फरीदपुर में 26 मई 2026 को श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सरस कथावाचक ममता व्यास ने बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के समक्ष श्री कृष्ण की अनेक बाल लीलाओं का संगीतमय वाचन करते हुए गोवर्धन पूजा प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। कथा की शुरुआत मंच पूजन और गुरु वंदना के साथ हुई, जिसके बाद मधुर संगीत के साथ भजनों की प्रस्तुति दी गई। व्यास जी ने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं, जैसे मखान चोरी और काली दह नाग नाथन, का मनमोहक वर्णन किया। इस दौरान "श्याम ऐसी बजाय दयी बसुरिया रे" जैसे संगीतमय भजन भी प्रस्तुत किए गए। ममता व्यास ने गोवर्धन पूजा के प्रसंग को विस्तार से समझाने के साथ-साथ मथुरा दर्शन, धनुष यज्ञ और कंस वध की कथाओं का भी विस्तृत वर्णन किया, जिससे श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए। निर्धारित समय पर उपदेशात्मक गाथाएं प्रस्तुत की गईं और सामूहिक गीत गाए गए। कथा के समापन पर आरती की गई और उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान "लेते जाना रे हरी का नाम थोड़ा थोड़ा" भजन भी प्रस्तुत किया गया, जिसके साथ सप्तम दिवस की कथा का विश्राम हुआ।
फरीदपुर में 26 मई 2026 को श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सरस कथावाचक ममता व्यास ने बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के समक्ष श्री कृष्ण की अनेक बाल लीलाओं का संगीतमय वाचन करते हुए गोवर्धन पूजा प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। कथा की शुरुआत मंच पूजन और गुरु वंदना के साथ हुई, जिसके बाद मधुर संगीत
के साथ भजनों की प्रस्तुति दी गई। व्यास जी ने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं, जैसे मखान चोरी और काली दह नाग नाथन, का मनमोहक वर्णन किया। इस दौरान "श्याम ऐसी बजाय दयी बसुरिया रे" जैसे संगीतमय भजन भी प्रस्तुत किए गए। ममता व्यास ने गोवर्धन पूजा के प्रसंग को विस्तार से समझाने के साथ-साथ मथुरा दर्शन, धनुष यज्ञ और कंस वध की
कथाओं का भी विस्तृत वर्णन किया, जिससे श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए। निर्धारित समय पर उपदेशात्मक गाथाएं प्रस्तुत की गईं और सामूहिक गीत गाए गए। कथा के समापन पर आरती की गई और उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान "लेते जाना रे हरी का नाम थोड़ा थोड़ा" भजन भी प्रस्तुत किया गया, जिसके साथ सप्तम दिवस की कथा का विश्राम हुआ।
- फरीदपुर में 26 मई 2026 को श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सरस कथावाचक ममता व्यास ने बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के समक्ष श्री कृष्ण की अनेक बाल लीलाओं का संगीतमय वाचन करते हुए गोवर्धन पूजा प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। कथा की शुरुआत मंच पूजन और गुरु वंदना के साथ हुई, जिसके बाद मधुर संगीत के साथ भजनों की प्रस्तुति दी गई। व्यास जी ने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं, जैसे मखान चोरी और काली दह नाग नाथन, का मनमोहक वर्णन किया। इस दौरान "श्याम ऐसी बजाय दयी बसुरिया रे" जैसे संगीतमय भजन भी प्रस्तुत किए गए। ममता व्यास ने गोवर्धन पूजा के प्रसंग को विस्तार से समझाने के साथ-साथ मथुरा दर्शन, धनुष यज्ञ और कंस वध की कथाओं का भी विस्तृत वर्णन किया, जिससे श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए। निर्धारित समय पर उपदेशात्मक गाथाएं प्रस्तुत की गईं और सामूहिक गीत गाए गए। कथा के समापन पर आरती की गई और उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान "लेते जाना रे हरी का नाम थोड़ा थोड़ा" भजन भी प्रस्तुत किया गया, जिसके साथ सप्तम दिवस की कथा का विश्राम हुआ।3
- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में एक उम्मीदवार ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के साथ ही, आयोग की परीक्षा के बदलते पैटर्न को लेकर भी गहन चर्चाएँ हो रही हैं, जिसे कई हलकों में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।1
- उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर हुए एक दुखद सड़क हादसे में एक दरोगा सहित कुल सात लोगों की मौत हो गई है। इस गंभीर घटना का मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया है, जिन्होंने मृतकों के प्रति गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं और अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुँचने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में तेज़ी लाने तथा घायलों का उचित इलाज सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिए जाने के भी निर्देश जारी किए हैं।1
- एटा जिले में बड़े मंगल के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ, जिसमें सुंदरकांड पाठ का वाचन किया गया। सुंदरकांड पाठ के उपरांत, श्रद्धालुओं के लिए एक विशाल भंडारे का भी प्रबंध किया गया।2
- आईपीएल 2026 के पहले क्वालिफायर मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने गुजरात टाइटन्स (GT) को 92 रनों के बड़े अंतर से हराकर फाइनल में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली है। कप्तान रजत पाटीदार की तूफानी बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ों के दमदार प्रदर्शन ने गुजरात को मैच में वापसी का कोई मौका ही नहीं दिया। इस मुकाबले में विराट कोहली ने भी अहम योगदान दिया, जबकि कप्तान रजत पाटीदार की विस्फोटक पारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया, जिससे टीम एक विशाल स्कोर तक पहुँच पाई। फैंस को इस बड़े मुकाबले से कांटे की टक्कर की उम्मीद थी, लेकिन गुजरात की बल्लेबाज़ी पूरी तरह बिखर गई। शुरुआती विकेट गिरने के बाद टीम दबाव से बाहर नहीं निकल पाई और एक के बाद एक बल्लेबाज़ पवेलियन लौटते चले गए। वहीं, बेंगलुरु के गेंदबाज़ों ने लगातार आक्रामक लाइन और लेंथ से गुजरात के बल्लेबाज़ों को बाँधे रखा, जिससे गुजरात की टीम को कोई भी मौका नहीं मिल पाया। अब सभी की नज़रें अगले मुकाबले पर टिकी हैं, जहाँ राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच जबरदस्त भिड़ंत देखने को मिलेगी। इस मुकाबले की विजेता टीम 29 मई को गुजरात के खिलाफ फाइनल में पहुँचने की आखिरी जंग लड़ेगी, जिससे आने वाले मैचों में रोमांच अपने चरम पर रहने वाला है।1
- जिलाधिकारी अतुल वत्स ने नगर पालिका परिषद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आवास विकास परिषद क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और अवस्थापना के माध्यम से कराए जाने वाले विभिन्न कार्यों का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के पश्चात, जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दें, साथ ही उपलब्ध अवस्थापना निधि से होने वाले आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें।3
- एडीजी एस भगत आगरा से अलीगढ़ की यात्रा कर रहे थे। इस दौरान, उन्होंने हाथरस के पुलिस अधीक्षक के अनुरोध पर सासनी थाने पर रुककर थाने के कामकाज और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। अपनी इस भेंट के अवसर पर, एडीजी एस भगत ने सासनी थाने में बच्चों को साइकिलें भी वितरित कीं।1
- एक पिता का कर्तव्य केवल परिवार का पालन-पोषण करना ही नहीं, बल्कि जीवन भर अपने बच्चों का मार्गदर्शन और समर्थन करना भी है। एक अच्छा पिता अपने कार्यों के माध्यम से अनुशासन, सम्मान और ईमानदारी सिखाता है। वह मुश्किल समय में अपने परिवार के साथ मजबूती से खड़ा रहता है और अपने बच्चों के लिए एक उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करता है। एक स्नेही पिता अपने बच्चों की बातें सुनता है, उन्हें समझता है और उनके सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करता है। उसका प्रेम अक्सर शब्दों से अधिक जिम्मेदारी, त्याग और सुरक्षा के द्वारा प्रकट होता है। जब एक पिता ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करता है, तो वह एक मजबूत, सुखी और सम्मानजनक परिवार का निर्माण करता है, जहाँ प्रत्येक सदस्य स्वयं को सुरक्षित, मूल्यवान और प्रिय महसूस करता है।1