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कलेक्टर प्रतिभा पाल ने नामांतरण, सीमांकन एवं अभिलेख दुरुस्ती समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश
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कलेक्टर प्रतिभा पाल ने नामांतरण, सीमांकन एवं अभिलेख दुरुस्ती समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश
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- ,नरसिंहपुर जिले के। ठेमी थाना क्षेत्र के करकबेल गांव से एक मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक को कथित रूप से फंसाने और फायरिंग की घटना के आरोप लगाए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित पक्ष द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोप लगाया गया है कि 29 अप्रैल को युवक को बहला-फुसलाकर ले जाया गया और उसके साथ साजिश कर झूठे प्रकरण में फंसाने की कोशिश की गई। वहीं, 2 मई को विरोध के दौरान फायरिंग और विवाद की घटना होने का भी आरोप लगाया गया है। इस मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में भय का माहौल होने की बात कही है तथा निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है। वाइट,, संदीप भूरिया सरपंच, सरिता श्रीवास्तव ग्राम बौछार3
- कटनी/बाकल। जनपद पंचायत बहोरीबंद की ग्राम पंचायत बाकल में लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक दृष्टिहीन पेंशनधारी पिछले कई दिनों से KYC के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। ग्राम निवासी शमसुद्दीन ने परेशान होकर मुख्यमत्री हेल्प लाइन नम्बर 181 पर अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए अपनी पीड़ा बयां की है। शिकायत के अनुसार शमसुद्दीन दोनों आंखों से दृष्टिहीन हैं और उनकी पेंशन ही उनके जीवन-यापन का एकमात्र साधन है। उन्हें सूचना दी गई थी कि पेंशन जारी रखने के लिए KYC कराना अनिवार्य है, अन्यथा पेंशन योजना से उनका नाम काट दिया जाएगा। वही पीड़ित का कहना है कि वे पिछले 4-5 दिनों से लगातार ग्राम पंचायत बाकल पहुंच रहे हैं। सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक अलग-अलग समय पर जाने के बावजूद हर बार पंचायत भवन पर ताला लटका मिला। दृष्टिहीन होने के कारण बार-बार पंचायत तक पहुंचना उनके लिए न केवल शारीरिक रूप से कठिन है, बल्कि आर्थिक बोझ भी बनता जा रहा है। शमसुद्दीन ने बताया कि उन्होंने सहायक सचिव से संपर्क किया, जिन्होंने उनका फोन उठाया और पंचायत सचिव बीड़ी लाल को कॉल भी किया, लेकिन सचिव ने न तो सहायक सचिव का फोन उठाया और न ही स्वयं पीड़ित का। इससे परेशान होकर उन्होंने 181 हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई, परंतु अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है। पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी दिव्यांगता को देखते हुए KYC की प्रक्रिया घर पर या ब्लॉक स्तर पर कराई जाए, ताकि उन्हें बार-बार परेशान न होना पड़े। साथ ही पंचायत सचिव की अनुपस्थिति और लापरवाही की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में कितनी जल्द संज्ञान लेकर पीड़ित को राहत देता है।1
- Post by Govardhan kushwaha1
- अवैध शराब का खेल जारी, कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति1
- सरही गेट प्रांगण में सोमवार को दोपहर 3:30 बजे सहायक संचालक सिझौरा. परिक्षेत्र अधिकारी सरही, परिक्षेत्र अधिकारी सिझौरा बफर, कान्हा टायगर रिजर्व मण्डला द्वारा ग्राम पंचायत कटंगा के सरपंच, पंच, ईको विकास समिति सरही के सदस्य, अध्यक्ष, एवम् सरही गेट के गाईड, होटल मालिक / प्रबंधक, वाहन मालिक, वाहन चालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी ने सर्वसहमति से प्रस्ताव पारित किया गया कि, हम सभी मिलकर पालतू/आवारा कुत्तों से वन्यजीवों में फैलने वाली बिमारियों की रोकथाम हेतु वनक्षेत्रों में किसी भी प्रकार से कुत्ते प्रवेश न करें इसका सम्पूर्ण प्रयास करेगें। वन विभाग द्वारा कराये जा रहे आवारा एवं पालतू कुत्तों वेक्सिनेशन में पूर्ण जन सहयोग प्रदाय किया जायेगा। होटल मालिकों को समझाईस दिया गया कि, होटल में बचे अवशिष्ट पदार्थों का डिस्पोज उचित ढंग से किया जावे। कान्हा प्रबंधन द्वारा सतर्कता बावत् अमाही वनमार्ग कुछ दिनों के लिए पर्यटन हेतु बंद किया गया है। वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को अवगत कराया गया कि, यदि जंगल या आसपास में किसी भी वन्यजीव असामन्य व्यवहार या बीमारी पाये जाने पर तत्काल इसकी सूचना वन विभाग कान्हा टायगर रिजर्व को दी जाय। सभी सदस्यों ने सर्वसहमति से एकजुट स्वर में कहा कि, बाघों की सुरक्षा के लिए हम सभी तैयार है तथा वन विभाग द्वारा जो भी प्रयास किया जा रहा है हम उसमें पूर्णतः सहमत है तथा वन विभाग को पूर्ण सहयोग करेगे ।1
- Post by Rajju Bhartiya1
- प. बंगाल के झारग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान अचानक झालमुरी की दुकान पर पहुंचे PM मोदी1
- “फाइलों में शेर जिंदा हैं… जंगल में क्यों नहीं?” Kanha National Park—जिसे देश-विदेश में टाइगर लैंड के नाम से जाना जाता है—आज वही अपनी पहचान बचाने के लिए जूझ रहा है। सिर्फ 15 दिनों में 6 बाघों की मौत, और ताज्जुब ये कि सिस्टम अब भी “जांच जारी है” के भरोसे चल रहा है। 📄 कुछ दिन पहले ही पत्रकारों ने कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा, उम्मीद थी कि जिम्मेदार जागेंगे… लेकिन लगता है फाइलों की नींद, बाघों की जिंदगी से ज्यादा गहरी है। 🐅 हर नई मौत के साथ एक सवाल और बड़ा होता जा रहा है— क्या कान्हा में बाघ सुरक्षित हैं या सिर्फ आंकड़ों में जिंदा रखे गए हैं? ⚠️ प्रशासन की खामोशी अब सवालों के घेरे में है— क्या ये सिर्फ लापरवाही है, या फिर जिम्मेदारी से बचने का आसान तरीका? ✊ अब जिले के वरिष्ठ पत्रकार चुप नहीं बैठेंगे— कल से अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा। ये धरना सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि उस सिस्टम को जगाने की कोशिश है जो हर घटना के बाद “जांच” के पीछे छिप जाता है। 🛑 जब तक वन विभाग और प्रशासन ठोस और सख्त कार्रवाई नहीं करता, ये आंदोलन जारी रहेगा। 🐾 कान्हा सिर्फ एक नेशनल पार्क नहीं, मंडला की पहचान है यहां के बाघ सिर्फ वन्यजीव नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की शान, पर्यटन और अस्तित्व हैं। 👉 अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो इतिहास में ये दर्ज होगा कि— “बाघ मरते रहे… और सिस्टम नोटिंग करता रहा।” अब वक्त है— जवाबदेही का, कार्रवाई का, और सच्ची संरक्षण नीति का।1
- मंडला जिले में आज एक ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण देखने को मिला, जब जिला प्रशासन द्वारा चुटका परमाणु परियोजना से प्रभावित विस्थापित परिवारों के लिए सोमवार को शाम 4:00 बजे गरिमामय गृह प्रवेश कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम न सिर्फ पुनर्वास की प्रक्रिया का हिस्सा था, बल्कि उन परिवारों के लिए नई जिंदगी की शुरुआत का प्रतीक भी बना, जो लंबे समय से अपने स्थायी आशियाने का इंतजार कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश शासन की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके शामिल हुईं। उन्होंने सभी विस्थापित परिवारों को नए घर में प्रवेश करने पर शुभकामनाएं और बधाई दी। मंत्री उइके ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार विस्थापित परिवारों के सम्मानजनक पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है और यह गृह प्रवेश कार्यक्रम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मकान उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों को बेहतर जीवन, मूलभूत सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि पुनर्वास स्थलों पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़क जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। इस अवसर पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विधिवत पूजा-अर्चना के साथ रिबन काटकर परिवारों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपी गईं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गृह प्रवेश कराया गया। इस मौके पर कलेक्टर राहुल नामदेव घोटे, नगर पालिका अध्यक्ष विनोद कछवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम सहित अन्य जन प्रतिनिधि एवं अधिकारी कर्मचारी उपस्थित1