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असम डिब्रूगढ़ के चाय बागानों में काम करने वाली महिलाओं के साथ शानदार बातचीत व संगीत के साथ झूमे नरेंद्र मोदी।
BHOLA KUMAR
असम डिब्रूगढ़ के चाय बागानों में काम करने वाली महिलाओं के साथ शानदार बातचीत व संगीत के साथ झूमे नरेंद्र मोदी।
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- असम डिब्रूगढ़ के चाय बागानों में काम करने वाली महिलाओं के साथ शानदार बातचीत व संगीत के साथ झूमे नरेंद्र मोदी।1
- आशीर्वाद बस की चपेट में आई जुली कुमारी, दर्दनाक हादसे में गई जान स्क्रिप्ट: बिहार के इसीपुर बाराहाट से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक सड़क हादसे में जुली कुमारी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जुली कुमारी अपने फुआ के घर से वापस अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान आशीर्वाद बस की चपेट में आने से यह दर्दनाक हादसा हो गया। घटना के वक्त जुली के साथ दो से तीन अन्य लोग भी मौजूद थे, लेकिन इस हादसे में सबसे ज्यादा गंभीर चोट जुली कुमारी को आई, जिसके कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोग इस घटना से काफी आक्रोशित और दुखी हैं। फिलहाल प्रशासन मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गया है।1
- यहलडका4
- भागलपुर जिला के कहलगांव प्रखंड के कहलगांव हटिया पर का वीडियो बताया जा रहा है जो जबरन गाड़ी पर बैठाया जा रहा है इस वीडियो में पुलिस प्रशासन चुनौती दे रही है1
- Post by Abhishek ranjan C E O1
- मिड-डे मील बना ‘जहर’! स्कूल का खाना खाते ही 15 बच्चों की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मचा हड़कंप "मासूमों की जान से खिलवाड़: खट्टा छोला खाने से 15 बच्चे बीमार भागलपुर शहर के हबीबपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत शाहजंगी गंगोटा मैदान स्थित प्राथमिक विद्यालय में आज उस वक्त कोहराम मच गया, जब मिड-डे मील (MDM) खाने के बाद एक साथ 15 बच्चों की तबीयत खराब हो गई। बच्चों को आनन-फानन में एंबुलेंस के जरिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने शिक्षा विभाग और भोजन आपूर्ति करने वाली संस्था की भारी लापरवाही को उजागर कर दिया है। अस्पताल में भर्ती बच्चों ने बताया कि आज स्कूल में खाने के लिए छोले-चावल दिए गए थे। बच्चों के मुताबिक, छोले का स्वाद बहुत अजीब और खट्टा था। मासूमों को अंदाजा नहीं था कि यह खाना उनके लिए मुसीबत बन जाएगा। भूख के कारण बच्चों ने खाना तो खा लिया, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्हें तेज पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने लगे। देखते ही देखते एक-एक कर 15 बच्चों की हालत नाजुक हो गई। घटना की सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जब बच्चों को तड़पती हालत में अस्पताल लाया गया, तो वहां स्कूल का कोई भी शिक्षक या प्रधानाचार्य मौजूद नहीं था। बच्चों को बेसहारा देख परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है। सूचना मिलते ही हबीबपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए बच्चों के बेहतर इलाज में जुट गई। जानकारी के अनुसार, जिले के स्कूलों में आज से ही एक एनजीओ (NGO) के माध्यम से मिड-डे मील वितरण की नई शुरुआत की गई थी। हालांकि यह खाना अन्य स्कूलों में भी भेजा गया था, लेकिन शाहजंगी विद्यालय में ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने से भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या भोजन बासी था या उसे बनाने में लापरवाही बरती गई। जिला शिक्षा विभाग ने मामले को संज्ञान में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि भोजन के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे और यदि एनजीओ या स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई चूक पाई जाती है, तो उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
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- भाजपा के नेताओं को आपके बच्चों की परवाह नहीं है। इनके बच्चे कुकर्म भी करके आएंगे तो ये उनको बचाएंगे... आपको न्याय नहीं दिलवाएंगे।1