नरसिंहपुर पुलिस ने चंद घंटों के भीतर एक अंधी हत्या का सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसमें एक महिला ने कथित तौर पर चौथा विवाह करने की नीयत से अपने प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर अपने तीसरे पति की हत्या की साजिश रची। यह मामला तब सामने आया जब 30 जून 2026 को वारूरेवा नदी पुल के पास एनएच-44 से कुछ दूरी पर झाड़ियों में एक अज्ञात पुरुष का शव मिला। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पहुंची और वैधानिक कार्रवाई के बाद शव को नरसिंहपुर जिला चिकित्सालय की मॉर्चुरी भेजा गया। अगले दिन, 1 जुलाई 2026 को, डोरीलाल मेहरा ने शव की पहचान अपने पुत्र और नरसिंहपुर निवासी तुलसीराम मेहरा के रूप में की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र के आधार पर जांच शुरू की। विवेचना में खुलासा हुआ कि मृतक तुलसीराम मेहरा और उसकी पत्नी सरोज मेहरा के बीच पारिवारिक एवं चरित्र संबंधी शंकाओं को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि सरोज मेहरा पहले दो विवाह कर चुकी थी और लगभग एक वर्ष पूर्व ही उसने तुलसीराम से शादी की थी। विवेचना के दौरान पता चला कि सरोज मेहरा के पुरगवां निवासी महेन्द्र मेहरा के साथ अवैध संबंध थे, जिसकी जानकारी तुलसीराम को होने के कारण पति-पत्नी के बीच लगातार मनमुटाव रहता था। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गहन पूछताछ में सरोज मेहरा ने महेन्द्र मेहरा के साथ अपने संबंधों और पति तुलसीराम मेहरा की हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार कर ली। आरोपियों ने बताया कि योजना के तहत, विष्णू रजक मृतक तुलसीराम को शराब पीने के बहाने वारूरेवा नदी पुल के पास ले गया, जहां कुछ देर बाद महेन्द्र मेहरा भी पहुंचा। दोनों ने मिलकर रस्सी से गला घोंटकर तुलसीराम की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए। हत्या का खुलासा होते ही पुलिस ने सरोज मेहरा, महेन्द्र मेहरा और विष्णू रजक को गिरफ्तार कर लिया है। उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा प्रकरण में अन्य साक्ष्यों की बरामदगी और आगे की विवेचना जारी है। इस अंधी हत्या के खुलासे में निरीक्षक गौरव चाटे, उप निरीक्षक आशीष बोपचे और उप निरीक्षक मूलचंद यादव सहित पुलिस टीम के कई सदस्यों की अहम भूमिका रही।
नरसिंहपुर पुलिस ने चंद घंटों के भीतर एक अंधी हत्या का सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसमें एक महिला ने कथित तौर पर चौथा विवाह करने की नीयत से अपने प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर अपने तीसरे पति की हत्या की साजिश रची। यह मामला तब सामने आया जब 30 जून 2026 को वारूरेवा नदी पुल के पास एनएच-44 से कुछ दूरी पर झाड़ियों में एक अज्ञात पुरुष का शव मिला। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पहुंची और वैधानिक कार्रवाई के बाद शव को नरसिंहपुर जिला चिकित्सालय की मॉर्चुरी भेजा गया। अगले दिन, 1 जुलाई 2026
को, डोरीलाल मेहरा ने शव की पहचान अपने पुत्र और नरसिंहपुर निवासी तुलसीराम मेहरा के रूप में की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र के आधार पर जांच शुरू की। विवेचना में खुलासा हुआ कि मृतक तुलसीराम मेहरा और उसकी पत्नी सरोज मेहरा के बीच पारिवारिक एवं चरित्र संबंधी शंकाओं को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि सरोज मेहरा पहले दो विवाह कर चुकी थी और लगभग एक
वर्ष पूर्व ही उसने तुलसीराम से शादी की थी। विवेचना के दौरान पता चला कि सरोज मेहरा के पुरगवां निवासी महेन्द्र मेहरा के साथ अवैध संबंध थे, जिसकी जानकारी तुलसीराम को होने के कारण पति-पत्नी के बीच लगातार मनमुटाव रहता था। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गहन पूछताछ में सरोज मेहरा ने महेन्द्र मेहरा के साथ अपने संबंधों और पति तुलसीराम मेहरा की हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार कर ली। आरोपियों ने बताया कि योजना के तहत, विष्णू रजक मृतक तुलसीराम को शराब पीने के बहाने वारूरेवा नदी पुल के पास ले गया, जहां कुछ देर बाद महेन्द्र
मेहरा भी पहुंचा। दोनों ने मिलकर रस्सी से गला घोंटकर तुलसीराम की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए। हत्या का खुलासा होते ही पुलिस ने सरोज मेहरा, महेन्द्र मेहरा और विष्णू रजक को गिरफ्तार कर लिया है। उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा प्रकरण में अन्य साक्ष्यों की बरामदगी और आगे की विवेचना जारी है। इस अंधी हत्या के खुलासे में निरीक्षक गौरव चाटे, उप निरीक्षक आशीष बोपचे और उप निरीक्षक मूलचंद यादव सहित पुलिस टीम के कई सदस्यों की अहम भूमिका रही।
- एक व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है, जिसमें उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है।1
- पुलिस ने एक अंधी हत्या का चंद घंटों के भीतर सनसनीखेज खुलासा किया है। झाड़ियों में मिले एक अज्ञात शव की जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची थी।1
- जी राम जी मिशन को 1 जुलाई से लागू कर दिया गया है। इस मिशन के संबंध में यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि इससे ग्रामीणों को कौन से बड़े फायदे मिलेंगे।1
- गोटेगांव क्षेत्र में बीते कुछ समय से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कमोद-रहली मार्ग पर स्थित नाले का जलस्तर काफी बढ़ गया है। बाढ़ के तेज बहाव के कारण मार्ग पर बनी पुलिया करीब 2 फीट पानी में पूरी तरह डूब गई है, जिससे इस रास्ते पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। गुरुवार दोपहर 12:30 बजे से मार्ग के बंद होने और प्रशासन द्वारा लगातार चेतावनी जारी किए जाने के बावजूद, स्थानीय राहगीर और वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नाले और जलमग्न पुलिया को पार करने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों की यह लापरवाही किसी भी समय क्षेत्र में एक बड़े और दर्दनाक हादसे का कारण बन सकती है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की द्वारा नवजात शिशु को जन्म देने के बाद कथित दुष्कर्म का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। परिजनों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है, और पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच प्रक्रिया के हिस्से के रूप में, आरोपी और नवजात दोनों के डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। कानून के अनुसार, पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में पुलिस ने एक अंधी हत्या का चंद घंटों के भीतर सनसनीखेज खुलासा किया है। नरसिंहपुर पुलिस के अनुसार, इस वारदात को पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर अंजाम दिया था। बताया गया है कि पत्नी के लिए उसका तीसरा पति रास्ते का रोड़ा बन गया था, जिसके चलते उसने चौथे विवाह की नीयत से प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या की साजिश रची।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में हुई एक 'अंधी हत्या' का रहस्य 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया गया है। इस मामले में पुलिस ने खुलासा किया है कि पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची थी। जाँच के अनुसार, इस जघन्य अपराध के पीछे मुख्य मकसद यह था कि पत्नी चौथा विवाह करना चाहती थी।1
- जिले में जुआ के खेल और एक स्कॉर्पियो वाहन से देसी पिस्टल की बरामदगी के मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं को लेकर पुलिस अधीक्षक ने अपनी टिप्पणी दी है।1