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इंदौर में आयोजित की जा रही रथ यात्रा को लेकर प्रिंसिपल हर्षिता गुप्ता और स्कूल संचालक ऋषभ गुप्ता ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस रथ यात्रा के आयोजन का यह पहला वर्ष है। यह आयोजन केवल एक धार्मिक गतिविधि नहीं है, बल्कि बच्चों और पूरे समाज में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों एवं सनातन धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक प्रयास है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि बच्चे अपने धर्म, संस्कारों और परंपराओं को गहराई से समझें, उनका आचरण में पालन करें और भविष्य में समय-समय पर आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक तथा धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लें।
Aarti Raikwar
इंदौर में आयोजित की जा रही रथ यात्रा को लेकर प्रिंसिपल हर्षिता गुप्ता और स्कूल संचालक ऋषभ गुप्ता ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस रथ यात्रा के आयोजन का यह पहला वर्ष है। यह आयोजन केवल एक धार्मिक गतिविधि नहीं है, बल्कि बच्चों और पूरे समाज में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों एवं सनातन धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक प्रयास है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि बच्चे अपने धर्म, संस्कारों और परंपराओं को गहराई से समझें, उनका आचरण में पालन करें और भविष्य में समय-समय पर आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक तथा धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लें।
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- इंदौर से सटी ग्राम पंचायत देवगुराड़िया में पंचायत भवन के पास स्थित आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक शौचालय अत्यंत बदहाल स्थिति में हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस आंगनबाड़ी में आने वाले छोटे बच्चों के लिए पीने का पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है, और न ही दैनिक उपयोग के लिए पानी की कोई समुचित व्यवस्था की गई है। पानी की इस भारी कमी के कारण मासूम बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हर दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- इंदौर में आयोजित की जा रही रथ यात्रा को लेकर प्रिंसिपल हर्षिता गुप्ता और स्कूल संचालक ऋषभ गुप्ता ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस रथ यात्रा के आयोजन का यह पहला वर्ष है। यह आयोजन केवल एक धार्मिक गतिविधि नहीं है, बल्कि बच्चों और पूरे समाज में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों एवं सनातन धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक प्रयास है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि बच्चे अपने धर्म, संस्कारों और परंपराओं को गहराई से समझें, उनका आचरण में पालन करें और भविष्य में समय-समय पर आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक तथा धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लें।1
- मध्य प्रदेश के इंदौर में राशन माफिया की कालाबाजारी का बड़ा खेल उजागर हुआ है, जहां बजरंग दल ने कंट्रोल का राशन पकड़ा है। राशन माफिया द्वारा की जा रही इस कालाबाजारी का भंडाफोड़ होने से हड़कंप मच गया है। बजरंग दल ने तत्परता दिखाते हुए राशन माफिया के इस अवैध धंधे को दबोचा और कंट्रोल के राशन को पकड़कर उनके मंसूबों को नाकाम कर दिया।1
- इंदौर में नवनियुक्त थाना प्रभारी की सर्वोच्च प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने इस कार्य में आमजन से सहयोग करने की अपील की है। भूपेंद्र सोनी की रिपोर्ट के अनुसार, नए थाना प्रभारी ने कानून और व्यवस्था को दुरुस्त रखने को ही अपना मुख्य लक्ष्य माना है।1
- इंदौर शहर के राव रंगवासा में स्थित चॉकलेट फैक्ट्री के मैनेजर ने सामने आए वीडियो को पूरी तरह से गलत बताया है। मैनेजर ने अपने बयान में दावा किया है कि उनके यहां कबूतरों और बाकी सब चीजों को साफ करवा दिया गया है। हालांकि, मीडिया द्वारा की गई विजिट के दौरान भी फैक्ट्री के लोग परिसर से कबूतरों को भगाते हुए कैमरे में कैद हुए और वे मीडिया के सामने अपने बचाव में सफाई पेश करते नजर आए।1
- इन्दौर के पलासिया में दोस्तों के दबाव यानी पियर प्रेशर में आकर नशे की शुरुआत न करने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि यह गलत फैसला आगे चलकर नशे की गंभीर लत का कारण बन सकता है और पूरी जिंदगी बर्बाद कर सकता है। इसी के मद्देनजर, 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के तहत एक विशेषज्ञ चिकित्सक ने पुलिस के साथ पीयर प्रेशर और ड्रग्स के सेवन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। इस अभियान के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करते हुए इससे दूर रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह के दबाव में आने के बजाय बेहद समझदारी से अपना फैसला लें और नशे को पूरी तरह से ना कहें। युवाओं को संदेश दिया गया है कि स्वस्थ युवा ही एक सुरक्षित समाज का निर्माण कर सकते हैं, इसलिए नशे से दूरी बनाना बेहद जरूरी है।1
- योगी सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। सरकार के इस नए निर्णय के तहत अब हर गांव की पंचायत को एक बस प्रदान की जाएगी।1
- इंदौर शहर में एक पीड़ित पिता अपनी बेटी की मौत के गहरे गम को अभी भुला भी नहीं पाया था कि उसके ऊपर दोहरे संकट का पहाड़ टूट पड़ा है। अब पीड़ित पिता की बहू ने भी उसी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी है। बेटी को खोने के दुख के बीच बहू द्वारा की गई इस शिकायत से लाचार हुआ पीड़ित पिता अब बेहद परेशान है और उसकी समझ में नहीं आ रहा है कि वह इस विकट परिस्थिति में आखिर कहां जाए।1