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न्यू अंसारी ट्रेवल्स खेड़ा देवचरा जयपुर जाने के लिए संपर्क करें
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- आंवला। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.विश्राम सिंह ने मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भमोरा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आगामी होली पर्व को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीएमओ ने विशेष रूप से होली पर प्रयोग किए जाने वाले रंगों को लेकर सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि रासायनिक एवं केमिकल युक्त रंगों के प्रयोग से त्वचा, आंखों और श्वसन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए लोगों को प्राकृतिक एवं सुरक्षित रंगों का ही उपयोग करना चाहिए। साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में दवाइयों, प्राथमिक उपचार सामग्री और स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। साफ-सफाई, दवा वितरण कक्ष, वार्ड एवं इमरजेंसी कक्ष का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी ली गई। इस अवसर पर डॉ. राहुल यादव, फार्मासिस्ट उबेद अंसारी, वार्ड बॉय राजपाल, स्वच्छता कर्मी गुलशन तथा स्टाफ नर्स सुजियाना नाहिदा सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।1
- #होली पर्व में वायरल विडियो मोहम्मद के शहर में#1
- Happy Holi Mhare Gam Ke Happy Holi Aise manae jaati hai aap dekh sakte ho Koi To Bata Do acchi Lage to aap bata dena aur bataiye aap sab log Hamare Hain To Aisa Hi Manaya Jata Hai Holi Hamare Yahan To Aisa Hi Holi Manaya jata hai aap log bataiye aapke aur kaise banaya jata hai Holi comment1
- उत्तर प्रदेश बिल्सी नगर पालिका की लापरवाही शिकायत करने पर भी कोई संज्ञा नहीं लिया गया जिसकी गहराई कम से कम 10 फीट से ज्यादा है आए दिन जान जाने का खतरा बना रहता है लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है1
- बदायूं। जिले के ब्लाक अंबियापुर क्षेत्र के ग्राम दबिहारी में होलिका पर्व पारंपरिक उल्लास और धार्मिक आस्था के साथ बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। गांवों में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। होलिका दहन के पश्चात ढोल-नगाड़ों के साथ प्राचीन काल से गाते आ रहे पारंपरिक फाग गीतों के साथ ग्रामीणों ने पूरे गांव में चौपाई निकाली। कुंवर पाल ने ढोल बजाया। पूर्व प्रधान राजाराम, कुंवर पाल सिंह के साथ दर्जनों ग्रामीणों ने होलिका स्थल से चौपाई प्रारंभ कर गांव के प्रमुख मंदिरों और तीर्थ स्थलों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा भजन-कीर्तन किया। ढोलक और मंजीरे की मधुर ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में फाग गाती नजर आईं, वहीं युवाओं और बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। यात्रा के दौरान लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का अनूठा दृश्य पूरे गांव में दिखाई दिया। बुजुर्गों ने युवाओं को होली के सांस्कृतिक महत्व के बारे में बताया और समाज में एकता बनाए रखने का संदेश दिया। गांव के कई घरों में पारंपरिक पकवान जैसे गुझिया, मठरी, दही बड़े और अन्य मिठाइयां तैयार की गईं। घर आए अतिथियों और परिचितों का स्नेहपूर्वक स्वागत किया गया तथा उन्हें पकवान खिलाकर त्योहार की खुशियां साझा की गईं। ग्रामीणों ने कहा कि होली का पर्व केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी मेलजोल और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। गांव में शांति, सौहार्द और उत्साह का वातावरण बना रहा। इस प्रकार मौके पर संजय सिंह, राजवीर सिंह, रामवीर सिंह, देशपाल सिंह, संजू सिंह, राम सिंह, जसवीर, शिशुपाल, देवेंद्र, सत्येंद्र, पप्पू, राजपाल, तेजराम, चंद्रभान सिंह आदि मौजूद रहे।1
- बिल्सी में विकास के दावों की खुली पोल, एक साल से नरकीय जीवन ज़ी रहे लोग, होली पर भी नहीं मिली राहत-नए कपड़े, नए जूते पहने … लेकिन रास्ता है होली पर भी नाले में तब्दील सड़क से गुजरने को मजबूर लोग, सब्र टूटा तो मोहल्ले वालों ने उखाड़ दी सड़क, चेयरमैन के व्यान पर भड़का गुस्सा -कार्रवाई जनता पर या जिम्मेदारों पर? लोगों ने पूछा तीखा सवाल बिल्सी : होली जैसा त्योहार का दिन, नए कपड़े, नए जूते और परिवार के साथ खुशियां मनाने की उम्मीद—लेकिन जब उसी दिन लोगों को गंदे नाले के पानी से होकर गुजरना पड़े, तो सवाल सिर्फ सड़क का नहीं, बल्कि नरकीय जीवन का बन जाता है। यही हाल बिल्सी के मोहल्ला नंबर 5, वार्ड नंबर 8 के लोगों का है, जहां पिछले एक वर्ष से सड़क नाले में तब्दील हो चुकी है। मोहल्ला वासी लंबे समय से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। सड़क पर पानी की निकासी न होने के कारण गंदा पानी पूरे समय भरा रहता है। बरसात के दिनों में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि वे कई बार इस गंभीर समस्या की शिकायत नगर पालिका प्रशासन से कर चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। आज होली जैसे पावन पर्व पर भी जब स्थिति जस की तस रही, तो मोहल्ले वासियों का सब्र का बांध टूट गया। विरोध स्वरूप उन्होंने सड़क की इंटरलॉकिंग ईंटें उखाड़कर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया और ईंटों को सड़क के दोनों ओर लगा दिया। इसके चलते पूरे मोहल्ले का आवागमन ठप हो गया और लोगों को मजबूरी में घूमकर निकलना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सड़क एक साल से नाले के रूप में पड़ी हो, तो ऐसी सड़क का क्या मतलब? त्योहार के दिन भी यदि लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़े, तो यह सीधे तौर पर पालिका प्रशासन की विफलता नहीं तो और क्या है? इधर इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष पति ओमप्रकाश सागर का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या का समाधान जल्द किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने सड़क उखाड़ी है, उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस बयान पर मोहल्ले वासियों ने कड़ा सवाल किया है। लोगों का कहना है कि अगर जनता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है, तो फिर उस नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं, जिसने एक साल से सड़क को नाला बनाकर रखा है? इस लापरवाही के कारण जो लोग रोज़ाना इस नरकीय स्थिति में जीवन जी रहे हैं, उनकी सुध कौन लेगा? मोहल्ले के लोगों का कहना है कि वे कानून तोड़ना नहीं चाहते थे, लेकिन जब बार-बार शिकायतों के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई, तो मजबूरी में उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। अब सवाल यह है कि पालिका प्रशासन पहले अपनी जिम्मेदारी निभाएगा या सिर्फ कार्रवाई की धमकी देकर मामले को दबाने की कोशिश करेगा? यह मामला अब सिर्फ सड़क का नहीं, बल्कि जनता के धैर्य, अधिकार और प्रशासनिक जवाबदेही का बन गया है।1
- #बरेली के जरेली सादात क्षेत्र में ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के समर्थन में एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन*#1
- बदायूं। जिले के थाना मुजरिया के गांव हसपुर बहेड़िया में होली खेलने की परम्परा एक दम अलग है। इस गांव में होलिका दहन के बाद रंगों से सराबोर करने के लिए बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक कपड़ा फाड़ होली खेलते है और मस्ती करते, रंग-गुलाल उड़ाते जमकर डांस के साथ एक दूसरे को गले लगा कर सामाजिक समरसता को नए अंदाज में प्रस्तुत करते हैं। होली वाले दिन होलिका दहन के उपरांत गांव हसपुर बहेड़िया में रंगों के खुमार के साथ ग्रामीण कपड़ा फाड़ते हुए होली खेलते हैं। इस दौरान ग्रामीण युवक हो या बच्चा या फिर बुजुर्ग और वह चाहे नए कपड़े पहना हो या पुराने परम्परा के अनुसार कपड़ा फाड़ कर ही रंगों से सराबोर करते है। रंग-गुलाल बरसाते हुए सभी डीजे पर होली के गीतों पर जमकर झूमते-नाचते होली की खुशियां मनाते है। सुबह से लेकर दोपहर दो बजे तक इस गांव में कपड़ा फाड़ होली चलती रहती है। शाम को गांव में होली मिलन समारोह का आयोजन किया जाता है जहां सभी ग्रामीण एक दूसरे के गले लग कर होली की बधाई देते हैं वही महिलाएं एक दूसरे के घर जाकर होली की बधाईयां देती है। होली वाले दिन हसपुर बहेड़िया में अलग ही खुशी ग्रामीणों के चेहरों पर नजर आती है।1
- उझानी,(बदायूं)। होली का पर्व सारी दुश्मनी भुला कर एक होने का संदेश देता है लेकिन उझानी नगर में होली के पर्व पर रिश्तेदार आपस में भिड़ गए और एक पक्ष ने दूसरे पक्ष की महिला को पति और देवर समेत मारपीट कर लहूलुहान कर दिया। थाने पहुंच कर पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर दी जिस पर पुलिस ने तीनों को अस्पताल भेज कर उपचार कराया है। नगर के मौहल्ला भर्राटोला निवासी संजय पुत्र धनपाल और उसकी पत्नी प्रीति, भाई प्रेमसिंह को उसके ही रिश्तेदारों ने होली के पर्व पर जमकर पीटा जिससे तीनों लहूलुहान हो गए। विवाद जब थमा तब पीड़त पक्ष कोतवाली पहुंचा और पुलिस को तहरीर दी जिस पर पुलिस ने तीनों को अस्पताल भेज कर उनका इलाज कराया। इस दौरान महिला ने कहा कि उनकी सिर्फ मरहम पट्टी कराई गई है इसके अलावा उनकी पीड़ा को पुलिस सुनने को तैयार नही है।1