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कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद, पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल के नेतृत्व में चल रहा धरना मांगों पर सहमति बनने के उपरांत समाप्त हो गया है। मांगों पर बनी सहमति के बाद धरना खत्म होने पर प्रह्लाद गुंजल ने मीडिया से रूबरू होकर इसकी जानकारी दी।
Ahmed Siraj Farooqi
कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद, पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल के नेतृत्व में चल रहा धरना मांगों पर सहमति बनने के उपरांत समाप्त हो गया है। मांगों पर बनी सहमति के बाद धरना खत्म होने पर प्रह्लाद गुंजल ने मीडिया से रूबरू होकर इसकी जानकारी दी।
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- कोटा ग्रामीण पुलिस ने अपनी एक अनूठी पहल के तहत 'संडे ऑन साइकिल' अभियान चलाया, जिसके अंतर्गत एक भव्य साइकिल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना था। रैली के माध्यम से, प्रतिभागियों ने पूरे रास्ते आम जनता को फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने सामूहिक रूप से कोटा ग्रामीण को एक फिट, हरित और जागरूक जिला बनाने का संकल्प लिया। कोटा ग्रामीण पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे प्रदूषण कम करने और स्वस्थ रहने के लिए साइकिलिंग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान, सुरक्षा और यातायात के सुचारू संचालन के लिए पुलिस द्वारा कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप रैली शांतिपूर्वक संपन्न हुई।1
- महंत हत्याकांड को लेकर चल रहे धरने के दौरान एडिशनल एसपी और एडीएम सिटी मौके पर मौजूद थे। इसी बीच, पुलिस अधिकारी मांगेलाल यादव और धरने पर बैठे लोगों के बीच किसी बात को लेकर तीखी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते वहाँ मौजूद लोग भड़क गए और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख, कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने तुरंत हस्तक्षेप किया और पुलिस अधिकारी मांगेलाल यादव को खरी-खोटी सुनाई। प्रहलाद गुंजल ने बेहद तीखे लहजे में कहा, "आखिर क्यों बात को बिगाड़ना चाहते हो? गलतफहमी में मत रहना। बात उलझ गई तो अभी नानी याद दिला देंगे। डीजी को भी बुला लेना, लाशें बिछ जाएंगी।" प्रदर्शन कर रहे लोगों ने भी अपनी राय रखते हुए कहा कि उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों पर बिल्कुल विश्वास नहीं है और वे केवल प्रहलाद गुंजल के भरोसे ही धरने पर बैठे हैं। बाद में, प्रहलाद गुंजल ने स्वयं सभी प्रदर्शनकारियों को शांत करवाया, जिसके उपरांत प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता दोबारा शुरू हो सकी।1
- हाल ही में, एक प्रतिष्ठित ए-क्लास कॉन्ट्रैक्टर, जो बड़े निर्माण कार्यों और करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट्स का प्रबंधन करते हैं, एक मकान का नक्शा बनवाने पहुंचे। वे स्वयं थोड़ा-बहुत वास्तु जानते थे और पारंपरिक आर्किटेक्ट के बजाय लेखक के पास आए, जिसके पीछे उनकी कुंडली में शनि के प्रबल योग को एक कारण बताया गया। लेखक ने बताया कि सामान्य नक्शा बनाना आसान है, लेकिन ऊर्जा का संतुलन स्थापित करना हर किसी के बस की बात नहीं। नक्शे पर विस्तार से चर्चा के दौरान, कॉन्ट्रैक्टर ने बालकनी रखने की इच्छा व्यक्त की। इस पर लेखक ने वास्तु के गहन दृष्टिकोण को समझाते हुए दक्षिण दिशा की बालकनी को सीमित रखने और पश्चिम दिशा की बालकनी को दक्षिण की तुलना में थोड़ा बड़ा रखने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, स्पष्ट रूप से यह भी बताया गया कि निर्माण के दौरान दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) क्षेत्र का भार, ऊँचाई और संरचनात्मक संतुलन विशेष रूप से बनाए रखा जाना चाहिए। लेखक के अनुसार, यह बात कई लोगों को साधारण लग सकती है, लेकिन यहीं से वास्तु और सामान्य ड्राइंग के बीच का महत्वपूर्ण अंतर शुरू होता है। लेखक ने यह भी जोर दिया कि आजकल कई लोग खुद को वास्तु विशेषज्ञ बताते हैं और केवल रसोई, मंदिर या बेडरूम की दिशा बताकर ही अपनी बात समाप्त कर देते हैं। परंतु, वास्तविक वास्तु पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र, सूर्य की गति, ऊष्मा संचय और वास्तुपुरुष मंडल के संयुक्त अध्ययन पर आधारित है। यह अध्ययन दर्शाता है कि दक्षिण और नैऋत्य क्षेत्र भवन की स्थिरता और नियंत्रण शक्ति के प्रतीक हैं, जिसके कारण प्राचीन वास्तु में 'दक्षिणे गुरुत्वं श्रेष्ठम्' अर्थात दक्षिण भाग में गुरुत्व और भार का संरक्षण शुभ माना गया है। लेखक का मानना है कि बालकनी जैसे छोटे तत्व भी पूरे घर के भाग्य को बदल सकते हैं और वास्तु का सच्चा उद्देश्य ऐसा घर बनाना है जो पीढ़ियों तक स्थिरता, समृद्धि और संतुलन प्रदान करे।1
- Post by Mahendar.merotha2
- कोटा के ऐतिहासिक चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद शहर में लगातार तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। इस घटना को लेकर मठ से जुड़े लोगों में भारी रोष व्याप्त है। एमबीएस अस्पताल की मॉर्च्यूरी के बाहर साधु-संत, साधक और विभिन्न संगठनों के लोग धरने पर बैठे हैं और उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इनकार कर दिया है। इस बीच, सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम मौके पर पहुंचीं और बताया कि पुलिस ने इस मामले में 6 से 7 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हत्या का खुलासा करने के लिए जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। परिजनों, संत समाज और अन्य संगठनों द्वारा उठाई गई सभी आशंकाओं व शिकायतों के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद, पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल के नेतृत्व में चल रहा धरना मांगों पर सहमति बनने के उपरांत समाप्त हो गया है। मांगों पर बनी सहमति के बाद धरना खत्म होने पर प्रह्लाद गुंजल ने मीडिया से रूबरू होकर इसकी जानकारी दी।1
- कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहाँ मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है। यह अस्पताल कुछ समय पहले तक अपनी गंभीर लापरवाहियों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियों में रहा था, जिनमें प्रसूताओं की मौत, किडनी फेलियर, नकली दवाएं और आईसीयू में फंगस जैसे मामले शामिल थे। आज के ताजा मामले में, न्यू मेडिकल कॉलेज कोटा में एक मरीज को सिटी स्कैन करवाने के लिए उसके परिजन खुद ही स्ट्रेचर पर डालकर ले जा रहे थे। इस दौरान, वे स्वयं मरीज की बोतल भी पकड़े हुए थे, जिससे अस्पताल प्रशासन की ओर से की जा रही उपेक्षा साफ दिखती है। यह घटना एक बार फिर कोटा के इस प्रमुख चिकित्सा संस्थान में व्याप्त लापरवाहियों को उजागर करती है।1