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शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 9974778863
Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 9974778863
- User1137Betul Nagar, Madhya Pradesh🙏9 hrs ago
- User1137Betul Nagar, Madhya Pradesh😡9 hrs ago
- User1137Betul Nagar, Madhya Pradesh😂9 hrs ago
- User1137Betul Nagar, Madhya Pradesh😡9 hrs ago
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- *कोठी मे गैस सिलेंडर क़े लिए भारी भीड़ बुलानी पड़ी पुलिस व्यवस्था लोगो की माने तो सुबह 4 बजे से लोग खड़े है लाइन मे*1
- सूचना आने बाली 14 अप्रैल से 20 तक ग्राम कंचनपुर कचरा में श्री श्री 108 श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ आयोजन होने जाए जिसमें आप सभी धर्म प्रेमी बंधु सादर आमंत्रित हैं यज्ञ में सम्मिलित हूं एवं योगदान दें दिये गए नबर पर आप सहयोग कर सकते है 74895149514
- *केन-बेतवा विस्थापितों का फूटा गुस्सा—प्रशासन को पीछे हटना पड़ा, चिता आंदोलन हुआ और उग्र!* - *जन आंदोलन बना जनसंघर्ष , जनता ने प्रशासन को दौड़ाया* केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित न्याय की मांग कर रहे आदिवासियों और किसानों का धैर्य आज जवाब दे गया। केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ चल रहे *'चिता आंदोलन'* के दूसरे दिन हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस प्रशासन ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का *राशन-पानी* रोकने की कोशिश की। प्रशासन की इस दमनकारी कार्रवाई से हजारों आदिवासी महिलाएं और किसान भड़क उठे। आक्रोशित जनता के भारी विरोध के सामने प्रशासन को पीछे हटना पड़ा और आंदोलन स्थल से दौड़ लगानी पड़ी। स्थिति को बिगड़ते देख *सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर* ने मोर्चा संभाला और बमुश्किल ग्रामीणों को शांत कराया। *अमित भटनागर* ने प्रशासन को दो-टूक चेतावनी देते हुए कहा कि आदिवासियों के हक की यह लड़ाई अब 'जन संघर्ष' बन चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आंदोलन को कुचलने या दमन करने की कोशिश की गई, तो इसके परिणाम और भी उग्र होंगे। जब तक विस्थापितों को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, यह चिता आंदोलन थमेगा नहीं। हजारों आदिवासी महिलाओं किसान रहे शामिल *मीडिया सेल* *जय किसान संगठन*1
- MP: केन-बेतवा परियोजना पर टकराव, आदिवासी महिलाएं चिता पर लेटीं, कहा- न्याय या मौत, हम पीछे नहीं हटेंगे केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में चल रहा आंदोलन अब निर्णायक और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। प्रशासन द्वारा आंदोलन को दबाने की हर कोशिश के बावजूद हजारों आदिवासी किसान, विशेष रूप से महिलाएं, हिम्मत हारने के बजाय चिता आंदोलन तक पहुंच गई हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आदिवासी महिलाओं और जय किसान संगठन के नेता सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने सरकार के दमन के सामने आक्रामक रुख अपनाया है। रोक-टोक और धारा 163 लागू आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्हें दिल्ली जाकर अपनी बात रखने से रोका गया, रास्तों में कई जगह रोका गया, राशन और पानी तक रोक दिया गया और धमकियां दी गई। अब प्रशासन ने अपने ही गाँव और जंगल में धारा 163 लागू कर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की है। आंदोलनकारियों ने इसे दमन की पराकाष्ठा बताया है। पन्ना और छतरपुर जिलों की सीमाओं को अलग करने और बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही रोकने के प्रशासनिक आदेश पर अमित भटनागर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब परियोजना एक ही है तो लोगों को इस तरह बांटना अन्यायपूर्ण और गैर-तार्किक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन अपने अत्याचार और भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए ऐसे आदेश जारी कर रहा है।1
- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़1
- सुरेंद्र सिंह मौत का मामला गरमाया प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पहुंचे मृतक के गांव सारनी । मृतक सुरेंद्र सिंह की पत्नी एवं मां ने छतरपुर विधायक के पुत्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं एवं CBI जांच की मांग भी की है ।1
- छतरपुर। जिले के सरानी गांव में सुरेंद्र सिंह तोमर की मौत का मामला अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। गुरुवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक की मां और पत्नी से बंद कमरे में बातचीत की, जहां परिजनों ने घटना की पूरी जानकारी दी। मुलाकात के बाद पटवारी ने कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस दिन सुरेंद्र सिंह की मौत हुई, उसी दिन थाने के सभी कैमरे बंद थे। “यह संयोग नहीं हो सकता, इसकी निष्पक्ष जांच होना चाहिए,” उन्होंने कहा। पटवारी ने आरोप लगाया कि मृतक के मोबाइल की डिटेल भी गायब है और थाने के कैमरे खराब बताए जा रहे हैं, जो पूरे मामले को संदिग्ध बनाता है। उन्होंने भाजपा विधायक के पुत्र पर लगे आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले को विधानसभा में उठाएगी और जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच की मांग करेगी। “हम इस केस को कोर्ट तक लेकर जाएंगे और परिवार को न्याय दिलाएंगे,” उन्होंने कहा। पटवारी ने बयान में यह भी कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े कुछ नेता और कार्यकर्ता हत्या, लूटपाट और मारपीट जैसी घटनाओं में शामिल हैं, जो बेहद निंदनीय है। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मृतक का नाम कथित तौर पर गुंडा सूची में होने के बावजूद उसका पुलिस से करीबी संबंध क्यों था। “अगर वह सूचीबद्ध था, तो पुलिस उसे अपने साथ क्यों रखती थी? यह भी जांच का विषय है,” उन्होंने कहा। इस बयान के बाद मामला और गरमा गया है। अब सभी की नजरें प्रशासन की कार्रवाई और जांच की दिशा पर टिकी हैं।1
- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़1