महंत हत्याकांड को लेकर चल रहे धरने के दौरान एडिशनल एसपी और एडीएम सिटी मौके पर मौजूद थे। इसी बीच, पुलिस अधिकारी मांगेलाल यादव और धरने पर बैठे लोगों के बीच किसी बात को लेकर तीखी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते वहाँ मौजूद लोग भड़क गए और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख, कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने तुरंत हस्तक्षेप किया और पुलिस अधिकारी मांगेलाल यादव को खरी-खोटी सुनाई। प्रहलाद गुंजल ने बेहद तीखे लहजे में कहा, "आखिर क्यों बात को बिगाड़ना चाहते हो? गलतफहमी में मत रहना। बात उलझ गई तो अभी नानी याद दिला देंगे। डीजी को भी बुला लेना, लाशें बिछ जाएंगी।" प्रदर्शन कर रहे लोगों ने भी अपनी राय रखते हुए कहा कि उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों पर बिल्कुल विश्वास नहीं है और वे केवल प्रहलाद गुंजल के भरोसे ही धरने पर बैठे हैं। बाद में, प्रहलाद गुंजल ने स्वयं सभी प्रदर्शनकारियों को शांत करवाया, जिसके उपरांत प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता दोबारा शुरू हो सकी।
महंत हत्याकांड को लेकर चल रहे धरने के दौरान एडिशनल एसपी और एडीएम सिटी मौके पर मौजूद थे। इसी बीच, पुलिस अधिकारी मांगेलाल यादव और धरने पर बैठे लोगों के बीच किसी बात को लेकर तीखी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते वहाँ मौजूद लोग भड़क गए और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख, कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने तुरंत हस्तक्षेप किया और पुलिस अधिकारी मांगेलाल यादव को खरी-खोटी सुनाई। प्रहलाद गुंजल ने बेहद तीखे लहजे में कहा, "आखिर क्यों बात को बिगाड़ना चाहते हो? गलतफहमी में मत रहना। बात उलझ गई तो अभी नानी याद दिला देंगे। डीजी को भी बुला लेना, लाशें बिछ जाएंगी।" प्रदर्शन कर रहे लोगों ने भी अपनी राय रखते हुए कहा कि उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों पर बिल्कुल विश्वास नहीं है और वे केवल प्रहलाद गुंजल के भरोसे ही धरने पर बैठे हैं। बाद में, प्रहलाद गुंजल ने स्वयं सभी प्रदर्शनकारियों को शांत करवाया, जिसके उपरांत प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता दोबारा शुरू हो सकी।
- Post by Mahendar.merotha2
- कोटा के ऐतिहासिक चन्द्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के मामले ने अब पूरे प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। इस प्रकरण की गूंज जयपुर से लेकर दिल्ली तक पहुँच गई है, जिससे शीर्ष स्तर पर सक्रियता बढ़ी है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस हत्याकांड में सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने का आग्रह किया। इसके बाद, राज्य सरकार ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और कोटा पुलिस को जल्द से जल्द हत्याकांड का खुलासा करने तथा आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता पंकज मेहता ने बताया कि ओम बिरला ने भी पुलिस अधिकारियों से हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाने पर जोर दिया है। वहीं, इस मामले में सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने मोर्चरी पर धरना दे रहे संत समाज से मुलाकात की। उन्होंने संतों को जांच की प्रगति के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद संत समाज ने अपना धरना समाप्त कर दिया।1
- राजस्थान के कोटा में एक परिवार को अपना घर बनाने में गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ा, जहाँ वर्षों किराए के मकान में रहने के बाद अपने आशियाने का सपना साकार करने की दहलीज पर भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। भूमि खरीदने, मुहूर्त निकालने और भूमि पूजन के बाद भी, काम नहीं चला और यहाँ तक कि तीसरी बार भूमि पूजन कराने पर भी भूमि मौन रही, मानो वह कह रही हो — अभी नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह केवल इस एक परिवार की नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की कहानी है जो वास्तु को केवल एक रस्म समझकर उसकी गहरी विज्ञान को नजरअंदाज कर देते हैं। इस मामले में हुई एक प्रमुख गलती यह थी कि ज्योतिषीय गणना के अनुसार भूमि पूजन नैऋत्य (Southwest) क्षेत्र में होना चाहिए था, लेकिन इसे दक्षिण-नैऋत्य (South-Southwest) क्षेत्र में किया गया। वास्तु विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि कई लोग इस 'कुछ डिग्री के फर्क' को मामूली मान सकते हैं, लेकिन वास्तुशास्त्र में ऊर्जा के प्रवाह पर इसका गहरा असर पड़ता है, ठीक वैसे ही जैसे कुछ डिग्री का अंतर किसी विमान को दूसरे देश में या जहाज को उसकी मंजिल से भटका सकता है। वास्तु 32 दिशात्मक ऊर्जा खंडों पर काम करता है, जिसके तहत दक्षिण और नैऋत्य के बीच भी अलग-अलग ऊर्जा क्षेत्र होते हैं। जहाँ नैऋत्य क्षेत्र स्थायित्व, भूमि तत्व, निर्माण की मजबूती, पारिवारिक नियंत्रण और संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा है, वहीं दक्षिण-नैऋत्य क्षेत्र कई स्थितियों में रुकावट, असंतुलन और ऊर्जा अवरोध का कारण बन सकता है, जिससे निर्माण शुरू होकर रुक जाना, धन अटकना, मजदूर न मिलना या बिना कारण निर्माण का टलना जैसी बाधाएं आती हैं। इसीलिए वास्तु विशेषज्ञ केवल कम्पास नहीं, बल्कि डिग्री भी देखते हैं। इसके अतिरिक्त, दूसरी गंभीर गलती यह थी कि भूमि पूजन के समय पंडित जी का मुख दक्षिण दिशा की ओर था। वैदिक अनुष्ठानों में दिशा केवल बैठने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा का मार्ग निर्धारित करती है, जिससे मंत्र शक्ति, संकल्प और आह्वान सही ऊर्जा केंद्र तक पहुँचते हैं। ऋषियों ने भूमि को केवल मिट्टी का टुकड़ा नहीं माना, बल्कि उसे 'वास्तुपुरुष का शरीर' कहा है। इस संदर्भ में, भूमि पूजन कोई सामान्य 'फोटो खिंचवाने का कार्यक्रम' नहीं, बल्कि यह वास्तुपुरुष से अनुमति लेने का एक संस्कार है, भूमि को जागृत करने का विज्ञान है। यह ग्रह, दिशा, ऊर्जा और संकल्प का संगम है।1
- कोटा ग्रामीण पुलिस ने 'ऑपरेशन साइबर शील्ड 2.0' के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के दौरान, पुलिस ने कुल 114 गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत 17.15 लाख रुपये बताई गई है, जिन्हें उनके वास्तविक मालिकों को वापस लौटा दिया गया है।1
- बताया गया है कि 'कोकरोच पार्टी' का 'भांडाफोड़' हो गया है। दिल्ली के जंतर मंतर पर पार्टी के समर्थन में आए युवा समर्थकों को यह भी नहीं पता था कि पार्टी का संस्थापक कौन है। इसके अतिरिक्त, जो बात सबसे महत्वपूर्ण बताई गई है वह यह कि 'कोकरोच पार्टी' का यह प्रदर्शन दोपहर 3 बजे से पहले ही खत्म हो गया। इन सब कारणों से सोशल मीडिया पर 'कोकरोच पार्टी' को जमकर ट्रोल किया जा रहा है।1
- सोशल मीडिया पर इन दिनों राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लेकर किया गया एक स्टैंड-अप कॉमेडी एक्ट का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक युवा कॉमेडियन मुख्यमंत्री के राजनीतिक सफर और उनके अचानक मुख्यमंत्री बनने के फैसले पर हास्य और कटाक्ष करते नजर आ रहे हैं, जो लोगों के बीच खूब सुर्खियां बटोर रहा है। वायरल वीडियो में, स्टैंड-अप कॉमेडियन मंच से दर्शकों को संबोधित करते हुए भजनलाल शर्मा के सीधे मुख्यमंत्री बनने की घटना पर मजाकिया लहजे में तंज कसते हैं। वे कहते हैं कि "एक तो पहली बार बेचारा एमएलए (विधायक) बना, और मोदी जी ने पहली बार में ही सीएम बना दिया।" कॉमेडी एक्ट को और मजेदार बनाते हुए कलाकार ने देश के गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री के बीच एक काल्पनिक बातचीत का जिक्र किया। कॉमेडियन ने मजाकिया अंदाज में कहा कि जब भजनलाल शर्मा ने अमित शाह से कहा कि "मुझे कुछ नहीं आता", तो इस पर शाह का जवाब था— "इसीलिए तो बनाया है!" मंच पर मौजूद दर्शकों ने इस एक्ट पर जमकर ठहाके लगाए हैं। इंटरनेट पर भी यह वीडियो खूब चर्चा में है, जहाँ लोग इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ इसे सिर्फ मनोरंजन और कॉमेडी के तौर पर देख रहे हैं, तो वहीं राजनीतिक हलकों में ऐसे कटाक्षों को लेकर गर्म बहस चल रही है। गौरतलब है कि साल 2023 के अंत में हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने पहली बार के विधायक भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपकर सबको चौंका दिया था, जिसे लेकर अक्सर राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चाएं होती रहती हैं।1
- कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद, पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल अस्पताल पहुंचे और धरने पर बैठे उनके परिजनों से मुलाकात की। परिजनों ने इस दौरान सिर्फ पूर्व विधायक पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें किसी और पर नहीं, सिर्फ उन पर विश्वास है। यह मामला मठ की संपत्ति पर कब्जे से जुड़ा प्रतीत होता है। मृतक महंत सवाई माधोपुर के निवासी थे, जो चार साल पहले ही मायापुरी अखाड़ा छोड़कर जूना अखाड़े में शामिल हुए थे। मठ के भीतर मौजूद नंदनवन महाराज को चरस, गांजे और स्मैक की लत थी, जिसका मृतक महंत विरोध करते थे। बताया जा रहा है कि यह मठ स्मैकचियों का जमावड़ा भी बन गया था। इसके साथ ही, मृतक महंत कुछ दिनों से मठ के लिए एक ट्रस्ट बनाने की बात भी कर रहे थे। गौरतलब है कि 1100 साल पुराना यह मठ काफी ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व रखता है और इसके पास 700 बीघा जमीन सहित काफी संपत्ति है। घटना के बाद, सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने धरने पर पहुंचकर परिजनों से समझाइश की और धरना समाप्त करवाया। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए भी राजी हो गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नंदनवन महाराज और उसके छह चेलों को हिरासत में लिया है।1
- महंत देवानंद की हत्या पर कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि अपराधियों में अब शासन का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है। गुंजल ने इस घटना को सरकार और प्रशासन के मुँह पर एक तमाचा करार दिया। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि संत समाज के प्रत्येक संघर्ष में कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी।1
- कोटा में एक हिस्ट्रीशीटर की 35 लाख रुपये की संपत्ति पर बुलडोजर चलाया गया, जिसने कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की जमीन पर कब्जा कर रखा था। इस कार्रवाई के तहत हिस्ट्रीशीटर के अवैध मकानों और दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, इस हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ कुल 36 मामले दर्ज हैं।1