पीलीभीत नगर के नई बस्ती चौराहे पर समाजवादी पार्टी के युवा नेता और प्रदेश सचिव (पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ) सतेन्द्र मौर्य की पहल पर एक शीतल पेयजल केंद्र का शुभारंभ किया गया। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच शुरू किए गए इस जनसेवा अभियान का उद्देश्य राहगीरों, मजदूरों, रिक्शा चालकों और आम नागरिकों को ठंडा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराकर राहत पहुंचाना है। इस उद्घाटन समारोह में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह 'जगा' और 127 विधानसभा अध्यक्ष हाजी इम्तियाज अल्वी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष गुरविंदर सिंह गिल, रुकम सिंह मौर्य, माखन लाल सैनी, राकेश मौर्य, अशोक सैनी, देवकुमार मौर्य, दीनदयाल मौर्य, डोरी लाल मौर्य, हरीश मौर्य, हेमंत मौर्य, नन्हें मौर्य, राधे मौर्य और पंकज मौर्य समेत अनेक समाजवादी कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित थे। सतेन्द्र मौर्य ने इस अवसर पर कहा कि समाजवादी विचारधारा हमेशा जनसेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने में विश्वास रखती है, और इसी सोच के साथ आमजन की सुविधा के लिए यह केंद्र स्थापित किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता की सेवा ही उनका प्रमुख उद्देश्य है और भविष्य में भी ऐसे जनहित के कार्य जारी रहेंगे। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक सराहनीय कदम बताया है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हो रहे हैं। इस जनसेवा पहल की क्षेत्र में व्यापक चर्चा हो रही है और इसे समाजसेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।
पीलीभीत नगर के नई बस्ती चौराहे पर समाजवादी पार्टी के युवा नेता और प्रदेश सचिव (पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ) सतेन्द्र मौर्य की पहल पर एक शीतल पेयजल केंद्र का शुभारंभ किया गया। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच शुरू किए गए इस जनसेवा अभियान का उद्देश्य राहगीरों, मजदूरों, रिक्शा चालकों और आम नागरिकों को ठंडा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराकर राहत पहुंचाना है। इस उद्घाटन समारोह में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह 'जगा' और 127 विधानसभा अध्यक्ष हाजी इम्तियाज अल्वी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष गुरविंदर सिंह गिल, रुकम सिंह मौर्य, माखन लाल सैनी, राकेश मौर्य, अशोक सैनी, देवकुमार मौर्य, दीनदयाल मौर्य, डोरी लाल मौर्य, हरीश मौर्य, हेमंत मौर्य, नन्हें मौर्य, राधे मौर्य और पंकज मौर्य समेत अनेक समाजवादी कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित थे। सतेन्द्र मौर्य ने इस अवसर पर कहा कि समाजवादी विचारधारा हमेशा जनसेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने में विश्वास रखती है, और इसी सोच के साथ आमजन की सुविधा के लिए यह केंद्र स्थापित किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता की सेवा ही उनका प्रमुख उद्देश्य है और भविष्य में भी ऐसे जनहित के कार्य जारी रहेंगे। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक सराहनीय कदम बताया है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हो रहे हैं। इस जनसेवा पहल की क्षेत्र में व्यापक चर्चा हो रही है और इसे समाजसेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।
- पीलीभीत के गांधी सभागार में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जनपद के सभी बैंक अधिकारियों और फाइनेंसरों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराना था। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक युवाओं को ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना को बढ़ावा देने तथा पात्र किसानों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। इसके अतिरिक्त, फसल बीमा योजना, बकरी पालन, लघु एवं कुटीर उद्योगों तथा मुख्यमंत्री युवा योजनाओं से संबंधित ऋण सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। जिलाधिकारी ने आईजीआरएस प्रणाली के प्रभावी संचालन और महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, विशेषकर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी बल दिया, यह कहते हुए कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। हालांकि, स्वयं सहायता समूहों को ऋण वितरण में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों एवं फाइनेंसरों को कड़ी फटकार लगाई और कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- पीलीभीत जिले के बीसलपुर ब्लॉक सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ग्राम प्रधान प्रशासक, बीडीसी सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान कार्ड, प्राकृतिक खेती और ग्राम पंचायतों की विकास कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा करना था, जिसमें जिलाधिकारी ने गाॅवों के विकास और युवाओं के रोजगार पर विशेष जोर दिया। जिलाधिकारी ने सभी ग्राम प्रधान प्रशासकों को निर्देश दिए कि वे अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों की विकास कार्ययोजनाएँ शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करें, जिनकी ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की उपस्थिति में समीक्षा कर स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उन्होंने शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए विशेष अभियान चलाने और आवश्यक शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने पर जोर देते हुए उसके लाभ बताए गए। जिलाधिकारी ने क्षेत्र के शिक्षित युवाओं से जल्द से जल्द जिला सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकरण कराने को कहा ताकि उन्हें निजी कम्पनियों में रोजगार के अवसर मिल सकें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्रत्येक पंचायत से कम से कम 10 युवाओं को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत ₹5 लाख तक का ऋण दिलाने का प्रयास करने का निर्देश दिया और आवास सूची की जानकारी भी ली। कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई, साथ ही ग्राम प्रधानों को गांव के छोटे-मोटे आपसी विवादों को गांव स्तर पर ही सुलझाने की सलाह दी गई। मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र ने मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि जनपद को 1787 आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जबकि अभी तक विकासखंडों से केवल 890 पात्र लाभार्थियों की सूची ही मिली है। उन्होंने पात्र परिवारों से ग्राम पंचायत सचिव या खंड विकास अधिकारी से संपर्क कर योजना का लाभ उठाने की अपील की। जिलाधिकारी ने सभी ग्राम पंचायतों में श्मशान भवन निर्माण तथा जर्जर पंचायत भवनों की मरम्मत एवं सुधार कार्य कराने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर बीसलपुर के माननीय विधायक विवेक वर्मा ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी चौपालों के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचाई जाए ताकि पात्र व्यक्तियों को पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। विधायक ने सभी से अपने गांव को एक आदर्श गांव बनाने में योगदान देने का आग्रह किया, जिससे जनपद, प्रदेश और देश को प्रगति मिलेगी।4
- भारत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर एक बड़ा बवाल खड़ा हो गया है, जिसके विरोध में एक महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। घटना पर अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए एक एफआईआर दर्ज की है, और इस प्रकरण में कई पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया गया है।1
- पीलीभीत जिले के बीसलपुर ब्लॉक सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ग्राम प्रधान प्रशासकों, बीडीसी सदस्यों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान ग्रामीण विकास, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान कार्ड, प्राकृतिक खेती और ग्राम पंचायतों की विकास कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी ग्राम प्रधान प्रशासकों को निर्देश दिए कि वे अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों की विकास कार्ययोजनाएं शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करें, जिनकी ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की उपस्थिति में समीक्षा के बाद स्वीकृति प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए एक विशेष अभियान चलाने का भी निर्देश दिया।1
- भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) और इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष के समर्थन में उत्साहपूर्ण नारे लगाए गए हैं। इन नारों के माध्यम से भारतीय किसान यूनियन और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय के प्रति गहरा सम्मान और समर्थन व्यक्त किया गया।1
- फरीदपुर ओवरब्रिज के पास सोमवार सुबह करीब 11 बजे एक महिला से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि भूरे खां गोटिया निवासी बस चालक जाने आलम ने महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया। घटना के बाद, पीड़ित पक्ष ने तुरंत यूपी-112 (100 नंबर) पर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुँच गई। पीड़ित पक्ष ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है, जिनकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।1
- पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह अब अलर्ट मोड पर आ गए हैं। यह बदलाव उनके कार्यकाल के अधिकार को छह महीने के लिए बढ़ाए जाने के बाद हुआ है।1
- पीलीभीत प्रशासन ने 24 जून 2026 को देवहा नदी के निकट मुक्तिधाम पर एक व्यापक बाढ़ माॅक एक्सरसाइज (माॅकड्रिल) का आयोजन किया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य बाढ़ जैसी आपात स्थिति में जिला प्रशासन, तहसील प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व, सिंचाई विभाग, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एस.डी.आर.एफ., आपदा मित्रों और नागरिक सुरक्षा विभाग के बीच आपसी समन्वय को बेहतर बनाना था। प्रशासन ने इस दौरान यह संदेश भी दिया कि बाढ़ आने पर घबराएं नहीं, क्योंकि पीलीभीत प्रशासन पूरी तरह तैयार है। माॅकड्रिल के दौरान बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों और उपकरणों की क्रियाशीलता की गहन जांच की गई, जिसमें नाव, लाइफ जैकेट, सर्च लाइट, ओ.बी.एम. इंजन और संचार उपकरण शामिल थे। एस.डी.आर.एफ. और स्थानीय गोताखोरों ने पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, उन्हें प्राथमिक उपचार देने और राहत शिविरों तक पहुंचाने के कौशल का व्यावहारिक अभ्यास किया। एस.डी.आर.एफ. टीम के उपनिरीक्षक विशाल मौर्या और उनके साथियों ने मोटर बोट और रिमोट कंट्रोल लाइफ ब्वॉय तकनीक का उपयोग करते हुए डूबते ग्रामीणों को सफलतापूर्वक बचाने का प्रदर्शन किया। इसके बाद मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार का अभ्यास भी किया। इस महत्वपूर्ण अभ्यास में जिले के अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) प्रसून द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर, उपजिलाधिकारी सदर श्रद्धा सिंह, नायब तहसीलदार ऋषि मिश्रा, प्रखर सिंह, परितोष द्विवेदी, आपदा विशेषज्ञ भगवती प्रसाद सहित जनपद के संबंधित विभागों के कई अधिकारी/कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।4