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खरगोन जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शिवना गांव में दुकानों के निर्माण और आवंटन को लेकर ग्रामीणों और सरपंच पति के बीच हिंसक झड़प हो गई। ग्राम पंचायत द्वारा नवनिर्मित 24 दुकानों के निर्माण और आवंटन प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत से नाराज होकर सरपंच पति और उनके समर्थकों ने शिकायतकर्ता ग्रामीणों के साथ मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे, लात और घूसे जमकर चले। इस पूरी मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल और भीकनगांव एसडीएम तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाइश दी और मामला शांत कराया।
Praveen pal
खरगोन जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शिवना गांव में दुकानों के निर्माण और आवंटन को लेकर ग्रामीणों और सरपंच पति के बीच हिंसक झड़प हो गई। ग्राम पंचायत द्वारा नवनिर्मित 24 दुकानों के निर्माण और आवंटन प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत से नाराज होकर सरपंच पति और उनके समर्थकों ने शिकायतकर्ता ग्रामीणों के साथ मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे, लात और घूसे जमकर चले। इस पूरी मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल और भीकनगांव एसडीएम तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाइश दी और मामला शांत कराया।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित दिशा समिति की बैठक से कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर दिया है। बैठक के दौरान हुई तीखी बहस के बाद जनप्रतिनिधियों के सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस के दोनों विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील अपना अपमान किए जाने से नाराज थे, जिसके चलते उन्होंने इस दिशा बैठक का बहिष्कार कर दिया। इस बैठक में भोपाल मास्टर प्लान को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से की जाएगी।1
- बुरहानपुर जिले के शाहपुर स्थित सांदीपनि विद्यालय में सरकारी दावों के उलट बदहाली की तस्वीरें सामने आई हैं। करोड़ों की लागत से तैयार इस स्कूल में करीब 1300 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जहां 22 नियमित और 13 अतिथि शिक्षक पदस्थ हैं। हालांकि, विद्यालय परिसर में कक्षा तीसरी के मासूम छात्रों से झाड़ू लगवाई जा रही थी और उन्हें कचरा उठाते देखा गया। शिक्षिका आशा वानखेड़े ने सफाई कर्मचारी के नहीं आने का हवाला देते हुए बच्चों से सफाई करवाने की बात स्वीकार की, जबकि विद्यालय में सफाई के लिए चार चपरासी नियुक्त हैं। विद्यालय में अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि परिसर के बरामदों और मैदान में जगह-जगह गुटखा और पान मसाले के रैपर बिखरे पड़े हैं। शैक्षिक गतिविधियों का बुरा हाल है; कक्षा पांचवीं में शिक्षक नदारद थे, और जब वे पहुंचे तो उन्होंने देरी का कारण ई-अटेंडेंस लगाना बताया, जबकि कक्षा 11वीं के कॉमर्स के छात्र शिक्षक का इंतजार करते रहे। इसके अलावा, STEM लैब धूल से भरी है, आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष और आईसीटी लैब पर ताले लटके हुए हैं। कक्षा आठवीं में शिक्षक नरेंद्र बच्चों को पढ़ाने के बजाय मोबाइल फोन पर व्यस्त पाए गए, जबकि विद्यालय में अध्यापन के दौरान मोबाइल का उपयोग प्रतिबंधित है। प्राचार्य कक्ष में भी जिम्मेदार अधिकारी अनुपस्थित मिले और कार्यालय में बिजली के उपकरण बेवजह चलते पाए गए। जिला शिक्षा अधिकारी रोहिणी पवार ने इस मामले में केवल जांच और लिखित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन विद्यालय प्रबंधन की घोर लापरवाही पर कोई ठोस जवाब नहीं दिया। सवाल यह है कि जिस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य बच्चों को निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं देना था, वह अब अव्यवस्थाओं के कारण खुद सवालों के घेरे में है।1
- पुनासा के मुंदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित एक बंद पड़े खंडहर क्वार्टर में शुक्रवार दोपहर को एक नवजात शिशु मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। राहगीरों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी और मौके पर पहुंचकर देखा तो नवजात वहां पड़ा हुआ था। इसके बाद तुरंत अस्पताल प्रबंधन और पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना पाकर बीएमओ डॉ. आनंद ओनकर अस्पताल स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और कुछ ही देर में पुलिस भी वहां आ गई। नवजात को तत्काल अस्पताल के लेबर रूम में ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, नवजात बालक पूरी तरह से स्वस्थ है और उसका जन्म करीब 2 से 3 घंटे पहले ही हुआ था। नवजात के गले में हरे रंग के कपड़े की चिंदी बंधी हुई थी। करीब दो घंटे तक मुंदी अस्पताल में रखने के बाद नवजात को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल खंडवा भिजवाया गया, जहां उसे भर्ती करा दिया गया है। जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान मुंदी अस्पताल में कोई प्रसव नहीं हुआ है, जिसके चलते पुलिस अब इस बात की गहन जांच में जुट गई है कि बच्चे को वहां कौन छोड़कर गया है।1
- Post by पत्रकार निलेश शर्मा गुरु1
- मध्य प्रदेश के बुधनी में खाद संकट और मूंग खरीदी की समस्याओं को लेकर अन्नदाताओं ने एकजुट होकर उग्र प्रदर्शन किया है। अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाते हुए किसानों ने जमकर हुंकार भरी। विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा है।1
- इंदौर में इंटरनेशनल मेडिकल एजुकेशन को एक नई दिशा मिली है। यहाँ बुखारा इनोवेटिव एजुकेशन एंड मेडिकल यूनिवर्सिटी के सहयोग से रॉयल मेड ग्लोबल ने अपने नए ऑफिस की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कम खर्च में विदेश से MBBS की पढ़ाई का अवसर उपलब्ध कराना है। इस नई शुरुआत के तहत छात्रों को 24 लाख में विदेश से MBBS करने का मौका मिलेगा। उद्घाटन समारोह की खास झलकियों में दिखाया गया है कि कैसे भारतीय छात्रों के लिए विदेश में मेडिकल शिक्षा का रास्ता आसान बनाया जा रहा है।1
- खरगोन जिले के भगवानपुरा क्षेत्र में विकास के दावों की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कुम्हारखेड़ा से कुकड़ोल तक की महज 3 किलोमीटर की सड़क पिछले 25 वर्षों से अधूरी पड़ी है। बरसात के मौसम में यह रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों का जीवन भी मुश्किल हो गया है। रोजाना करीब 35 से अधिक छात्र-छात्राएं इसी दुर्गम रास्ते से पैदल स्कूल जाने को मजबूर हैं, जहाँ फिसलन के कारण उन्हें गिरते-पड़ते स्कूल पहुँचना पड़ता है। सड़क की बदहाली का खामियाजा मरीजों और किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले ढाई दशकों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है। इस संबंध में शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव में सड़क निर्माण के वादे किए जाते हैं, जिन्हें चुनाव समाप्त होते ही भुला दिया जाता है। अब आक्रोशित ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सांसद गजेंद्र पटेल और भगवानपुरा विधायक केदार सिंह डाबर से तत्काल सड़क बनवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।3
- मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के जावर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है। स्थिति यह है कि स्थानीय पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर उफनते नालों से गुजरने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए जावर क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से ऊंचे पुल के निर्माण की मांग उठाई है ताकि आवाजाही सुगम और सुरक्षित हो सके।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के स्कीम नंबर 78 में आयोजित 'माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव' से पहले मीडिया बंधुओं से संवाद किया। चर्चा के दौरान उन्होंने युवाओं के लिए प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार रोजगारपरक गतिविधियों और उद्योगों को लगातार बढ़ावा दे रही है, जिसके तहत वर्ष 2025 को 'रोजगार एवं उद्योग वर्ष' के रूप में मनाकर राज्य ने देशभर में एक सकारात्मक संदेश दिया है। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार गरीब, युवा, महिला और किसान सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्यरत है। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य युवाओं का सर्वांगीण विकास करना और उन्हें बेहतर अवसर प्रदान करना है। सरकार हर युवा को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए उन्हें शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उनके सपनों को साकार किया जा रहा है। इसके साथ ही शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी व्यापक स्तर पर काम किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भरोसा जताया कि 'माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव' आने वाले समय में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और अकेले मध्यप्रदेश में ही 2 करोड़ से अधिक युवा राज्य के विकास की सबसे बड़ी ताकत के रूप में मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह कॉन्क्लेव उनके लिए नई संभावनाओं और नए अवसरों का एक सशक्त मंच साबित होगा।1