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जंतर मंतर पर सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया है। वे 28 जून से अनशन पर बैठे हुए थे।
POLICE DOST NEWS
जंतर मंतर पर सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया है। वे 28 जून से अनशन पर बैठे हुए थे।
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- छत्तीसगढ़ के नवापारा स्थित छाटा रोड के सुंदर पैलेस में आयोजित राज्य स्तरीय ब्राइडल प्रतियोगिता में नवापारा की कल्पना सिंह राजपूत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। स्टेला वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल कर उन्होंने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी यह उपलब्धि महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और प्रतिभा का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है। राजिम-फिंगेश्वर रोड स्थित सात्विका कॉस्मेटिक एंड ब्यूटी अकादमी से जुड़ीं कल्पना सिंह राजपूत पिछले पांच वर्षों से प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट और ब्यूटीशियन के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और रचनात्मक कौशल के दम पर प्रतियोगिता में यह सफलता हासिल की है। स्टेला वेलफेयर फाउंडेशन नवापारा नगर में संचालित एक सामाजिक संस्था है जो सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करती रही है। कल्पना सिंह की इस उपलब्धि पर समाज के लोगों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। लोगों ने कहा कि ऐसी उपलब्धियां महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करती हैं। शुभचिंतकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वे आगे भी नवापारा-राजिम तथा छत्तीसगढ़ का नाम प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करती रहेंगी।2
- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पुलिस ने कुरूद थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज डकैती की वारदात का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला 11 जुलाई की रात का है, जब छाती गांव निवासी विमल देशलहरे अपनी एक्टिवा से मगरलोड जा रहे थे। रास्ते में मंदरौद मोड़ के पास रुकने के दौरान एक स्विफ्ट कार में पहुंचे बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की और नकदी, मोबाइल फोन तथा एक्टिवा लूटकर फरार हो गए थे। घटना के बाद कुरूद थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों तथा मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम ने पड़ोसी राज्य ओडिशा के नुआपाड़ा जिले में दबिश देकर अंतरराज्यीय गिरोह के आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई एक्टिवा, वीवो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट कार बरामद कर ली है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगा रही है कि इस गिरोह का अन्य वारदातों से कोई संबंध तो नहीं है।2
- जंतर-मंतर पर चल रहे धरना-प्रदर्शन को लेकर एक फॉरेस्ट ऑफिसर ने अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। हालांकि, विरोध जताने के दौरान उन्होंने गलत भाषा का इस्तेमाल किया, जिस पर बात हो रही है। सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पूछा जा रहा है कि अभद्र भाषा के इस्तेमाल के बावजूद कितने लोग इस फॉरेस्ट ऑफिसर का समर्थन करेंगे। इसके साथ ही उनकी तुलना भाजपा नेता मनोहर लाल धाकड़ से करते हुए कहा गया है कि उन्होंने उनके जैसा काम तो नहीं किया है।2
- दिल्ली में छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज, लगातार हो रहे पेपर लीक और छात्र-विरोधी नीतियों के खिलाफ खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के गंडई में NSUI और युवा कांग्रेस द्वारा एक विशाल मशाल यात्रा का आयोजन किया गया। इस मशाल यात्रा के माध्यम से गंडई में पेपर लीक की घटनाओं और छात्रों पर हुए अत्याचार के खिलाफ पुरजोर आवाज उठाई गई।2
- खैरागढ़-डोंगरगढ़ मुख्य मार्ग की जर्जर हालत राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है। इसके चलते दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों को रोजाना जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है। 23 जुलाई शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, सड़क की इस बदहाली के कारण लगातार हादसों का खतरा मंडरा रहा है। यह सड़क खैरागढ़ और डोंगरगढ़ को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, शासकीय कर्मचारी, व्यापारी और आम नागरिक आवागमन करते हैं। इसके अलावा, आगामी नवरात्र पर्व के दौरान इसी मार्ग से होकर हजारों श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए पैदल यात्रा करते हैं। ऐसे में सड़क की यह खराब स्थिति लोगों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत को लेकर लंबे समय से संबंधित विभाग और प्रशासन के समक्ष गुहार लगाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को सुरक्षित तथा सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके, इसके लिए स्थानीय निवासियों ने नवरात्र पर्व की शुरुआत से पहले सड़क की मरम्मत कराने की मांग को तेज कर दिया है।1
- बलौदाबाजार के जिला ऑडिटोरियम में आयोजित डिजिटल क्रॉप सर्वे प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने राजस्व अमले को स्पष्ट हिदायत दी है कि खरीफ सीजन की गिरदावरी और क्रॉप सर्वे में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रशिक्षण ही शुद्ध गिरदावरी की सबसे बड़ी कुंजी है और शासन की इस महत्वपूर्ण पहल में त्रुटि की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। इस कार्यक्रम में एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और अपर कलेक्टर निशा नेताम मड़ावी सहित कई अधिकारी शामिल हुए। कलेक्टर ने सभी तहसीलों में सर्वेयरों की शीघ्र नियुक्ति के निर्देश देते हुए कहा कि पिछले वर्ष जिन सर्वेयरों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था, उन्हें इस बार जिम्मेदारी न सौंपी जाए। साथ ही उन्होंने बंटांकन एवं सीमांकन जैसे नियमित राजस्व कार्यों में गति लाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान राज्य शासन की कृषक उन्नति योजना का उल्लेख करते हुए कलेक्टर ने बताया कि धान के स्थान पर अन्य फसलें लगाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता दी जा रही है। उन्होंने कृषि विभाग को जिले में निर्धारित 10 हजार एकड़ का लक्ष्य हासिल करने के लिए किसानों को जागरूक और प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया। इस वर्ष डिजिटल क्रॉप सर्वे को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। फर्जी सर्वेयरों पर रोक लगाने के लिए फेस-आधारित ई-केवाईसी, सही प्लॉट पर सर्वे सुनिश्चित करने हेतु एंगल-बेस्ड कवरेज सिस्टम और धुंधली तस्वीरें अस्वीकार करने की व्यवस्था ऐप में की गई है। इसके अलावा, सर्वे के दौरान संभव होने पर संबंधित किसान की तस्वीर भी ली जाएगी। कार्यक्रम में डिजिटल किसान किताब तैयार करने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 15 पटवारियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।1
- जंतर-मंतर पर हो रहे बवाल को लेकर बहस छिड़ गई है। इस पूरे मामले को लेकर व्यापक चर्चा की जा रही है।4
- बलौदाबाजार-भाटापारा में पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय (IPS) के निर्देशन में थाना गिधौरी और कसडोल यातायात शाखा की संयुक्त टीम ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गिधौरी में एक वृहद जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराध, सोशल मीडिया सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, पॉक्सो एक्ट, गुड टच-बैड टच और नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी KYC अपडेट, OTP फ्रॉड और म्यूल अकाउंट जैसी साइबर ठगी से सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही यह भी बताया गया कि साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं। सोशल मीडिया सुरक्षा के तहत पुलिस ने व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर निजी जानकारी, फोटो और लोकेशन शेयर न करने तथा प्राइवेसी सेटिंग्स सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। यातायात शाखा की टीम ने सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी देते हुए बिना हेलमेट वाहन न चलाने, ट्रिपल राइडिंग से बचने, नाबालिगों द्वारा वाहन न चलाने और नशे की हालत में ड्राइविंग न करने की समझाइश दी। इसके अलावा छात्र-छात्राओं को गुड टच-बैड टच, पॉक्सो एक्ट, बाल अधिकारों और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए नियमों का पालन करने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।4
- बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल क्षेत्र में पीड़िता को न्याय दिलाने की कोशिश कर रहे पत्रकार विजय शंकर तिवारी को ही संदिग्ध मानकर जेल भेज दिया गया है। कॉल रिकॉर्डिंग और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह बात सामने आई है कि पत्रकार का प्राथमिक उद्देश्य केवल एक पीड़ित लड़की की आवाज बनना और उसे न्याय दिलाना था। इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई है, जहां कसडोल थाना प्रभारी ने पीड़िता से केवल शिकायत आवेदन लेकर रख लिया और विधिपूर्वक एफआईआर तक दर्ज नहीं की। जब पत्रकार ने पुलिस की इस निष्क्रियता को उजागर करते हुए पीड़िता का पक्ष रखा, तो मूल मुद्दे से ध्यान भटकाकर उल्टे पत्रकार को ही आरोपी बनाकर एकतरफा कार्रवाई कर दी गई। कॉल रिकॉर्डिंग में पत्रकार की मंशा साफ होने के बावजूद उसे नजरअंदाज कर दिया गया। तंत्र का दुरुपयोग करके सच बोलने वाली आवाजों को झूठे और प्रायोजित मुकदमों में फंसाने का यह प्रयास लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और अभिव्यक्ति की आजादी पर सीधा आघात है। जब रक्षक ही मौन हो जाएं और खबर लिखने वाली कलम को आरोपी बना दिया जाए, तो आम नागरिक का कानून-व्यवस्था से भरोसा उठने लगता है। इस मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होना अत्यंत आवश्यक है ताकि सच सामने आए और निर्दोष पत्रकार को सम्मानपूर्वक न्याय मिल सके।1