मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की माड़ा तहसील के रौहाल गांव में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक किसान का आरोप है कि आठ वर्षों तक न्यायालय का चक्कर काटने के बाद उसे अपनी पट्टे की जमीन पर न्याय तो मिल गया, लेकिन प्रशासन उसे आज भी कब्जा नहीं दिला पाया है। इतना ही नहीं, कथित तौर पर दबंगों ने किसान द्वारा हाल ही में बोई गई धान की फसल को ट्रैक्टर चलाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया है। पीड़ित किसान के अनुसार, न्यायालय में आठ वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद उसके पक्ष में फैसला आया था, बावजूद इसके उसे अपनी जमीन पर कब्जा नहीं मिला। उसने बताया कि दो दिन पहले ही उसने अपनी जमीन पर धान की बुवाई की थी, जिसके बाद विपक्षी पक्ष ने खेत जोतकर पूरी फसल बर्बाद कर दी। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उसने इस घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को दी थी, लेकिन तहसीलदार और पटवारी मौके पर नहीं पहुंचे और न ही जमीन का नक्शा-तरमीन कराकर विवाद का कोई समाधान किया गया। पीड़ित ने जिन लोगों पर आरोप लगाए हैं, उनमें सिपाही लाल रजक, प्रहलाद रजक, बाबूजी रजक (तीनों पिता गंगाराम रजक), रामप्रताप (पिता तेजमान), संतोष कुमार रजक (पिता रामप्रताप), नीरज कुमार रजक, सूरज कुमार रजक (दोनों पिता सिपाही लाल), मुकेश रजक और पक्के रजक (दोनों पिता बाबूजी रजक) के नाम शामिल हैं। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। यह स्थिति इस बड़े सवाल को खड़ा करती है कि जब न्यायालय का फैसला पीड़ित के पक्ष में आ चुका है, तो उसे उसकी जमीन पर कब्जा कब मिलेगा, और क्या प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेगा या पीड़ित को न्याय के लिए एक बार फिर भटकना पड़ेगा।
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की माड़ा तहसील के रौहाल गांव में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक किसान का आरोप है कि आठ वर्षों तक न्यायालय का चक्कर काटने के बाद उसे अपनी पट्टे की जमीन पर न्याय तो मिल गया, लेकिन प्रशासन उसे आज भी कब्जा नहीं दिला पाया है। इतना ही नहीं, कथित तौर पर दबंगों ने किसान द्वारा हाल ही में बोई गई धान की फसल को ट्रैक्टर चलाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया है। पीड़ित किसान के अनुसार, न्यायालय में आठ वर्षों तक चली कानूनी
लड़ाई के बाद उसके पक्ष में फैसला आया था, बावजूद इसके उसे अपनी जमीन पर कब्जा नहीं मिला। उसने बताया कि दो दिन पहले ही उसने अपनी जमीन पर धान की बुवाई की थी, जिसके बाद विपक्षी पक्ष ने खेत जोतकर पूरी फसल बर्बाद कर दी। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उसने इस घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को दी थी, लेकिन तहसीलदार और पटवारी मौके पर नहीं पहुंचे और न ही जमीन का नक्शा-तरमीन कराकर विवाद का कोई समाधान किया गया। पीड़ित ने जिन लोगों पर आरोप लगाए हैं, उनमें सिपाही लाल रजक, प्रहलाद रजक, बाबूजी रजक (तीनों पिता गंगाराम
रजक), रामप्रताप (पिता तेजमान), संतोष कुमार रजक (पिता रामप्रताप), नीरज कुमार रजक, सूरज कुमार रजक (दोनों पिता सिपाही लाल), मुकेश रजक और पक्के रजक (दोनों पिता बाबूजी रजक) के नाम शामिल हैं। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। यह स्थिति इस बड़े सवाल को खड़ा करती है कि जब न्यायालय का फैसला पीड़ित के पक्ष में आ चुका है, तो उसे उसकी जमीन पर कब्जा कब मिलेगा, और क्या प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेगा या पीड़ित को न्याय के लिए एक बार फिर भटकना पड़ेगा।
- मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की माड़ा तहसील के रौहाल गांव में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक किसान का आरोप है कि आठ वर्षों तक न्यायालय का चक्कर काटने के बाद उसे अपनी पट्टे की जमीन पर न्याय तो मिल गया, लेकिन प्रशासन उसे आज भी कब्जा नहीं दिला पाया है। इतना ही नहीं, कथित तौर पर दबंगों ने किसान द्वारा हाल ही में बोई गई धान की फसल को ट्रैक्टर चलाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया है। पीड़ित किसान के अनुसार, न्यायालय में आठ वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद उसके पक्ष में फैसला आया था, बावजूद इसके उसे अपनी जमीन पर कब्जा नहीं मिला। उसने बताया कि दो दिन पहले ही उसने अपनी जमीन पर धान की बुवाई की थी, जिसके बाद विपक्षी पक्ष ने खेत जोतकर पूरी फसल बर्बाद कर दी। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उसने इस घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को दी थी, लेकिन तहसीलदार और पटवारी मौके पर नहीं पहुंचे और न ही जमीन का नक्शा-तरमीन कराकर विवाद का कोई समाधान किया गया। पीड़ित ने जिन लोगों पर आरोप लगाए हैं, उनमें सिपाही लाल रजक, प्रहलाद रजक, बाबूजी रजक (तीनों पिता गंगाराम रजक), रामप्रताप (पिता तेजमान), संतोष कुमार रजक (पिता रामप्रताप), नीरज कुमार रजक, सूरज कुमार रजक (दोनों पिता सिपाही लाल), मुकेश रजक और पक्के रजक (दोनों पिता बाबूजी रजक) के नाम शामिल हैं। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। यह स्थिति इस बड़े सवाल को खड़ा करती है कि जब न्यायालय का फैसला पीड़ित के पक्ष में आ चुका है, तो उसे उसकी जमीन पर कब्जा कब मिलेगा, और क्या प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेगा या पीड़ित को न्याय के लिए एक बार फिर भटकना पड़ेगा।3
- सिंगरौली जिले के मोरवा थाना द्वारा चलाए जा रहे 'सेफ क्लिक 2.0' नामक साइबर जागरूकता अभियान के तहत, शुक्रवार दोपहर को मोरवा के सेपीएंट इंटरनेशनल स्कूल में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने साइबर सुरक्षा विषय पर आधारित पेंटिंग बनाई और एक क्विज प्रतियोगिता में भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस जागरूकता पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण तरीकों और जानकारियों से अवगत कराना था।2
- सोनभद्र जनपद पुलिस ने 'ऑपरेशन दहन' के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 करोड़ रुपये से अधिक के मादक पदार्थों का निस्तारण किया है। इस अभियान में कुल 15 करोड़ 24 लाख 86 हजार 200 रुपये मूल्य के 1 हजार 897.811 किलोग्राम मादक पदार्थों को नष्ट किया गया। जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी (DDC) द्वारा 145 मामलों से संबंधित गांजा और हेरोइन का निस्तारण किया गया। इन मामलों में कोतवाली सदर के 129, थाना कोन के 2 और दुद्धी कोतवाली के 14 मामले शामिल थे। नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 1894.924 किलोग्राम गांजा शामिल था, जिसकी अनुमानित कीमत 9 करोड़ 47 लाख 46 हजार 200 रुपये आंकी गई है। इसके अतिरिक्त, 2.887 किलोग्राम हेरोइन को भी नष्ट किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ 77 लाख 40 हजार रुपये थी।2
- सोनभद्र के दुद्धी विकासखंड अंतर्गत जोरुखाड़ ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय परिसर में शुक्रवार 3 जुलाई 2026 को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया। इस अवसर पर आयोजित समीक्षा बैठक एवं कैडर कैंप में क्षेत्रभर से आए सैकड़ों पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने संगठन को मजबूत बनाने तथा जनसंपर्क अभियान को तेज करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दुद्धी विधानसभा प्रभारी संजय कुमार और मिर्जापुर मंडल प्रभारी रामविचार गौतम ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन की मजबूती पर विशेष बल दिया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को उठाना और लोकतांत्रिक तरीके से उनके अधिकारों की आवाज बनना ही पार्टी की प्राथमिकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर पार्टी की नीतियों और विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान भी किया। इस बैठक के दौरान कई ग्रामीणों ने बसपा की सदस्यता ग्रहण कर संगठन के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि एक मजबूत बूथ संरचना और सक्रिय कार्यकर्ता ही किसी भी संगठन की वास्तविक ताकत होते हैं। कार्यक्रम में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और क्षेत्रीय जनसंपर्क जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। यह पूरा आयोजन जिला अध्यक्ष सकरार अहमद के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें विमल यादव, गुलाम सिंह गोंड, पप्पू भुइयां, भगवान गोंड, डॉ. विजय कुमार गुप्ता और ग्राम प्रधान मुन्ना भारती सहित सैकड़ों ग्रामीण एवं पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- सोनभद्र के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र स्थित झारोकला गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ बकाया मजदूरी मांगने पर एक परिवार के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता सुनीता देवी ने दुद्धी कोतवाली में अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों के साथ-साथ एक पुलिसकर्मी ने भी उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। सुनीता देवी ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पुत्र संदीप अग्रहरि और कपिल अग्रहरि झांकी कार्यक्रमों में काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पुत्र गौरी शंकर पुत्र कन्हैयालाल, निवासी ग्राम झारोकला, के निर्देशन में कार्य करते थे, लेकिन उन्हें पूरा मेहनताना नहीं दिया गया और लगभग 22,000 रुपये की मजदूरी अभी भी बकाया है। शिकायत के अनुसार, जब उनके पुत्रों ने कई बार बकाया भुगतान मांगा तो गौरी शंकर ने पैसा देने से इनकार कर दिया और दोबारा पैसे मांगने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इसके बाद, 28 जून 2026 को फोन पर मजदूरी मांगने पर कथित तौर पर गाली-गलौज की गई। फिर गौरी शंकर अपने साथियों गोकूल अग्रहरि, मथुरा अग्रहरि और रोहित जायसवाल के साथ पीड़िता के घर पहुंचे, जहाँ उन्होंने घर में घुसकर मारपीट, धक्का-मुक्की की और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि उन्हें सड़क पर पटक दिया गया और भविष्य में पैसे मांगने पर जान से मार देने की धमकी दी गई। इसके उपरांत, 1 जुलाई 2026 को पीड़िता के पुत्र संदीप अग्रहरि के घर लौटने पर विपक्षी पक्ष ने उनसे झांकी का सामान मांगा। संदीप द्वारा पहले बकाया मजदूरी देने की बात कहने पर आरोप है कि गौरी शंकर के साथी एक राय होकर उनके घर पहुंचे और सुनीता देवी सहित उनके दोनों पुत्रों की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी, जिससे तीनों को चोटें आईं। घटना की सूचना तत्काल 112 पुलिस को दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को थाना जाकर प्रार्थना पत्र देने की सलाह दी। 2 जुलाई 2026 को सुनीता देवी ने दुद्धी कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप है कि शिकायत के दौरान गौरी शंकर ने पुलिस के सामने मिठाई का डिब्बा दिया, जिसके बाद दुद्धी कोतवाली में तैनात कांस्टेबल खालिद खान ने कथित तौर पर पीड़िता और उनके पुत्रों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, उन्हें भगा दिया और कार्रवाई कराने पर जेल भेजने की धमकी भी दी। पीड़िता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपितों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने और अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। यह समाचार पीड़िता द्वारा पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है, और मामले में पुलिस या आरोपित पक्ष का आधिकारिक बयान अभी प्राप्त नहीं हुआ है।2
- मिर्जापुर जनपद में अपराध और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन ऑल-आउट' अभियान के तहत थाना जिगना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 20 किलो 141 ग्राम अवैध गांजा के साथ दो आरोपियों, लोलो यादव उर्फ बसन्त यादव (30 वर्ष) और पप्पू यादव (52 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी ग्राम रामपुर बल्लीपरवा, थाना चिल्ह, जनपद मीरजापुर के निवासी हैं। पुलिस ने इस दौरान तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के क्रम में, पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन एवं क्षेत्राधिकारी लालगंज के नेतृत्व में थाना जिगना पुलिस टीम ने 3 जुलाई 2026 को ग्राम बिहसड़ा तिराहा पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया था। इसी चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल सवार इन दोनों संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर तलाशी ली गई, जिनके कब्जे से बोरे में रखा अवैध गांजा बरामद हुआ। इस संबंध में थाना जिगना पर मु0अ0सं0-166/2026 के तहत धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल संख्या UP 63 DF 7540 को भी 207 मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पप्पू यादव का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके विरुद्ध वर्ष 2004, 2007, 2008 तथा 2016 में थाना चिल्ह में विभिन्न मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें एनडीपीएस एक्ट का मामला भी शामिल है। इस कार्रवाई को थाना जिगना के थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह और उनकी पुलिस टीम ने अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।4
- दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित 'संचार साथी पोर्टल' (CEIR) के माध्यम से सिंगरौली पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए गुम मोबाइल आवेदकों को उनके फोन लौटाए हैं। 'सेफ क्लिक 2.0' जागरूकता अभियान के तहत, वर्ष 2026 में अब तक कुल 671 गुम मोबाइल फोन आवेदकों को सुपुर्द किए जा चुके हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹ 89,00,000 आंकी गई है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक ने कल रुस्तमजी सभागार में लगभग ₹ 14,00,000 कीमती 70 गुम मोबाइल फोन आवेदकों को सौंपे। ये गुम मोबाइल फोन मध्यप्रदेश सहित उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे अन्य राज्यों से बरामद किए गए थे।2
- जनपद सोनभद्र के घोरावल तहसील स्थित ग्राम पंचायत भैतवार में भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति का धरना प्रदर्शन आज 411वें दिन में पहुँच गया है। यह धरना प्रदर्शन ग्राम पंचायत भैतवार में चकबंदी की समस्याओं को लेकर जारी है, जिसकी अगुवाई भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा कर रहे हैं। इस किसान आंदोलन को विभिन्न संगठनों और पदाधिकारियों का समर्थन मिला है। इनमें मिर्जापुर के जिला प्रभारी गौव सम्मान प्रभारी ब्रह्मा देव त्रिपाठी जी, भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के राष्ट्रीय संगठन से हिट गोपाल उपाध्याय, तथा बरसाना मथुरा के मन मंदिर से सीताराम बाबा शामिल हैं। भारतीय किसान यूनियन भानू गुट से बृज दास (सुनील भैया) ने भी इस धरने को अपना समर्थन दिया है। सभी समर्थन देने वाले पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि वे धरनारत किसानों को पूरा समर्थन देते हैं और यह ऐलान करते हैं कि ग्राम पंचायत भैतवार में चकबंदी संबंधी समस्याओं का समाधान बहुत जल्द किया जाएगा।2