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pachim bangal me modi jii ka kher
Rinku.kumar
pachim bangal me modi jii ka kher
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- pachim bangal me modi jii ka kher1
- कालपी शहर से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सड़क किनारे भारत सरकार लिखी कई सरकारी गाड़ियाँ लंबी कतार में खड़ी हैं। यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ये वाहन किस विभाग के हैं और इनमें कौन से अधिकारी मौजूद थे, लेकिन इसी दौरान सामने से बालू/माल से लदा एक ओवरलोड ट्रक बेखौफ होकर गुजरता दिखाई दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकारी वाहन मौके पर मौजूद थे, तब नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने वाले इस ट्रक पर किसी प्रकार की रोकटोक क्यों नहीं हुई? क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज किया, या फिर कार्रवाई की मंशा ही नहीं थी? ओवरलोड वाहन सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं करते, बल्कि सड़क हादसों, जाम और सड़क क्षति की बड़ी वजह भी बनते हैं। इसके बावजूद ऐसे ट्रकों का सरकारी वाहनों के सामने से निकल जाना आम लोगों के मन में कई शंकाएं पैदा कर रहा है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के बाद संबंधित विभाग इस मामले को गंभीरता से लेता है या फिर यह मामला भी यूं ही ठंडे बस्ते में चला जाएगा। #कालपी #OverloadTruck #भारत_सरकार #वायरल_वीडियो #प्रशासन_पर_सवाल BreakingNews1
- जालौन कालपी के मेनूपुर गांव में दबंगों का घर में घुसकर परिवार पर जानलेवा हमला। जमीन रंजिश को लेकर लाठी, कुल्हाड़ी, सब्बल व डंडों से हमला किया गया। महिला व बच्चों समेत 5 लोग गंभीर घायल, कालपी सीएचसी में इलाज जारी। 10 साल से कब्जे व जबरन जोताई का भी आरोप लगाया गया। पीड़ित ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई, आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग1
- बिहार के कटिहार में आंगनबाड़ी सेविका बीमार पड़ गई. अधिकारी ने कहा- बीमारी का सबूत चाहिए. मजबूरन आंगनबाड़ी सेविका को हाथ में ड्रिप लगाकर कांपते हुए केंद्र पहुंचना पड़ा. • कहीं सबूत के लिए कंधे पर लाश ढोई जा रही है • कहीं नौकरी बचाने के लिए ड्रिप लगाकर काम पर जाना पड़ रहा है1
- माती कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने जनसामान्य की विभिन्न शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में प्राप्त प्रार्थना पत्रों के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी प्रकरणों का संतोषपरक निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। शिकायतकर्ता को निस्तारण की प्रगति एवं स्थिति से समय-समय पर अवगत कराया जाए।1
- Post by MD ANISH KURAISHI1
- खबर कानपुर देहात पत्रकार: इकबाल अहमद 7-8 महीनों से पानी संकट, बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण, आंदोलन की चेतावनी कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घसमऊ में पिछले 7 से 8 महीनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को भीषण गर्मी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पानी की टंकी तो बनी हुई है, लेकिन उससे जल आपूर्ति नहीं हो रही है। मजबूरन लोगों को दूर-दराज के हैंडपंप और नलों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार संबंधित विभाग को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। समस्या से परेशान ग्रामवासियों और ग्राम प्रधान सर्वेश कुमार ने उपजिलाधिकारी सिकंदरा को प्रार्थना पत्र सौंपकर जल्द से जल्द पानी की आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आसपास के गांवों के लोग एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।3
- जालौन जनपद में स्मार्ट मीटर को लेकर हालात अब विवाद से आगे बढ़कर टकराव में बदलते दिख रहे हैं। ताजा मामला रविवार का है कि कोंच नगर के पुष्पा गार्डन इलाके का है, जहां सोमवार को बिजली विभाग की टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। क्या हुआ कोंच में? बताया जा रहा है कि बिजली विभाग के कर्मचारी जब घरों में स्मार्ट मीटर लगाने/ठीक करने पहुंचे, तो स्थानीय महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के मीटर लगाए गए थे। इसी आक्रोश में महिलाओं ने दो कर्मचारियों को एक मकान में करीब तीन घंटे तक बंधक बना लिया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर बढ़ा तनाव घटना की सूचना मिलते ही विजिलेंस टीम और अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन हालात संभलने के बजाय और बिगड़ गए। महिलाओं और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। आरोप है कि विजिलेंस टीम ने परिजनों को पकड़ने की कोशिश की महिलाओं ने अभद्रता और धमकी के आरोप लगाए कुछ अधिकारी हालात बिगड़ते देख मौके से हट गए स्थानीय जनप्रतिनिधि—सभासद माधव यादव और रघुवीर कुशवाहा भी मौके पर पहुंचे, लेकिन विवाद शांत नहीं हो सका। महिलाओं का दर्द क्या है? महिलाओं का कहना है— बिना जानकारी के जबरन प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए गए कई घरों में ताले होने के बावजूद मीटर इंस्टॉल कर दिए गए मीटर लगते ही कई घरों की बिजली कट गई रिचार्ज की सुविधा नहीं, एक महीने से अंधेरे में जिंदगी पहले कम बिल आता था, अब कई गुना ज्यादा… गरीब कैसे भरें? दूसरी ओर—ग्रामीणों का मोर्चा उधर, प्रतापनगर क्षेत्र में ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन को शिकायती पत्र सौंपकर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह स्मार्ट मीटर नहीं बल्कि महंगा मीटर साबित हो रहा है, जिससे गरीब और मजदूर परिवार बुरी तरह प्रभावित हैं। विभाग क्या कह रहा? एसडीओ धर्मेंद्र कुमार के मुताबिक— ऑनलाइन शिकायत पर कर्मचारी मीटर ठीक करने गए थे पुराने मीटर लगाने में असमर्थता जताई गई बंधक बनाने की घटना को स्वीकार किया, लेकिन मारपीट के आरोप नकारे लोगों से सहयोग की अपील की सवाल: क्या बिना सहमति और जागरूकता के स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं? क्या बिजली बिल में बढ़ोतरी की निष्पक्ष जांच होगी? क्या गरीब परिवारों पर जबरन आर्थिक बोझ डाला जा रहा है? क्या विभाग और जनता के बीच संवाद की पूरी तरह कमी है? क्या हालात और बिगड़े तो यह आंदोलन पूरे जिले में फैल सकता है? ग्राउंड रिपोर्ट साफ है—जालौन में स्मार्ट मीटर अब तकनीक नहीं, बड़ा जनमुद्दा बन चुका है। अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह विरोध सड़कों से आंदोलन तक पहुंच सकता है। #स्मार्टमीटर_विवाद #कोंच_बवाल #जालौन_ब्रेकिंग #बिजली_बिल_लूट #SmartMeterCrisis #PublicAnger #ElectricityIssue #UPNews #ग्रामीण_आक्रोश #महिलाओं_का_गुस्सा #PowerDepartment #BreakingNews #JalaunNews #OraiNews #KunchNews #GroundReport #SystemFail #CorruptionAlert #ElectricityCrisis #IndiaNews #SmartMeterProtest #जनता_परेशान #HighVoltageDrama #AlertIndia1