बलरामपुर में जिला सहकारी बैंक स्थापना की प्रक्रिया तेज, शीघ्र होगा स्थापित, किसानों को मिलेगा कम ब्याज पर फसली ऋण : मा० सहकारिता मंत्री जे.पी.एस. राठौर सहकारिता क्षेत्र को मिलेगी नई मजबूती, जिला सहकारी बैंक, डिजिटल समितियां और पारदर्शी उर्वरक वितरण पर मंत्री ने दिए निर्देश किसानों के हित में बड़ा कदम: जिला सहकारी बैंक स्थापना, समितियों के सशक्तीकरण और उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा बलरामपुर!जनपद में सहकारिता क्षेत्र को नई गति देने, किसानों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने, उर्वरक वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने तथा सहकारी समितियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), सहकारिता जे.पी.एस. राठौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में माननीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को सशक्त बनाने और सहकारिता व्यवस्था को आधुनिक एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में जिला सहकारी बैंक बलरामपुर की स्थापना की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है, जिसके लिए आवश्यक कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बताया कि बैंक की स्थापना के लिए नाबार्ड कंसल्टेंसी सर्विसेज (NABCONS) द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है तथा बैंकिंग लाइसेंस हेतु भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। माननीय मंत्री ने बताया कि जिला सहकारी बैंक बलरामपुर स्थापित होने पर यह प्रदेश का 51वां जिला सहकारी बैंक होगा, जिसके कार्यक्षेत्र में बलरामपुर एवं गोंडा दोनों जिले शामिल होंगे। वर्तमान में ये दोनों जिले किसी भी जिला सहकारी बैंक के कार्यक्षेत्र में नहीं आते हैं। बैंक की स्थापना से दोनों जनपदों के लाखों कृषकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसानों को अन्य बैंकों से चार प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण प्राप्त करना पड़ता है, जबकि जिला सहकारी बैंक की स्थापना के बाद किसान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से तीन प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों की लागत में कमी आएगी तथा कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि बैंक की स्थापना के लिए लगभग 14.90 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। बैठक में माननीय मंत्री ने सहकारिता समितियों को और अधिक आधुनिक एवं सक्षम बनाए जाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रदेश की सभी सहकारी समितियों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गति आएगी। उन्होंने बताया कि समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए 10 लाख रुपये तक की शून्य ब्याज (जीरो इंटरेस्ट) क्रेडिट सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे समितियां अपनी गतिविधियों का विस्तार कर सकेंगी तथा किसानों को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकेंगी। बैठक में उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए माननीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश में यूरिया एवं अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक कृषक को निर्धारित मूल्य पर समयबद्ध, सरल एवं सुलभ तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा वितरण व्यवस्था पूर्णतः पारदर्शी रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर कृत्रिम अभाव, कालाबाजारी अथवा अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक के उपरांत माननीय मंत्री ने बहुउद्देशीय सहकारी समिति (बी-पैक्स) सेखुईकला तथा क्रय-विक्रय समिति भगवतीगंज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने समितियों की व्यवस्थाओं, अभिलेखों, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं तथा उर्वरक वितरण प्रणाली का अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए उन्हें और अधिक सक्षम, पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाया जाए। बैठक में विधायक बलरामपुर सदर पल्टूराम, विधायक उतरौला राम प्रताप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन, जनप्रतिनिधि प्रदीप सिंह, सहकारिता विभाग के प्रबंध निदेशक सहित विभागीय अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने, किसानों को बेहतर बैंकिंग एवं ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा पारदर्शी उर्वरक वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। बलरामपुर में जिला सहकारी बैंक स्थापना की प्रक्रिया तेज, शीघ्र होगा स्थापित, किसानों को मिलेगा कम ब्याज पर फसली ऋण : मा० सहकारिता मंत्री जे.पी.एस. राठौर सहकारिता क्षेत्र को मिलेगी नई मजबूती, जिला सहकारी बैंक, डिजिटल समितियां और पारदर्शी उर्वरक वितरण पर मंत्री ने दिए निर्देश किसानों के हित में बड़ा कदम: जिला सहकारी बैंक स्थापना, समितियों के सशक्तीकरण और उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा बलरामपुर!जनपद में सहकारिता क्षेत्र को नई गति देने, किसानों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने, उर्वरक वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने तथा सहकारी समितियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), सहकारिता जे.पी.एस. राठौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में माननीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को सशक्त बनाने और सहकारिता व्यवस्था को आधुनिक एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में जिला सहकारी बैंक बलरामपुर की स्थापना की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है, जिसके लिए आवश्यक कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बताया कि बैंक की स्थापना के लिए नाबार्ड कंसल्टेंसी सर्विसेज (NABCONS) द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है तथा बैंकिंग लाइसेंस हेतु भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। माननीय मंत्री ने बताया कि जिला सहकारी बैंक बलरामपुर स्थापित होने पर यह प्रदेश का 51वां जिला सहकारी बैंक होगा, जिसके कार्यक्षेत्र में बलरामपुर एवं गोंडा दोनों जिले शामिल होंगे। वर्तमान में ये दोनों जिले किसी भी जिला सहकारी बैंक के कार्यक्षेत्र में नहीं आते हैं। बैंक की स्थापना से दोनों जनपदों के लाखों कृषकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसानों को अन्य बैंकों से चार प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण प्राप्त करना पड़ता है, जबकि जिला सहकारी बैंक की स्थापना के बाद किसान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से तीन प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों की लागत में कमी आएगी तथा कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि बैंक की स्थापना के लिए लगभग 14.90 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। बैठक में माननीय मंत्री ने सहकारिता समितियों को और अधिक आधुनिक एवं सक्षम बनाए जाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रदेश की सभी सहकारी समितियों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गति आएगी। उन्होंने बताया कि समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए 10 लाख रुपये तक की शून्य ब्याज (जीरो इंटरेस्ट) क्रेडिट सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे समितियां अपनी गतिविधियों का विस्तार कर सकेंगी तथा किसानों को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकेंगी। बैठक में उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए माननीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश में यूरिया एवं अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक कृषक को निर्धारित मूल्य पर समयबद्ध, सरल एवं सुलभ तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा वितरण व्यवस्था पूर्णतः पारदर्शी रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर कृत्रिम अभाव, कालाबाजारी अथवा अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक के उपरांत माननीय मंत्री ने बहुउद्देशीय सहकारी समिति (बी-पैक्स) सेखुईकला तथा क्रय-विक्रय समिति भगवतीगंज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने समितियों की व्यवस्थाओं, अभिलेखों, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं तथा उर्वरक वितरण प्रणाली का अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए उन्हें और अधिक सक्षम, पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाया जाए। बैठक में विधायक बलरामपुर सदर पल्टूराम, विधायक उतरौला राम प्रताप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन, जनप्रतिनिधि प्रदीप सिंह, सहकारिता विभाग के प्रबंध निदेशक सहित विभागीय अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने, किसानों को बेहतर बैंकिंग एवं ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा पारदर्शी उर्वरक वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।
बलरामपुर में जिला सहकारी बैंक स्थापना की प्रक्रिया तेज, शीघ्र होगा स्थापित, किसानों को मिलेगा कम ब्याज पर फसली ऋण : मा० सहकारिता मंत्री जे.पी.एस. राठौर सहकारिता क्षेत्र को मिलेगी नई मजबूती, जिला सहकारी बैंक, डिजिटल समितियां और पारदर्शी उर्वरक वितरण पर मंत्री ने दिए निर्देश किसानों के हित में बड़ा कदम: जिला सहकारी बैंक स्थापना, समितियों के सशक्तीकरण और उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा बलरामपुर!जनपद में सहकारिता क्षेत्र को नई गति देने, किसानों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने, उर्वरक वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने तथा सहकारी समितियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), सहकारिता जे.पी.एस. राठौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में माननीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को सशक्त बनाने और सहकारिता व्यवस्था को आधुनिक एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में जिला सहकारी बैंक बलरामपुर की स्थापना की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है, जिसके लिए आवश्यक कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बताया कि बैंक की स्थापना के लिए नाबार्ड कंसल्टेंसी सर्विसेज (NABCONS) द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है तथा बैंकिंग लाइसेंस हेतु भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। माननीय मंत्री ने बताया कि जिला सहकारी बैंक बलरामपुर स्थापित होने पर यह प्रदेश का 51वां जिला सहकारी बैंक होगा, जिसके कार्यक्षेत्र में बलरामपुर एवं गोंडा दोनों जिले शामिल होंगे। वर्तमान में ये दोनों जिले किसी भी जिला सहकारी बैंक के कार्यक्षेत्र में नहीं आते हैं। बैंक की स्थापना से दोनों जनपदों के लाखों कृषकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसानों को अन्य बैंकों से चार प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण प्राप्त करना पड़ता है, जबकि जिला सहकारी बैंक की स्थापना के बाद किसान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से तीन प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों की
लागत में कमी आएगी तथा कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि बैंक की स्थापना के लिए लगभग 14.90 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। बैठक में माननीय मंत्री ने सहकारिता समितियों को और अधिक आधुनिक एवं सक्षम बनाए जाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रदेश की सभी सहकारी समितियों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गति आएगी। उन्होंने बताया कि समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए 10 लाख रुपये तक की शून्य ब्याज (जीरो इंटरेस्ट) क्रेडिट सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे समितियां अपनी गतिविधियों का विस्तार कर सकेंगी तथा किसानों को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकेंगी। बैठक में उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए माननीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश में यूरिया एवं अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक कृषक को निर्धारित मूल्य पर समयबद्ध, सरल एवं सुलभ तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा वितरण व्यवस्था पूर्णतः पारदर्शी रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर कृत्रिम अभाव, कालाबाजारी अथवा अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक के उपरांत माननीय मंत्री ने बहुउद्देशीय सहकारी समिति (बी-पैक्स) सेखुईकला तथा क्रय-विक्रय समिति भगवतीगंज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने समितियों की व्यवस्थाओं, अभिलेखों, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं तथा उर्वरक वितरण प्रणाली का अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए उन्हें और अधिक सक्षम, पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाया जाए। बैठक में विधायक बलरामपुर सदर पल्टूराम, विधायक उतरौला राम प्रताप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन, जनप्रतिनिधि प्रदीप सिंह, सहकारिता विभाग के प्रबंध निदेशक सहित विभागीय अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने, किसानों को बेहतर बैंकिंग एवं ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा पारदर्शी उर्वरक वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। बलरामपुर
में जिला सहकारी बैंक स्थापना की प्रक्रिया तेज, शीघ्र होगा स्थापित, किसानों को मिलेगा कम ब्याज पर फसली ऋण : मा० सहकारिता मंत्री जे.पी.एस. राठौर सहकारिता क्षेत्र को मिलेगी नई मजबूती, जिला सहकारी बैंक, डिजिटल समितियां और पारदर्शी उर्वरक वितरण पर मंत्री ने दिए निर्देश किसानों के हित में बड़ा कदम: जिला सहकारी बैंक स्थापना, समितियों के सशक्तीकरण और उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा बलरामपुर!जनपद में सहकारिता क्षेत्र को नई गति देने, किसानों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने, उर्वरक वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने तथा सहकारी समितियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), सहकारिता जे.पी.एस. राठौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में माननीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को सशक्त बनाने और सहकारिता व्यवस्था को आधुनिक एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में जिला सहकारी बैंक बलरामपुर की स्थापना की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है, जिसके लिए आवश्यक कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बताया कि बैंक की स्थापना के लिए नाबार्ड कंसल्टेंसी सर्विसेज (NABCONS) द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है तथा बैंकिंग लाइसेंस हेतु भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। माननीय मंत्री ने बताया कि जिला सहकारी बैंक बलरामपुर स्थापित होने पर यह प्रदेश का 51वां जिला सहकारी बैंक होगा, जिसके कार्यक्षेत्र में बलरामपुर एवं गोंडा दोनों जिले शामिल होंगे। वर्तमान में ये दोनों जिले किसी भी जिला सहकारी बैंक के कार्यक्षेत्र में नहीं आते हैं। बैंक की स्थापना से दोनों जनपदों के लाखों कृषकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसानों को अन्य बैंकों से चार प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण प्राप्त करना पड़ता है, जबकि जिला सहकारी बैंक की स्थापना के बाद किसान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से तीन प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों की लागत
में कमी आएगी तथा कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि बैंक की स्थापना के लिए लगभग 14.90 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। बैठक में माननीय मंत्री ने सहकारिता समितियों को और अधिक आधुनिक एवं सक्षम बनाए जाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रदेश की सभी सहकारी समितियों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गति आएगी। उन्होंने बताया कि समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए 10 लाख रुपये तक की शून्य ब्याज (जीरो इंटरेस्ट) क्रेडिट सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे समितियां अपनी गतिविधियों का विस्तार कर सकेंगी तथा किसानों को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकेंगी। बैठक में उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए माननीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश में यूरिया एवं अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक कृषक को निर्धारित मूल्य पर समयबद्ध, सरल एवं सुलभ तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा वितरण व्यवस्था पूर्णतः पारदर्शी रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर कृत्रिम अभाव, कालाबाजारी अथवा अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक के उपरांत माननीय मंत्री ने बहुउद्देशीय सहकारी समिति (बी-पैक्स) सेखुईकला तथा क्रय-विक्रय समिति भगवतीगंज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने समितियों की व्यवस्थाओं, अभिलेखों, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं तथा उर्वरक वितरण प्रणाली का अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए उन्हें और अधिक सक्षम, पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाया जाए। बैठक में विधायक बलरामपुर सदर पल्टूराम, विधायक उतरौला राम प्रताप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन, जनप्रतिनिधि प्रदीप सिंह, सहकारिता विभाग के प्रबंध निदेशक सहित विभागीय अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने, किसानों को बेहतर बैंकिंग एवं ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा पारदर्शी उर्वरक वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।
- ब्रेकिंग न्यूज बड़ी खबर आ रही है बलरामपुर के देहात कोतवाली में चार हत्या/मौत से गांव में हड़कंप, घर में मिला तीन तमंचा, जांच पड़ताल में जुटी पुलिस मौके पर बड़े अधिकारी मौजूद ब्रेकिंग न्यूज बड़ी खबर आ रही है बलरामपुर के देहात कोतवाली में चार हत्या/मौत से गांव में हड़कंप, घर में मिला तीन तमंचा, जांच पड़ताल में जुटी पुलिस मौके पर बड़े अधिकारी मौजूद1
- जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील इकौना में सम्पूर्ण समाधान दिवस का हुआ आयोजन प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्रों के निस्तारण हेतु सम्बन्धित को किया निर्देशित श्रावस्ती,। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में तहसील इकौना में सम्पूर्ण समाधान दिवस/तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने तहसील दिवस में आये फरियादियों की समस्याओं को गम्भीरता से सुना तथा उनके निस्तारण हेतु सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने 06 शिकायती प्रार्थना पत्रों का मौके पर ही निस्तारण कराया तथा सम्बन्धित को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित भी किया। उन्होने कहा कि भूमि विवादों से सम्बन्धित प्रकरणों में राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर जाकर निष्पक्ष ढंग से निस्तारण कराएं, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। सम्पूर्ण समाधान दिवस/तहसील दिवस के आयोजन हेतु जिलाधिकारी द्वारा जारी रोस्टर के अनुसार जनपद में क्रमशः तहसील जमुनहा एवं तहसील भिनगा में सम्पूर्ण समाधान दिवस/तहसील दिवस का आयोजन कर फरियादियों की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण किया गया। इस अवसर पर सम्बन्धित तहसीलों के उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं तहसील तथा ब्लाक स्तर के सभी सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।सम्पूर्ण समाधान दिवस/तहसील दिवस इकौना में कुल 55 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए जिसमें से मौके पर ही 06 शिकायतों का निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों के समय सीमा के अन्तर्गत निस्तारण हेतु सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को उपलब्ध कराया गया। सम्पूर्ण समाधान दिवस भिनगा में 29 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से मौके पर 07 शिकायतों का निस्तारण किया गया। तहसील जमुनहा में कुल 20 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से मौके पर 03 शिकायतों का निस्तारण किया गया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी इकौना रवेन्द्र कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 ए0के0 सिंह, क्षेत्राधिकारी आलोक सिंह, तहसीलदार इकौना, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग के0पी0 मिश्रा, खण्ड विकास अधिकारी इकौना व गिलौला सहित अन्य विभागों के अधिकारीगण, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल एवं फरियादीगण उपस्थित रहे।1
- मनाली में पिछले दो दिन से व्यास नदी पर भारी भरकम विशालकाय चट्टान को बारूद से उड़ाने की मश्शकत चल रही थी। यह चट्टान नदी के वेग के अवरोध पैदा कर बाढ़ का कारण बनती थी। आज सफलता पूर्वक तोड़ दिया गया। धमाके के लिए वीडियो अंत तक देखें.... मनाली में पिछले दो दिन से व्यास नदी पर भारी भरकम विशालकाय चट्टान को बारूद से उड़ाने की मश्शकत चल रही थी। यह चट्टान नदी के वेग के अवरोध पैदा कर बाढ़ का कारण बनती थी। आज सफलता पूर्वक तोड़ दिया गया। धमाके के लिए वीडियो अंत तक देखें....1
- बलरामपुर : जे. पी. एस. राठौर राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार सहकारिता उ०प्र० शासन का बीजेपी वालो ने जोरदार स्वागत किया बलरामपुर : जे. पी. एस. राठौर राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार सहकारिता उ०प्र० शासन का बीजेपी वालो ने जोरदार स्वागत किया1
- बलरामपुर में उजड़ गया पूरा परिवार, मुंबई से लौटे बजरंग गिरी समेत पत्नी और दो मासूम बच्चों की मौत, गांव में मातम चार लोगों की मौत तीन तमंचा बरामद बलरामपुर के कोतवाली देहात क्षेत्र के झौहना गांव के गोसाई पुरवा में शुक्रवार शाम हुई दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया। महज एक सप्ताह पहले मुंबई से गांव लौटे 28 वर्षीय बजरंग गिरी, उनकी पत्नी कोमल, तीन वर्षीय बेटी श्रद्धा और 10 माह के मासूम जयदीप की मौ*त से पूरे गांव में मातम पसरा है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। कोतवाली देहात क्षेत्र के झौहना गांव के गोसाई पुरवा में शुक्रवार शाम हुई दर्दनाक वारदात ने एक हंसता-खेलता परिवार हमेशा के लिए खत्म कर दिया। मृ*तकों में 28 वर्षीय बजरंग गिरी, उनकी 25 वर्षीय पत्नी कोमल, तीन वर्षीय बेटी श्रद्धा और 10 माह का बेटा जयदीप शामिल हैं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है और हर किसी की आंखें नम हैं।ग्रामीणों के अनुसार बजरंगी गिरी तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके दोनों बड़े भाई पिछले करीब 15 वर्षों से मुंबई में ट्रांसपोर्ट का कारोबार करते हैं और वहीं परिवार के साथ रहते हैं। करीब एक माह पहले बजरंगी भी मुंबई गए थे और सप्ताहभर पहले ही गांव लौटे थे। किसी ने नहीं सोचा था कि घर वापसी के कुछ ही दिनों बाद पूरा परिवार इस तरह खत्म हो जाएगा।परिजनों के मुताबिक कोमल गृहिणी थीं। तीन वर्षीय श्रद्धा पूरे दिन घर के बाहर खेलती रहती थी, जबकि 10 माह के मासूम जयदीप को गोद में खिलाने के लिए पड़ोस की महिलाएं भी अक्सर पहुंच जाती थीं। बच्चों की किलकारियों से गूंजने वाला घर अब पूरी तरह सन्नाटे में डूब गया है। घटना के बाद घर के बाहर रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी रही। हर जुबान पर सिर्फ एक ही सवाल है आखिर ऐसा क्या हुआ कि पूरा परिवार खत्म हो गया ग्रामीणों को करीब एक माह पहले की वह घटना भी याद आ रही है, जब घर के बरामदे में खड़ी बजरंगी गिरी की स्कॉर्पियो में अचानक आग लग गई थी। वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया था, लेकिन आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी थी। चार मौ*तों के बाद गांव में उस घटना की भी चर्चा है। हालांकि पुलिस ने फिलहाल दोनों घटनाओं को जोड़कर देखने से इनकार किया है और कहा है कि जांच तथ्यों के आधार पर की जा रही है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि बजरंगी गिरी के मुंबई प्रवास, मोबाइल फोन, पारिवारिक संबंधों, आर्थिक गतिविधियों समेत सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। फोरेंसिक और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। ग्रामीणों ने कहा, अपने जीवन में पहली बार एक ही परिवार को इस तरह उजड़ते देखा है। इस घटना ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है1