logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद, पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल अस्पताल पहुंचे और धरने पर बैठे उनके परिजनों से मुलाकात की। परिजनों ने इस दौरान सिर्फ पूर्व विधायक पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें किसी और पर नहीं, सिर्फ उन पर विश्वास है। यह मामला मठ की संपत्ति पर कब्जे से जुड़ा प्रतीत होता है। मृतक महंत सवाई माधोपुर के निवासी थे, जो चार साल पहले ही मायापुरी अखाड़ा छोड़कर जूना अखाड़े में शामिल हुए थे। मठ के भीतर मौजूद नंदनवन महाराज को चरस, गांजे और स्मैक की लत थी, जिसका मृतक महंत विरोध करते थे। बताया जा रहा है कि यह मठ स्मैकचियों का जमावड़ा भी बन गया था। इसके साथ ही, मृतक महंत कुछ दिनों से मठ के लिए एक ट्रस्ट बनाने की बात भी कर रहे थे। गौरतलब है कि 1100 साल पुराना यह मठ काफी ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व रखता है और इसके पास 700 बीघा जमीन सहित काफी संपत्ति है। घटना के बाद, सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने धरने पर पहुंचकर परिजनों से समझाइश की और धरना समाप्त करवाया। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए भी राजी हो गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नंदनवन महाराज और उसके छह चेलों को हिरासत में लिया है।

2 hrs ago
user_Ahmed Siraj Farooqi
Ahmed Siraj Farooqi
रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
2 hrs ago

कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद, पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल अस्पताल पहुंचे और धरने पर बैठे उनके परिजनों से मुलाकात की। परिजनों ने इस दौरान सिर्फ पूर्व विधायक पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें किसी और पर नहीं, सिर्फ उन पर विश्वास है। यह मामला मठ की संपत्ति पर कब्जे से जुड़ा प्रतीत होता है। मृतक महंत सवाई माधोपुर के निवासी थे, जो चार साल पहले ही मायापुरी अखाड़ा छोड़कर जूना अखाड़े में शामिल हुए थे। मठ के भीतर मौजूद नंदनवन महाराज को चरस, गांजे और स्मैक की लत थी, जिसका मृतक महंत विरोध करते थे। बताया जा रहा है कि यह मठ स्मैकचियों का जमावड़ा भी बन गया था। इसके साथ ही, मृतक महंत कुछ दिनों से मठ के लिए एक ट्रस्ट बनाने की बात भी कर रहे थे। गौरतलब है कि 1100 साल पुराना यह मठ काफी ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व रखता है और इसके पास 700 बीघा जमीन सहित काफी संपत्ति है। घटना के बाद, सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने धरने पर पहुंचकर परिजनों से समझाइश की और धरना समाप्त करवाया। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए भी राजी हो गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नंदनवन महाराज और उसके छह चेलों को हिरासत में लिया है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • महंत हत्याकांड को लेकर चल रहे धरने के दौरान एडिशनल एसपी और एडीएम सिटी मौके पर मौजूद थे। इसी बीच, पुलिस अधिकारी मांगेलाल यादव और धरने पर बैठे लोगों के बीच किसी बात को लेकर तीखी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते वहाँ मौजूद लोग भड़क गए और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख, कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने तुरंत हस्तक्षेप किया और पुलिस अधिकारी मांगेलाल यादव को खरी-खोटी सुनाई। प्रहलाद गुंजल ने बेहद तीखे लहजे में कहा, "आखिर क्यों बात को बिगाड़ना चाहते हो? गलतफहमी में मत रहना। बात उलझ गई तो अभी नानी याद दिला देंगे। डीजी को भी बुला लेना, लाशें बिछ जाएंगी।" प्रदर्शन कर रहे लोगों ने भी अपनी राय रखते हुए कहा कि उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों पर बिल्कुल विश्वास नहीं है और वे केवल प्रहलाद गुंजल के भरोसे ही धरने पर बैठे हैं। बाद में, प्रहलाद गुंजल ने स्वयं सभी प्रदर्शनकारियों को शांत करवाया, जिसके उपरांत प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता दोबारा शुरू हो सकी।
    1
    महंत हत्याकांड को लेकर चल रहे धरने के दौरान एडिशनल एसपी और एडीएम सिटी मौके पर मौजूद थे। इसी बीच, पुलिस अधिकारी मांगेलाल यादव और धरने पर बैठे लोगों के बीच किसी बात को लेकर तीखी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते वहाँ मौजूद लोग भड़क गए और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।

स्थिति को बिगड़ता देख, कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने तुरंत हस्तक्षेप किया और पुलिस अधिकारी मांगेलाल यादव को खरी-खोटी सुनाई। प्रहलाद गुंजल ने बेहद तीखे लहजे में कहा, "आखिर क्यों बात को बिगाड़ना चाहते हो? गलतफहमी में मत रहना। बात उलझ गई तो अभी नानी याद दिला देंगे। डीजी को भी बुला लेना, लाशें बिछ जाएंगी।"

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने भी अपनी राय रखते हुए कहा कि उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों पर बिल्कुल विश्वास नहीं है और वे केवल प्रहलाद गुंजल के भरोसे ही धरने पर बैठे हैं। बाद में, प्रहलाद गुंजल ने स्वयं सभी प्रदर्शनकारियों को शांत करवाया, जिसके उपरांत प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता दोबारा शुरू हो सकी।
    user_Jitendra Kumar
    Jitendra Kumar
    Local News Reporter लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    14 min ago
  • हाल ही में, एक प्रतिष्ठित ए-क्लास कॉन्ट्रैक्टर, जो बड़े निर्माण कार्यों और करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट्स का प्रबंधन करते हैं, एक मकान का नक्शा बनवाने पहुंचे। वे स्वयं थोड़ा-बहुत वास्तु जानते थे और पारंपरिक आर्किटेक्ट के बजाय लेखक के पास आए, जिसके पीछे उनकी कुंडली में शनि के प्रबल योग को एक कारण बताया गया। लेखक ने बताया कि सामान्य नक्शा बनाना आसान है, लेकिन ऊर्जा का संतुलन स्थापित करना हर किसी के बस की बात नहीं। नक्शे पर विस्तार से चर्चा के दौरान, कॉन्ट्रैक्टर ने बालकनी रखने की इच्छा व्यक्त की। इस पर लेखक ने वास्तु के गहन दृष्टिकोण को समझाते हुए दक्षिण दिशा की बालकनी को सीमित रखने और पश्चिम दिशा की बालकनी को दक्षिण की तुलना में थोड़ा बड़ा रखने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, स्पष्ट रूप से यह भी बताया गया कि निर्माण के दौरान दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) क्षेत्र का भार, ऊँचाई और संरचनात्मक संतुलन विशेष रूप से बनाए रखा जाना चाहिए। लेखक के अनुसार, यह बात कई लोगों को साधारण लग सकती है, लेकिन यहीं से वास्तु और सामान्य ड्राइंग के बीच का महत्वपूर्ण अंतर शुरू होता है। लेखक ने यह भी जोर दिया कि आजकल कई लोग खुद को वास्तु विशेषज्ञ बताते हैं और केवल रसोई, मंदिर या बेडरूम की दिशा बताकर ही अपनी बात समाप्त कर देते हैं। परंतु, वास्तविक वास्तु पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र, सूर्य की गति, ऊष्मा संचय और वास्तुपुरुष मंडल के संयुक्त अध्ययन पर आधारित है। यह अध्ययन दर्शाता है कि दक्षिण और नैऋत्य क्षेत्र भवन की स्थिरता और नियंत्रण शक्ति के प्रतीक हैं, जिसके कारण प्राचीन वास्तु में 'दक्षिणे गुरुत्वं श्रेष्ठम्' अर्थात दक्षिण भाग में गुरुत्व और भार का संरक्षण शुभ माना गया है। लेखक का मानना है कि बालकनी जैसे छोटे तत्व भी पूरे घर के भाग्य को बदल सकते हैं और वास्तु का सच्चा उद्देश्य ऐसा घर बनाना है जो पीढ़ियों तक स्थिरता, समृद्धि और संतुलन प्रदान करे।
    1
    हाल ही में, एक प्रतिष्ठित ए-क्लास कॉन्ट्रैक्टर, जो बड़े निर्माण कार्यों और करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट्स का प्रबंधन करते हैं, एक मकान का नक्शा बनवाने पहुंचे। वे स्वयं थोड़ा-बहुत वास्तु जानते थे और पारंपरिक आर्किटेक्ट के बजाय लेखक के पास आए, जिसके पीछे उनकी कुंडली में शनि के प्रबल योग को एक कारण बताया गया। लेखक ने बताया कि सामान्य नक्शा बनाना आसान है, लेकिन ऊर्जा का संतुलन स्थापित करना हर किसी के बस की बात नहीं।

नक्शे पर विस्तार से चर्चा के दौरान, कॉन्ट्रैक्टर ने बालकनी रखने की इच्छा व्यक्त की। इस पर लेखक ने वास्तु के गहन दृष्टिकोण को समझाते हुए दक्षिण दिशा की बालकनी को सीमित रखने और पश्चिम दिशा की बालकनी को दक्षिण की तुलना में थोड़ा बड़ा रखने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, स्पष्ट रूप से यह भी बताया गया कि निर्माण के दौरान दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) क्षेत्र का भार, ऊँचाई और संरचनात्मक संतुलन विशेष रूप से बनाए रखा जाना चाहिए। लेखक के अनुसार, यह बात कई लोगों को साधारण लग सकती है, लेकिन यहीं से वास्तु और सामान्य ड्राइंग के बीच का महत्वपूर्ण अंतर शुरू होता है।

लेखक ने यह भी जोर दिया कि आजकल कई लोग खुद को वास्तु विशेषज्ञ बताते हैं और केवल रसोई, मंदिर या बेडरूम की दिशा बताकर ही अपनी बात समाप्त कर देते हैं। परंतु, वास्तविक वास्तु पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र, सूर्य की गति, ऊष्मा संचय और वास्तुपुरुष मंडल के संयुक्त अध्ययन पर आधारित है। यह अध्ययन दर्शाता है कि दक्षिण और नैऋत्य क्षेत्र भवन की स्थिरता और नियंत्रण शक्ति के प्रतीक हैं, जिसके कारण प्राचीन वास्तु में 'दक्षिणे गुरुत्वं श्रेष्ठम्' अर्थात दक्षिण भाग में गुरुत्व और भार का संरक्षण शुभ माना गया है। लेखक का मानना है कि बालकनी जैसे छोटे तत्व भी पूरे घर के भाग्य को बदल सकते हैं और वास्तु का सच्चा उद्देश्य ऐसा घर बनाना है जो पीढ़ियों तक स्थिरता, समृद्धि और संतुलन प्रदान करे।
    user_Vastuvid Bhagyesh
    Vastuvid Bhagyesh
    Vastu consultant लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    55 min ago
  • Post by Mahendar.merotha
    2
    Post by Mahendar.merotha
    user_Mahendar.merotha
    Mahendar.merotha
    Voice of people लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • कोटा के ऐतिहासिक चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद शहर में लगातार तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। इस घटना को लेकर मठ से जुड़े लोगों में भारी रोष व्याप्त है। एमबीएस अस्पताल की मॉर्च्यूरी के बाहर साधु-संत, साधक और विभिन्न संगठनों के लोग धरने पर बैठे हैं और उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इनकार कर दिया है। इस बीच, सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम मौके पर पहुंचीं और बताया कि पुलिस ने इस मामले में 6 से 7 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हत्या का खुलासा करने के लिए जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। परिजनों, संत समाज और अन्य संगठनों द्वारा उठाई गई सभी आशंकाओं व शिकायतों के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
    1
    कोटा के ऐतिहासिक चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद शहर में लगातार तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। इस घटना को लेकर मठ से जुड़े लोगों में भारी रोष व्याप्त है। एमबीएस अस्पताल की मॉर्च्यूरी के बाहर साधु-संत, साधक और विभिन्न संगठनों के लोग धरने पर बैठे हैं और उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इनकार कर दिया है।

इस बीच, सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम मौके पर पहुंचीं और बताया कि पुलिस ने इस मामले में 6 से 7 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हत्या का खुलासा करने के लिए जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। परिजनों, संत समाज और अन्य संगठनों द्वारा उठाई गई सभी आशंकाओं व शिकायतों के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
    user_Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    जर्नलिज्म,पत्रकारिता लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • कोटा ग्रामीण पुलिस ने 'ऑपरेशन साइबर शील्ड 2.0' के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के दौरान, पुलिस ने कुल 114 गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत 17.15 लाख रुपये बताई गई है, जिन्हें उनके वास्तविक मालिकों को वापस लौटा दिया गया है।
    1
    कोटा ग्रामीण पुलिस ने 'ऑपरेशन साइबर शील्ड 2.0' के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के दौरान, पुलिस ने कुल 114 गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत 17.15 लाख रुपये बताई गई है, जिन्हें उनके वास्तविक मालिकों को वापस लौटा दिया गया है।
    user_Anubhav Mittal Journalist
    Anubhav Mittal Journalist
    Court reporter Ladpura, Kota•
    15 hrs ago
  • कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद, पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल के नेतृत्व में चल रहा धरना मांगों पर सहमति बनने के उपरांत समाप्त हो गया है। मांगों पर बनी सहमति के बाद धरना खत्म होने पर प्रह्लाद गुंजल ने मीडिया से रूबरू होकर इसकी जानकारी दी।
    1
    कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद, पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल के नेतृत्व में चल रहा धरना मांगों पर सहमति बनने के उपरांत समाप्त हो गया है। मांगों पर बनी सहमति के बाद धरना खत्म होने पर प्रह्लाद गुंजल ने मीडिया से रूबरू होकर इसकी जानकारी दी।
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहाँ मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है। यह अस्पताल कुछ समय पहले तक अपनी गंभीर लापरवाहियों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियों में रहा था, जिनमें प्रसूताओं की मौत, किडनी फेलियर, नकली दवाएं और आईसीयू में फंगस जैसे मामले शामिल थे। आज के ताजा मामले में, न्यू मेडिकल कॉलेज कोटा में एक मरीज को सिटी स्कैन करवाने के लिए उसके परिजन खुद ही स्ट्रेचर पर डालकर ले जा रहे थे। इस दौरान, वे स्वयं मरीज की बोतल भी पकड़े हुए थे, जिससे अस्पताल प्रशासन की ओर से की जा रही उपेक्षा साफ दिखती है। यह घटना एक बार फिर कोटा के इस प्रमुख चिकित्सा संस्थान में व्याप्त लापरवाहियों को उजागर करती है।
    1
    कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहाँ मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है। यह अस्पताल कुछ समय पहले तक अपनी गंभीर लापरवाहियों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियों में रहा था, जिनमें प्रसूताओं की मौत, किडनी फेलियर, नकली दवाएं और आईसीयू में फंगस जैसे मामले शामिल थे।

आज के ताजा मामले में, न्यू मेडिकल कॉलेज कोटा में एक मरीज को सिटी स्कैन करवाने के लिए उसके परिजन खुद ही स्ट्रेचर पर डालकर ले जा रहे थे। इस दौरान, वे स्वयं मरीज की बोतल भी पकड़े हुए थे, जिससे अस्पताल प्रशासन की ओर से की जा रही उपेक्षा साफ दिखती है। यह घटना एक बार फिर कोटा के इस प्रमुख चिकित्सा संस्थान में व्याप्त लापरवाहियों को उजागर करती है।
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    54 min ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.