का इंतजार करते रहे। इसके अलावा, STEM लैब धूल से भरी है, आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष और आईसीटी लैब पर ताले लटके हुए हैं। कक्षा आठवीं में शिक्षक नरेंद्र बच्चों को पढ़ाने के बजाय मोबाइल फोन पर व्यस्त पाए गए, जबकि विद्यालय में अध्यापन के दौरान मोबाइल का उपयोग प्रतिबंधित है। प्राचार्य कक्ष में भी जिम्मेदार अधिकारी अनुपस्थित मिले और कार्यालय में बिजली के उपकरण बेवजह चलते पाए गए। जिला शिक्षा अधिकारी रोहिणी पवार ने इस मामले में केवल जांच और लिखित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन विद्यालय प्रबंधन की घोर लापरवाही पर कोई ठोस जवाब नहीं दिया। सवाल यह है कि जिस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य बच्चों को निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं देना था, वह अब अव्यवस्थाओं के कारण खुद सवालों के घेरे में है।

11 hrs ago
user_Raju Singh Rathod
Raju Singh Rathod
बुरहानपुर, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago

बुरहानपुर जिले के शाहपुर स्थित सांदीपनि विद्यालय में सरकारी दावों के उलट बदहाली की तस्वीरें सामने आई हैं। करोड़ों की लागत से तैयार इस स्कूल में करीब 1300 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जहां 22 नियमित और 13 अतिथि शिक्षक पदस्थ हैं। हालांकि, विद्यालय परिसर में कक्षा तीसरी के मासूम छात्रों से झाड़ू लगवाई जा रही थी और उन्हें कचरा उठाते देखा गया। शिक्षिका आशा वानखेड़े ने सफाई कर्मचारी के नहीं आने का हवाला देते हुए बच्चों से सफाई करवाने की बात स्वीकार की, जबकि विद्यालय में सफाई के लिए चार चपरासी नियुक्त हैं। विद्यालय में अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि परिसर के बरामदों और मैदान में जगह-जगह गुटखा और पान मसाले के रैपर बिखरे पड़े हैं। शैक्षिक गतिविधियों का बुरा हाल है; कक्षा पांचवीं में शिक्षक नदारद थे, और जब वे पहुंचे तो उन्होंने देरी का कारण ई-अटेंडेंस लगाना बताया, जबकि कक्षा 11वीं के कॉमर्स के छात्र शिक्षक का इंतजार करते रहे। इसके अलावा, STEM लैब धूल से भरी है, आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष और आईसीटी लैब पर ताले लटके हुए हैं। कक्षा आठवीं में शिक्षक नरेंद्र बच्चों को पढ़ाने के बजाय मोबाइल फोन पर व्यस्त पाए गए, जबकि विद्यालय में अध्यापन के दौरान मोबाइल का उपयोग प्रतिबंधित है। प्राचार्य कक्ष में भी जिम्मेदार अधिकारी अनुपस्थित मिले और कार्यालय में बिजली के उपकरण बेवजह चलते पाए गए। जिला शिक्षा अधिकारी रोहिणी पवार ने इस मामले में केवल जांच और लिखित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन विद्यालय प्रबंधन की घोर लापरवाही पर कोई ठोस जवाब नहीं दिया। सवाल यह है कि जिस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य बच्चों को निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं देना था, वह अब अव्यवस्थाओं के कारण खुद सवालों के घेरे में है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • पुनासा के मुंदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित एक बंद पड़े खंडहर क्वार्टर में शुक्रवार दोपहर को एक नवजात शिशु मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। राहगीरों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी और मौके पर पहुंचकर देखा तो नवजात वहां पड़ा हुआ था। इसके बाद तुरंत अस्पताल प्रबंधन और पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना पाकर बीएमओ डॉ. आनंद ओनकर अस्पताल स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और कुछ ही देर में पुलिस भी वहां आ गई। नवजात को तत्काल अस्पताल के लेबर रूम में ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, नवजात बालक पूरी तरह से स्वस्थ है और उसका जन्म करीब 2 से 3 घंटे पहले ही हुआ था। नवजात के गले में हरे रंग के कपड़े की चिंदी बंधी हुई थी। करीब दो घंटे तक मुंदी अस्पताल में रखने के बाद नवजात को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल खंडवा भिजवाया गया, जहां उसे भर्ती करा दिया गया है। जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान मुंदी अस्पताल में कोई प्रसव नहीं हुआ है, जिसके चलते पुलिस अब इस बात की गहन जांच में जुट गई है कि बच्चे को वहां कौन छोड़कर गया है।
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    पुनासा के मुंदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित एक बंद पड़े खंडहर क्वार्टर में शुक्रवार दोपहर को एक नवजात शिशु मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। राहगीरों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी और मौके पर पहुंचकर देखा तो नवजात वहां पड़ा हुआ था। इसके बाद तुरंत अस्पताल प्रबंधन और पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना पाकर बीएमओ डॉ. आनंद ओनकर अस्पताल स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और कुछ ही देर में पुलिस भी वहां आ गई। नवजात को तत्काल अस्पताल के लेबर रूम में ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया।

चिकित्सकों के अनुसार, नवजात बालक पूरी तरह से स्वस्थ है और उसका जन्म करीब 2 से 3 घंटे पहले ही हुआ था। नवजात के गले में हरे रंग के कपड़े की चिंदी बंधी हुई थी। करीब दो घंटे तक मुंदी अस्पताल में रखने के बाद नवजात को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल खंडवा भिजवाया गया, जहां उसे भर्ती करा दिया गया है। जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान मुंदी अस्पताल में कोई प्रसव नहीं हुआ है, जिसके चलते पुलिस अब इस बात की गहन जांच में जुट गई है कि बच्चे को वहां कौन छोड़कर गया है।
    user_Shahrukh mansuri333
    Shahrukh mansuri333
    पुनासा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के हरसूद में अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से नाजिया इलाही नामक महिला पर इस्लाम धर्म और पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के संबंध में कथित रूप से विवादित टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। कमेटी का कहना है कि इस प्रकार के बयानों से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने चेतावनी दी है कि किसी भी धर्म, धर्मगुरु या धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है। इसी को देखते हुए कमेटी ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सख्त एवं उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
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    मध्य प्रदेश के हरसूद में अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से नाजिया इलाही नामक महिला पर इस्लाम धर्म और पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के संबंध में कथित रूप से विवादित टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।

कमेटी का कहना है कि इस प्रकार के बयानों से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने चेतावनी दी है कि किसी भी धर्म, धर्मगुरु या धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है। इसी को देखते हुए कमेटी ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सख्त एवं उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
    user_Jay kanare
    Jay kanare
    Harsud, East Nimar•
    14 hrs ago
  • बड़वानी से 255 शिव भक्तों का एक जत्था पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हो गया है।
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    बड़वानी से 255 शिव भक्तों का एक जत्था पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हो गया है।
    user_निमाड़ का दबंग न्यूज
    निमाड़ का दबंग न्यूज
    निवाली, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    35 min ago
  • भाऊ साहेब भुस्कुटे शासकीय महाविद्यालय टिमरनी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य की कार्यप्रणाली और मनमानी पर गहरी नाराजगी जताई है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कॉलेज के प्राचार्य जेके जैन आए दिन नियमों की अवहेलना करते हैं और जब भी छात्र उनसे मिलने पहुंचते हैं, तो वह और उनका आधा स्टाफ गायब मिलता है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले दिनों कॉलेज की प्राध्यापिका चावला मैडम की तबीयत खराब होने पर उन्हें न तो अस्पताल पहुंचाया गया और न ही प्राथमिक उपचार दिया गया। जब उन्होंने इसकी सूचना प्राचार्य जेके जैन को दी, तो उन्होंने संवेदनहीनता दिखाते हुए कहा कि "आप अपने हिसाब से देख लो।" इसी मुद्दे को लेकर जब परिषद के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे, तो प्राचार्य और स्टाफ फिर गायब थे और घंटों इंतजार के बाद दोपहर 1 बजे प्राचार्य वापस लौटे। कार्यकर्ता कृष्णा भाटी ने आरोप लगाया कि कॉलेज के प्राध्यापक संतोषजनक जवाब देने के बजाय खुद 'सरपंच' बन बैठते हैं। कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य को कॉलेज के अन्य कमरों में ले जाकर वहां फैली गंदगी दिखाई और उसे साफ कराने की मांग की। शुभम धनवारे ने बताया कि पूर्व में ज्ञापन सौंपकर वाटर कूलर साफ करने और प्राध्यापकों की समय पर उपस्थिति का निवेदन किया गया था, लेकिन प्राचार्य ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस दौरान नगर अध्यक्ष अमित पालवे, विजय सोलंकी, अरविंद गुर्जर, राहुल कौशल, करण माडले, उमेश सोलंकी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    भाऊ साहेब भुस्कुटे शासकीय महाविद्यालय टिमरनी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य की कार्यप्रणाली और मनमानी पर गहरी नाराजगी जताई है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कॉलेज के प्राचार्य जेके जैन आए दिन नियमों की अवहेलना करते हैं और जब भी छात्र उनसे मिलने पहुंचते हैं, तो वह और उनका आधा स्टाफ गायब मिलता है।

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले दिनों कॉलेज की प्राध्यापिका चावला मैडम की तबीयत खराब होने पर उन्हें न तो अस्पताल पहुंचाया गया और न ही प्राथमिक उपचार दिया गया। जब उन्होंने इसकी सूचना प्राचार्य जेके जैन को दी, तो उन्होंने संवेदनहीनता दिखाते हुए कहा कि "आप अपने हिसाब से देख लो।" इसी मुद्दे को लेकर जब परिषद के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे, तो प्राचार्य और स्टाफ फिर गायब थे और घंटों इंतजार के बाद दोपहर 1 बजे प्राचार्य वापस लौटे।

कार्यकर्ता कृष्णा भाटी ने आरोप लगाया कि कॉलेज के प्राध्यापक संतोषजनक जवाब देने के बजाय खुद 'सरपंच' बन बैठते हैं। कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य को कॉलेज के अन्य कमरों में ले जाकर वहां फैली गंदगी दिखाई और उसे साफ कराने की मांग की। शुभम धनवारे ने बताया कि पूर्व में ज्ञापन सौंपकर वाटर कूलर साफ करने और प्राध्यापकों की समय पर उपस्थिति का निवेदन किया गया था, लेकिन प्राचार्य ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस दौरान नगर अध्यक्ष अमित पालवे, विजय सोलंकी, अरविंद गुर्जर, राहुल कौशल, करण माडले, उमेश सोलंकी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_संदीप अग्रवाल Agrawal
    संदीप अग्रवाल Agrawal
    Journalist हरदा, हरदा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के जावर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है। स्थिति यह है कि स्थानीय पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर उफनते नालों से गुजरने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए जावर क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से ऊंचे पुल के निर्माण की मांग उठाई है ताकि आवाजाही सुगम और सुरक्षित हो सके।
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    मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के जावर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है। स्थिति यह है कि स्थानीय पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर उफनते नालों से गुजरने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए जावर क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से ऊंचे पुल के निर्माण की मांग उठाई है ताकि आवाजाही सुगम और सुरक्षित हो सके।
    user_Masood Javed Qadri
    Masood Javed Qadri
    खंडवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • खरगोन जिले के भगवानपुरा क्षेत्र में विकास के दावों की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कुम्हारखेड़ा से कुकड़ोल तक की महज 3 किलोमीटर की सड़क पिछले 25 वर्षों से अधूरी पड़ी है। बरसात के मौसम में यह रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों का जीवन भी मुश्किल हो गया है। रोजाना करीब 35 से अधिक छात्र-छात्राएं इसी दुर्गम रास्ते से पैदल स्कूल जाने को मजबूर हैं, जहाँ फिसलन के कारण उन्हें गिरते-पड़ते स्कूल पहुँचना पड़ता है। सड़क की बदहाली का खामियाजा मरीजों और किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले ढाई दशकों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है। इस संबंध में शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव में सड़क निर्माण के वादे किए जाते हैं, जिन्हें चुनाव समाप्त होते ही भुला दिया जाता है। अब आक्रोशित ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सांसद गजेंद्र पटेल और भगवानपुरा विधायक केदार सिंह डाबर से तत्काल सड़क बनवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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    खरगोन जिले के भगवानपुरा क्षेत्र में विकास के दावों की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कुम्हारखेड़ा से कुकड़ोल तक की महज 3 किलोमीटर की सड़क पिछले 25 वर्षों से अधूरी पड़ी है। बरसात के मौसम में यह रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों का जीवन भी मुश्किल हो गया है। रोजाना करीब 35 से अधिक छात्र-छात्राएं इसी दुर्गम रास्ते से पैदल स्कूल जाने को मजबूर हैं, जहाँ फिसलन के कारण उन्हें गिरते-पड़ते स्कूल पहुँचना पड़ता है। सड़क की बदहाली का खामियाजा मरीजों और किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले ढाई दशकों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है। इस संबंध में शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव में सड़क निर्माण के वादे किए जाते हैं, जिन्हें चुनाव समाप्त होते ही भुला दिया जाता है। अब आक्रोशित ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सांसद गजेंद्र पटेल और भगवानपुरा विधायक केदार सिंह डाबर से तत्काल सड़क बनवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
    user_Praveen pal
    Praveen pal
    Press advisory खरगोन, खरगोन, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के हरदा में ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर जोरदार चक्का जाम आंदोलन किया गया। इस आंदोलन के चलते टिमरनी रोड, खड़वा रोड और इंदौर रोड पर यातायात पूरी तरह से ठप रहा। आंदोलन के दौरान ये सड़कें दोपहर 4 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहीं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में चक्का जाम किया और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।
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    मध्य प्रदेश के हरदा में ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर जोरदार चक्का जाम आंदोलन किया गया। इस आंदोलन के चलते टिमरनी रोड, खड़वा रोड और इंदौर रोड पर यातायात पूरी तरह से ठप रहा।

आंदोलन के दौरान ये सड़कें दोपहर 4 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहीं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में चक्का जाम किया और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।
    user_Mohanlal Nagle
    Mohanlal Nagle
    संवाददाता वर्ल्ड स्वराज न्यूज़ हरदा, हरदा, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • खरगोन जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शिवना गांव में दुकानों के निर्माण और आवंटन को लेकर ग्रामीणों और सरपंच पति के बीच हिंसक झड़प हो गई। ग्राम पंचायत द्वारा नवनिर्मित 24 दुकानों के निर्माण और आवंटन प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत से नाराज होकर सरपंच पति और उनके समर्थकों ने शिकायतकर्ता ग्रामीणों के साथ मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे, लात और घूसे जमकर चले। इस पूरी मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल और भीकनगांव एसडीएम तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाइश दी और मामला शांत कराया।
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    खरगोन जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शिवना गांव में दुकानों के निर्माण और आवंटन को लेकर ग्रामीणों और सरपंच पति के बीच हिंसक झड़प हो गई। ग्राम पंचायत द्वारा नवनिर्मित 24 दुकानों के निर्माण और आवंटन प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत से नाराज होकर सरपंच पति और उनके समर्थकों ने शिकायतकर्ता ग्रामीणों के साथ मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे, लात और घूसे जमकर चले।

इस पूरी मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल और भीकनगांव एसडीएम तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाइश दी और मामला शांत कराया।
    user_Praveen pal
    Praveen pal
    Press advisory खरगोन, खरगोन, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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