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खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन, 27 अगस्त से जिला स्तर पर प्रदर्शन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के आवास पर प्रेस वार्ता, 7 सितंबर को रांची में महाधरना का ऐलान जामताड़ा। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में कांग्रेस ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों पर बड़े कॉरपोरेट घरानों का प्रभाव बढ़ने की आशंका है। पार्टी ने इसे जनहित और राज्य के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए आंदोलन करने का निर्णय लिया है। नेताओं के अनुसार, 27 अगस्त को जिला स्तर पर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 7 सितंबर को रांची में प्रदेशव्यापी महाधरना आयोजित किया जाएगा। प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर हमला बोला और पार्टी कार्यकर्ताओं से आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।

1 hr ago
user_Bishnu nandal
Bishnu nandal
Local News Reporter जामताड़ा, जामताड़ा, झारखंड•
1 hr ago
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खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन, 27 अगस्त से जिला स्तर पर प्रदर्शन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के आवास पर प्रेस वार्ता, 7 सितंबर को रांची में महाधरना का ऐलान जामताड़ा। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में कांग्रेस ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों पर बड़े कॉरपोरेट घरानों का प्रभाव बढ़ने की आशंका है। पार्टी ने इसे जनहित और राज्य के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए आंदोलन करने का निर्णय लिया है। नेताओं के अनुसार, 27 अगस्त को जिला स्तर पर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 7 सितंबर को रांची में प्रदेशव्यापी महाधरना आयोजित किया जाएगा। प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर हमला बोला और पार्टी कार्यकर्ताओं से आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।

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  • सरिता नर्सिंग होम में प्रसूता की मौत पर आक्रोश, अस्पताल प्रबंधन ताला लगाकर फरार Jamtara News : प्रसूता की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया. मंगलवार को ग्रामीण शव लेकर सरिता नर्सिंग होम पहुंचे और अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए. ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषी चिकित्सक एवं संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई तथा अस्पताल की वैधता की जांच की मांग की है. #अस्पताल प्रबंधन ताला लगाकर फरार# शहर के सरिता नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक प्रसूता की मौत के बाद मंगलवार को आक्रोशित परिजनों ने हंगमा किया. मृतका के परिजन और आक्रोशित ग्रामीण शव लेकर नर्सिंग होम पहुंचे और अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए. परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन नर्सिंग होम में ताला लगाकर मौके से फरार बताया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, भंडारो गांव निवासी सुनीता मरांडी को प्रसव के लिए 21 अगस्त को सरिता नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था. मृतका के पति मुकेश हेम्ब्रम के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन से करीब 35 हजार रुपये में सिजेरियन प्रसव कराने की बात तय हुई थी. प्रसव के वाद महिला ने बेटा को जन्म दिया. परिजनों का आरोप है कि सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकीय स्तर पर गंभीर लापरवाही हुई और कथित तौर पर गलत नस कट जाने के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ती चली गई. परिजनों का कहना है कि हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले को संभालने के बजाय पुलिस की मौजूदगी में महिला को धनबाद रेफर कर दिया. इसके बाद परिजन गंभीर हालत में उसे धनबाद लेकर पहुंचे, जहां सोमवार देर रात उसकी मौत हो गई. प्रसूता की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया. मंगलवार को ग्रामीण शव लेकर सरिता नर्सिंग होम पहुंचे और अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए. ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषी चिकित्सक एवं संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई तथा अस्पताल की वैधता की जांच की मांग की है. अस्पताल की मान्यता पर भी उठे सवाल इस घटना के बाद सरिता नर्सिंग होम की मान्यता, पंजीकरण और संचालन की वैधता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जिले में कई निजी अस्पताल और नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं, लेकिन उनकी व्यवस्थाओं और सरकारी मानकों की नियमित जांच कितनी होती है, यह बड़ा सवाल है. हालांकि, सरिता नर्सिंग होम के पास वैध मान्यता है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी नहीं की गई है. गौर करने वाली बात यह भी है कि जामताड़ा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का गृह जिला है. ऐसे में जिले में निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की व्यवस्था, चिकित्सकों की उपलब्धता, आवश्यक संसाधनों तथा सरकारी मानकों के अनुपालन को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है. शव को सड़क पर रख कर किया जाम फिलहाल प्रसूता की मौत के बाद ग्रमीणों ने जमाताड़ा दुमका मार्ग सड़क पर शव रख कर जाम कर दिया है.अस्पताल में भी तोड़फोड़ आक्रोशित ग्रमीणों द्वारा किया गया है.फिलहाल पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इलाज में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी या नहीं. ग्रामीणों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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    सरिता नर्सिंग होम में प्रसूता की मौत पर आक्रोश, अस्पताल प्रबंधन ताला लगाकर फरार
Jamtara News : प्रसूता की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया. मंगलवार को ग्रामीण शव लेकर सरिता नर्सिंग होम पहुंचे और अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए. ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषी चिकित्सक एवं संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई तथा अस्पताल की वैधता की जांच की मांग की है.
#अस्पताल प्रबंधन ताला लगाकर फरार#
शहर के सरिता नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक प्रसूता की मौत के बाद मंगलवार को आक्रोशित परिजनों ने हंगमा किया. मृतका के परिजन और आक्रोशित ग्रामीण शव लेकर नर्सिंग होम पहुंचे और अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए. परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन नर्सिंग होम में ताला लगाकर मौके से फरार बताया जा रहा है.
जानकारी के अनुसार, भंडारो गांव निवासी सुनीता मरांडी को प्रसव के लिए 21 अगस्त को सरिता नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था. मृतका के पति मुकेश हेम्ब्रम के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन से करीब 35 हजार रुपये में सिजेरियन प्रसव कराने की बात तय हुई थी. 
प्रसव के वाद महिला ने बेटा को जन्म दिया. परिजनों का आरोप है कि सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकीय स्तर पर गंभीर लापरवाही हुई और कथित तौर पर गलत नस कट जाने के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ती चली गई.
परिजनों का कहना है कि हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले को संभालने के बजाय पुलिस की मौजूदगी में महिला को धनबाद रेफर कर दिया. इसके बाद परिजन गंभीर हालत में उसे धनबाद लेकर पहुंचे, जहां सोमवार देर रात उसकी मौत हो गई.
प्रसूता की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया. मंगलवार को ग्रामीण शव लेकर सरिता नर्सिंग होम पहुंचे और अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए. ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषी चिकित्सक एवं संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई तथा अस्पताल की वैधता की जांच की मांग की है.
अस्पताल की मान्यता पर भी उठे सवाल
इस घटना के बाद सरिता नर्सिंग होम की मान्यता, पंजीकरण और संचालन की वैधता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जिले में कई निजी अस्पताल और नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं, लेकिन उनकी व्यवस्थाओं और सरकारी मानकों की नियमित जांच कितनी होती है, यह बड़ा सवाल है. हालांकि, सरिता नर्सिंग होम के पास वैध मान्यता है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी नहीं की गई है.
गौर करने वाली बात यह भी है कि जामताड़ा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का गृह जिला है. ऐसे में जिले में निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की व्यवस्था, चिकित्सकों की उपलब्धता, आवश्यक संसाधनों तथा सरकारी मानकों के अनुपालन को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है.
शव को सड़क पर रख कर किया जाम
फिलहाल प्रसूता की मौत के बाद ग्रमीणों ने जमाताड़ा दुमका मार्ग सड़क पर शव रख कर जाम कर दिया है.अस्पताल में भी तोड़फोड़ आक्रोशित ग्रमीणों द्वारा किया गया है.फिलहाल  पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इलाज में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी या नहीं. ग्रामीणों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
    user_यूके न्यूज जामताड़ा,(झारखंड)
    यूके न्यूज जामताड़ा,(झारखंड)
    जामताड़ा, जामताड़ा, झारखंड•
    20 min ago
  • जामताड़ा में प्रसव के बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप; परिजनों ने किया हंगामा जामताड़ा। दुमका रोड स्थित एसएस अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने और धनबाद में इलाज के दौरान मौत होने से आक्रोशित परिजनों ने मंगलवार को अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। मृतका सुनीता मरांडी (20) जामताड़ा सदर प्रखंड अंतर्गत चलना पंचायत के भंडारों गांव की रहने वाली थी। परिजनों के अनुसार, सुनीता को 21 अगस्त को प्रसव के लिए एसएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सीजर ऑपरेशन के बाद उसने बेटे को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। 22 अगस्त को उसे रेफर किया गया। बाद में धनबाद के जेपी अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। पति मुकेश हसदा ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि अस्पताल को 22 हजार रुपये दिए गए थे। परिजनों का आरोप है कि सीजर के दौरान नस कटने के बाद महिला की स्थिति बिगड़ी। हालांकि आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। महिला की मौत के बाद परिजनों ने एसएस अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ की तथा जामताड़ा-दुमका मुख्य मार्ग जाम कर मुआवजे और अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है।
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    जामताड़ा में प्रसव के बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप; परिजनों ने किया हंगामा
जामताड़ा। दुमका रोड स्थित एसएस अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने और धनबाद में इलाज के दौरान मौत होने से आक्रोशित परिजनों ने मंगलवार को अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। मृतका सुनीता मरांडी (20) जामताड़ा सदर प्रखंड अंतर्गत चलना पंचायत के भंडारों गांव की रहने वाली थी।
परिजनों के अनुसार, सुनीता को 21 अगस्त को प्रसव के लिए एसएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सीजर ऑपरेशन के बाद उसने बेटे को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। 22 अगस्त को उसे रेफर किया गया। बाद में धनबाद के जेपी अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।
पति मुकेश हसदा ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि अस्पताल को 22 हजार रुपये दिए गए थे। परिजनों का आरोप है कि सीजर के दौरान नस कटने के बाद महिला की स्थिति बिगड़ी। हालांकि आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
महिला की मौत के बाद परिजनों ने एसएस अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ की तथा जामताड़ा-दुमका मुख्य मार्ग जाम कर मुआवजे और अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है।
    user_Yogesh Kumar
    Yogesh Kumar
    Local News Reporter जामताड़ा, जामताड़ा, झारखंड•
    18 hrs ago
  • पट्टाजोरी स्कूल में करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित विद्यार्थियों को भविष्य गढ़ने के मिले महत्वपूर्ण टिप्स ​
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    पट्टाजोरी स्कूल में करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित विद्यार्थियों को भविष्य गढ़ने के मिले महत्वपूर्ण टिप्स
                               ​
    user_PRESS R K PRESS R K
    PRESS R K PRESS R K
    पत्रकार Karma Tanr Vidyasagar*, Jamtara•
    1 hr ago
  • सीसीएल अस्पताल पर भू-धंसान का कहर, दो भवन क्षतिग्रस्त—इलाके में मचा हड़कंप गिरिडीह में मंगलवार की अहले सुबह भू-धंसान की बड़ी घटना ने बनियाडीह सीसीएल गिरिडीह एरिया में हड़कंप मचा दिया। बनियाडीह सीसीएल का एरिया अस्पताल अचानक जमीन धंसने की चपेट में आ गया। भू-धंसान इतना जोरदार था कि अस्पताल की दो इमारतों का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि सड़क समेत आसपास के बड़े भू-भाग में चौड़ी-चौड़ी दरारें पड़ गईं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि समय रहते अस्पताल कर्मियों ने स्थिति को भांपते हुए सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अस्पताल कर्मी दिलीप कुमार ने बताया कि सोमवार की रात उनकी ड्यूटी थी। मंगलवार सुबह करीब चार बजे अन्य कर्मियों के साथ बाहर निकलने पर जमीन और भवन में धंसान होता दिखाई दिया। इसके बाद तत्काल सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया और अधिकारियों को सूचना दी गई। घटना की सूचना मिलते ही सीसीएल गिरिडीह एरिया के जीएम कन्हैया शंकर गैवाल, परियोजना पदाधिकारी गोपाल सिंह मीणा, चिकित्सक पदाधिकारी परिमल सिन्हा, सिविल विभाग के रामाकांत समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे अस्पताल परिसर का जायजा लिया और भू-धंसान से हुए नुकसान का निरीक्षण किया। अस्पताल परिसर की स्थिति को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन ने तत्काल एहतियाती कदम उठाए हैं। अस्पताल के संवेदनशील हिस्से में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा के लिए सीसीएल गार्ड और होमगार्ड के जवानों की तैनाती की गई है, ताकि कोई व्यक्ति खतरे वाले इलाके में प्रवेश न कर सके। निरीक्षण के दौरान जीएम ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत में जीएम कन्हैया शंकर गैवाल ने कहा कि भू-धंसान की घटना की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल परिसर में अचानक हुए इस भू-धंसान के पीछे आखिर वजह क्या है और क्या आसपास का इलाका भी खतरे की जद में है। सीसीएल प्रबंधन की जांच के बाद ही इसकी तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल अस्पताल परिसर को असुरक्षित मानते हुए लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
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    सीसीएल अस्पताल पर भू-धंसान का कहर, दो भवन क्षतिग्रस्त—इलाके में मचा हड़कंप
गिरिडीह में मंगलवार की अहले सुबह भू-धंसान की बड़ी घटना ने बनियाडीह सीसीएल गिरिडीह एरिया में हड़कंप मचा दिया। बनियाडीह सीसीएल का एरिया अस्पताल अचानक जमीन धंसने की चपेट में आ गया। भू-धंसान इतना जोरदार था कि अस्पताल की दो इमारतों का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि सड़क समेत आसपास के बड़े भू-भाग में चौड़ी-चौड़ी दरारें पड़ गईं।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि समय रहते अस्पताल कर्मियों ने स्थिति को भांपते हुए सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अस्पताल कर्मी दिलीप कुमार ने बताया कि सोमवार की रात उनकी ड्यूटी थी। मंगलवार सुबह करीब चार बजे अन्य कर्मियों के साथ बाहर निकलने पर जमीन और भवन में धंसान होता दिखाई दिया। इसके बाद तत्काल सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया और अधिकारियों को सूचना दी गई।
घटना की सूचना मिलते ही सीसीएल गिरिडीह एरिया के जीएम कन्हैया शंकर गैवाल, परियोजना पदाधिकारी गोपाल सिंह मीणा, चिकित्सक पदाधिकारी परिमल सिन्हा, सिविल विभाग के रामाकांत समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे अस्पताल परिसर का जायजा लिया और भू-धंसान से हुए नुकसान का निरीक्षण किया।
अस्पताल परिसर की स्थिति को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन ने तत्काल एहतियाती कदम उठाए हैं। अस्पताल के संवेदनशील हिस्से में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा के लिए सीसीएल गार्ड और होमगार्ड के जवानों की तैनाती की गई है, ताकि कोई व्यक्ति खतरे वाले इलाके में प्रवेश न कर सके।
निरीक्षण के दौरान जीएम ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत में जीएम कन्हैया शंकर गैवाल ने कहा कि भू-धंसान की घटना की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल परिसर में अचानक हुए इस भू-धंसान के पीछे आखिर वजह क्या है और क्या आसपास का इलाका भी खतरे की जद में है। सीसीएल प्रबंधन की जांच के बाद ही इसकी तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल अस्पताल परिसर को असुरक्षित मानते हुए लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
    user_Moloy Gope
    Moloy Gope
    Reporter निरसा-कम-चिरकुंडा, धनबाद, झारखंड•
    10 hrs ago
  • बरवाअड्डा थाना परिसर में डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों की बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों के साथ हुई झड़प के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है..
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    बरवाअड्डा थाना परिसर में डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों की बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों के साथ हुई झड़प के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है..
    user_मो० फारुख (पत्रकार)
    मो० फारुख (पत्रकार)
    Newspaper publisher गोविंदपुर, धनबाद, झारखंड•
    12 hrs ago
  • बी सी सी एल द्वारा लाया गया कोल मेगा प्रोजेक्ट को लेकर एक चर्चा समाज सेवी विजय कुमार झा के साथ आईए जानते हैं उन्होंने इस संबंध में क्या कुछ कहा इस खबर में,,,,,,,,,,,,,,,,,।
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    बी सी सी एल द्वारा लाया गया कोल मेगा  प्रोजेक्ट को लेकर एक चर्चा समाज सेवी  विजय कुमार झा के साथ आईए जानते हैं उन्होंने इस संबंध में क्या कुछ कहा  इस खबर में,,,,,,,,,,,,,,,,,।
    user_संतोष कुमार दे
    संतोष कुमार दे
    रिपोर्टर बाघमारा-कम-कटरास, धनबाद, झारखंड•
    10 hrs ago
  • जामताड़ा में प्रसव के बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप। जामताड़ा। दुमका रोड स्थित एसएस अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने और धनबाद में इलाज के दौरान मौत होने से आक्रोशित परिजनों ने मंगलवार को अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। मृतका की पहचान जामताड़ा सदर थाना के चलना पंचायत अंतर्गत भंडारों गांव निवासी 20 वर्षीय सुनीता मरांडी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, सुनीता को 21 अगस्त को प्रसव के लिए एसएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सीजर ऑपरेशन के बाद उसने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। 22 अगस्त को चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे धनबाद के जेपी अस्पताल ले गए, जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के पति मुकेश हांसदा ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इलाज के लिए अस्पताल को 22 हजार रुपये दिए गए थे। परिजनों का आरोप है कि सीजर के दौरान नस कटने के बाद सुनीता की स्थिति गंभीर हो गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। महिला की मौत की सूचना के बाद परिजनों ने एसएस अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ की। इसके बाद जामताड़ा-दुमका मुख्य मार्ग को जाम कर मुआवजे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वसीम रजा ने बताया कि मौके पर पुलिस बल भेजा गया है और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है।
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    जामताड़ा में प्रसव के बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप।
जामताड़ा। दुमका रोड स्थित एसएस अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने और धनबाद में इलाज के दौरान मौत होने से आक्रोशित परिजनों ने मंगलवार को अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। मृतका की पहचान जामताड़ा सदर थाना के चलना पंचायत अंतर्गत भंडारों गांव निवासी 20 वर्षीय सुनीता मरांडी के रूप में हुई है।
परिजनों के अनुसार, सुनीता को 21 अगस्त को प्रसव के लिए एसएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सीजर ऑपरेशन के बाद उसने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। 22 अगस्त को चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे धनबाद के जेपी अस्पताल ले गए, जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतका के पति मुकेश हांसदा ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इलाज के लिए अस्पताल को 22 हजार रुपये दिए गए थे। परिजनों का आरोप है कि सीजर के दौरान नस कटने के बाद सुनीता की स्थिति गंभीर हो गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
महिला की मौत की सूचना के बाद परिजनों ने एसएस अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ की। इसके बाद जामताड़ा-दुमका मुख्य मार्ग को जाम कर मुआवजे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वसीम रजा ने बताया कि मौके पर पुलिस बल भेजा गया है और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है।
    user_यूके न्यूज जामताड़ा,(झारखंड)
    यूके न्यूज जामताड़ा,(झारखंड)
    जामताड़ा, जामताड़ा, झारखंड•
    10 hrs ago
  • रानीश्वर के सालतोला पंचायत के चोकपोलसा गांव में बुधवार सुबह तालाब में नवजात मिलने से सनसनी फैल गई रानीश्वर के सालतोला पंचायत के चोकपोलसा गांव में बुधवार सुबह तालाब में नवजात मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार नवजात दो दिन का है। तालाब में बच्चा देख भीड़ जुट गई। सूचना रानीश्वर थाना को दी गई। खबर लिखे जाने तक पुलिस नहीं पहुंची थी। बच्चा तालाब में कैसे पहुंचा स्पष्ट नहीं, गांव में अफवाहों का बाजार गर्म है।
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    रानीश्वर के सालतोला पंचायत के चोकपोलसा गांव में बुधवार सुबह तालाब में नवजात मिलने से सनसनी फैल गई
रानीश्वर के सालतोला पंचायत के चोकपोलसा गांव में बुधवार सुबह तालाब में नवजात मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार नवजात दो दिन का है। तालाब में बच्चा देख भीड़ जुट गई। सूचना रानीश्वर थाना को दी गई। खबर लिखे जाने तक पुलिस नहीं पहुंची थी। बच्चा तालाब में कैसे पहुंचा स्पष्ट नहीं, गांव में अफवाहों का बाजार गर्म है।
    user_Vipat kumar yadav
    Vipat kumar yadav
    मसालिया, दुमका, झारखंड•
    19 min ago
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