कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गुरसिया की सरपंच श्रीमती हेमलता बघेल को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पोड़ी उपरोड़ा द्वारा यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 39(1) के तहत की गई है। ग्रामवासियों की शिकायत पर जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा कराई गई विस्तृत जांच में यह सामने आया कि स्वीकृत निर्माण कार्यों की लगभग 37 लाख 26 हजार रुपये की राशि तत्कालीन सचिव के साथ संयुक्त हस्ताक्षर से शासकीय खाते से कथित रूप से निजी बचत खाते में ट्रांसफर की गई थी। इस कृत्य को गंभीर वित्तीय अनियमितता और गबन माना गया है। सरपंच को पद से पृथक करने की कार्रवाई भी छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40(1)(क) के तहत प्रक्रियाधीन है, जिसका कारण बताओ नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है। प्रशासन का मानना है कि सरपंच के पद पर बने रहने से निष्पक्ष जांच और पंचायत के कार्य प्रभावित हो सकते हैं। निलंबन अवधि के दौरान श्रीमती हेमलता बघेल को किसी भी शासकीय कार्य के संचालन की अनुमति नहीं होगी और उन्हें पंचायत के सभी अभिलेख, प्रभार व सामग्री अधिकृत अधिकारी को तत्काल सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गुरसिया की सरपंच श्रीमती हेमलता बघेल को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पोड़ी उपरोड़ा द्वारा यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 39(1) के तहत की गई है। ग्रामवासियों की शिकायत पर जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा कराई गई विस्तृत जांच में यह सामने आया कि स्वीकृत निर्माण कार्यों की लगभग 37 लाख 26 हजार रुपये की राशि तत्कालीन सचिव के साथ संयुक्त हस्ताक्षर से शासकीय खाते से कथित रूप से निजी बचत खाते में ट्रांसफर की गई थी। इस कृत्य को गंभीर वित्तीय अनियमितता और गबन माना गया है। सरपंच को पद से पृथक करने की कार्रवाई भी छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40(1)(क) के तहत प्रक्रियाधीन है, जिसका कारण बताओ नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है। प्रशासन का मानना है कि सरपंच के पद पर बने रहने से निष्पक्ष जांच और पंचायत के कार्य प्रभावित हो सकते हैं। निलंबन अवधि के दौरान श्रीमती हेमलता बघेल को किसी भी शासकीय कार्य के संचालन की अनुमति नहीं होगी और उन्हें पंचायत के सभी अभिलेख, प्रभार व सामग्री अधिकृत अधिकारी को तत्काल सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
- मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के खड़गवां में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देशानुसार भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय एवं राज्य की विभिन्न जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को प्रताड़ित किए जाने के विरोध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष की आवाज को दबाने और लोकतंत्र को कमजोर करने के प्रयासों का पार्टी सड़क से सदन तक पुरजोर विरोध करेगी। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खड़गवां के अध्यक्ष युधिष्ठिर कमरों ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा। वहीं, जिला सचिव शाहिद महमूद ने जांच एजेंसियों की निष्पक्षता को लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए उनके कथित राजनीतिक उपयोग पर चिंता व्यक्त की। इस प्रदर्शन में जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अलावा युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस, सेवादल, किसान कांग्रेस, पिछड़ा वर्ग विभाग, अनुसूचित जाति विभाग, अनुसूचित जनजाति विभाग और अल्पसंख्यक विभाग के बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और लोकतंत्र व संविधान की रक्षा का संकल्प दोहराया।3
- कोरिया की कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने एग्रीस्टैक पंजीयन एवं खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक संयुक्त बैठक ली। इस बैठक में तहसीलदारों, आरएईओ, समिति प्रबंधकों तथा कृषि एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को एग्रीस्टैक पंजीयन मॉड्यूल का प्रशिक्षण दिया गया ताकि किसानों को समयबद्ध सेवाएं मिल सकें। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 135 छूटे हुए एक्सेम्प्टेड किसानों का पंजीयन और लगभग 3500 लंबित खसरों की मैपिंग इसी सप्ताह प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाए। राजस्व, कृषि एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि पंजीयन कार्य में लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिले के सभी भू-स्वामियों से अपील की गई है कि जिन किसानों का पंजीयन या खसरा मैपिंग शेष है, वे शनिवार, 18 जुलाई को अपनी संबंधित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में आयोजित विशेष शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित हों। पंजीयन के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और भूमि संबंधी दस्तावेज (खसरा/बी-1) साथ लाना आवश्यक होगा।4
- अनूपपुर जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बरबसपुर के भोलगढ़ जंगल में तीन हाथियों का समूह पिछले आठ दिनों से डेरा डाले हुए है। शनिवार (11/07/2026) को शाम 7:30 बजे ये हाथी मुख्य मार्ग के पास विचरण करते देखे गए। इससे पहले दोपहर में, समूह के एक बड़े नर हाथी ने जंगल के तालाब में पानी पिया और फिर वापस अपने दल में शामिल हो गया। वर्तमान में यह हाथियों का समूह शहडोल-कोतमा-मनेंद्रगढ़ मुख्य मार्ग पर भोलगढ़ गांव के बस स्टैंड और वाटर शेड तालाब के बीच सड़क किनारे जंगल में घूम रहा है। आज रात इन हाथियों के भोलगढ़ और बरबसपुर के विभिन्न टोले-मोहल्लों में पहुंचने की आशंका बनी हुई है। हाथियों के मुख्य मार्ग के बिल्कुल करीब आने पर वन विभाग के गश्ती दल, कोतवाली पुलिस और अनूपपुर यातायात पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से कुछ देर के लिए वाहनों का आवागमन रोक दिया था। हाथियों के सड़क किनारे से दोबारा जंगल की ओर लौट जाने के बाद यातायात को फिर से सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की टीम हाथियों की हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए है।1
- सूरजपुर के केतका स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सूरजपुर के माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून और समाज के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल थे। उन्होंने अपने संबोधन में बढ़ती जनसंख्या और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन स्थापित करने में शिक्षा की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहद सरल भाषा में न्यायिक व्यवस्था, सुनियोजित अपराध और पारिस्थितिक अपराध के बीच का अंतर, अपराधों की गंभीरता तथा उनके लिए तय दंडात्मक प्रावधानों के बारे में समझाया। इसके साथ ही उन्होंने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), 2012 और किशोर न्याय से जुड़े वर्तमान कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला। न्यायाधीश श्री वारियाल ने बाल विवाह के दुष्परिणामों, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ने वाले इसके दीर्घकालिक प्रभावों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने अपने छात्र जीवन और न्यायाधीश बनने तक के संघर्षों को साझा करते हुए छात्रों को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया का सुरक्षित व जिम्मेदार उपयोग करने और ज्ञानवर्धन के लिए इंटरनेट व मोबाइल का सकारात्मक इस्तेमाल करने की सलाह दी। इसके अलावा, उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली मुफ्त कानूनी सहायता और NALSA के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की उपयोगिता के बारे में भी बताया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य श्री शशिकांत भारती, श्री दिनेश कुमार सिंह, मंच संचालक श्री उग्रसेन प्रसाद, समस्त शिक्षकगण सहित पैरा लीगल वॉलेंटियर्स श्री सत्य नारायण, श्री बृजवासी सिंह एवं श्री उमेश कुमार रजवाड़े उपस्थित रहे।3
- कोरिया जिला कार्यालय में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने राजस्व अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर लंबित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में अपर कलेक्टर, दोनों अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जिले के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सीमांकन के समय-सीमा से अधिक लंबित मामलों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि वर्षा ऋतु को देखते हुए मैदानी या गैर-कृषि भूमि का सीमांकन तत्काल किया जाए, जबकि खड़ी फसल वाले खेतों का सीमांकन 15 अक्टूबर के बाद किया जाए ताकि किसानों को असुविधा न हो। इसके अलावा, अविवादित नामांतरण और बंटवारा प्रकरणों के त्वरित निपटारे के लिए प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश दिए गए। अब इन प्रकरणों के आवेदन सीधे पटवारी कार्यालय में प्राप्त किए जाएंगे और पटवारी जांच प्रतिवेदन तैयार कर सीधे राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे, जिससे नागरिकों को तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। न्यायालयीन प्रकरणों में पटवारियों द्वारा समय पर प्रतिवेदन न सौंपने के कारण मामलों के लंबित रहने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और दोषी पटवारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। साथ ही, नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना, एग्रीस्टैक पंजीयन और खसरा मैपिंग के कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। प्रशासन को जवाबदेह बनाने के लिए निर्देश दिया गया कि प्रत्येक सोमवार को सभी पटवारी और राजस्व निरीक्षक (आरआई) अपने-अपने मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याओं का निराकरण करेंगे। इसके अलावा, हर पंद्रह दिन में पटवारियों की समीक्षा बैठक होगी और दोनों अपर कलेक्टर हर महीने तहसीलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेंगे। बैठक के अंत में कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ा है, इसलिए सभी अधिकारी-कर्मचारी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करें। कार्यों में लापरवाही मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सुरेंद्र वैद्य, अपर कलेक्टर श्री डी.डी. मंडावी, सोनहत के एसडीएम श्री अमित कुमार गुप्ता और बैकुंठपुर के एसडीएम श्री उमेश पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
- कोरिया की कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिला कार्यालय में राजस्व अधिकारियों की एक विस्तृत समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में लंबित राजस्व प्रकरणों, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना और एग्रीस्टैक से जुड़े कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने राजस्व निरीक्षकों के कार्यों और लंबित सीमांकन मामलों में समय-सीमा से अधिक देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु को देखते हुए गैर-कृषि भूमि के सीमांकन का तत्काल निराकरण किया जाए, जबकि खड़ी फसल वाले क्षेत्रों में सीमांकन का कार्य 15 अक्टूबर के बाद करने को कहा गया है। नामांतरण और बंटवारा प्रकरणों को सरल बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आवेदन सीधे पटवारी कार्यालय में प्राप्त किए जाएं और पटवारी अपनी जांच रिपोर्ट सीधे राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत करें, ताकि आम नागरिकों को बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने पटवारियों द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत करने में देरी को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि ऐसे लंबित मामलों की सूची तैयार की जाए और लापरवाह पटवारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव पेश किया जाए। बैठक में नक्शा बटांकन की धीमी गति और स्वामित्व योजना के लंबित प्रकाशनों पर भी असंतोष व्यक्त किया गया। एग्रीस्टैक पंजीयन एवं खसरा मैपिंग के लिए कृषि एवं खाद्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए कलेक्टर ने आदेश दिया कि प्रत्येक सोमवार को सभी पटवारी अनिवार्य रूप से अपने मुख्यालय में उपस्थित रहकर नागरिकों के आवेदन प्राप्त करेंगे और राजस्व निरीक्षक भी इसी दिन मुख्यालय पर रहकर कार्यों की समीक्षा करेंगे। साथ ही, पंद्रह दिनों में पटवारियों की नियमित बैठक आयोजित करने और अपर कलेक्टरों को प्रतिमाह तहसीलों का निरीक्षण कर प्रतिवेदन देने को कहा गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि राजस्व विभाग का काम नागरिकों से सीधा जुड़ा है, इसलिए कार्यों में पारदर्शिता और संवेदनशीलता अनिवार्य है, और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।2
- मनेंद्रगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की गैस पाइपलाइन विस्तार परियोजना के दौरान एक भीषण हादसा हो गया। परियोजना के कार्य में लगी जेसीबी ने एक स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे स्कूटी सवार एक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में दूसरा सवार गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार प्रदान करने के बाद मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने जेसीबी चालक के खिलाफ लापरवाही बरतने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर, मृतक के परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित होकर सिटी कोतवाली पहुंच गए। परिजनों ने आरोपी चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। उन्होंने पूरी घटना के लिए घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई है।1