बरसात में डूब जाता है बातेड-बामसोली पुल, 10 से 15 गांवों का आवागमन प्रभावित 🔴 ब्रेकिंग न्यूज़ | बामसोली बरसात में डूब जाता है बातेड-बामसोली पुल, 10 से 15 गांवों का आवागमन प्रभावित बामसोली। बातेड-बामसोली के बीच बना पुल बारिश के मौसम में हर वर्ष पानी में डूब जाता है। पुल के ऊपर पानी आने के कारण आसपास के करीब 10 से 15 गांवों का आवागमन प्रभावित होता है। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर पत्रकार दुर्गेश अटल ने पुल को ऊंचा कराने की मांग उठाई है। उन्होंने मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, मुरैना-श्योपुर सांसद शिवमंगल सिंह तोमर एवं विधायक श्रीमती सरला रावत का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया है। दुर्गेश अटल का कहना है कि पुल के हर वर्ष पानी में डूबने की समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है। उन्होंने संबंधित विभाग से पुल का निरीक्षण एवं तकनीकी सर्वे कराकर ऊंचाई बढ़ाने की कार्रवाई किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों को अब इस मांग पर ठोस कार्रवाई और स्थायी समाधान का इंतजार है।
बरसात में डूब जाता है बातेड-बामसोली पुल, 10 से 15 गांवों का आवागमन प्रभावित 🔴 ब्रेकिंग न्यूज़ | बामसोली बरसात में डूब जाता है बातेड-बामसोली पुल, 10 से 15 गांवों का आवागमन प्रभावित बामसोली। बातेड-बामसोली के बीच बना पुल बारिश के मौसम में हर वर्ष पानी में डूब जाता है। पुल के ऊपर पानी आने के कारण आसपास के करीब 10 से 15 गांवों का आवागमन प्रभावित होता है। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर पत्रकार दुर्गेश
अटल ने पुल को ऊंचा कराने की मांग उठाई है। उन्होंने मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, मुरैना-श्योपुर सांसद शिवमंगल सिंह तोमर एवं विधायक श्रीमती सरला रावत का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया है। दुर्गेश अटल का कहना है कि पुल के हर वर्ष पानी में डूबने की समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है। उन्होंने संबंधित विभाग से पुल का निरीक्षण एवं तकनीकी सर्वे कराकर ऊंचाई बढ़ाने की कार्रवाई किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों को अब इस मांग पर ठोस कार्रवाई और स्थायी समाधान का इंतजार है।
- ग्राम पंचायत रामपुर कला में शमशान जाने के लिए रास्ता न होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना कर पड़ रहा है मुरैना जिले के ग्राम पंचायत रामपुर कला में श्मशान घाट के लिए रास्ता न होने के कारण मृतक का अंतिम संस्कार ग्रामीण ठीक से नहीं कर पा रहे हैं कल की घटनाएं कल एक्सीडेंट में एक व्यक्ति की मौत हो जाने के कारण बरसात में अंतिम श्मशान घाट के लिए रास्ता न होने के कारण खेतों में तीन सेट लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा1
- सरमथुरा में हर्षोल्लास से मनाया गया जन्माष्टमी का पर्व सरमथुरा में हर्षोल्लास से मनाया गया जन्माष्टमी का पर्व1
- ब्रैकिग कैलारस -आज शुक्रवार को कैलारस में इस समय बारिश हो रही है। और अभी भी वर्षा का पानी आसमान से धरती पर पड़ रहा है। और कथित तौर पर मौसम विभाग द्वारा 3 दिन बारिश होने का अल्टीमेट दिया है और अभी भी बारिश हो रही है कैलारस में और मौसम भी खराब है।1
- नन्हें बाल गोपालों के संग आस्था, प्रेम और भक्ति का यह अद्भुत पल सच में मन को कृष्णमय कर गया... बाल स्वरूप में कान्हा की मनमोहक छवि और भक्तिमय वातावरण ने जन्माष्टमी के उल्लास को और भी विशेष बना दिया। जय श्री कृष्ण! — डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन1
- श्योपुर की कराहल घाटी में लगा लंबा जाम, दो ट्रक फंसे, यात्री हुए परेशान पुलिस यातायात बहाल कराने में जुटी श्योपुर की कराहल घाटी में आज दो ट्रकों के फंसने से लंबा जाम लग गया। एक ट्रक का पहिया सड़क किनारे धंस गया, जबकि दूसरे ट्रक का डीजल खत्म होने के कारण वह घाटी में ही खड़ा हो गया। दोनों ट्रकों के फंसने से घाटी में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई।जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात बहाल कराने का प्रयास शुरू किया। फिलहाल पुलिस द्वारा छोटी गाड़ियों और कारों को बारी-बारी से निकालकर यातायात सुचारू कराने की कोशिश की जा रही है। बड़े वाहनों के हटने के बाद ही घाटी में पूरी तरह से आवागमन सामान्य होने की उम्मीद है।1
- बाड़ी हाइवे पर श्रद्धालुओं से भरा टेम्पो पलटा, गडरपुरा मोड़ पर हुआ हादसा, बाड़ी हाइवे पर श्रद्धालुओं से भरा टेम्पो पलटा, गडरपुरा मोड़ पर हुआ हादसा, एक महिला सहित चार लोग घायल, दो बच्चे भी हुए चोटिल, सभी को कराया बाड़ी अस्पताल में भर्ती, सभी घायल जा रहे थे बाबा विशिनगिर की वार्षिक जात में, सदर थाना पुलिस कर रही मामले की जांच।1
- बारिश के बीच बिना टीनशेड के खुले में अंतिम संस्कार को मजबूर खेड़ला निमोदा के ग्रामीण, ग्राम पंचायत की व्यवस्थाओं की खुली पोल, ग्रामीणों में भारी रोष सपोटरा सपोटरा उपखंड के खेड़ला निमोदा ग्राम पंचायत के मोक्षधाम में बरसात के दौरान अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गांव निवासी भुल्ली प्रजापति के निधन के बाद जब अंतिम संस्कार के लिए शव को मोक्षधाम ले जाया गया तो लगातार बारिश के चलते हालात बेहद खराब हो गए। मोक्षधाम तक न तो उचित रास्ते की व्यवस्था है और न ही बारिश से बचाव के लिए टीन शेड। अंतिम संस्कार के दौरान बारिश होने से परिजनों और ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मजबूरी में खुले आसमान के नीचे तिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसी आवश्यक और संवेदनशील व्यवस्था के लिए भी मोक्षधाम में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। बरसात के मौसम में कीचड़ और खराब रास्ते के कारण लोगों को शव लेकर पहुंचने में भी परेशानी होती है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन और ग्राम पंचायत की व्यवस्थाओं को लेकर भारी रोष है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मोक्षधाम तक पक्का रास्ता बनाया जाए और बारिश व धूप से बचाव के लिए टीन शेड सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी परिवार को अंतिम संस्कार के दौरान ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े। मोक्षधाम में चार दीवारी एवं टीन सेट की व्यवस्था हो पानी के लिए टंकी हो। ग्रामीणों का सवाल है—जब अंतिम संस्कार के लिए भी बारिश में तिरपाल का सहारा लेना पड़े, तो आखिर मोक्षधाम की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी किसकी है?1
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