"तुमने वोट नहीं दिया रोड-लाइट नही लगेगी" कहने वाले सरपंच को जनता ने दिखाया आईना, वोट मांगने पहुंचा तो झेलना पड़ा भारी विरोध शंभूपुरा गांव को 7 साल तक विकास से वंचित रखने का आरोप, शंभूपुरा में पूर्व सरपंच अजय चौधरी का ग्रामीणों ने किया विरोध चित्तौड़गढ़। कहते हैं राजनीति में जनता सब याद रखती है। कुछ ऐसा ही नजारा शंभूपुरा पंचायत में देखने को मिला। जब पूर्व सरपंच अजय चौधरी 7 साल बाद फिर से सरपंच उम्मीदवार के तौर पर वोट मांगने पहुंचा, तो ग्रामीणों ने कड़ा विरोध उन्हें बैरंग लौटा दिया, जिसका एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि 7 साल पूर्व अजय चौधरी ने सरपंच बनते ही शंभूपुरा गांव के उन परिवारों और मोहल्लों से भेदभाव शुरू कर दिया था, जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया था ओर चुनाव में साथ मे नही थे। ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच बनते ही अजय चौधरी ने खुलेआम कहा था "तुमने मुझे वोट नहीं दिया, तुम्हारे इधर रोड लाइट क्यों बनाऊं।" इसी सोच के चलते पिछले 7 साल तक पंचायत के कई हिस्सों में रोड, लाइट और सड़क, नाली जैसे बुनियादी विकास कार्य नहीं करवाए गए। जनता ने उस समय तो चुप्पी साध ली, लेकिन बात दिल में रख ली। अब जब पंचायत चुनाव नजदीक हैं और अजय चौधरी फिर से सरपंच उम्मीदवार बनकर उसी क्षेत्र में वोट मांगने पहुंचे, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने उन्हीं के शब्दों को दोहराते हुए कहा - "जब आपने हमारे वोट न देने पर हमारा विकास रोक दिया था, तो अब हम आपको वोट क्यों दें?" विरोध बढ़ता देख अजय चौधरी को वहां से तुरन्त लौटना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच पूरे गांव का होता है, सिर्फ अपने वोटरों का नहीं। जिसने भेदभाव किया, उसे जनता इस बार सबक सिखाएगी। फिलहाल इस घटना के बाद पंचायत की सियासत गरमा गई है।
"तुमने वोट नहीं दिया रोड-लाइट नही लगेगी" कहने वाले सरपंच को जनता ने दिखाया आईना, वोट मांगने पहुंचा तो झेलना पड़ा भारी विरोध शंभूपुरा गांव को 7 साल तक विकास से वंचित रखने का आरोप, शंभूपुरा में पूर्व सरपंच अजय चौधरी का ग्रामीणों ने किया विरोध चित्तौड़गढ़। कहते हैं राजनीति में जनता सब याद रखती है। कुछ ऐसा ही नजारा शंभूपुरा पंचायत में देखने को मिला। जब पूर्व सरपंच अजय चौधरी 7 साल बाद फिर से सरपंच उम्मीदवार के तौर पर वोट मांगने पहुंचा, तो ग्रामीणों ने कड़ा विरोध उन्हें बैरंग लौटा दिया, जिसका एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि 7 साल पूर्व अजय चौधरी ने सरपंच बनते ही शंभूपुरा गांव के उन परिवारों और मोहल्लों से भेदभाव शुरू कर दिया था, जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया था ओर चुनाव में साथ मे नही थे। ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच बनते ही अजय चौधरी ने खुलेआम कहा था "तुमने मुझे वोट नहीं दिया, तुम्हारे इधर रोड लाइट क्यों बनाऊं।" इसी सोच के चलते पिछले 7 साल तक पंचायत के कई हिस्सों में रोड, लाइट और सड़क, नाली जैसे बुनियादी विकास कार्य नहीं करवाए गए। जनता ने उस समय तो चुप्पी साध ली, लेकिन बात दिल में रख ली। अब जब पंचायत चुनाव नजदीक हैं और अजय चौधरी फिर से सरपंच उम्मीदवार बनकर उसी क्षेत्र में वोट मांगने पहुंचे, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने उन्हीं के शब्दों को दोहराते हुए कहा - "जब आपने हमारे वोट न देने पर हमारा विकास रोक दिया था, तो अब हम आपको वोट क्यों दें?" विरोध बढ़ता देख अजय चौधरी को वहां से तुरन्त लौटना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच पूरे गांव का होता है, सिर्फ अपने वोटरों का नहीं। जिसने भेदभाव किया, उसे जनता इस बार सबक सिखाएगी। फिलहाल इस घटना के बाद पंचायत की सियासत गरमा गई है।
- “तुमने वोट नहीं दिया, रोड लाइट नहीं लगेगी!” कहने के आरोप पर घिरे पूर्व सरपंच अजय चौधरी, 7 साल बाद वोट मांगने पहुंचे तो ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल शंभूपुरा, चित्तौड़गढ़। चुनाव के समय जनता अपने जनप्रतिनिधियों से पुराने कामकाज का हिसाब भी मांगती है। ऐसा ही एक मामला शंभूपुरा गांव से सामने आया है, जहां पूर्व सरपंच अजय चौधरी के वोट मांगने पहुंचने पर कुछ ग्रामीणों ने विरोध जताया और उनसे पुराने विकास कार्यों को लेकर सवाल किए। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों के आरोपों के अनुसार, पूर्व सरपंच के कार्यकाल के दौरान कुछ मोहल्लों में सड़क, रोड लाइट और नालियों जैसे बुनियादी विकास कार्यों की अनदेखी की गई। ग्रामीणों का दावा है कि चुनाव में वोट नहीं देने वाले परिवारों के साथ भेदभाव किया गया था। “वोट नहीं दिया तो रोड लाइट क्यों लगवाऊं?” कहने का आरोप ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व सरपंच अजय चौधरी ने अपने कार्यकाल में कथित तौर पर कहा था, “तुमने मुझे वोट नहीं दिया, तुम्हारे इधर रोड लाइट क्यों लगाऊं?” ग्रामीणों का कहना है कि इसी कथित व्यवहार को लेकर उनकी नाराजगी लंबे समय से बनी हुई थी। अब जब अजय चौधरी दोबारा सरपंच पद के लिए समर्थन मांगने पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उनसे पुराने विकास कार्यों को लेकर सवाल किए और विरोध जताया। ग्रामीणों ने पूछा—जब हमारा विकास नहीं हुआ, तो अब वोट क्यों दें? ग्रामीणों की नाराजगी का मुख्य कारण बताए जा रहे विकास कार्यों और कथित भेदभाव के मुद्दे पर बहस हुई। ग्रामीणों का कहना था कि ग्राम पंचायत का प्रतिनिधि पूरे गांव के विकास के लिए जिम्मेदार होता है, चाहे किसी परिवार ने उसे वोट दिया हो या नहीं। विरोध के बीच पूर्व सरपंच को वहां से लौटना पड़ा, ऐसा घटनाक्रम के संबंध में बताया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। गांव की सियासत में चर्चा तेज इस मामले के सामने आने के बाद शंभूपुरा पंचायत में चुनावी माहौल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ग्रामीणों के आरोपों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्य सभी मोहल्लों और परिवारों तक समान रूप से पहुंच रहे हैं या नहीं। फिलहाल, ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों पर पूर्व सरपंच अजय चौधरी का पक्ष सामने आना बाकी है। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए। हेलो चित्तौड़गढ़ न्यूज़ जनता के मुद्दे, गांव की आवाज और विकास से जुड़ी खबरों के लिए जुड़े रहिए हेलो चित्तौड़गढ़ न्यूज़ के साथ।1
- "तुमने वोट नहीं दिया रोड-लाइट नही लगेगी" कहने वाले सरपंच को जनता ने दिखाया आईना, वोट मांगने पहुंचा तो झेलना पड़ा भारी विरोध शंभूपुरा गांव को 7 साल तक विकास से वंचित रखने का आरोप, शंभूपुरा में पूर्व सरपंच अजय चौधरी का ग्रामीणों ने किया विरोध चित्तौड़गढ़। कहते हैं राजनीति में जनता सब याद रखती है। कुछ ऐसा ही नजारा शंभूपुरा पंचायत में देखने को मिला। जब पूर्व सरपंच अजय चौधरी 7 साल बाद फिर से सरपंच उम्मीदवार के तौर पर वोट मांगने पहुंचा, तो ग्रामीणों ने कड़ा विरोध उन्हें बैरंग लौटा दिया, जिसका एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि 7 साल पूर्व अजय चौधरी ने सरपंच बनते ही शंभूपुरा गांव के उन परिवारों और मोहल्लों से भेदभाव शुरू कर दिया था, जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया था ओर चुनाव में साथ मे नही थे। ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच बनते ही अजय चौधरी ने खुलेआम कहा था "तुमने मुझे वोट नहीं दिया, तुम्हारे इधर रोड लाइट क्यों बनाऊं।" इसी सोच के चलते पिछले 7 साल तक पंचायत के कई हिस्सों में रोड, लाइट और सड़क, नाली जैसे बुनियादी विकास कार्य नहीं करवाए गए। जनता ने उस समय तो चुप्पी साध ली, लेकिन बात दिल में रख ली। अब जब पंचायत चुनाव नजदीक हैं और अजय चौधरी फिर से सरपंच उम्मीदवार बनकर उसी क्षेत्र में वोट मांगने पहुंचे, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने उन्हीं के शब्दों को दोहराते हुए कहा - "जब आपने हमारे वोट न देने पर हमारा विकास रोक दिया था, तो अब हम आपको वोट क्यों दें?" विरोध बढ़ता देख अजय चौधरी को वहां से तुरन्त लौटना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच पूरे गांव का होता है, सिर्फ अपने वोटरों का नहीं। जिसने भेदभाव किया, उसे जनता इस बार सबक सिखाएगी। फिलहाल इस घटना के बाद पंचायत की सियासत गरमा गई है।1
- चंदेरिया में युवक की मौत के बाद बवाल, आक्रोशित परिजनों ने किया चक्का जाम चित्तौड़गढ़ से प्रवीण दवे की रिपोर्ट चंदेरिया में युवक की मौत के बाद बवाल, आक्रोशित परिजनों ने किया चक्का जाम होटल पर विवाद के बाद मारपीट में घायल प्रभुलाल ने उदयपुर में तोड़ा दम, दो आरोपी गिरफ्तार; बाजार बंद करवाकर न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतरे परिजन चित्तौड़गढ़। जिले के चंदेरिया थाना क्षेत्र में मारपीट की घटना में घायल युवक प्रभुलाल की उपचार के दौरान मौत होने के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया। घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने चंदेरिया में विरोध प्रदर्शन करते हुए बाजार बंद करवा दिए। चंदेरिया पुलिस चौकी के बाहर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष एकत्रित होकर सड़क पर बैठ गए और चक्का जाम कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा और लोगों से समझाइश कर स्थिति संभालने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। होटल पर विवाद के बाद हुई थी मारपीट जानकारी के अनुसार, 8 अक्टूबर को चंदेरिया थाना क्षेत्र के रोलाहेड़ा रोड स्थित एक होटल पर प्रभुलाल अपने दोस्तों के साथ खाना खाने गया था। इसी दौरान कुछ युवकों के साथ विवाद हो गया। आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने प्रभुलाल के साथ मारपीट की, जिसमें वह घायल हो गया। उसे उपचार के लिए चित्तौड़गढ़ के राजकीय सांवलिया जी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उसे उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। कार्रवाई और न्याय की मांग पर प्रदर्शन युवक की मौत की सूचना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई। परिजनों की मांग है कि मामले के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कठोरतम कानूनी सजा दिलाई जाए। इसके साथ ही आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई करने और मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई। पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार घटना के बाद चंदेरिया क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम की स्थिति बन गई। पुलिस मौके पर पहुंचकर परिजनों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रही है। पुलिस के अनुसार, मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और मामले के शेष तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच के आधार पर होगी। फिलहाल, प्रदर्शनकारियों की मांगों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में घटनाक्रम पर नजर बनी है पुलिस, व प्रशासन की कुछ बातों पर सहमति के बाद मामला शांत हुआ तब जाकर आवागमन चालू हुआ एवं दुकानदार नें दुकान खोली4
- बिना चीरा लगाए आयुर्वेद चिकित्सा से सफल ईलाज देखिए विशेष जानकारी हेतु आप आयुष हॉस्पिटल आकाशवाणी चौराहा गांधी नगर चितौड़गढ़ में संपर्क करें 83020838351
- नवनियुक्त पार्षद का हुआ इस्तकबाल हुआ बूंदी रोड स्थित दरगाह चित्तौड़गढ़ नगर निकाय में वार्ड 52 से विजय हुए मोहम्मद इब्राहिम छिपा का बूंदी रोड स्थित खान का अशरफिया पर मोहम्मद यूसुफ अशरफी ने फूल माला पहनकर नव नियुक्त पार्षद का इस्तकबाल किया1
- पुलिस थाना साडास का घेराव कजुन्दा निवासी लड़का की बिहार मै अज्ञात मौत का मामला बड़ी संख्या मै ग्रामीण मौजूद पुलिस थाना साडास का घेराव कजुन्दा निवासी लड़का की बिहार मै अज्ञात मौत का मामला बड़ी संख्या मै ग्रामीण मौजूद रोड क़ो बंद कर fir की मांग3
- नो बैग डे पर विद्यार्थियों ने किया संविधान कक्ष का अवलोकन, मौलिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति हुए जागरूक काटूंदा, 10 अक्टूबर। पीएम श्री महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, काटूंदा में शनिवार को नो बैग डे के अंतर्गत विद्यार्थियों को भारतीय संविधान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष शैक्षणिक गतिविधि आयोजित की गई। इस दौरान कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थियों को संविधान कक्ष का अवलोकन करवाया गया तथा संविधान के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती संतोष भट्ट के निर्देश एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस गतिविधि में शिक्षक श्री राजेन्द्र धुपिया एवं श्री अभय खटवानी ने विद्यार्थियों को भारतीय संविधान के निर्माण, संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों और लोकतांत्रिक व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को संविधान निर्माण की प्रक्रिया, संविधान सभा के योगदान तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली विभूतियों के बारे में जानकारी दी। साथ ही बताया कि भारतीय संविधान देश की शासन व्यवस्था का आधार है, जो प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व के मूल्यों का संदेश देता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहने, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता बनाए रखने, सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करने तथा एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों को लोकतंत्र में नागरिकों की भूमिका और संवैधानिक आदर्शों को दैनिक जीवन में अपनाने के महत्व से भी अवगत कराया गया। व्यावहारिक शिक्षा पर दिया जोर नो बैग डे के अंतर्गत आयोजित इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक एवं नागरिक जीवन से जुड़ी शिक्षा प्रदान करना था। संविधान कक्ष के अवलोकन के माध्यम से विद्यार्थियों में संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक समरसता, लोकतांत्रिक चेतना और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित करने का प्रयास किया गया। विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती संतोष भट्ट के मार्गदर्शन में आयोजित यह पहल विद्यार्थियों को संविधान के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ाने के साथ जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में सार्थक कदम रही।4
- चंदेरिया में सर्प प्रेमी रमेश चंद्र ने किया धामन सांप का रेस्क्यू 🐍 चित्तौड़गढ़ के धनेतकलां के सर्प प्रेमी रमेश चंद्र पहुंचे चंदेरिया स्थित रामदेव जी धाम, दिन में किया धामन सांप का रेस्क्यू2