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झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) द्वारा लातेहार के धरतीपुत्र बैधनाथ राम को राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाए जाने पर खुशी का माहौल है। इस निर्णय पर जिला परिषद सदस्य सरजू, जो जिला सचिव बुद्धेश्वर उरांव भी हैं, ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बधाई दी है। उन्होंने इस नामांकन को लातेहार के लिए गौरव का विषय बताया। सरजू और बुद्धेश्वर उरांव ने कहा कि बैधनाथ राम उच्च सदन में झारखंड, लातेहार और तबके कुचले शोषित वर्ग की आवाज बुलंद करेंगे।
NEWS INDIAN 724
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) द्वारा लातेहार के धरतीपुत्र बैधनाथ राम को राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाए जाने पर खुशी का माहौल है। इस निर्णय पर जिला परिषद सदस्य सरजू, जो जिला सचिव बुद्धेश्वर उरांव भी हैं, ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बधाई दी है। उन्होंने इस नामांकन को लातेहार के लिए गौरव का विषय बताया। सरजू और बुद्धेश्वर उरांव ने कहा कि बैधनाथ राम उच्च सदन में झारखंड, लातेहार और तबके कुचले शोषित वर्ग की आवाज बुलंद करेंगे।
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- झारखंड के रांची में आयोजित महली जनजाति विकास मंच की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति चुनाव 2026 में, समाज ने एक बार फिर अपने पुराने नेतृत्व पर भरोसा जताया है। इस चुनाव में हरि नारायण राम महली को दोबारा अध्यक्ष, रमेश महली को सचिव और हरिशंकर राम महली को कोषाध्यक्ष चुना गया। नव-निर्वाचित पदाधिकारियों ने शिक्षा, रोजगार, सामाजिक जागरूकता और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का बड़ा संकल्प लिया है। एक विशेष बातचीत में नई कार्यकारिणी ने अपनी प्राथमिकताओं और समाज के विकास की योजनाओं पर चर्चा की।1
- झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) द्वारा लातेहार के धरतीपुत्र बैधनाथ राम को राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाए जाने पर खुशी का माहौल है। इस निर्णय पर जिला परिषद सदस्य सरजू, जो जिला सचिव बुद्धेश्वर उरांव भी हैं, ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बधाई दी है। उन्होंने इस नामांकन को लातेहार के लिए गौरव का विषय बताया। सरजू और बुद्धेश्वर उरांव ने कहा कि बैधनाथ राम उच्च सदन में झारखंड, लातेहार और तबके कुचले शोषित वर्ग की आवाज बुलंद करेंगे।1
- रामगढ़ जिले के दुलमी प्रखंड में स्थित भैरवी डैम का स्पिलवे इन दिनों युवाओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बन गया है। रांची से लगभग 52 किलोमीटर दूर यह प्राकृतिक स्थल अपनी खूबसूरत वादियों, ठंडी हवाओं और झरने जैसे मनमोहक दृश्यों के कारण सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। हर दिन बड़ी संख्या में लोग यहाँ पिकनिक मनाने, घूमने और रील्स बनाने पहुँच रहे हैं, खासकर युवक-युवतियाँ स्पिलवे के बहते पानी और हरियाली के बीच वीडियो और सेल्फी लेते दिख रहे हैं। हालांकि, प्रशासन द्वारा लगातार गश्त और सावधानी बरतने की अपील के बावजूद, कई लोग जान जोखिम में डालकर गहरे पानी में उतर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पर्यटकों से सतर्क रहने की अपील की है, वहीं प्रशासन ने भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और तैरना न आने पर पानी में न उतरने की सलाह दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि यहाँ सुरक्षा, साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था और अन्य पर्यटन सुविधाएँ विकसित की जाएँ, तो भैरवी डैम झारखंड का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन सकता है।1
- झारखंड के रामगढ़ स्थित टोटी झरना में दो दोस्तों पर बेरहमी से जानलेवा हमला किया गया। इस घटना में एक दोस्त की मौके पर ही मौत हो गई है, वहीं दूसरा दोस्त गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है।1
- राँची जिले के माण्डर थाना क्षेत्र में घटित एक सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज आठ घंटे के भीतर नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक विधि विरूद्ध किशोर भी शामिल है।1
- बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आगमन से पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी जोश भर गया। इस अवसर पर उन्होंने उत्साहित भाजपाइयों से कहा कि जिस तरह टीएमसी को उखाड़ फेंका जाएगा, उसी प्रकार जेएमएम और कांग्रेस को भी उखाड़ फेंकेंगे।1
- झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है। इसकी मुख्य वजह दो 'हेवीवेट' निर्दलीय उम्मीदवारों की एंट्री मानी जा रही है, जिसने प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है।1
- रांची में OBC समाज ने अपनी मांगों को लेकर एक बड़ा और जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने मुखर होकर जनगणना में OBC के लिए एक अलग कॉलम जोड़ने की मांग उठाई। उनका स्पष्ट मत था कि OBC को 'अन्य' श्रेणी में रखना उनकी पहचान और अधिकारों के साथ अन्याय है। इस दौरान पूरा माहौल "हम अन्य नहीं, हम OBC हैं" और "OBC एकता जिंदाबाद" जैसे नारों से गूंज उठा, जिसने समाज की एकजुटता और मुखरता को दर्शाया। प्रदर्शन के बाद, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिया है कि उनकी इन मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाएगा। अब सभी की निगाहें आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर क्या कदम उठाए जाते हैं।1